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बलिया भूमि विवाद: अदालती आदेश के बावजूद अवैध दावे का आरोप, भू-माफियाओं के गठजोड़ पर रामसकल गिरी का हमला बलिया भूमि विवाद: अदालती आदेश के बावजूद अवैध दावे का आरोप, भू-माफियाओं के गठजोड़ पर रामसकल गिरी का हमला
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बलिया भूमि विवाद: अदालती आदेश के बावजूद अवैध दावे का आरोप, भू-माफियाओं के गठजोड़ पर रामसकल गिरी का हमला बलिया भूमि विवाद: अदालती आदेश के बावजूद अवैध दावे का आरोप, भू-माफियाओं के गठजोड़ पर रामसकल गिरी का हमला
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- बलिया भूमि विवाद: अदालती आदेश के बावजूद अवैध दावे का आरोप, भू-माफियाओं के गठजोड़ पर रामसकल गिरी का हमला बलिया भूमि विवाद: अदालती आदेश के बावजूद अवैध दावे का आरोप, भू-माफियाओं के गठजोड़ पर रामसकल गिरी का हमला1
- पटना इस्कॉन मंदिर में आतंकी हमले , ATS ने 1 आतंकवादी को मारा गोली, दो सुरक्षाकर्मी भी हुए घायल ।पूरा वीडियो देखे। पटना के इस्कॉन मंदिर परिसर में बुधवार को आतंकी हमले की स्थिति से निपटने के लिए हाई-लेवल मॉकड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास के दौरान तीन संदिग्ध आतंकियों के मंदिर में घुसने, बम धमाका करने और पुजारियों को बंधक बनाने का काल्पनिक दृश्य तैयार किया गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, ATS, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड, मेडिकल टीम, अग्निशमन विभाग और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। पूरे परिसर की घेराबंदी कर विशेष अभियान चलाया गया। जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी को "मार गिराने" और दूसरे के सरेंडर करने का प्रदर्शन किया गया, जबकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने और घायलों को प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया भी दिखाई गई। ATS के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी संभावित आतंकी हमले या आपात स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और बचाव व्यवस्था की तैयारियों को परखना था। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह केवल सुरक्षा अभ्यास (मॉकड्रिल) था और वास्तविक आतंकी हमला नहीं हुआ। #पटना #ISKCON #ATS #MockDrill #BiharPolice #Security #BreakingNews #BBNMediaLive1
- छपरा जेल में बंद कैदियों की एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टबल एक्सरे मशीन से होगी टीबी की जांच छपरा:बिहार में टीबी उन्मूलन की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। जिले में चल रहे सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान के तहत अब मंडल कारा में बंद सभी कैदियों की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन से टीबी की जांच की जाएगी। इसके साथ ही बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों की भी विशेष स्क्रीनिंग कर संभावित टीबी मरीजों की पहचान की जाएगी। अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने आठ सदस्यीय टीम का गठन कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जेल और बाल सुधार गृह जैसे बंद परिसरों में रहने वाले लोगों में टीबी संक्रमण फैलने का खतरा अपेक्षाकृत अधिक होता है। ऐसे में समय पर जांच और मरीजों की पहचान कर उपचार शुरू करना टीबी उन्मूलन अभियान की सफलता के लिए बेहद जरूरी है। एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से कम समय में बड़ी संख्या में लोगों की स्क्रीनिंग संभव होगी तथा संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान कर आगे की जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। सभी कैदियों की होगी स्क्रीनिंग सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि गठित टीम जेल परिसर में विशेष शिविर लगाएगी। शिविर के दौरान सभी कैदियों के सीने का डिजिटल एक्स-रे किया जाएगा। एक्स-रे रिपोर्ट का एआई तकनीक के माध्यम से विश्लेषण कर टीबी के संदिग्ध मामलों की पहचान की जाएगी। जिन लोगों में टीबी की आशंका मिलेगी, उनकी पुष्टि के लिए नेट (NAAT) सहित अन्य आवश्यक जांच कराई जाएगी और मरीज मिलने पर तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा। बाल सुधार गृह के बच्चों की भी होगी जांच डीपीसी-टीबी हिमांशु शेखर ने बताया कि अभियान के तहत बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों को भी शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच के साथ टीबी स्क्रीनिंग करेगी। यदि किसी बच्चे में टीबी के लक्षण या संक्रमण की आशंका मिलती है तो उसका नि:शुल्क इलाज कराया जाएगा। जिले में चल रहा है सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रत्नेश्वर प्रसाद ने बताया कि जिले में 10 जुलाई से 30 जुलाई तक चलाए गए विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान के दौरान 10,14,112 लोगों की जांच की जा चुकी है। इस अवधि में 16,358 लोगों के छाती का एक्स-रे किया गया, जबकि 4,718 लोगों की नेट (NAAT) मशीन से जांच कराई गई। इसके अलावा 5,511 लोगों को टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (टीपीटी) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि संक्रमण की संभावना को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य टीबी मरीजों की जल्द पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। इसके लिए जिले में लगातार स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है और संवेदनशील समूहों को प्राथमिकता दी जा रही है... #टीवीउन्मूलन #स्वास्थ्य #Healthcare #saran #bihar #BiharHealth #nonfollowers छपरा जेल में बंद कैदियों की एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टबल एक्सरे मशीन से होगी टीबी की