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छपरा जेल में बंद कैदियों की एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टबल एक्सरे मशीन से होगी टीबी की जांच छपरा:बिहार में टीबी उन्मूलन की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। जिले में चल रहे सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान के तहत अब मंडल कारा में बंद सभी कैदियों की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन से टीबी की जांच की जाएगी। इसके साथ ही बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों की भी विशेष स्क्रीनिंग कर संभावित टीबी मरीजों की पहचान की जाएगी। अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने आठ सदस्यीय टीम का गठन कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जेल और बाल सुधार गृह जैसे बंद परिसरों में रहने वाले लोगों में टीबी संक्रमण फैलने का खतरा अपेक्षाकृत अधिक होता है। ऐसे में समय पर जांच और मरीजों की पहचान कर उपचार शुरू करना टीबी उन्मूलन अभियान की सफलता के लिए बेहद जरूरी है। एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से कम समय में बड़ी संख्या में लोगों की स्क्रीनिंग संभव होगी तथा संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान कर आगे की जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। सभी कैदियों की होगी स्क्रीनिंग सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि गठित टीम जेल परिसर में विशेष शिविर लगाएगी। शिविर के दौरान सभी कैदियों के सीने का डिजिटल एक्स-रे किया जाएगा। एक्स-रे रिपोर्ट का एआई तकनीक के माध्यम से विश्लेषण कर टीबी के संदिग्ध मामलों की पहचान की जाएगी। जिन लोगों में टीबी की आशंका मिलेगी, उनकी पुष्टि के लिए नेट (NAAT) सहित अन्य आवश्यक जांच कराई जाएगी और मरीज मिलने पर तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा। बाल सुधार गृह के बच्चों की भी होगी जांच डीपीसी-टीबी हिमांशु शेखर ने बताया कि अभियान के तहत बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों को भी शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच के साथ टीबी स्क्रीनिंग करेगी। यदि किसी बच्चे में टीबी के लक्षण या संक्रमण की आशंका मिलती है तो उसका नि:शुल्क इलाज कराया जाएगा। जिले में चल रहा है सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रत्नेश्वर प्रसाद ने बताया कि जिले में 10 जुलाई से 30 जुलाई तक चलाए गए विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान के दौरान 10,14,112 लोगों की जांच की जा चुकी है। इस अवधि में 16,358 लोगों के छाती का एक्स-रे किया गया, जबकि 4,718 लोगों की नेट (NAAT) मशीन से जांच कराई गई। इसके अलावा 5,511 लोगों को टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (टीपीटी) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि संक्रमण की संभावना को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य टीबी मरीजों की जल्द पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। इसके लिए जिले में लगातार स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है और संवेदनशील समूहों को प्राथमिकता दी जा रही है... #टीवीउन्मूलन #स्वास्थ्य #Healthcare #saran #bihar #BiharHealth #nonfollowers छपरा जेल में बंद कैदियों की एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टबल एक्सरे मशीन से होगी टीबी की जांच छपरा:बिहार में टीबी उन्मूलन की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। जिले में चल रहे सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान के तहत अब मंडल कारा में बंद सभी कैदियों की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन से टीबी की जांच की जाएगी। इसके साथ ही बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों की भी विशेष स्क्रीनिंग कर संभावित टीबी मरीजों की पहचान की जाएगी। अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने आठ सदस्यीय टीम का गठन कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जेल और बाल सुधार गृह जैसे बंद परिसरों में रहने वाले लोगों में टीबी संक्रमण फैलने का खतरा अपेक्षाकृत अधिक होता है। ऐसे में समय पर जांच और मरीजों की पहचान कर उपचार शुरू करना टीबी उन्मूलन