नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2023-24 की रिपोर्ट शुक्रवार को जारी कर दी गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, देश में घरेलू हिंसा की दर 29.2% से घटकर 22.3% पर आ गई है, वहीं बाल विवाह का कुल आंकड़ा भी 23.3% से घटकर 20.1% रह गया है। हालांकि, महिलाओं में मोटापा साल 2019-21 के मुकाबले 7% बढ़ गया है। रिपोर्ट के प्रमुख सकारात्मक बिंदुओं में कामकाजी महिलाओं की संख्या में वृद्धि शामिल है, जो पहले 25.4% थी और अब 30.8% तक पहुंच गई है। इसके अतिरिक्त, महिलाओं में इंटरनेट का उपयोग दोगुना होकर 64.3% पर पहुंच गया है। बिजली और साफ पानी की पहुँच भी बढ़ी है, अब 98.3% घरों में बिजली और 96.5% घरों में साफ पानी पहुंच चुका है। संपत्ति के मालिकाना हक की बात करें तो, देश के कुल 18.8% परिवारों में महिलाओं के पास मकान या जमीन का मालिकाना हक है, जो पिछले सर्वे (2021) के 14.0% से अधिक है। इनमें शहरों में 18.2% और ग्रामीण इलाकों में 19.1% महिलाओं के पास यह हक है। बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य के मोर्चे पर, कुपोषित बच्चों में नाटेपन का आंकड़ा 35.5% से घटकर 29.3% पर आ गया है, जो 6.2 प्रतिशत अंकों का सुधार दर्शाता है। हालाँकि, यह भी सामने आया है कि 6 महीने से 2 साल तक के केवल 15.3% बच्चों को ही सही और संतुलित खाना मिल पा रहा है, यानी 85% बच्चों को जरूरी पोषण नहीं मिल रहा है। शुरुआती 6 महीनों तक शिशुओं को 'केवल स्तनपान' कराने की दर 63.7% से गिरकर 55.8% पर आ गई है। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कुछ चिंताजनक आंकड़े भी सामने आए हैं, जैसे निजी अस्पतालों में होने वाली सिजेरियन डिलीवरी 54.1% के रिकॉर्ड स्तर पर है। इसके साथ ही, परिवार नियोजन के आधुनिक तरीके अपनाने वाली महिलाओं की संख्या में भी गिरावट आई है, जो पिछले सर्वे के 56.4% से घटकर अब 52.7% रह गई हैं।
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2023-24 की रिपोर्ट शुक्रवार को जारी कर दी गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, देश में घरेलू हिंसा की दर 29.2% से घटकर 22.3% पर आ गई है, वहीं बाल विवाह का कुल आंकड़ा भी 23.3% से घटकर 20.1% रह गया है। हालांकि, महिलाओं में मोटापा साल 2019-21 के मुकाबले 7% बढ़ गया है। रिपोर्ट के प्रमुख सकारात्मक बिंदुओं में कामकाजी महिलाओं की संख्या में वृद्धि शामिल है, जो पहले 25.4% थी और अब 30.8% तक पहुंच गई है। इसके अतिरिक्त, महिलाओं में इंटरनेट का उपयोग दोगुना होकर 64.3% पर पहुंच गया है। बिजली और साफ पानी की पहुँच भी बढ़ी है, अब 98.3% घरों में बिजली और 96.5% घरों में साफ पानी पहुंच चुका है। संपत्ति के मालिकाना हक की बात करें तो, देश के कुल 18.8% परिवारों में महिलाओं के पास मकान या जमीन का मालिकाना हक है, जो पिछले सर्वे (2021) के 14.0% से अधिक है। इनमें शहरों में 18.2% और ग्रामीण इलाकों में 19.1% महिलाओं के पास यह हक है। बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य के मोर्चे पर, कुपोषित बच्चों में नाटेपन का आंकड़ा 35.5% से घटकर 29.3% पर आ गया है, जो 6.2 प्रतिशत अंकों का सुधार दर्शाता है। हालाँकि, यह भी सामने आया है कि 6 महीने से 2 साल तक के केवल 15.3% बच्चों को ही सही और संतुलित खाना मिल पा रहा है, यानी 85% बच्चों को जरूरी पोषण नहीं मिल रहा है। शुरुआती 6 महीनों तक शिशुओं को 'केवल स्तनपान' कराने की दर 63.7% से गिरकर 55.8% पर आ गई है। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कुछ चिंताजनक आंकड़े भी सामने आए हैं, जैसे निजी अस्पतालों में होने वाली सिजेरियन डिलीवरी 54.1% के रिकॉर्ड स्तर पर है। इसके साथ ही, परिवार नियोजन के आधुनिक तरीके अपनाने वाली महिलाओं की संख्या में भी गिरावट आई है, जो पिछले सर्वे के 56.4% से घटकर अब 52.7% रह गई हैं।
