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उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के इटवा क्षेत्र के कमसार गांव में एक घटना सामने आई है। इस घटना के लिए बिजली विभाग को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, क्योंकि आरोप है कि विभाग गैर-जिम्मेदारी से काम कर रहा है। स्थानीय लोग बिजली विभाग से इस घटना के कारण हुए नुकसान के लिए मुआवजा दिए जाने की जोरदार मांग कर रहे हैं।
C P Gupta
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के इटवा क्षेत्र के कमसार गांव में एक घटना सामने आई है। इस घटना के लिए बिजली विभाग को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, क्योंकि आरोप है कि विभाग गैर-जिम्मेदारी से काम कर रहा है। स्थानीय लोग बिजली विभाग से इस घटना के कारण हुए नुकसान के लिए मुआवजा दिए जाने की जोरदार मांग कर रहे हैं।
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- जनपद बलरामपुर के हुसैनाबाद बाज़ार के आसपास स्थित कई गांवों में खेतों की सिंचाई के लिए बिजली के खंभों से कथित तौर पर सीधे तार जोड़कर मोटर चलाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि बिजली के तार खंभे से नीचे लाकर ज़मीन से लगभग 4 से 5 फीट की ऊंचाई पर ‘कटिया’ फंसाकर खेतों तक ले जाए जा रहे हैं, जिससे बड़े हादसे का खतरा लगातार बना हुआ है। स्थानीय लोगों और ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह खुले और नीचे लटके तारों से कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उनकी आशंका है कि यदि कोई बच्चा, राहगीर या पशु इन तारों की चपेट में आता है, तो जानलेवा दुर्घटना हो सकती है। ग्रामीणों का आरोप है कि खेतों में पानी भरने के लिए इस तरह के असुरक्षित कनेक्शन का उपयोग किया जा रहा है, जिससे करंट फैलने और बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि विद्युत विभाग द्वारा समय-समय पर जांच अभियान चलाने के बावजूद ऐसे कथित अवैध कनेक्शन अब तक कैसे संचालित हो रहे हैं। लोगों ने पूरे क्षेत्र में एक विशेष जांच अभियान चलाकर ऐसे सभी कनेक्शनों को हटाने और इस कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में, संबंधित विद्युत विभाग के अधिकारियों से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया जाएगा और विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। ‘समय व्यूज़’ ने संबंधित विभाग से इस मामले को गंभीरता से लेने और तत्काल जांच कराने की अपील की है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से पहले प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।1
- सिद्धार्थनगर जिले में समाजवादी पार्टी के जिला मुख्यालय पर आयोजित एक प्रेसवार्ता में उत्तर प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और इटवा विधायक माता प्रसाद पांडेय ने प्रदेश सरकार पर कानून व्यवस्था की बदहाली, अयोध्या में श्रीराम मंदिर में हुई चोरी की घटना और काला नमक चावल से जुड़े मुद्दों पर तीखा हमला बोला। माता प्रसाद पांडेय ने श्रीराम मंदिर में हुई चोरी को 'बेहद गंभीर' घटना बताते हुए आरोप लगाया कि मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि शासन-प्रशासन ने समय रहते मामले का संज्ञान लिया होता, तो यह 'इतनी बड़ी घटना' नहीं होती। जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सिद्धार्थनगर में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और थाना प्रभारियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारी अपराध पर अंकुश लगाने में विफल साबित हो रहे हैं, जिससे आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट' योजना में शामिल काला नमक चावल का मुद्दा उठाते हुए पांडेय ने कहा कि जनपद की पहचान होने के बावजूद किसानों और बाजार को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि काला नमक धान का रकबा भी लगातार घट रहा है और इस दिशा में प्रभावी प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। प्रेसवार्ता में माता प्रसाद पांडेय ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है तथा प्रशासन जाति और धर्म के आधार पर कार्य कर रहा है। इस प्रेसवार्ता में समाजवादी पार्टी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष जमील सिद्दीकी, पूर्व विधायक विजय पासवान, सोनू यादव प्रधान प्रतिनिधि, मोहमद हनीफ़ और कई अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश के उन्नाव में स्वास्थ्य विभाग और एफएसडीए (FSDA) ने एक बड़ी छापेमारी के दौरान बिना लाइसेंस के चल रही एक अवैध सॉस निर्माण इकाई का पर्दाफाश किया है। यह कारोबार लाइसेंस निरस्त होने के बाद भी अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान जांच में औद्योगिक रंगों (Industrial Colors) और घटिया सामग्री का घातक इस्तेमाल पाया गया, जो सीधे तौर पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ है। प्रशासन ने मौके पर ही लगभग 800 किलोग्राम मिलावटी सॉस को नष्ट कर दिया है। इस कार्रवाई ने बाहर मिलने वाले सॉस की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके चलते जनता को सावधान और सतर्क रहने की आवश्यकता है।1
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- उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले के मेहदावल अंतर्गत जमुहरा टोला का मामला सामने आया है। इस घटनाक्रम में जमुहरा, मथुरा, लक्ष्मी कानपुर और पप्पू निषाद के साथ विधायक अनिल त्रिपाठी का नाम उल्लेखित है।2
- बस्ती में राम मंदिर के बाहर एक गरीब महिला के रोने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर चंदा चोरी का आरोप लगाया जा रहा है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। फिलहाल इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज इलाके में कानून व्यवस्था को दरकिनार कर 'मेराज लॉन्ज' में अवैध हुक्का बार संचालित किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठान सिविल अस्पताल के ठीक सामने और मुख्यमंत्री कार्यालय से महज 700 मीटर की दूरी पर स्थित है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस लॉन्ज में देर रात तक गतिविधियां जारी रहती हैं, जिससे क्षेत्र का माहौल दूषित हो रहा है। तेज संगीत और वहां जुटने वाली युवाओं की भीड़ के कारण महिलाओं और बुजुर्गों का निकलना दुश्वार हो गया है। स्थानीय लोगों ने हजरतगंज पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे मिलीभगत का मामला बताया है। निवासियों के अनुसार, इस अवैध गतिविधि को लेकर कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, लेकिन पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। आरोप है कि संचालक अपने राजनीतिक रसूख के दम पर कानून को चुनौती दे रहा है, जबकि संवेदनशील क्षेत्र होने के बावजूद प्रशासन की सक्रियता शून्य बनी हुई है। जनता ने अब जिला प्रशासन और लखनऊ पुलिस कमिश्नर से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही 'मेराज लॉन्ज' पर छापेमारी कर हुक्का बार बंद नहीं कराया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती में एक गरीब महिला का राम मंदिर के बाहर रोते हुए वीडियो सामने आया है। इस घटना को 'चंदा चोरी' के संदर्भ में जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे इलाके में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। महिला के रोने का वास्तविक कारण और उससे जुड़ी परिस्थितियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर मंदिर परिसर के बाहर उसे इस स्थिति का सामना क्यों करना पड़ा।1
- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हुई बारिश के कारण एक सड़क अचानक धंस गई। इस घटना में एक कार और एक स्कूटर सड़क में बने गहरे गड्ढे में जा गिरे।1