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गाजियाबाद के नंदग्राम तिराहे पर एक स्कूल बस में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय बस में कोई भी स्कूली बच्चा मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। आग लगते ही बस चालक ने सूझबूझ दिखाई और तुरंत बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। चालक ने तत्काल घटना की सूचना दमकल विभाग को दी, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्राथमिक रूप से तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस और दमकल विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
Ankit kumar
गाजियाबाद के नंदग्राम तिराहे पर एक स्कूल बस में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय बस में कोई भी स्कूली बच्चा मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। आग लगते ही बस चालक ने सूझबूझ दिखाई और तुरंत बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। चालक ने तत्काल घटना की सूचना दमकल विभाग को दी, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्राथमिक रूप से तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस और दमकल विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
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- मेरठ से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें जनता की सेवा की जिम्मेदारी संभालने वाले लोग दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो को देखने के बाद लोगों के मन में जिम्मेदारी और सेवा के भाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं।1
- कानपुर देहात की डेरापुर तहसील के ग्राम इंजुवारामपुर में एक उम्मीद जन कल्याण सेवा समिति के तत्वाधान में निशुल्क स्वास्थ्य कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और बीमारियों की पहचान कर उनके प्रति जागरूक करना था। कैंप में राजा राम हॉस्पिटल से आई अनुभवी डॉक्टरों की टीम ने ग्रामीणों का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया और मौके पर ही जरूरतमंदों को दवाएं दीं। कैंप में पहुंचे बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के रक्तचाप, शुगर, बुखार, कमजोरी, जोड़ों के दर्द और मौसमी बीमारियों की जांच की गई, साथ ही गंभीर मरीजों को आगे के इलाज की सलाह दी गई। यह आयोजन समिति की राष्ट्रीय सचिव दीक्षा यादव के निर्देशन में संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच ऐसे शिविर जरूरतमंदों तक सरल तरीके से स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने में बेहद लाभकारी साबित होते हैं। कैंप में करीब एक सैकड़ा मरीजों को मुफ्त दवाएं और परामर्श दिया गया, जिससे ग्रामीणों को अस्पताल की दूरी और आर्थिक बोझ से बड़ी राहत मिली। इस मौके पर जिला अध्यक्ष चरण सिंह यादव, मीडिया प्रभारी रिजवान अहमद, कंचन सिंह चौहान, अभय प्रताप सिंह और शिशुपाल सिंह चौहान सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। ग्रामीणों ने समिति के इस प्रयास की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे शिविर नियमित रूप से लगाने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिला अंतर्गत डेरापुर में सचिन शुक्ला को जिला उद्योग व्यापार मंडल की सर्राफ़ा इकाई का अध्यक्ष बनाया गया है।1
- औरैया पुलिस ने फर्जी लोन ऐप के जरिए लोगों से ठगी करने वाले शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। असम टॉक्स के लिए आकाश उर्फ अक्की भईया की रिपोर्ट के अनुसार, ये आरोपी भोले-भाले लोगों को सस्ते लोन का लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे और उनके मोबाइल का डेटा हैक कर लेते थे। इसके बाद ये आरोपी ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली का खेल शुरू करते थे। पुलिस ने पकड़े गए अपराधियों के पास से अवैध उपकरण और मोबाइल बरामद किए हैं। फिलहाल, पुलिस इस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश करने के साथ-साथ मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- कानपुर देहात के संदलपुर विकासखंड की मॉडल ग्राम पंचायत कौरु जलालपुर (डेरापुर) में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) विधान जायसवाल ने शनिवार शाम करीब 4 बजे प्रस्तावित वृहद पौधारोपण एवं जनसंवाद कार्यक्रम की तैयारियों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यक्रम स्थल का बारीकी से जायजा लिया और अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। सीडीओ ने कार्यक्रम के तहत फलदार पौधों के रोपण के लिए मानक के अनुसार डेढ़-डेढ़ फुट गहरे और चौड़े 2500 गड्ढे तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर ही पूरे होने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने जनसंवाद कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस मौके पर डीसी मनरेगा अशोक चौरसिया, डीडीओ सुनील तिवारी, पीडी अनुरुद्ध सिंह चौहान, बीडीओ संदलपुर संदीप कुमार, एडीओ पंचायत रंजीत सिंह, एडीओ समाज कल्याण फूल सिंह निरंजन, ग्राम सचिव ऊदन सिंह, मधुलता और कार्यक्रम संयोजक विनोद कटियार सहित कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- लखनऊ के सुविधाओं से लैस मेदांता हॉस्पिटल में अचानक सीलिंग गिरने से भारी हड़कंप मच गया है। अस्पताल के भीतर रिसेप्शन के पास ऊपरी हिस्से के साइड वाली सीलिंग अचानक गिर गई। इस हादसे के बाद अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके तीमारदारों के बीच गहरा खौफ फैल गया है। मेदांता अस्पताल में हुए इस हादसे का वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।1
- सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब लखनऊ के एक याचिकाकर्ता प्रबल प्रताप ने अदालत की कार्यवाही के दौरान अप्रत्याशित व्यवहार किया। खुद इन-पर्सन पेश हुए प्रबल प्रताप, जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के सामने पेश हुए थे। यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने के संबंध में था। सुनवाई के दौरान प्रबल प्रताप ने लखनऊ के एसीपी विकास नगर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए जजों को 'मिस्टर ज्यूडिशियल सर्वेंट' कहकर संबोधित किया और उन्हें आदेश देने लगा। जब जस्टिस विश्वनाथन ने इस पर सवाल उठाया, तो याचिकाकर्ता ने मुकदमे के कागजात हवा में उछाल दिए और मुख्य न्यायाधीश एस. सूर्य कांत के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। इस घटना के तुरंत बाद सुरक्षा कर्मियों ने उसे कोर्ट रूम से बाहर निकाला। बेंच ने उसकी याचिका को खारिज कर दिया है, हालांकि याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।1
- गाजियाबाद के नंदग्राम तिराहे पर एक स्कूल बस में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय बस में कोई भी स्कूली बच्चा मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। आग लगते ही बस चालक ने सूझबूझ दिखाई और तुरंत बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। चालक ने तत्काल घटना की सूचना दमकल विभाग को दी, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्राथमिक रूप से तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस और दमकल विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।1