अभियान की सफलता के लिए बेहद जरूरी है। एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से कम समय में बड़ी संख्या में लोगों की स्क्रीनिंग संभव होगी तथा संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान कर आगे की जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। सभी कैदियों की होगी स्क्रीनिंग सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि गठित टीम जेल परिसर में विशेष शिविर लगाएगी। शिविर के दौरान सभी कैदियों के सीने का डिजिटल एक्स-रे किया जाएगा। एक्स-रे रिपोर्ट का एआई तकनीक के माध्यम से विश्लेषण कर टीबी के संदिग्ध मामलों की पहचान की जाएगी। जिन लोगों में टीबी की आशंका मिलेगी, उनकी पुष्टि के लिए नेट (NAAT) सहित अन्य आवश्यक जांच कराई जाएगी और मरीज मिलने पर तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा। बाल सुधार गृह के बच्चों की भी होगी जांच डीपीसी-टीबी हिमांशु शेखर ने बताया कि अभियान के तहत बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों को भी शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच के साथ टीबी स्क्रीनिंग करेगी। यदि किसी बच्चे में टीबी के लक्षण या संक्रमण की आशंका मिलती है तो उसका नि:शुल्क इलाज कराया जाएगा। जिले में चल रहा है सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रत्नेश्वर प्रसाद ने बताया कि जिले में 10 जुलाई से 30 जुलाई तक चलाए गए विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान के दौरान 10,14,112 लोगों की जांच की जा चुकी है। इस अवधि में 16,358 लोगों के छाती का एक्स-रे किया गया, जबकि 4,718 लोगों की नेट (NAAT) मशीन से जांच कराई गई। इसके अलावा 5,511 लोगों को टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (टीपीटी) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि संक्रमण की संभावना को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य टीबी मरीजों की जल्द पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। इसके लिए जिले में लगातार स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है और संवेदनशील समूहों को प्राथमिकता दी जा रही है... #टीवीउन्मूलन #स्वास्थ्य #Healthcare #saran #bihar #BiharHealth #nonfollowers

2 hrs ago
user_Anish Singh
Anish Singh
दरौंधा, सीवान, बिहार•
2 hrs ago

छपरा जेल में बंद कैदियों की एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टबल एक्सरे मशीन से होगी टीबी की जांच छपरा:बिहार में टीबी उन्मूलन की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। जिले में चल रहे सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान के तहत अब मंडल कारा में बंद सभी कैदियों की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन से टीबी की जांच की जाएगी। इसके साथ ही बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों की भी विशेष स्क्रीनिंग कर संभावित टीबी मरीजों की पहचान की जाएगी। अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने आठ सदस्यीय टीम का गठन कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जेल और बाल सुधार गृह जैसे बंद परिसरों में रहने वाले लोगों में टीबी संक्रमण फैलने का खतरा अपेक्षाकृत अधिक होता है। ऐसे में समय पर जांच और मरीजों की पहचान कर उपचार शुरू करना टीबी उन्मूलन अभियान की सफलता के लिए बेहद जरूरी है। एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से कम समय में बड़ी संख्या में लोगों की स्क्रीनिंग संभव होगी तथा संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान कर आगे की जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। सभी कैदियों की होगी स्क्रीनिंग सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि गठित टीम जेल परिसर में विशेष शिविर लगाएगी। शिविर के दौरान सभी कैदियों के सीने का डिजिटल एक्स-रे किया जाएगा। एक्स-रे रिपोर्ट का एआई तकनीक के माध्यम से विश्लेषण कर टीबी के संदिग्ध मामलों की पहचान की जाएगी। जिन लोगों में टीबी की आशंका मिलेगी, उनकी पुष्टि के लिए नेट (NAAT) सहित अन्य आवश्यक जांच कराई जाएगी और मरीज मिलने पर तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा। बाल सुधार गृह के बच्चों की भी होगी जांच डीपीसी-टीबी हिमांशु शेखर ने बताया कि अभियान के तहत बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों को भी शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच के साथ टीबी स्क्रीनिंग करेगी। यदि किसी बच्चे में टीबी के लक्षण या संक्रमण की आशंका मिलती है तो उसका नि:शुल्क इलाज कराया जाएगा। जिले में चल रहा है सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रत्नेश्वर प्रसाद ने बताया कि जिले में 10 जुलाई से 30 जुलाई तक चलाए गए विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान के दौरान 10,14,112 लोगों की जांच की जा चुकी है। इस अवधि में 16,358 लोगों के छाती का एक्स-रे किया गया, जबकि 4,718 लोगों की नेट (NAAT) मशीन से जांच कराई गई। इसके अलावा 5,511 लोगों को टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (टीपीटी) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि संक्रमण की संभावना को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य टीबी मरीजों की जल्द पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। इसके लिए जिले में लगातार स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है और संवेदनशील समूहों को प्राथमिकता दी जा रही है... #टीवीउन्मूलन #स्वास्थ्य #Healthcare #saran #bihar #BiharHealth #nonfollowers छपरा जेल में बंद कैदियों की एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टबल एक्सरे मशीन से होगी टीबी की जांच छपरा:बिहार में टीबी उन्मूलन की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। जिले में चल रहे सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान के तहत अब मंडल कारा में बंद सभी कैदियों की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन से टीबी की जांच की जाएगी। इसके साथ ही बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों की भी विशेष स्क्रीनिंग कर संभावित टीबी मरीजों की पहचान की जाएगी। अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने आठ सदस्यीय टीम का गठन कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जेल और बाल सुधार गृह जैसे बंद परिसरों में रहने वाले लोगों में टीबी संक्रमण फैलने का खतरा अपेक्षाकृत अधिक होता है। ऐसे में समय पर जांच और मरीजों की पहचान कर उपचार शुरू करना टीबी उन्मूलन अभियान की सफलता के लिए बेहद जरूरी है। एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से कम समय में बड़ी संख्या में लोगों की स्क्रीनिंग संभव होगी तथा संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान कर आगे की जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। सभी कैदियों की होगी स्क्रीनिंग सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि गठित टीम जेल परिसर में विशेष शिविर लगाएगी। शिविर के दौरान सभी कैदियों के सीने का डिजिटल एक्स-रे किया जाएगा। एक्स-रे रिपोर्ट का एआई तकनीक के माध्यम से विश्लेषण कर टीबी के संदिग्ध मामलों की पहचान की जाएगी। जिन लोगों में टीबी की आशंका मिलेगी, उनकी पुष्टि के लिए नेट (NAAT) सहित अन्य आवश्यक जांच कराई जाएगी और मरीज मिलने पर तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा। बाल सुधार गृह के बच्चों की भी होगी जांच डीपीसी-टीबी हिमांशु शेखर ने बताया कि अभियान के तहत बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों को भी शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच के साथ टीबी स्क्रीनिंग करेगी। यदि किसी बच्चे में टीबी के लक्षण या संक्रमण की आशंका मिलती है तो उसका नि:शुल्क इलाज कराया जाएगा। जिले में चल रहा है सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रत्नेश्वर प्रसाद ने बताया कि जिले में 10 जुलाई से 30 जुलाई तक चलाए गए विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान के दौरान 10,14,112 लोगों की जांच की जा चुकी है। इस अवधि में 16,358 लोगों के छाती का एक्स-रे किया गया, जबकि 4,718 लोगों की नेट (NAAT) मशीन से जांच कराई गई। इसके अलावा 5,511 लोगों को टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (टीपीटी) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि संक्रमण की संभावना को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य टीबी मरीजों की जल्द पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। इसके लिए