अनूपपुर जिले के भालूमाड़ा कोयलांचल क्षेत्र में सेवानिवृत्त कोल कर्मचारियों की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने वाले एक बेहद शातिर और संगठित 'इंटरस्टेट' ठग गिरोह का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) मुख्यालय और सीएमडी (CMD) कार्यालय के नाम पर जालसाजी का ऐसा मायाजाल बुना गया कि एक सीधे-साधे रिटायर्ड कर्मचारी को संभलने का मौका नहीं मिला। कूरियर से आए एक फर्जी पत्र और नकली सील के दम पर ठगों ने पीड़ित के जीवनभर की जमा-पूंजी से करीब 3 लाख 25 हजार रुपये उड़ा दिए, जिसकी शिकायत के बाद अब भालूमाड़ा पुलिस जांच में जुट गई है। ठगी का शिकार हुए ग्राम चोखी बेल्हा निवासी मंगलदीन केवट (पिता स्व. बड़कू केवट) वर्ष 2022 में SECL से सेवानिवृत्त हुए थे। वर्ष 2025 में उनके घर कूरियर से एक पत्र पहुंचा, जिस पर SECL और CMD कार्यालय की हूबहू नकली सील लगी थी और दावा किया गया था कि उनकी ₹3,80,659 की राशि 'त्रुटिवश शेष' रह गई है, जिसे मार्च 2025 तक क्लेम न करने पर लैप्स कर दिया जाएगा। पत्र पर लिखे मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर खुद को सीएमडी कार्यालय की अधिकारी बताने वाली माया सिंह ने इस बकाया राशि को जारी कराने के बदले तीन गुना पैसा वापस मिलने का झांसा देकर पीड़ित को अपने जाल में फंसा लिया। झांसे में आकर पीड़ित ने अपने सोने-चांदी के गहने गिरवी रखकर आरोपियों के बताए बैंक खाते में सबसे पहले ₹70,000 ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद, गिरोह का दूसरा मुख्य आरोपी राजीव राय सीधे पीड़ित के घर पहुंच गया और बैंकिंग की कम जानकारी का फायदा उठाकर फाइल कोलकाता मुख्यालय भेजने के बहाने ₹3,00,000 नगद ले गया। इस खेल में राजीव राय और माया सिंह के साथ अनूपपुर तहसील के ददई बहरा के भी शामिल होने की बात सामने आई है। इस महाठगी का भंडाफोड़ तब हुआ जब ग्राम मलगा निवासी सोनू रजक ने उस फर्जी पत्र को देखा और पीड़ित को हकीकत से सचेत किया। ठगे जाने का एहसास होने पर जब पीड़ित ने आरोपियों को पुलिस की धमकी दी, तो जेल जाने के डर से राजीव राय ने केवल ₹45,000 वापस लौटाए। बाकी के ₹3,25,000 डकारने के बाद आरोपियों ने अपने फोन बंद कर लिए। पीड़ित मंगलदीन केवट ने भालूमाड़ा थाने में माया सिंह, रुचि (खुद को पीए बताने वाली) और राजीव राय के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है।
अनूपपुर जिले के भालूमाड़ा कोयलांचल क्षेत्र में सेवानिवृत्त कोल कर्मचारियों की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने वाले एक बेहद शातिर और संगठित 'इंटरस्टेट' ठग गिरोह का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) मुख्यालय और सीएमडी (CMD) कार्यालय के नाम पर जालसाजी का ऐसा मायाजाल बुना गया कि एक सीधे-साधे रिटायर्ड कर्मचारी को संभलने का मौका नहीं मिला। कूरियर से आए एक फर्जी पत्र और नकली सील के दम पर ठगों ने पीड़ित के जीवनभर की जमा-पूंजी से करीब 3 लाख 25 हजार रुपये उड़ा दिए, जिसकी शिकायत के बाद अब भालूमाड़ा पुलिस जांच में जुट गई है। ठगी का शिकार हुए ग्राम चोखी बेल्हा निवासी मंगलदीन केवट (पिता स्व. बड़कू केवट) वर्ष 2022 में SECL से सेवानिवृत्त हुए थे। वर्ष 2025 में उनके घर कूरियर से एक पत्र पहुंचा, जिस पर SECL और CMD कार्यालय की हूबहू नकली सील लगी थी और दावा किया गया था कि उनकी ₹3,80,659 की राशि 'त्रुटिवश शेष' रह गई है, जिसे मार्च 2025 तक क्लेम न करने पर लैप्स कर दिया जाएगा। पत्र पर लिखे मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर खुद को सीएमडी कार्यालय की अधिकारी बताने वाली माया सिंह ने इस बकाया राशि को जारी कराने के बदले तीन गुना पैसा वापस मिलने का झांसा देकर पीड़ित को अपने जाल में फंसा लिया। झांसे में आकर पीड़ित ने अपने सोने-चांदी के गहने गिरवी रखकर आरोपियों के बताए बैंक खाते में सबसे पहले ₹70,000 ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद, गिरोह का दूसरा मुख्य आरोपी राजीव राय सीधे पीड़ित के घर पहुंच गया और बैंकिंग की कम जानकारी का फायदा उठाकर फाइल कोलकाता मुख्यालय भेजने के बहाने ₹3,00,000 नगद ले गया। इस खेल में राजीव राय और माया सिंह के साथ अनूपपुर तहसील के ददई बहरा के भी शामिल होने की बात सामने आई है। इस महाठगी का भंडाफोड़ तब हुआ जब ग्राम मलगा निवासी सोनू रजक ने उस फर्जी पत्र को देखा और पीड़ित को हकीकत से सचेत किया। ठगे जाने का एहसास होने पर जब पीड़ित ने आरोपियों को पुलिस की धमकी दी, तो जेल जाने के डर से राजीव राय ने केवल ₹45,000 वापस लौटाए। बाकी के ₹3,25,000 डकारने के बाद आरोपियों ने अपने फोन बंद कर लिए। पीड़ित मंगलदीन केवट ने भालूमाड़ा थाने में माया सिंह, रुचि (खुद को पीए बताने वाली) और राजीव राय के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है।
- ये 2023 का मुद्दा है साथियो आज तक इसमें काम नहीं हुवा साथियो1
- कोरिया जिले के बहुचर्चित आदिवासी छात्रा आत्महत्या कांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी विनोद बैद को राजस्थान से लौटते समय अनूपपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ के लिए आरोपी को बैकुंठपुर स्थित आईसी मार्ट लेकर पहुंची, जहां मामले से जुड़े अहम साक्ष्यों और तथ्यों की जांच की गई। इस पूरे मामले का खुलासा कोरिया पुलिस अधीक्षक ने एसपी कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान किया। एसपी ने बताया कि इस प्रकरण में अब तक एक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और छापेमारी की जा रही है। फिलहाल, गिरफ्तार आरोपी विनोद बैद से गहन पूछताछ जारी है और उसके बयानों के आधार पर मामले के अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस बहुचर्चित मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और सभी दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। जिले में इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।1
- अनूपपुर जिला मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बरबसपुर के भोलगढ़ जंगल में तीन हाथियों का समूह पिछले आठ दिनों से डेरा डाले हुए है। शनिवार (11/07/2026) को शाम 7:30 बजे ये हाथी मुख्य मार्ग के पास विचरण करते देखे गए। इससे पहले दोपहर में, समूह के एक बड़े नर हाथी ने जंगल के तालाब में पानी पिया और फिर वापस अपने दल में शामिल हो गया। वर्तमान में यह हाथियों का समूह शहडोल-कोतमा-मनेंद्रगढ़ मुख्य मार्ग पर भोलगढ़ गांव के बस स्टैंड और वाटर शेड तालाब के बीच सड़क किनारे जंगल में घूम रहा है। आज रात इन हाथियों के भोलगढ़ और बरबसपुर के विभिन्न टोले-मोहल्लों में पहुंचने की आशंका बनी हुई है। हाथियों के मुख्य मार्ग के बिल्कुल करीब आने पर वन विभाग के गश्ती दल, कोतवाली पुलिस और अनूपपुर यातायात पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से कुछ देर के लिए वाहनों का आवागमन रोक दिया था। हाथियों के सड़क किनारे से दोबारा जंगल की ओर लौट जाने के बाद यातायात को फिर से सुचारू रूप से चालू कर दिया गया। फिलहाल पुलिस और वन विभाग की टीम हाथियों की हर गतिविधि पर लगातार नजर बनाए हुए है।1
- कोरिया के पटना नगर पंचायत में लगभग 70 से 80 वर्ष पुराने एक शासकीय विद्यालय को तोड़े जाने के बाद अब उसी भूमि पर निर्माण कार्य बेहद तेज़ी से जारी है। सबसे गंभीर बात यह है कि प्रशासन द्वारा इस निर्माण कार्य को रोकने के आदेश दिए जाने के बावजूद भी मौके पर काम लगातार चल रहा है, जिससे पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में काफी रोष है। लोगों का सवाल है कि यदि प्रशासन ने निर्माण रोकने के निर्देश दिए हैं, तो फिर इस आदेश का पालन कौन कराएगा? आखिर किसके संरक्षण में सरकारी भूमि पर खुलेआम यह निर्माण कार्य जारी है? स्थानीय लोगों के अनुसार, इससे यह संदेश जा रहा है कि प्रभावशाली लोगों के सामने