- राजस्थान न्यूज़ टुडे (RNN) का यह वीडियो राज्य की आज की ताज़ा ख़बरों, 25 बड़ी ख़बरों और मुख्य समाचारों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करता है। इसमें ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, मौसम, सरकारी योजनाओं, शिक्षा, रोज़गार, अपराध, किसान, पंचायत, विधानसभा, लोकसभा और प्रशासन से जुड़ी अहम घटनाओं की पूरी जानकारी दी गई है। वीडियो में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा की गई बड़ी घोषणाओं और राजस्थान मौसम विभाग के नए अलर्ट को भी शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, सरकारी योजनाओं से संबंधित नई अपडेट्स, किसानों से जुड़ी महत्वपूर्ण ख़बरें और राजस्थान की राजनीति में चल रही बड़ी हलचलों पर विशेष ध्यान दिया गया है। दर्शकों को शिक्षा और रोज़गार से जुड़े नवीनतम समाचारों के साथ-साथ प्रदेश के सभी ज़िलों की प्रमुख ख़बरों और बड़ी घटनाओं की जानकारी भी मिलेगी, जैसा कि 30 मई 2026 की रिपोर्ट में बताया गया है।1
- उदयपुर जिले के वल्लभनगर में मेवाड़ के कद्दावर नेता एवं राजस्थान के पूर्व गृहमंत्री स्वर्गीय गुलाब सिंह शक्तावत की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी वल्लभनगर के कार्यकर्ताओं ने उन्हें माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यकर्ताओं ने स्वर्गीय शक्तावत द्वारा बताए गए मार्ग और सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया, साथ ही 'शक्तावत साहब अमर रहे' के गगनभेदी नारे भी लगाए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने आगामी पंचायत राज चुनावों में कांग्रेस पार्टी को विजयी बनाने का सामूहिक संकल्प भी दोहराया। मेवाड़ के जननायक स्वर्गीय गुलाब सिंह शक्तावत की जयंती पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल ने जनहित में एक रिपोर्ट प्रसारित की है, जिसमें चारभुजा नाथ के दर्शन कराए गए हैं। यह रिपोर्ट नांदोली, राजसमंद, राजस्थान से संवाददाता नंदलाल पुरबिया द्वारा प्रस्तुत की गई।1
- राजसमंद के कांकरोली स्थित तृतीय पीठ प्रन्यास के द्वारकाधीश मंदिर में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर विशेष झांकियों के तहत 'भूल भुलैया में सावन भादो महोत्सव' का आयोजन किया गया। 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के प्रसिद्ध डायरेक्टर आसित मोदी द्वारा यह मनोरथ करवाया गया था, जिसमें आसित मोदी भी अपने परिवार सहित मंदिर में मौजूद रहे। मंदिर के तिलकायत डॉक्टर वागीश कुमार के निर्देशन में यह मनोरथ करीब तीन घंटे तक चला। इसके लिए मंदिर के मुख्य द्वार से ही जंगल, अंधेरा, तूफान और बारिश जैसा कृत्रिम नज़ारा तैयार किया गया था, जिसमें पक्षियों की कलरव और जानवरों की आवाज़ों से इसे और भी डरावना रूप दिया गया। पुष्टिमार्ग की परंपरा के अनुसार, यह महोत्सव ठाकुर जी को समय-समय पर शीतोपचार (ठंडक प्रदान करने) के लिए आयोजित किया जाता है। इस अनोखे आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इस दौरान सबसे ताज्जुब की बात यह रही कि दर्शनों के बीच ही वास्तव में मौसम बदल गया और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे श्रद्धालुओं ने दर्शनों का भरपूर आनंद लिया।4
