Shuru
Apke Nagar Ki App…
साधु बने पप्पू यादव, राहुल गांधी ने दानपेटी में चढ़ाया चढ़ावा! संसद के बाहर हाई-वोल्टेज प्रदर्शन साधु बने पप्पू यादव, राहुल गांधी ने दानपेटी में चढ़ाया चढ़ावा! संसद के बाहर हाई-वोल्टेज प्रदर्शन #PappuYadav #RahulGandhi #Parliament #Sansad #RamMandir #Politics
AGS live
साधु बने पप्पू यादव, राहुल गांधी ने दानपेटी में चढ़ाया चढ़ावा! संसद के बाहर हाई-वोल्टेज प्रदर्शन साधु बने पप्पू यादव, राहुल गांधी ने दानपेटी में चढ़ाया चढ़ावा! संसद के बाहर हाई-वोल्टेज प्रदर्शन #PappuYadav #RahulGandhi #Parliament #Sansad #RamMandir #Politics
More news from बिहार and nearby areas
- छपरा जेल में बंद कैदियों की एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टबल एक्सरे मशीन से होगी टीबी की जांच छपरा:बिहार में टीबी उन्मूलन की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। जिले में चल रहे सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान के तहत अब मंडल कारा में बंद सभी कैदियों की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन से टीबी की जांच की जाएगी। इसके साथ ही बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों की भी विशेष स्क्रीनिंग कर संभावित टीबी मरीजों की पहचान की जाएगी। अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने आठ सदस्यीय टीम का गठन कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जेल और बाल सुधार गृह जैसे बंद परिसरों में रहने वाले लोगों में टीबी संक्रमण फैलने का खतरा अपेक्षाकृत अधिक होता है। ऐसे में समय पर जांच और मरीजों की पहचान कर उपचार शुरू करना टीबी उन्मूलन अभियान की सफलता के लिए बेहद जरूरी है। एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से कम समय में बड़ी संख्या में लोगों की स्क्रीनिंग संभव होगी तथा संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान कर आगे की जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। सभी कैदियों की होगी स्क्रीनिंग सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि गठित टीम जेल परिसर में विशेष शिविर लगाएगी। शिविर के दौरान सभी कैदियों के सीने का डिजिटल एक्स-रे किया जाएगा। एक्स-रे रिपोर्ट का एआई तकनीक के माध्यम से विश्लेषण कर टीबी के संदिग्ध मामलों की पहचान की जाएगी। जिन लोगों में टीबी की आशंका मिलेगी, उनकी पुष्टि के लिए नेट (NAAT) सहित अन्य आवश्यक जांच कराई जाएगी और मरीज मिलने पर तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा। बाल सुधार गृह के बच्चों की भी होगी जांच डीपीसी-टीबी हिमांशु शेखर ने बताया कि अभियान के तहत बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों को भी शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच के साथ टीबी स्क्रीनिंग करेगी। यदि किसी बच्चे में टीबी के लक्षण या संक्रमण की आशंका मिलती है तो उसका नि:शुल्क इलाज कराया जाएगा। जिले में चल रहा है सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रत्नेश्वर प्रसाद ने बताया कि जिले में 10 जुलाई से 30 जुलाई तक चलाए गए विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान के दौरान 10,14,112 लोगों की जांच की जा चुकी है। इस अवधि में 16,358 लोगों के छाती का एक्स-रे किया गया, जबकि 4,718 लोगों की नेट (NAAT) मशीन से जांच कराई गई। इसके अलावा 5,511 लोगों को टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (टीपीटी) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि संक्रमण की संभावना को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य टीबी मरीजों की जल्द पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। इसके लिए जिले में लगातार स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है और संवेदनशील समूहों को प्राथमिकता दी जा रही है... #टीवीउन्मूलन #स्वास्थ्य #Healthcare #saran #bihar #BiharHealth #nonfollowers छपरा जेल में बंद कैदियों की एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टबल एक्सरे मशीन से होगी टीबी की जांच छपरा:बिहार में टीबी उन्मूलन की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। जिले