जिले में लगातार स्क्रीनिंग अभियान 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शीघ्र पहचान कर आगे की जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। सभी कैदियों की होगी स्क्रीनिंग सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि गठित टीम जेल परिसर में विशेष शिविर लगाएगी। शिविर के दौरान सभी कैदियों के सीने का डिजिटल एक्स-रे किया जाएगा। एक्स-रे रिपोर्ट का एआई तकनीक के माध्यम से विश्लेषण कर टीबी के संदिग्ध मामलों की पहचान की जाएगी। जिन लोगों में टीबी की आशंका मिलेगी, उनकी पुष्टि के लिए नेट (NAAT) सहित अन्य आवश्यक जांच कराई जाएगी और मरीज मिलने पर तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा। बाल सुधार गृह के बच्चों की भी होगी जांच डीपीसी-टीबी हिमांशु शेखर ने बताया कि अभियान के तहत बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों को भी शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच के साथ टीबी स्क्रीनिंग करेगी। यदि किसी बच्चे में टीबी के लक्षण या संक्रमण की आशंका मिलती है तो उसका नि:शुल्क इलाज कराया जाएगा। जिले में चल रहा है सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रत्नेश्वर प्रसाद ने बताया कि जिले में 10 जुलाई से 30 जुलाई तक चलाए गए विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान के दौरान 10,14,112 लोगों की जांच की जा चुकी है। इस अवधि में 16,358 लोगों के छाती का एक्स-रे किया गया, जबकि 4,718 लोगों की नेट (NAAT) मशीन से जांच कराई गई। इसके अलावा 5,511 लोगों को टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (टीपीटी) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि संक्रमण की संभावना को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य टीबी मरीजों की जल्द पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। इसके लिए जिले में लगातार स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है और संवेदनशील समूहों को प्राथमिकता दी जा रही है... #टीवीउन्मूलन #स्वास्थ्य #Healthcare #saran #bihar #BiharHealth #nonfollowers छपरा जेल में बंद कैदियों की एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टबल एक्सरे मशीन से होगी टीबी की जांच छपरा:बिहार में टीबी उन्मूलन की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। जिले में चल रहे सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान के तहत अब मंडल कारा में बंद सभी कैदियों की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन से टीबी की जांच की जाएगी। इसके साथ ही बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों की भी विशेष स्क्रीनिंग कर संभावित टीबी मरीजों की पहचान की जाएगी। अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने आठ सदस्यीय टीम का गठन कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जेल और बाल सुधार गृह जैसे बंद परिसरों में रहने वाले लोगों में टीबी संक्रमण फैलने का खतरा अपेक्षाकृत अधिक होता है। ऐसे में समय पर जांच और मरीजों की पहचान कर उपचार शुरू करना टीबी उन्मूलन अभियान की सफलता के लिए बेहद जरूरी है। एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से कम समय में बड़ी संख्या में लोगों की स्क्रीनिंग संभव होगी तथा संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान कर आगे की जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। सभी कैदियों की होगी स्क्रीनिंग सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि गठित टीम जेल परिसर में विशेष शिविर लगाएगी। शिविर के दौरान सभी कैदियों के सीने का डिजिटल एक्स-रे किया जाएगा। एक्स-रे रिपोर्ट का एआई तकनीक के माध्यम से विश्लेषण कर टीबी के संदिग्ध मामलों की पहचान की जाएगी। जिन लोगों में टीबी की आशंका मिलेगी, उनकी पुष्टि के लिए नेट (NAAT) सहित अन्य आवश्यक जांच कराई जाएगी और मरीज मिलने पर तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा। बाल सुधार गृह के बच्चों की भी होगी जांच डीपीसी-टीबी हिमांशु शेखर ने बताया कि अभियान के तहत बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों को भी शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच के साथ टीबी स्क्रीनिंग करेगी। यदि किसी बच्चे में टीबी के लक्षण या