नही होती है देवास महापौर जनसुनवाई में सुनावाई दिखी लापरवाही हुई औपचारिकता ? जनता अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंची, लेकिन जनसुनवाई के दौरान कुछ विभागीय अधिकारी मोबाइल फोन में व्यस्त नजर आए। इस दृश्य ने प्रशासनिक गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन की शिकायतें सीधे सुनना और त्वरित समाधान सुनिश्चित करना होता है। ऐसे में यदि जिम्मेदार अधिकारी ध्यान देने के बजाय मोबाइल चलाते दिखें, तो यह संदेश जाता है कि कहीं यह प्रक्रिया सिर्फ औपचारिकता तो नहीं बनती जा रही? हालांकि, यदि मोबाइल का उपयोग आधिकारिक कार्य के लिए हो तो बात अलग है। लेकिन निजी उपयोग या बार-बार ध्यान भटकना जनता के विश्वास को प्रभावित कर सकता है। सवाल यह है — क्या जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों का पूरा ध्यान जनता पर नहीं होना चाहिए? मेरे साजिद अली आंदन नगर केम्पिनग्राउण्ड निवासी द्वारा एक अवोदन दिया हुआ दो वर्ष से भी उपर हो चुके हैं लेकिन आज दिनांक 18/5/2023को दिया था लोकिन आज दिनांक तक कोई भी सुनावाई या करवाई नहीं हुई है सिर्फ देवास महापौर जनसुनवाई मे गटर नली छोटी मोडी सुनावाई कर औपचारिकता कर अपनी जिम्मेदारी निभाकर वह वही लुटी जाती वस्तविकता समास्याओं का समाधान नहीं होता आवेदन कर्ता को चक्कर लगने पडते है
नही होती है देवास महापौर जनसुनवाई में सुनावाई दिखी लापरवाही हुई औपचारिकता ? जनता अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंची, लेकिन जनसुनवाई के दौरान कुछ विभागीय अधिकारी मोबाइल फोन में व्यस्त नजर आए। इस दृश्य ने प्रशासनिक गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन की शिकायतें सीधे सुनना और त्वरित समाधान सुनिश्चित करना होता है। ऐसे में यदि जिम्मेदार अधिकारी ध्यान देने के बजाय
मोबाइल चलाते दिखें, तो यह संदेश जाता है कि कहीं यह प्रक्रिया सिर्फ औपचारिकता तो नहीं बनती जा रही? हालांकि, यदि मोबाइल का उपयोग आधिकारिक कार्य के लिए हो तो बात अलग है। लेकिन निजी उपयोग या बार-बार ध्यान भटकना जनता के विश्वास को प्रभावित कर सकता है। सवाल यह है — क्या जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों का पूरा ध्यान जनता पर नहीं होना चाहिए? मेरे साजिद अली आंदन नगर केम्पिनग्राउण्ड
निवासी द्वारा एक अवोदन दिया हुआ दो वर्ष से भी उपर हो चुके हैं लेकिन आज दिनांक 18/5/2023को दिया था लोकिन आज दिनांक तक कोई भी सुनावाई या करवाई नहीं हुई है सिर्फ देवास महापौर जनसुनवाई मे गटर नली छोटी मोडी सुनावाई कर औपचारिकता कर अपनी जिम्मेदारी निभाकर वह वही लुटी जाती वस्तविकता समास्याओं का समाधान नहीं होता आवेदन कर्ता को चक्कर लगने पडते है
- नही होती है देवास महापौर जनसुनवाई में सुनावाई दिखी लापरवाही हुई औपचारिकता ? जनता अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंची, लेकिन जनसुनवाई के दौरान कुछ विभागीय अधिकारी मोबाइल फोन में व्यस्त नजर आए। इस दृश्य ने प्रशासनिक गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन की शिकायतें सीधे सुनना और त्वरित समाधान सुनिश्चित करना होता है। ऐसे में यदि जिम्मेदार अधिकारी ध्यान देने के बजाय मोबाइल चलाते दिखें, तो यह