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आरटीई के तहत प्रवेश की तिथि बढ़ी, अब 25 अप्रैल तक शहडोल में भी मिल सकेगा नि:शुल्क एडमिशन ===== शहडोल 20 अप्रैल 2026 शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अंतर्गत निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा प्रवेश की अंतिम तिथि को बढ़ाकर अब 25 अप्रैल 2026 कर दिया गया है, जिससे शहडोल जिले के अभिभावकों को भी अपने बच्चों का एडमिशन कराने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा। पूर्व में प्रथम चरण की लॉटरी में चयनित विद्यार्थियों के लिए प्रवेश की अंतिम तिथि 15 अप्रैल निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 25 अप्रैल कर दिया गया है। यह निर्णय उन अभिभावकों की मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जो विभिन्न कारणों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने बच्चों का प्रवेश नहीं करा पाए थे, लेकिन अब वे प्रवेश दिलाने के इच्छुक हैं। आरटीई के तहत प्रवेश की तिथि बढ़ी, अब 25 अप्रैल तक शहडोल में भी मिल सकेगा नि:शुल्क एडमिशन ===== शहडोल 20 अप्रैल 2026 शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अंतर्गत निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा प्रवेश की अंतिम तिथि को बढ़ाकर अब 25 अप्रैल 2026 कर दिया गया है, जिससे शहडोल जिले के अभिभावकों को भी अपने बच्चों का एडमिशन कराने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा। पूर्व में प्रथम चरण की लॉटरी में चयनित विद्यार्थियों के लिए प्रवेश की अंतिम तिथि 15 अप्रैल निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 25 अप्रैल कर दिया गया है। यह निर्णय उन अभिभावकों की मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जो विभिन्न कारणों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने बच्चों का प्रवेश नहीं करा पाए थे, लेकिन अब वे प्रवेश दिलाने के इच्छुक हैं।

8 hrs ago
user_Durgesh Kumar Gupta
Durgesh Kumar Gupta
Electrician Beohari, Shahdol•
8 hrs ago

आरटीई के तहत प्रवेश की तिथि बढ़ी, अब 25 अप्रैल तक शहडोल में भी मिल सकेगा नि:शुल्क एडमिशन ===== शहडोल 20 अप्रैल 2026 शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अंतर्गत निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा प्रवेश की अंतिम तिथि को बढ़ाकर अब 25 अप्रैल 2026 कर दिया गया है, जिससे शहडोल जिले के अभिभावकों को भी अपने बच्चों का एडमिशन कराने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा। पूर्व में प्रथम चरण की लॉटरी में चयनित विद्यार्थियों के लिए प्रवेश की अंतिम तिथि 15 अप्रैल निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 25 अप्रैल कर दिया गया है। यह निर्णय उन अभिभावकों की मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जो विभिन्न कारणों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने बच्चों का प्रवेश नहीं करा पाए थे, लेकिन अब वे प्रवेश दिलाने के इच्छुक हैं। आरटीई के तहत प्रवेश की तिथि बढ़ी, अब 25 अप्रैल तक शहडोल में भी मिल सकेगा नि:शुल्क एडमिशन ===== शहडोल 20 अप्रैल 2026 शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अंतर्गत निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा प्रवेश की अंतिम तिथि को बढ़ाकर अब 25 अप्रैल 2026 कर दिया गया है, जिससे शहडोल जिले के अभिभावकों को भी अपने बच्चों का एडमिशन कराने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा। पूर्व में प्रथम चरण की लॉटरी में चयनित विद्यार्थियों के लिए प्रवेश की अंतिम तिथि 15 अप्रैल निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 25 अप्रैल कर दिया गया है। यह निर्णय उन अभिभावकों की मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जो विभिन्न कारणों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने बच्चों का प्रवेश नहीं करा पाए थे, लेकिन अब वे प्रवेश दिलाने के इच्छुक हैं।