संक्रमण की आशंका मिलती है तो उसका नि:शुल्क इलाज कराया जाएगा। जिले में चल रहा है सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रत्नेश्वर प्रसाद ने बताया कि जिले में 10 जुलाई से 30 जुलाई तक चलाए गए विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान के दौरान 10,14,112 लोगों की जांच की जा चुकी है। इस अवधि में 16,358 लोगों के छाती का एक्स-रे किया गया, जबकि 4,718 लोगों की नेट (NAAT) मशीन से जांच कराई गई। इसके अलावा 5,511 लोगों को टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (टीपीटी) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि संक्रमण की संभावना को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य टीबी मरीजों की जल्द पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। इसके लिए जिले में लगातार स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है और संवेदनशील समूहों को प्राथमिकता दी जा रही है... #टीवीउन्मूलन #स्वास्थ्य #Healthcare #saran #bihar #BiharHealth #nonfollowers
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    छपरा जेल में बंद कैदियों की एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टबल एक्सरे मशीन से होगी टीबी की जांच

छपरा:बिहार में टीबी उन्मूलन की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। जिले में चल रहे सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान के तहत अब मंडल कारा में बंद सभी कैदियों की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन से टीबी की जांच की जाएगी। इसके साथ ही बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों की भी विशेष स्क्रीनिंग कर संभावित टीबी मरीजों की पहचान की जाएगी। अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने आठ सदस्यीय टीम का गठन कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जेल और बाल सुधार गृह जैसे बंद परिसरों में रहने वाले लोगों में टीबी संक्रमण फैलने का खतरा अपेक्षाकृत अधिक होता है। ऐसे में समय पर जांच और मरीजों की पहचान कर उपचार शुरू करना टीबी उन्मूलन अभियान की सफलता के लिए बेहद जरूरी है। एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से कम समय में बड़ी संख्या में लोगों की स्क्रीनिंग संभव होगी तथा संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान कर आगे की जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाएगा।
सभी कैदियों की होगी स्क्रीनिंग
सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि गठित टीम जेल परिसर में विशेष शिविर लगाएगी। शिविर के दौरान सभी कैदियों के सीने का डिजिटल एक्स-रे किया जाएगा। एक्स-रे रिपोर्ट का एआई तकनीक के माध्यम से विश्लेषण कर टीबी के संदिग्ध मामलों की पहचान की जाएगी। जिन लोगों में टीबी की आशंका मिलेगी, उनकी पुष्टि के लिए नेट (NAAT) सहित अन्य आवश्यक जांच कराई जाएगी और मरीज मिलने पर तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा।
बाल सुधार गृह के बच्चों की भी होगी जांच
डीपीसी-टीबी हिमांशु शेखर ने बताया कि अभियान के तहत बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों को भी शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच के साथ टीबी स्क्रीनिंग करेगी। यदि किसी बच्चे में टीबी के लक्षण या संक्रमण की आशंका मिलती है तो उसका नि:शुल्क इलाज कराया जाएगा।
जिले में चल रहा है सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रत्नेश्वर प्रसाद ने बताया कि जिले में 10 जुलाई से 30 जुलाई तक चलाए गए विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान के दौरान 10,14,112 लोगों की जांच की जा चुकी है। इस अवधि में 16,358 लोगों के छाती का एक्स-रे किया गया, जबकि 4,718 लोगों की नेट (NAAT) मशीन से जांच कराई गई। इसके अलावा 5,511 लोगों को टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (टीपीटी) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि संक्रमण की संभावना को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य टीबी मरीजों की जल्द पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। इसके लिए जिले में लगातार स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है और संवेदनशील समूहों को प्राथमिकता दी जा रही है...