प्रशासनिक आदेश भी बौने साबित हो रहे हैं। जिस भूमि पर वर्षों तक शासकीय विद्यालय संचालित होता रहा, आज वहां चल रहे निर्माण कार्य को लेकर मांग उठ रही है कि यदि यह वैध है तो संबंधित विभाग को इसके सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने चाहिए। वहीं, यदि यह निर्माण अवैध है तो इस पर तत्काल रोक लगाकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। अब जनता की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन अपने ही आदेश का पालन करा पाएगा या सरकारी जमीन पर कब्जे का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।1
- सूरजपुर के केतका स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सूरजपुर के माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री थॉमस एक्का के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कानून और समाज के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आनंद प्रकाश वारियाल थे। उन्होंने अपने संबोधन में बढ़ती जनसंख्या और सीमित संसाधनों के बीच संतुलन स्थापित करने में शिक्षा की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को बेहद सरल भाषा में न्यायिक व्यवस्था, सुनियोजित अपराध और पारिस्थितिक अपराध के बीच का अंतर, अपराधों की गंभीरता तथा उनके लिए तय दंडात्मक प्रावधानों के बारे में समझाया। इसके साथ ही उन्होंने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act), 2012 और किशोर न्याय से जुड़े वर्तमान कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला। न्यायाधीश श्री वारियाल ने बाल विवाह के दुष्परिणामों, विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ने वाले इसके दीर्घकालिक प्रभावों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने अपने छात्र जीवन और न्यायाधीश बनने तक के संघर्षों को साझा करते हुए छात्रों को शिक्षा के प्रति समर्पित रहने और जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया का सुरक्षित व जिम्मेदार उपयोग करने और ज्ञानवर्धन के लिए इंटरनेट व मोबाइल का सकारात्मक इस्तेमाल करने की सलाह दी। इसके अलावा, उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली मुफ्त कानूनी सहायता और NALSA के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की उपयोगिता के बारे में भी बताया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य श्री शशिकांत भारती, श्री दिनेश कुमार सिंह, मंच संचालक श्री उग्रसेन प्रसाद, समस्त शिक्षकगण सहित पैरा लीगल वॉलेंटियर्स श्री सत्य नारायण, श्री बृजवासी सिंह एवं श्री उमेश कुमार रजवाड़े उपस्थित रहे।3
- चंदिया में हिंदू बहनों के साथ हुए लव जिहाद के विरोध में विश्व हिंदू परिषद् और बजरंग दल उमरिया जिला द्वारा कलेक्टर परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इस मामले के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक ज्ञापन भी सौंपा है। इस प्रदर्शन के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने जिहादी मानसिकता के अपराधी मोहम्मद हारुन खान एवं इश्तियाक मौलाना के घरों को जमींदोज करने की मांग की। इसके साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने और अपराधियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा देने की जोरदार मांग उठाई गई। इस विरोध प्रदर्शन में विश्व हिंदू परिषद् उमरिया जिला अध्यक्ष सुरेश द्विवेदी जी, चंदिया प्रखंड अध्यक्ष खुल्लू शर्मा जी, चंदिया प्रखंड संयोजक गौरव वर्मा जी, मातृशक्ति प्रांत सहसंयोजिका श्रीमती निधि श्रीवास्तव दीदी, श्रीमती सपना दहिया दीदी, जिला मंत्री श्रीमती सुषमा गुप्ता दीदी और मातृशक्ति जिला संयोजिका कामना साहू दीदी उपस्थित रहीं। इसके अलावा पवन तिवारी जी, प्रदीप सेन जी, चंदिया प्रखंड उपाध्यक्ष चिराग लोकचंदानी, चंदिया प्रखंड सहसंयोजक गुड्डू कुशवाहा जी, शिवांश अग्रवाल जी, संदीप बाधवा जी, पवन त्रिपाठी जी, उपेंद्र सिंह जी, सोनू विश्वकर्मा जी, शिवम् तिवारी जी, गोविंद द्विवेदी जी, डॉ अखिलेश तिवारी जी, श्री राकेश शर्मा जी, श्री विभूति गौतम जी, निक्की रजक जी, जया श्रीवास्तव जी सहित सैकड़ों अन्य कार्यकर्ता भी इसमें शामिल हुए।1