- उदयपुर शहर में तेज़ आंधी और तूफानी बारिश का दौर देखा गया, जहाँ हवाएँ 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से चलीं। इस गंभीर मौसम परिवर्तन के मद्देनजर, मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी।1
- वायरल ऑडियो में महिला दरोगा द्वार सास के लिए गंदी से गंदी गालियां की शैली में पति से बात करती हुई महिला दरोगा1
- चित्तौड़गढ़ के कलेक्ट्रेट चौराहे पर सवारियों को लेकर रोडवेज और निजी बस के कर्मियों के बीच कहासुनी हो गई। इस घटना के कारण चौराहे पर हड़कंप मच गया। स्थिति को देखते हुए, ट्रैफिक पुलिस को क्षेत्र में और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है।1
- राजसमंद जिले और प्रदेश के अन्य जिलों में आंधी-तूफान, तेज हवाओं (50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा) और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की है। एसडीएमए द्वारा जारी मौसम चेतावनी 31 मई को दोपहर 2 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके लिए नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और सतर्कता संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। यह चेतावनी 30 मई को जारी की गई है और 31 मई दोपहर 2:05 बजे तक प्रभावी रहेगी। जिला कलक्टर श्री अरुण कुमार हसीजा ने आमजन से खराब मौसम और आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने तथा सुरक्षित स्थानों पर ही रहने का आग्रह किया है। आकाशीय बिजली से बचाव के लिए घरों, कार्यालयों और अन्य भवनों के भीतर शरण लेना सबसे सुरक्षित उपाय है। उन्होंने बताया कि तूफान आने से पहले विद्युत उपकरणों को अनप्लग कर देना चाहिए और बिजली के उपकरणों, तार वाले टेलीफोन तथा चार्जर आदि का उपयोग नहीं करना चाहिए। लोगों को खिड़कियों, दरवाजों और बरामदों से दूर रहने तथा प्लंबिंग और धातु की पाइपों को छूने से बचने की सलाह दी गई है। यदि कोई व्यक्ति खुले स्थान पर हो, तो उसे तत्काल सुरक्षित आश्रय की ओर जाना चाहिए। पेड़ों के नीचे खड़े न होने, जलाशयों, तालाबों, झीलों और बहते पानी से दूर रहने, तथा बिजली के खंभों, तारों और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि सुरक्षित भवन उपलब्ध न हो, तो खुले मैदान में पैरों को साथ रखकर नीचे झुककर बैठें, लेकिन जमीन पर सपाट न लेटें। आकाशीय बिजली या गर्जन शुरू होने पर वाहन में होने पर उसके अंदर ही रहने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने नागरिकों को '30-30' सुरक्षा नियम अपनाने की भी सलाह दी है: यदि बिजली चमकने और गर्जन सुनाई देने के बीच का समय 30 सेकंड से कम हो, तो तुरंत सुरक्षित भवन के अंदर चले जाएं; और अंतिम गर्जन सुनाई देने के कम से कम 30 मिनट बाद ही बाहरी गतिविधियां पुनः प्रारंभ करें। इसके अतिरिक्त, जिन पेड़ों के घरों या भवनों पर गिरने की आशंका हो, उनकी समय रहते छंटाई करवा लेनी चाहिए। घरों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा के लिए सर्ज प्रोटेक्टर अथवा बिजली संरक्षण प्रणाली का उपयोग करने की सलाह दी गई है। यदि कहीं बिजली के तार, खंभे या पेड़ गिर जाएं, तो उनसे दूरी बनाए रखें और तत्काल संबंधित विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। जिला प्रशासन ने आमजन से मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी चेतावनियों पर निरंतर नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन तंत्र के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।2