#टीवीउन्मूलन #स्वास्थ्य #Healthcare #saran #bihar #BiharHealth #nonfollowers
छपरा जेल में बंद कैदियों की एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टबल एक्सरे मशीन से होगी टीबी की जांच
छपरा:बिहार में टीबी उन्मूलन की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। जिले में चल रहे सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान के तहत अब मंडल कारा में बंद सभी कैदियों की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन से टीबी की जांच की जाएगी। इसके साथ ही बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों की भी विशेष स्क्रीनिंग कर संभावित टीबी मरीजों की पहचान की जाएगी। अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने आठ सदस्यीय टीम का गठन कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जेल और बाल सुधार गृह जैसे बंद परिसरों में रहने वाले लोगों में टीबी संक्रमण फैलने का खतरा अपेक्षाकृत अधिक होता है। ऐसे में समय पर जांच और मरीजों की पहचान कर उपचार शुरू करना टीबी उन्मूलन अभियान की सफलता के लिए बेहद जरूरी है। एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से कम समय में बड़ी संख्या में लोगों की स्क्रीनिंग संभव होगी तथा संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान कर आगे की जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाएगा।
सभी कैदियों की होगी स्क्रीनिंग
सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि गठित टीम जेल परिसर में विशेष शिविर लगाएगी। शिविर के दौरान सभी कैदियों के सीने का डिजिटल एक्स-रे किया जाएगा। एक्स-रे रिपोर्ट का एआई तकनीक के माध्यम से विश्लेषण कर टीबी के संदिग्ध मामलों की पहचान की जाएगी। जिन लोगों में टीबी की आशंका मिलेगी, उनकी पुष्टि के लिए नेट (NAAT) सहित अन्य आवश्यक जांच कराई जाएगी और मरीज मिलने पर तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा।
बाल सुधार गृह के बच्चों की भी होगी जांच
डीपीसी-टीबी हिमांशु शेखर ने बताया कि अभियान के तहत बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों को भी शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच के साथ टीबी स्क्रीनिंग करेगी। यदि किसी बच्चे में टीबी के लक्षण या संक्रमण की आशंका मिलती है तो उसका नि:शुल्क इलाज कराया जाएगा।
जिले में चल रहा है सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रत्नेश्वर प्रसाद ने बताया कि जिले में 10 जुलाई से 30 जुलाई तक चलाए गए विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान के दौरान 10,14,112 लोगों की जांच की जा चुकी है। इस अवधि में 16,358 लोगों के छाती का एक्स-रे किया गया, जबकि 4,718 लोगों की नेट (NAAT) मशीन से जांच कराई गई। इसके अलावा 5,511 लोगों को टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (टीपीटी) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि संक्रमण की संभावना को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य टीबी मरीजों की जल्द पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। इसके लिए जिले में लगातार स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है और संवेदनशील समूहों को प्राथमिकता दी जा रही है...
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    Anish Singh
    दरौंधा, सीवान, बिहार•
    2 hrs ago