जांच छपरा:बिहार में टीबी उन्मूलन की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। जिले में चल रहे सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान के तहत अब मंडल कारा में बंद सभी कैदियों की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन से टीबी की जांच की जाएगी। इसके साथ ही बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों की भी विशेष स्क्रीनिंग कर संभावित टीबी मरीजों की पहचान की जाएगी। अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने आठ सदस्यीय टीम का गठन कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जेल और बाल सुधार गृह जैसे बंद परिसरों में रहने वाले लोगों में टीबी संक्रमण फैलने का खतरा अपेक्षाकृत अधिक होता है। ऐसे में समय पर जांच और मरीजों की पहचान कर उपचार शुरू करना टीबी उन्मूलन अभियान की सफलता के लिए बेहद जरूरी है। एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से कम समय में बड़ी संख्या में लोगों की स्क्रीनिंग संभव होगी तथा संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान कर आगे की जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। सभी कैदियों की होगी स्क्रीनिंग सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि गठित टीम जेल परिसर में विशेष शिविर लगाएगी। शिविर के दौरान सभी कैदियों के सीने का डिजिटल एक्स-रे किया जाएगा। एक्स-रे रिपोर्ट का एआई तकनीक के माध्यम से विश्लेषण कर टीबी के संदिग्ध मामलों की पहचान की जाएगी। जिन लोगों में टीबी की आशंका मिलेगी, उनकी पुष्टि के लिए नेट (NAAT) सहित अन्य आवश्यक जांच कराई जाएगी और मरीज मिलने पर तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा। बाल सुधार गृह के बच्चों की भी होगी जांच डीपीसी-टीबी हिमांशु शेखर ने बताया कि अभियान के तहत बाल सुधार गृह में रह रहे बच्चों को भी शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच के साथ टीबी स्क्रीनिंग करेगी। यदि किसी बच्चे में टीबी के लक्षण या संक्रमण की आशंका मिलती है तो उसका नि:शुल्क इलाज कराया जाएगा। जिले में चल रहा है सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रत्नेश्वर प्रसाद ने बताया कि जिले में 10 जुलाई से 30 जुलाई तक चलाए गए विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान के दौरान 10,14,112 लोगों की जांच की जा चुकी है। इस अवधि में 16,358 लोगों के छाती का एक्स-रे किया गया, जबकि 4,718 लोगों की नेट (NAAT) मशीन से जांच कराई गई। इसके अलावा 5,511 लोगों को टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (टीपीटी) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि संक्रमण की संभावना को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य टीबी मरीजों की जल्द पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। इसके लिए जिले में लगातार स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है और संवेदनशील समूहों को प्राथमिकता दी जा रही है... #टीवीउन्मूलन #स्वास्थ्य #Healthcare #saran #bihar #BiharHealth #nonfollowers1
- महावीर मंदिर परिसर में विभिन्न मुद्दों को लेकर मंदिर समिति की बैठक हुई आयोजित देखें व सुनें -1
- विरेन्द्र मिश्रा प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी भोजपुर जिला कांग्रेस कमिटी शहीद भवन आरा गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पूज्य श्री त्रिदंडी स्वामी समाधि स्थल धाम बक्सर में श्रद्धालुओं ने श्रद्धा पूर्वक ब्रह्मलीन पूज्य श्री त्रिदंडी स्वामी की पूजा अर्चना की जिसमें पूज्य श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी के शिष्य एवं आरा बड़ी मठिया के महंत श्री अयोध्या नाथ जी स्वामी के देखरेख में संपन्न हुआ पूज्य अयोध्या नाथ जी स्वामी बक्सर धाम के महंत के साथ-साथ आर बड़ी मठिया के भी महंत है और उनके कुशल नेतृत्व में दोनों आश्रमों का संचालन एवं देखरेख किया जाता है1
- माध्यमिक शिक्षकों ने डीआईओएस कार्यालय पर दिया धरना, पुरानी पेंशन बहाली समेत कई मांगों को लेकर उठाई आवाज बलिया। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर शुक्रवार को सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाली, समाप्त किए गए भत्तों की बहाली और शिक्षकों की सेवा सुरक्षा समेत विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। धरना सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश संरक्षक विजय कुमार सिंह ने कहा कि संगठन ने अपने संघर्षों के बल पर सेवा सुरक्षा, वेतन वितरण अधिनियम, पेंशन, मृतक आश्रित नियुक्ति, चयन आयोग का गठन और अन्य कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षकों की समस्याएं बढ़ रही हैं। नई पेंशन योजना से सेवानिवृत्त शिक्षकों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने शिक्षकों से संगठन को मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि शिक्षक एकजुट नहीं हुए तो पूर्व में हासिल उपलब्धियां भी प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने सहायता प्राप्त विद्यालयों में वेतन वितरण व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। धरने की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष जयशेर बहादुर सिंह ने की, जबकि संचालन जिला मंत्री जयनारायण कन्नौजिया ने किया। इस अवसर पर देव कुमार सिंह, अशोक कुमार सिंह, राम प्रीति यादव, डॉ. श्याम कुमार सिंह, उपेंद्र शर्मा, आदित्य पांडेय, गोवर्धन पांडेय, अजय कुमार सिंह, अनिल कुमार पांडेय, सुभाष सिंह, केडी मिश्रा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। शिक्षकों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपा।1
- बांकीपुर उपचुनाव सम्पन्न जन सुराज अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष अशरफ़ रजा़ खान से प्रेसवार्ता1