संदेश जाता है कि कहीं यह प्रक्रिया सिर्फ औपचारिकता तो नहीं बनती जा रही? हालांकि, यदि मोबाइल का उपयोग आधिकारिक कार्य के लिए हो तो बात अलग है। लेकिन निजी उपयोग या बार-बार ध्यान भटकना जनता के विश्वास को प्रभावित कर सकता है। सवाल यह है — क्या जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों का पूरा ध्यान जनता पर नहीं होना चाहिए? मेरे साजिद अली आंदन नगर केम्पिनग्राउण्ड निवासी द्वारा एक अवोदन दिया हुआ दो वर्ष से भी उपर हो चुके हैं लेकिन आज दिनांक 18/5/2023को दिया था लोकिन आज दिनांक तक कोई भी सुनावाई या करवाई नहीं हुई है सिर्फ देवास महापौर जनसुनवाई मे गटर नली छोटी मोडी सुनावाई कर औपचारिकता कर अपनी जिम्मेदारी निभाकर वह वही लुटी जाती वस्तविकता समास्याओं का समाधान नहीं होता आवेदन कर्ता को चक्कर लगने पडते है3
- Post by Vishal Jadhav1
- बच्चा चोर समझ कर महिला से करी जमकर मारपीट महिला ने केस दर्ज कराया(99933 47030)1
- Post by प्रदेश खुलासा न्यूज1
- इंदौर की पालदा क्षेत्र से 12 साल कि बालिका लापता, पुलिस ने शुरू की तलाश ,कृपया इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करें !!!1
- इंदौर में ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने विधानसभा-4 के वार्ड 84 का दोपहिया वाहन से निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद आयोजित जनता चौपाल में रहवासियों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं। स्थानीय नागरिकों ने पानी, ड्रेनेज, अतिक्रमण और जल जमाव जैसी मूलभूत समस्याओं को लेकर पार्षद और निगम अधिकारियों पर अनदेखी के आरोप लगाए। चौपाल के दौरान महापौर को लोगों के आक्रोश का सामना भी करना पड़ा। महापौर ने आश्वासन दिया कि सभी शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाएगा। ‘संकल्प से समाधान’ के माध्यम से शहर की जमीनी हकीकत सामने आ रही है और जनप्रतिनिधियों के दावों की सच्चाई भी उजागर हो रही है।1
- मध्यप्रदेश की राजनीति में आज उस वक्त हलचल मच गई जब मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट पेश किया। बजट पेश होते ही विपक्ष ने इसे जनविरोधी बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में विपक्षी विधायकों ने सदन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्ष का आरोप है कि बजट में महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं पर ठोस प्रावधान नहीं किए गए1
- इंदौर। महाशिवरात्रि के पावन पर्व के अवसर पर नीलकंठेशवर महादेव की भव्य बारात की शोभा यात्रा टिकरिया बादशाह रोड सुरेंद्रनगर से यादव पैलेस से होती हुई गिरना सिटी पर समाप्त हुई। यात्रा में शिव भक्त भगवान भोलेनाथ की धुन पर नाश्ते गेट चल रहे थे यात्रा समाप्ति पर मंदिर में महा आरती के साथ हरियाली खीर का वितरण हुआ। उक्त जानकारी मंदिर के पुजारी सुरेश चंद तिवारी हो सर रक्षक अशोक तिवारी ने दी इस अवसर पर मुख्य रूप से गोलू तिवारी अंकित गुर्जर देव शंकर मिश्रा खाटू श्याम किराना मुकेश चौहान अमन मालवीय कृष्ण पांचाल अभी परिहार श्रीमती मंगला तिवारी पूजा तिवारी महिमा नामदेव पप्पी जीजी गोंड सनी गोड़ दल्लू मालवीय अजय भैया मुख्य रूप से उपस्थित थे। पत्रकार राजन मालवीय1