  • पंचायत भवन में ग्रामरक्षा दल सह पुलिस मित्रों की प्रशिक्षण को लेकर समीक्षा हुई चर्चा आंदर प्रखंड के आसांव पंचायत भवन में जिला पर्यवेक्षक नीरज कुमार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार की दोपहर 1 बजे ग्रामरक्षा दल सह पुलिस मित्रों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने के साथ-साथ ग्राम स्तर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में ग्रामरक्षा दल सह पुलिस मित्रों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ग्रामरक्षा दल सह पुलिस मित्र पुलिस और आमजन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं।इनके माध्यम से गांवों में शांति व्यवस्था बनाए रखने, सामाजिक सौहार्द कायम रखने तथा असामाजिक तत्वों की गतिविधियों की समय पर सूचना पुलिस प्रशासन तक पहुंचाने में काफी मदद मिलती है। ऐसे में सभी सदस्यों को अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ निर्वहन करना चाहिए। बैठक में आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया गया।इस बैठक में प्रखंड अध्यक्ष दिनेश गुप्ता,पंचायत,लालबाबू राम,सुदीश यादव,अर्जुन भगत,राकेश कुमार चौधरी,सुजीत कुमार भारती,ब्रजेशमनी त्रिपाठी,ब्रजेश दूबे, मंतोष कुमार,बिजेंद्र कुमार,सोनू कुमार,जैतून निशा,बिंदा देवी, कमलावती देवी,श्याम सुंदर,लोकनाथ चौहान, संजय जयसवाल,मृत्युंजय कुमार,प्रभु पटेल,शिवकुमार समेत सैकड़ों ग्राम रक्षा दल सह पुलिस मित्र उपस्थित थे।
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    पंचायत भवन में ग्रामरक्षा दल सह पुलिस मित्रों की प्रशिक्षण को लेकर समीक्षा हुई चर्चा



आंदर प्रखंड के आसांव पंचायत भवन में जिला पर्यवेक्षक नीरज कुमार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार की दोपहर 1 बजे ग्रामरक्षा दल सह पुलिस मित्रों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने के साथ-साथ ग्राम स्तर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में ग्रामरक्षा दल सह पुलिस मित्रों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ग्रामरक्षा दल सह पुलिस मित्र पुलिस और आमजन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं।इनके माध्यम से गांवों में शांति व्यवस्था बनाए रखने, सामाजिक सौहार्द कायम रखने तथा असामाजिक तत्वों की गतिविधियों की समय पर सूचना पुलिस प्रशासन तक पहुंचाने में काफी मदद मिलती है। ऐसे में सभी सदस्यों को अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ निर्वहन करना चाहिए।
बैठक में आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया गया।इस बैठक में प्रखंड अध्यक्ष दिनेश गुप्ता,पंचायत,लालबाबू राम,सुदीश यादव,अर्जुन भगत,राकेश कुमार चौधरी,सुजीत कुमार भारती,ब्रजेशमनी त्रिपाठी,ब्रजेश दूबे, मंतोष कुमार,बिजेंद्र कुमार,सोनू कुमार,जैतून निशा,बिंदा देवी, कमलावती देवी,श्याम सुंदर,लोकनाथ चौहान, संजय जयसवाल,मृत्युंजय कुमार,प्रभु पटेल,शिवकुमार समेत सैकड़ों ग्राम रक्षा दल सह पुलिस मित्र उपस्थित थे।
    user_Sujit kumar
    Sujit kumar
    Local News Reporter अंदर, सीवान, बिहार•
    3 hrs ago
  • आसांव में ग्रामरक्षा दल सह पुलिस मित्रों के प्रशिक्षण को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित  आंदर प्रखंड के आसांव पंचायत भवन में जिला पर्यवेक्षक नीरज कुमार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार की दोपहर 1 बजे ग्रामरक्षा दल सह पुलिस मित्रों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने के साथ-साथ ग्राम स्तर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में ग्रामरक्षा दल सह पुलिस मित्रों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ग्रामरक्षा दल सह पुलिस मित्र पुलिस और आमजन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं।इनके माध्यम से गांवों में शांति व्यवस्था बनाए रखने, सामाजिक सौहार्द कायम रखने तथा असामाजिक तत्वों की गतिविधियों की समय पर सूचना पुलिस प्रशासन तक पहुंचाने में काफी मदद मिलती है। ऐसे में सभी सदस्यों को अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ निर्वहन करना चाहिए। बैठक में आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया गया।इस बैठक में प्रखंड अध्यक्ष दिनेश गुप्ता,पंचायत,लालबाबू राम,सुदीश यादव,अर्जुन भगत,राकेश कुमार चौधरी,सुजीत कुमार भारती,ब्रजेशमनी त्रिपाठी,ब्रजेश दूबे, मंतोष कुमार,बिजेंद्र कुमार,सोनू कुमार,जैतून निशा,बिंदा देवी, कमलावती देवी,श्याम सुंदर,लोकनाथ चौहान, संजय जयसवाल,मृत्युंजय कुमार,प्रभु पटेल,शिवकुमार समेत सैकड़ों ग्राम रक्षा दल सह पुलिस मित्र उपस्थित थे।