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  • मानपुर नगर में लगने वाले जानलेवा जाम से बेहाल है आवाम-बेकाम साबित हो रहा 4 साल बीतने के बाद भी नप. प्रशासन। *(आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी उमरिया)* मानपुर नगर इन दिनों रोज़ाना लगने वाले जाम से जूझ रहा है। बस स्टैंड सहित मुख्य मार्गों पर घंटों तक वाहनों की कतारें लग रही हैं, जिससे आमजन की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्कूल जाने वाले बच्चे देर से पहुंच रहे हैं, मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे, और रोज़मर्रा के कामकाज में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस अव्यवस्था से प्रशासनिक अधिकारी भी अछूते नहीं हैं। कई बार खंड स्तर के अधिकारी खुद जाम में घंटों फंसे नजर आते हैं। बावजूद इसके, समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है, जिससे व्यवस्था पर सवाल और गहरे हो रहे हैं। बस स्टैंड क्षेत्र के व्यापारियों की स्थिति चिंताजनक है। उनका कहना है कि ऑनलाइन बाजार ने पहले ही व्यापार कमजोर कर दिया था, अब जाम के कारण ग्राहक दुकान तक नहीं पहुंच पा रहे। इससे बिक्री लगातार घट रही है और छोटे व्यापारियों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इधर, मानपुर पुलिस को रोज़ अपने अन्य थाना संबंधी कार्य छोड़कर ट्रैफिक व्यवस्था संभालनी पड़ रही है। स्थानीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाने में जुटे रहते हैं, लेकिन यह प्रयास सिर्फ अस्थायी राहत तक सीमित है। अगले ही दिन हालात फिर वही हो जाते हैं। नगर परिषद पर भी सवाल उठ रहे हैं। चुनाव के समय बस स्टैंड के विकास, पार्किंग व्यवस्था और ट्रैफिक सुधार के जो वादे किए गए थे, चार साल बाद भी वे जमीन पर नजर नहीं आते। न अतिक्रमण पर प्रभावी कार्रवाई हो पाई है, न ही कोई ठोस ट्रैफिक योजना लागू हो सकी है। मानपुर की जनता और व्यापारी अब स्पष्ट समाधान की मांग कर रहे हैं—तय पार्किंग व्यवस्था, अतिक्रमण पर सख्ती और स्थायी ट्रैफिक प्रबंधन। वरना यह जाम सिर्फ रास्ता ही नहीं रोकेगा, बल्कि नगर की आर्थिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर असर डालता रहेगा।
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    मानपुर नगर में लगने वाले जानलेवा जाम से बेहाल है आवाम-बेकाम साबित हो रहा 4 साल बीतने के बाद भी नप. प्रशासन।
*(आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी उमरिया)*
मानपुर नगर इन दिनों रोज़ाना लगने वाले जाम से जूझ रहा है। बस स्टैंड सहित मुख्य मार्गों पर घंटों तक वाहनों की कतारें लग रही हैं, जिससे आमजन की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्कूल जाने वाले बच्चे देर से पहुंच रहे हैं, मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे, और रोज़मर्रा के कामकाज में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हैरानी की बात यह है कि इस अव्यवस्था से प्रशासनिक अधिकारी भी अछूते नहीं हैं। कई बार खंड स्तर के अधिकारी खुद जाम में घंटों फंसे नजर आते हैं। बावजूद इसके, समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है, जिससे व्यवस्था पर सवाल और गहरे हो रहे हैं।
बस स्टैंड क्षेत्र के व्यापारियों की स्थिति चिंताजनक है। उनका कहना है कि ऑनलाइन बाजार ने पहले ही व्यापार कमजोर कर दिया था, अब जाम के कारण ग्राहक दुकान तक नहीं पहुंच पा रहे। इससे बिक्री लगातार घट रही है और छोटे व्यापारियों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
इधर, मानपुर पुलिस को रोज़ अपने अन्य थाना संबंधी कार्य छोड़कर ट्रैफिक व्यवस्था संभालनी पड़ रही है। स्थानीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाने में जुटे रहते हैं, लेकिन यह प्रयास सिर्फ अस्थायी राहत तक सीमित है। अगले ही दिन हालात फिर वही हो जाते हैं।
नगर परिषद पर भी सवाल उठ रहे हैं। चुनाव के समय बस स्टैंड के विकास, पार्किंग व्यवस्था और ट्रैफिक सुधार के जो वादे किए गए थे, चार साल बाद भी वे जमीन पर नजर नहीं आते। न अतिक्रमण पर प्रभावी कार्रवाई हो पाई है, न ही कोई ठोस ट्रैफिक योजना लागू हो सकी है।