में चल रहे सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान के तहत अब मंडल कारा में बंद सभी कैदियों की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन से टीबी की जांच की जाएगी। इसके साथ ही बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों की भी विशेष स्क्रीनिंग कर संभावित टीबी मरीजों की पहचान की जाएगी। अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने आठ सदस्यीय टीम का गठन कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जेल और बाल सुधार गृह जैसे बंद परिसरों में रहने वाले लोगों में टीबी संक्रमण फैलने का खतरा अपेक्षाकृत अधिक होता है। ऐसे में समय पर जांच और मरीजों की पहचान कर उपचार शुरू करना टीबी उन्मूलन अभियान की सफलता के लिए बेहद जरूरी है। एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से कम समय में बड़ी संख्या में लोगों की स्क्रीनिंग संभव होगी तथा संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान कर आगे की जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। सभी कैदियों की होगी स्क्रीनिंग सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि गठित टीम जेल परिसर में विशेष शिविर लगाएगी। शिविर के दौरान सभी कैदियों के सीने का डिजिटल एक्स-रे किया जाएगा। एक्स-रे रिपोर्ट का एआई तकनीक के माध्यम से विश्लेषण कर टीबी के संदिग्ध मामलों की पहचान की जाएगी। जिन लोगों में टीबी की आशंका मिलेगी, उनकी पुष्टि के लिए नेट (NAAT) सहित अन्य आवश्यक जांच कराई जाएगी और मरीज मिलने पर तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा। बाल सुधार गृह के बच्चों की भी होगी जांच डीपीसी-टीबी हिमांशु शेखर ने बताया कि अभियान के तहत बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों को भी शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच के साथ टीबी स्क्रीनिंग करेगी। यदि किसी बच्चे में टीबी के लक्षण या संक्रमण की आशंका मिलती है तो उसका नि:शुल्क इलाज कराया जाएगा। जिले में चल रहा है सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रत्नेश्वर प्रसाद ने बताया कि जिले में 10 जुलाई से 30 जुलाई तक चलाए गए विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान के दौरान 10,14,112 लोगों की जांच की जा चुकी है। इस अवधि में 16,358 लोगों के छाती का एक्स-रे किया गया, जबकि 4,718 लोगों की नेट (NAAT) मशीन से जांच कराई गई। इसके अलावा 5,511 लोगों को टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (टीपीटी) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि संक्रमण की संभावना को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य टीबी मरीजों की जल्द पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। इसके लिए जिले में लगातार स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है और संवेदनशील समूहों को प्राथमिकता दी जा रही है... #टीवीउन्मूलन #स्वास्थ्य #Healthcare #saran #bihar #BiharHealth #nonfollowers1
- पंचायत समिति बैठक से अधिकारी नदारद, परिचारी और प्रतिनियुक्त शिक्षक के भरोसे चले कई विभाग पीपराकोठी। मॉडल स्कूल के सभागार में शुक्रवार को पंचायत समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विकास योजनाओं के बजाय अधिकारियों की अनुपस्थिति और विभागों की लापरवाही मुख्य चर्चा का विषय रही। कई विभागों के पदाधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना के बैठक से अनुपस्थित रहे। कुछ विभागों ने जिम्मेदार अधिकारियों के स्थान पर ऐसे कर्मचारियों को भेजा, जो जनप्रतिनिधियों के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। पशुपालन विभाग ने बैठक में अपने परिचारी को प्रतिनिधि बनाकर भेजा। इसी तरह, शिक्षा विभाग ने बीईओ के बजाय बीआरसी में प्रतिनियुक्त एक शिक्षक को भेजा, जिन्हें अपने ही विभाग के बीईओ का नाम तक पता नहीं था। आईसीडीएस विभाग की ओर से सीडीपीओ के स्थान पर भेजी गई पर्यवेक्षिका भी जनप्रतिनिधियों के सवालों का जवाब देने में असमर्थ रहीं। बैठक में उपस्थित विधायक प्रमोद कुमार ने इसे जनप्रतिनिधियों और पंचायत समिति की खुली अवमानना बताते हुए कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बिना सूचना के अनुपस्थित सभी अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अधिकारियों की गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली पर तीखी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी स्वयं बैठक में गंभीरता नहीं दिखाते, तो आम जनता की समस्याओं का समाधान कैसे होगा। जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि अगली बैठक में यही रवैया रहा, तो संबंधित विभागों के खिलाफ और सख्त कदम उठाने की मांग की जाएगी।2
