रामपुरा मे वर्षो पुरानी परम्परा अभी जीवित होली के अवसर पर घर गये होली के रसिया गाई गरियां, रामपुरा. (अलीगड ) उपखंड के रामपुरा कस्बे मे वर्षो से चल रही होली पर फाग गाने की सांस्कृतिक परम्परा अभी जीवित है वर्षो पहले यहाँ चतुर्वेदी मोहल्ले मे होलीका दहन के बाद धुलिड़ी के दिन प्रात. जगदीश मे मंदिर से चंग हारमोनियम और ढोलक को ठेले पर रखकर होली गाने वाले लोगो का समूह निकलता था जोअब ट्रैक्टर ट्रॉली मे निकलता है. कायस्थओ के चौक मे राष्ट्रीय और ग्रामीण समस्याओ को लेकर व्यंग रूप मे गलियां गाई जाती थी, रूपनारायण , हलकारा, मदन लाल गौतम,धन्ना लाल माथुर,, दीनदयाल माथुर, महावीर माथुर, भंवर लाल कुमावत, ईश्वर जी महावर, राजेश जी चतुर्वेदी रमेश जी त्रिपाठी की टोली द्वारा गाई जानी वाली गालिया आजा खाजा, दावत करो मंजूर, मोहे पनघट पर नन्द लाल छेड़ गयो रे, रंग डारण दें सुवा पर रचना री मैना महीनों तक गुनगुनाई जाती थी आज भी राजेश चतुर्वेदी, घनश्याम जांगिड़, जगदीश वैष्णव,, ओम प्रकास शर्मा, शांतनु शर्मा, दिनेश खंगार, नरोत्तम गौतम सहित 2 दर्जन लोग परम्परा का सफल निर्वहन कर सांस्कृति को बचाने को कृत संकलपित है.
रामपुरा मे वर्षो पुरानी परम्परा अभी जीवित होली के अवसर पर घर गये होली के रसिया गाई गरियां, रामपुरा. (अलीगड ) उपखंड के रामपुरा कस्बे मे वर्षो से चल रही होली पर फाग गाने की सांस्कृतिक परम्परा अभी जीवित है वर्षो पहले यहाँ चतुर्वेदी मोहल्ले मे होलीका दहन के बाद धुलिड़ी के दिन प्रात. जगदीश मे मंदिर से चंग हारमोनियम और ढोलक को ठेले पर रखकर होली गाने वाले लोगो का समूह निकलता था जोअब ट्रैक्टर ट्रॉली मे निकलता है. कायस्थओ के चौक मे राष्ट्रीय और ग्रामीण समस्याओ को लेकर व्यंग रूप मे गलियां गाई जाती थी, रूपनारायण , हलकारा, मदन लाल गौतम,धन्ना लाल माथुर,, दीनदयाल माथुर, महावीर माथुर, भंवर लाल कुमावत, ईश्वर जी महावर, राजेश जी चतुर्वेदी रमेश जी त्रिपाठी की टोली द्वारा गाई जानी वाली गालिया आजा खाजा, दावत करो मंजूर, मोहे पनघट पर नन्द लाल छेड़ गयो रे, रंग डारण दें सुवा पर रचना री मैना महीनों तक गुनगुनाई जाती थी आज भी राजेश चतुर्वेदी, घनश्याम जांगिड़, जगदीश वैष्णव,, ओम प्रकास शर्मा, शांतनु शर्मा, दिनेश खंगार, नरोत्तम गौतम सहित 2 दर्जन लोग परम्परा का सफल निर्वहन कर सांस्कृति को बचाने को कृत संकलपित है.
- रामपुरा. (अलीगड ) उपखंड के रामपुरा कस्बे मे वर्षो से चल रही होली पर फाग गाने की सांस्कृतिक परम्परा अभी जीवित है वर्षो पहले यहाँ चतुर्वेदी मोहल्ले मे होलीका दहन के बाद धुलिड़ी के दिन प्रात. जगदीश मे मंदिर से चंग हारमोनियम और ढोलक को ठेले पर रखकर होली गाने वाले लोगो का समूह निकलता था जोअब ट्रैक्टर ट्रॉली मे निकलता है. कायस्थओ के चौक मे राष्ट्रीय और ग्रामीण समस्याओ को लेकर व्यंग रूप मे गलियां गाई जाती थी, रूपनारायण , हलकारा, मदन लाल गौतम,धन्ना लाल माथुर,, दीनदयाल माथुर, महावीर माथुर, भंवर लाल कुमावत, ईश्वर जी महावर, राजेश जी चतुर्वेदी रमेश जी त्रिपाठी की टोली द्वारा गाई जानी वाली गालिया आजा खाजा, दावत करो मंजूर, मोहे पनघट पर नन्द लाल छेड़ गयो रे, रंग डारण दें सुवा पर रचना री मैना महीनों तक गुनगुनाई जाती थी आज भी राजेश चतुर्वेदी, घनश्याम जांगिड़, जगदीश वैष्णव,, ओम प्रकास शर्मा, शांतनु शर्मा, दिनेश खंगार, नरोत्तम गौतम सहित 2 दर्जन लोग परम्परा का सफल निर्वहन कर सांस्कृति को बचाने को कृत संकलपित है.1
- Post by Lokesh kumar1
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- होली के पावन अवसर पर मुस्लिमो ने हिंदू भाइयों को बादशाह की सवारी के दौरान पानी पिलाते हुए हिंदू मुस्लिम भाईचारे की मिसाल दी3
- मलारना डूंगर, उपखंड क्षेत्र के मलारना चौड़ कस्बे स्थित भगवान नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में मंगलवार को होली के पावन अवसर पर महिला सत्संग मंडली द्वारा पारंपरिक फाग उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। महिला मंडल की कार्यकर्ता हेमलता तिवारी ने बताया कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी कस्बे की महिलाओं ने एकत्रित होकर फाग उत्सव का आयोजन किया। कार्यक्रम के दौरान महिला सदस्यों ने होली के पारंपरिक फाग गीतों का गायन किया तथा नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय और रंगारंग बना दिया। मंदिर परिसर में आयोजित इस उत्सव में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और आपसी सौहार्द, प्रेम व भाईचारे का संदेश दिया। फाग गायन के साथ भगवान नीलकंठ महादेव की आराधना की गई तथा सुख-समृद्धि की कामना की गई। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं और प्रसाद वितरण किया गया। उत्सव के दौरान पूरे परिसर में भक्ति, उमंग और उल्लास का वातावरण बना रहा।1
- Post by Bhagwan sharma1
- student union leader1
- उनियारा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में होली का उत्साह चरम पर है। ग्रामीण क्षेत्रों में ढोल-नगाड़ों की थाप पर फाग गीत गाए जा रहे हैं। स्थानीय मंदिरों में विशेष दर्शन और गुलाल की होली का आयोजन किया गया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उनियारा थाना पुलिस द्वारा जगह-जगह गश्त की जा रही है। प्रशासन ने आमजन से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ त्यौहार मनाने की अपील की है।1