- सूरजपुर के केतका स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सूरजपुर श्री थॉमस एक्का के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आनंद प्रकाश वारियाल उपस्थित रहे। उन्होंने बढ़ती जनसंख्या और सीमित संसाधनों के बीच संतुलन स्थापित करने में शिक्षा को सबसे प्रभावी माध्यम बताया। श्री वारियाल ने विद्यार्थियों को न्यायिक व्यवस्था, सुनियोजित अपराध व पारिस्थितिक अपराध के बीच अंतर और उनसे संबंधित दंडात्मक प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम, 2012 तथा किशोर न्याय से संबंधित प्रमुख कानूनी प्रावधानों के साथ-साथ बाल विवाह के दुष्परिणामों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। अपने छात्र जीवन से न्यायाधीश बनने तक के संघर्षों को साझा करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासित जीवन जीने और उच्च लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा, उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग की सलाह दी और विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के अंतर्गत मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता व NALSA की टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 के बारे में बताया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री शशिकांत भारती, श्री दिनेश कुमार सिंह, मंच संचालक श्री उग्रसेन प्रसाद, समस्त शिक्षकगण और पैरा लीगल वॉलेंटियर्स भी मौजूद रहे।4
- अनूपपुर के वेकटनगर और कदमसरा के बीच मुख्य मार्ग पर बना पुल अपनी बदहाली के कारण बेहद खतरनाक मार्ग में तब्दील हो चुका है। पुल की सतह पर गहरे और चौड़े गड्ढे खाई का रूप ले चुके हैं और जगह-जगह दरारें उभर आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वेकटनगर और कदमसरा के बीच आवागमन की इस प्रमुख कड़ी से रोजाना हजारों दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहन गुजरते हैं, लेकिन सालों से पुल की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। भारी वाहनों की आवाजाही और बारिश के पानी के कारण ये गड्ढे और भी गहरे हो गए हैं, जिससे यहां से गुजरने वाले लोगों की जान हर पल जोखिम में रहती है। मुख्य मार्ग होने की वजह से वाहनों की रफ्तार तेज रहती है और अचानक पुल पर गहरे गड्ढे सामने आने से लगातार हादसे हो रहे हैं। बीते साल राजेंद्रग्राम के दो युवक मोटरसाइकिल से पैजा जा रहे थे, तभी पुल के इसी गड्ढे में बाइक जंप करने से वे नीचे गिर गए और सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण दोनों की जान चली गई। वर्तमान में भी वाहन चालक अचानक ब्रेक लगाते हैं, जिससे पीछे आने वाले वाहनों का संतुलन बिगड़ जाता है और दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है। ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग केवल गांवों को ही नहीं जोड़ता, बल्कि स्कूल, अस्पताल, बाजार, आधिकारिक क्षेत्रों के साथ-साथ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग भी है। स्थानीय व्यापारी लक्ष्मण दूबे और क्षेत्र के लोगों ने बताया कि इस वर्षों पुराने पुल की हालत बेहद जर्जर है और इसमें से लोहे के सरिये बाहर निकल आए हैं। विभागीय अधिकारियों और जिला प्रशासन से बार-बार पुल की मरम्मत कराने की मांग की गई है, लेकिन शासन और प्रशासन की अनदेखी के चलते आज तक इस स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। लोगों ने मांग की है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेकर जल्द से जल्द ब्रिज का मरम्मत कार्य शुरू करवाए ताकि रोजाना सफर करने वाले लोगों को राहत मिल सके।1