- अधातु का लाइव टेस्ट क्लास 10th केमिस्ट्री अध्याय 3 #reelsvideoシ #reelsviralシ #nonfollowersシ゚ #rahulsirpcb #facebookreels #foryouシ #education #trendingvideo #nonmetal इस वीडियो में हम लोग और धातु से संबंधित सभी विद्यार्थियों से एक-एक बहुविकल्पीय प्रश्न पूछेंगे और यह चेक करेंगे कि किसी विद्यार्थी ने सही बताया और किसका उत्तर गलत हुआ? अधातु का लाइव टेस्ट क्लास 10th केमिस्ट्री अध्याय 3 #reelsvideoシ #reelsviralシ #nonfollowersシ゚ #rahulsirpcb #facebookreels #foryouシ #education #trendingvideo #nonmetal इस वीडियो में हम लोग और धातु से संबंधित सभी विद्यार्थियों से एक-एक बहुविकल्पीय प्रश्न पूछेंगे और यह चेक करेंगे कि किसी विद्यार्थी ने सही बताया और किसका उत्तर गलत हुआ?1
- अधातु का लाइव टेस्ट क्लास 10th केमिस्ट्री अध्याय 3 #reelsvideoシ #reelsviralシ #nonfollowersシ゚ #rahulsirpcb #facebookreels #foryouシ #education #trendingvideo #nonmetal इस वीडियो में हम लोग और धातु से संबंधित सभी विद्यार्थियों से एक-एक बहुविकल्पीय प्रश्न पूछेंगे और यह चेक करेंगे कि किसी विद्यार्थी ने सही बताया और किसका उत्तर गलत हुआ? अधातु का लाइव टेस्ट क्लास 10th केमिस्ट्री अध्याय 3 #reelsvideoシ #reelsviralシ #nonfollowersシ゚ #rahulsirpcb #facebookreels #foryouシ #education #trendingvideo #nonmetal इस वीडियो में हम लोग और धातु से संबंधित सभी विद्यार्थियों से एक-एक बहुविकल्पीय प्रश्न पूछेंगे और यह चेक करेंगे कि किसी विद्यार्थी ने सही बताया और किसका उत्तर गलत हुआ?1
- बांकी पुर चुनाव में हार पर बौखलाई BJP. प्रशांत किशोर का बड़ा आरोप. बांकी पुर चुनाव में हार पर बौखलाई BJP. प्रशांत किशोर का बड़ा आरोप.1
- सुरक्षा गार्ड पर कार्रवाई की मांग को लेकर आशाओं का हल्ला बोल, अनुमंडलीय अस्पताल में धरना-प्रदर्शन बिहार राज्य आशा संघ (एटक) के बैनर तले शनिवार को नरकटियागंज अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा फैसिलिटेटरों ने दो सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि 25 जुलाई को अस्पताल परिसर में तैनात एक सुरक्षा गार्ड ने एक आशा कार्यकर्ता और उसके साथ आए मरीज के साथ मारपीट की। इस घटना में दो माह की गर्भवती महिला को गंभीर चोटें आईं, जिससे गर्भस्थ शिशु को नुकसान पहुंचने का आरोप लगाया गया। साथ ही महिला के माथे पर गंभीर चोट लगी, जबकि बीच-बचाव करने पहुंची आशा कार्यकर्ता के साथ भी मारपीट की गई। धरना दे रहे आशा कार्यकर्ताओं का कहना था कि घटना के बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा दोषी सुरक्षा गार्ड के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसी के पक्ष में शिकारपुर थाना में झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया गया। इसे लेकर आशा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए दोषी सुरक्षा गार्ड को तत्काल सेवा से हटाने तथा आशा कार्यकर्ताओं पर दर्ज कथित झूठे मुकदमे को अविलंब वापस लेने की मांग की। धरना को संबोधित करते हुए बिहार राज्य आशा संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ओम प्रकाश क्रांति, एटक नेता फिरोज भारती, आशा नेत्री रंजना, सुन्दरम मिश्रा, चंदा देवी, मीना देवी, बिन्दु मिश्रा सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई की भी मांग की।1