मानपुर की जनता और व्यापारी अब स्पष्ट समाधान की मांग कर रहे हैं—तय पार्किंग व्यवस्था, अतिक्रमण पर सख्ती और स्थायी ट्रैफिक प्रबंधन। वरना यह जाम सिर्फ रास्ता ही नहीं रोकेगा, बल्कि नगर की आर्थिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर असर डालता रहेगा।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • Post by नमस्ते विंध्य
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    Post by नमस्ते विंध्य
    user_नमस्ते विंध्य
    नमस्ते विंध्य
    Voice of people हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by Prime 24 News
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    Post by Prime 24 News
    user_Prime 24 News
    Prime 24 News
    हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • शहडोल। मेडिकल कॉलेज शहडोल एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इलाज, सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। शिकायतकर्ता कैलाश यादव ने अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को उजागर करते हुए आरोप लगाया कि यहां मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा, सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह लचर है और मौके पर पुलिस भी नदारद रहती है। वीडियो में कथित तौर पर गार्डों की गुंडागर्दी के दृश्य सामने आए हैं, जिससे अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। मरीजों और उनके परिजनों के साथ दुर्व्यवहार की बात भी सामने आ रही है। सुरक्षा पर सबसे बड़ा सवाल जहां एक ओर अस्पताल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए, वहीं दूसरी ओर गार्डों पर ही बदसलूकी और दबंगई के आरोप लगना स्थिति को और गंभीर बना रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आता है या नहीं, इस पर अब सबकी नजरें टिकी हैं। फिलहाल, अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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    शहडोल। मेडिकल कॉलेज शहडोल एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इलाज, सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
शिकायतकर्ता कैलाश यादव ने अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को उजागर करते हुए आरोप लगाया कि यहां मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा, सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह लचर है और मौके पर पुलिस भी नदारद रहती है।
वीडियो में कथित तौर पर गार्डों की गुंडागर्दी के दृश्य सामने आए हैं, जिससे अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। मरीजों और उनके परिजनों के साथ दुर्व्यवहार की बात भी सामने आ रही है।
सुरक्षा पर सबसे बड़ा सवाल
जहां एक ओर अस्पताल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए, वहीं दूसरी ओर गार्डों पर ही बदसलूकी और दबंगई के आरोप लगना स्थिति को और गंभीर बना रहा है।
वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आता है या नहीं, इस पर अब सबकी नजरें टिकी हैं। फिलहाल, अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
    user_Sumit Singh Chandel
    Sumit Singh Chandel
    Local News Reporter गोहपारू, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • कांग्रेस को अपने कर्मों की कीमत चुकानी होगी। इस पार्टी ने हमारी बहनों के अधिकार छीनने का काम किया है। नारी शक्ति वंदन विधेयक को जिस तरह से सदन में गिराया गया, उससे स्पष्ट है कि वे नहीं चाहते कि हमारी बहनों को उनका अधिकार मिले, लेकिन अब हमारी बहनें चुप नहीं बैठेंगी। हम लोकतांत्रिक तरीके से, सड़क से लेकर संसद तक अपनी बहनों के साथ मिलकर कांग्रेस का विरोध करेंगे। *- डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*
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    कांग्रेस को अपने कर्मों की कीमत चुकानी होगी। इस पार्टी ने हमारी बहनों के अधिकार छीनने का काम किया है। नारी शक्ति वंदन विधेयक को जिस तरह से सदन में गिराया गया, उससे स्पष्ट है कि वे नहीं चाहते कि हमारी बहनों को उनका अधिकार मिले, लेकिन अब हमारी बहनें चुप नहीं बैठेंगी। हम लोकतांत्रिक तरीके से, सड़क से लेकर संसद तक अपनी बहनों के साथ मिलकर कांग्रेस का विरोध करेंगे।
*- डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • Post by Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa
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    Post by Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa
    user_Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa
    Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa
    NGO Worker हुजूर नगर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • Post by JOURNALIST RIPPU PANDEY
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    Post by JOURNALIST RIPPU PANDEY
    user_JOURNALIST RIPPU PANDEY
    JOURNALIST RIPPU PANDEY
    Court reporter हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • सतना। मध्यप्रदेश के सतना जिले से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां 11 साल के मासूम की हत्या कर उसका शव नीले ड्रम में छिपा दिया गया। घटना कोलगवां थाना क्षेत्र की बैंक कॉलोनी की है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। सोमवार दोपहर बच्चे के लापता होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। घर के बाहर ताला लगा मिला, जिसे तोड़कर जब पुलिस अंदर घुसी तो नज़ारा रोंगटे खड़े कर देने वाला था। कमरे में खून के निशान, बिस्तर पर खून से सना तकिया और दीवारों पर छींटे मिले। तलाशी के दौरान नीले ड्रम से बच्चे का शव बरामद किया गया। मृतक की पहचान शिवराज रजक (11) के रूप में हुई है, जो कक्षा 5वीं का छात्र था। वारदात के वक्त वह घर में अकेला था—मां काम पर, बहन कॉलेज और भाई मजदूरी के लिए बाहर गया हुआ था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मथुरा रजक (45), जो पड़ोसी बताया जा रहा है, ने धारदार हथियार से वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गया। रंजिश बनी हत्या की वजह! प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी और मृतक के पिता के बीच कुछ दिन पहले विवाद हुआ था। इसी रंजिश के चलते मासूम को निशाना बनाया गया। मृतक के पिता फिलहाल महाराष्ट्र के नासिक में मजदूरी करते हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
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    सतना। मध्यप्रदेश के सतना जिले से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां 11 साल के मासूम की हत्या कर उसका शव नीले ड्रम में छिपा दिया गया। घटना कोलगवां थाना क्षेत्र की बैंक कॉलोनी की है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।
सोमवार दोपहर बच्चे के लापता होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। घर के बाहर ताला लगा मिला, जिसे तोड़कर जब पुलिस अंदर घुसी तो नज़ारा रोंगटे खड़े कर देने वाला था। कमरे में खून के निशान, बिस्तर पर खून से सना तकिया और दीवारों पर छींटे मिले। तलाशी के दौरान नीले ड्रम से बच्चे का शव बरामद किया गया।
मृतक की पहचान शिवराज रजक (11) के रूप में हुई है, जो कक्षा 5वीं का छात्र था। वारदात के वक्त वह घर में अकेला था—मां काम पर, बहन कॉलेज और भाई मजदूरी के लिए बाहर गया हुआ था।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मथुरा रजक (45), जो पड़ोसी बताया जा रहा है, ने धारदार हथियार से वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गया।
रंजिश बनी हत्या की वजह!
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी और मृतक के पिता के बीच कुछ दिन पहले विवाद हुआ था। इसी रंजिश के चलते मासूम को निशाना बनाया गया। मृतक के पिता फिलहाल महाराष्ट्र के नासिक में मजदूरी करते हैं।
पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
    user_Sumit Singh Chandel
    Sumit Singh Chandel
    Local News Reporter गोहपारू, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
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