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    आसांव में ग्रामरक्षा दल सह पुलिस मित्रों के प्रशिक्षण को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित 
आंदर प्रखंड के आसांव पंचायत भवन में जिला पर्यवेक्षक नीरज कुमार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार की दोपहर 1 बजे ग्रामरक्षा दल सह पुलिस मित्रों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने के साथ-साथ ग्राम स्तर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में ग्रामरक्षा दल सह पुलिस मित्रों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ग्रामरक्षा दल सह पुलिस मित्र पुलिस और आमजन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं।इनके माध्यम से गांवों में शांति व्यवस्था बनाए रखने, सामाजिक सौहार्द कायम रखने तथा असामाजिक तत्वों की गतिविधियों की समय पर सूचना पुलिस प्रशासन तक पहुंचाने में काफी मदद मिलती है। ऐसे में सभी सदस्यों को अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ निर्वहन करना चाहिए।
बैठक में आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया गया।इस बैठक में प्रखंड अध्यक्ष दिनेश गुप्ता,पंचायत,लालबाबू राम,सुदीश यादव,अर्जुन भगत,राकेश कुमार चौधरी,सुजीत कुमार भारती,ब्रजेशमनी त्रिपाठी,ब्रजेश दूबे, मंतोष कुमार,बिजेंद्र कुमार,सोनू कुमार,जैतून निशा,बिंदा देवी, कमलावती देवी,श्याम सुंदर,लोकनाथ चौहान, संजय जयसवाल,मृत्युंजय कुमार,प्रभु पटेल,शिवकुमार समेत सैकड़ों ग्राम रक्षा दल सह पुलिस मित्र उपस्थित थे।
    user_Sujit kumar bharti
    Sujit kumar bharti
    Local News Reporter अंदर, सीवान, बिहार•
    5 hrs ago
  • yah Bihar Hai kuchh bhi Ho Sakta Hai
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    yah Bihar Hai kuchh bhi Ho Sakta Hai
    user_Mukesh kumar chaubey
    Mukesh kumar chaubey
    Farmer दरौली, सीवान, बिहार•
    53 min ago
  • बलिया भूमि विवाद: अदालती आदेश के बावजूद अवैध दावे का आरोप, भू-माफियाओं के गठजोड़ पर रामसकल गिरी का हमला बलिया भूमि विवाद: अदालती आदेश के बावजूद अवैध दावे का आरोप, भू-माफियाओं के गठजोड़ पर रामसकल गिरी का हमला
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    बलिया भूमि विवाद: अदालती आदेश के बावजूद अवैध दावे का आरोप, भू-माफियाओं के गठजोड़ पर रामसकल गिरी का हमला
बलिया भूमि विवाद: अदालती आदेश के बावजूद अवैध दावे का आरोप, भू-माफियाओं के गठजोड़ पर रामसकल गिरी का हमला
    user_Up top 10news
    Up top 10news
    Media & company बैरिया, बलिया, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • नॉर्मल डिलीवरी हो या ऑपरेशन, हर सुविधा अब कम खर्च में। #NewLifeHospitalSiwan #NormalDelivery #CesareanDelivery #AffordableHealthcare
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    नॉर्मल डिलीवरी हो या ऑपरेशन, हर सुविधा अब कम खर्च में।
#NewLifeHospitalSiwan #NormalDelivery #CesareanDelivery #AffordableHealthcare
    user_AGS live
    AGS live
    Local News Reporter बरौली, गोपालगंज, बिहार•
    22 hrs ago
  • please send video
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    please send video
    user_Mukesh kumar chaubey
    Mukesh kumar chaubey
    Farmer दरौली, सीवान, बिहार•
    1 hr ago
  • बलिया जनपद के सुखपुरा धरहरा चट्टी पर स्विफ्ट ने तीन को रौदा, एक की मौत, दो घायल, ड्राइवर को पुलिस ने पकड़ा.....
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    बलिया जनपद के सुखपुरा धरहरा चट्टी पर स्विफ्ट ने तीन को रौदा, एक की मौत, दो घायल, ड्राइवर को पुलिस ने पकड़ा.....
    user_बागी बलिया
    बागी बलिया
    बलिया, बलिया, उत्तर प्रदेश•
    40 min ago
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