- पंचायत समिति की बैठक में सीएससी में डॉक्टरों की अनुपलब्धता पर निंदा प्रस्ताव पारित, सोलर लाइट की गुणवत्ता और विकास योजनाओं पर भी उठे सवाल पीपराकोठी। मॉडल स्कूल के सभागार में शुक्रवार को पंचायत समिति की बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता प्रमुख रजनीश कुमार ने की, जबकि बीडीओ दिनेश कुमार सिंह ने संचालन किया। बिहार सरकार के पूर्व मंत्री सह विधायक प्रमोद कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत पिछली बैठक में पारित प्रस्तावों और शिकायतों की समीक्षा से हुई। बैठक के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक भी नियमित चिकित्सक नहीं होने पर जनप्रतिनिधियों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। इस मुद्दे पर सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। कई विभागों के पदाधिकारियों के बिना सूचना अनुपस्थित रहने और कुछ अधिकारियों द्वारा अपने स्थान पर कर्मियों को भेजने पर विधायक प्रमोद कुमार ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगे जाने का निर्देश दिया। बैठक में पीएचईडी, नल-जल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, भूमिहीनों को भूमि उपलब्ध कराने, दाखिल-खारिज, शौचालय निर्माण, स्वच्छता, बाल विकास परियोजना, कृषि एवं उर्वरक वितरण, स्वास्थ्य सहित विभिन्न विकास योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। जनप्रतिनिधियों ने पंचायतों में लगाई गई स्ट्रीट सोलर लाइटों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि अधिकांश लाइटें लगने के कुछ ही दिनों बाद खराब हो गईं, जिसकी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई। बैठक को संबोधित करते हुए विधायक प्रमोद कुमार ने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए प्रत्येक जनहित के मुद्दे का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को जनता के प्रति जवाबदेह बताया और अनुपस्थित रहने या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार तक बात पहुंचाने का आश्वासन दिया। प्रमुख रजनीश कुमार ने कहा कि पंचायत समिति की बैठक केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान का मंच है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को समय पर बैठक में उपस्थित होकर जनप्रतिनिधियों के सवालों का जवाब देने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में सीओ कुमार राघवेंद्र कुमार राघवन, उपप्रमुख योगी मांझी, बीपीआरओ श्वेता सुमन, बीपीएम सर्वेश कुमार सुधांशू, मुखिया हेमंत कुमार, रामनाथ प्रसाद यादव, पंचायत समिति सदस्य किरण कुमारी, मनोरंजन पांडेय, रीतज कुमार, मुसाफिर महतो, मुन्ना साह सहित कई जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।3
- 21 साल पुराने दुष्कर्म मामले में बड़ा फैसला: महिला दोषी को 7 साल 1 माह की सजा, कोर्ट ने लगाया जुर्माना भी बेतिया व्यवहार न्यायालय ने 21 साल पुराने चर्चित दुष्कर्म मामले में अहम फैसला सुनाते हुए महिला अभियुक्त को दोषी करार दिया है। मुफस्सिल थाना कांड संख्या 232/2005 से जुड़े इस मामले में विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार गुप्ता की अदालत ने अभियुक्त हसीना खातून को 7 वर्ष 1 माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 10,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अनन्य विशेष लोक अभियोजक जयशंकर तिवारी ने बताया कि घटना के समय पीड़िता अपने मामा के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। आरोप है कि हसीना खातून ने उसे बहला-फुसलाकर एक कमरे में पहुंचाया, जहां पहले से मौजूद मुख्य अभियुक्त नेयाज आलम ने उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य अभियुक्त नेयाज आलम की मृत्यु हो जाने के कारण उसके विरुद्ध कार्रवाई समाप्त हो गई, जबकि महिला अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा जारी रहा। लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर हसीना खातून को दोषी मानते हुए 7 वर्ष 1 माह के कठोर कारावास और 10,500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। इस फैसले के साथ करीब दो दशक पुराने इस बहुचर्चित मामले का न्यायिक पटाक्षेप हो गया।1
- चेहल्लुम पर्व को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट । 31.07.2026. जिला पदाधिकारी माननीय श्री तरण जोत सिंह ने कहा चेहल्लुम पर्व की तैयारी में किसी भी स्तर पर चूक नहीं होनी चाहिए। 31.07.2026.1