प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र स्थित कुकुरकटवा गांव में हुए तिहरे हत्याकांड के पीड़ित परिवार से बृहस्पतिवार को कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने मुलाकात की। उनके साथ प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, मंडलायुक्त जोगेंद्र कुमार और डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद यादव भी मौजूद रहे। इस दौरान कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष से 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। यह सनसनीखेज हत्याकांड, जिसमें एक ही परिवार के तीन लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी, ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था और क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था। प्रारंभिक पुलिस जांच के अनुसार, यह वारदात प्रेम प्रसंग से जुड़े विवाद के चलते हुई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने तत्काल संज्ञान लिया था और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने कहा कि प्रदेश सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, इस जघन्य हत्याकांड में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। इस मुलाकात के दौरान, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने पीड़ित परिवार की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को मुख्य मार्ग से उनके घर तक रास्ते की व्यवस्था शीघ्र कराने के निर्देश दिए। उन्होंने परिजनों को निष्पक्ष जांच, त्वरित कार्रवाई और न्याय का भरोसा दिलाया। मंडलायुक्त जोगेंद्र कुमार और डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद यादव ने भी परिजनों को आश्वस्त किया कि मामले की विवेचना तेजी से की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी दोहराया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र स्थित कुकुरकटवा गांव में हुए तिहरे हत्याकांड के पीड़ित परिवार से बृहस्पतिवार को कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने मुलाकात की। उनके साथ प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, मंडलायुक्त जोगेंद्र कुमार और डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद यादव भी मौजूद रहे। इस दौरान कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष से 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। यह सनसनीखेज हत्याकांड, जिसमें एक ही परिवार के तीन लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी, ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था और क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था। प्रारंभिक पुलिस जांच के अनुसार, यह वारदात प्रेम प्रसंग से जुड़े विवाद के चलते हुई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने तत्काल संज्ञान लिया था और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने कहा कि प्रदेश सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, इस जघन्य हत्याकांड में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। इस मुलाकात के दौरान, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने पीड़ित परिवार की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को मुख्य मार्ग से उनके घर तक रास्ते की व्यवस्था शीघ्र कराने के निर्देश दिए। उन्होंने परिजनों को निष्पक्ष जांच, त्वरित कार्रवाई और न्याय का भरोसा दिलाया। मंडलायुक्त जोगेंद्र कुमार और डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद यादव ने भी परिजनों को आश्वस्त किया कि मामले की विवेचना तेजी से की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी दोहराया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र स्थित कुकुरकटवा गांव में हुए तिहरे हत्याकांड के पीड़ित परिवार से बृहस्पतिवार को कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने मुलाकात की। उनके साथ प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, मंडलायुक्त जोगेंद्र कुमार और डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद यादव भी मौजूद रहे। इस दौरान कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष से 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। यह सनसनीखेज हत्याकांड, जिसमें एक ही परिवार के तीन लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी, ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था और क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था। प्रारंभिक पुलिस जांच के अनुसार, यह वारदात प्रेम प्रसंग से जुड़े विवाद के चलते हुई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने तत्काल संज्ञान लिया था और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने कहा कि प्रदेश सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, इस जघन्य हत्याकांड में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। इस मुलाकात के दौरान, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने पीड़ित परिवार की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को मुख्य मार्ग से उनके घर तक रास्ते की व्यवस्था शीघ्र कराने के निर्देश दिए। उन्होंने परिजनों को निष्पक्ष जांच, त्वरित कार्रवाई और न्याय का भरोसा दिलाया। मंडलायुक्त जोगेंद्र कुमार और डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद यादव ने भी परिजनों को आश्वस्त किया कि मामले की विवेचना तेजी से की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी दोहराया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।1
- प्रयागराज के मेजा क्षेत्र स्थित कुकुरकटवा गांव में हुए तिहरे हत्याकांड के पीड़ित परिवार को प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ ने 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। मंत्री नन्दी दूसरी बार पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और उन्हें 5, 5, 5 लाख रुपये के तीन चेक सौंपकर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। यह सहायता राशि सरकारी खाते से दी गई है। इस दौरान उनके साथ जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, पुलिस कमिश्नर प्रयागराज जोगेंद्र कुमार, डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद यादव, मेजा थाना प्रभारी नितेंद्र कुमार और मांडा थाना प्रभारी अनिल कुमार वर्मा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद सरकार इस मामले में सक्रिय दिख रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ही पीड़ित परिवार को यह 15 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। मंत्री नन्दी ने परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भी भरोसा दिलाया।1
- प्रयागराज जिले के जिगना थाना क्षेत्र के भीलगौर, गौरा स्थित एक पुस्तैनी मकान पर अवैध कब्जे और लाखों रुपये की संपत्ति हड़पने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले को लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। संजय कुमार उपाध्याय ने शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप है कि उनकी पुस्तैनी संपत्ति पर कुछ व्यक्तियों ने गैरकानूनी तरीके से कब्जा कर लिया है और लाखों रुपये की संपत्ति हड़प ली है। पुलिस अब इस मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है।1
- मेजा कुकुर कटवा में आज एक पीड़ित परिवार को 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली है। यह सहायता पीड़ित परिवार को प्रदान की गई है।4
- प्रयागराज के कोरांव थाना क्षेत्र में बड़ोखर चौकी प्रभारी पर एक गंभीर आरोप लगा है, जहाँ एक छात्रा के अपहरण के मामले में पीड़ित पिता से उसकी बरामदगी के लिए कथित तौर पर पचास हजार रुपए की माँग की गई है। इस आरोप से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बड़ोखर निवासी अमरनाथ कुशवाहा ने बताया कि उनकी नाबालिग बेटी स्कूल जाते समय गायब हो गई थी, जिसकी रिपोर्ट उन्होंने कोरांव थाने में दर्ज कराई थी। कुशवाहा का आरोप है कि चौकी प्रभारी बड़ोखर प्रहलाद पाल, जो इस मामले के विवेचक भी हैं, ने उनसे कहा कि यदि वे पचास हजार रुपए देते हैं, तभी गायब हुई छात्रा की बरामदगी की जाएगी। आरोप है कि राशि न देने पर उन्हें चौकी से भगा दिया जाता है। बुजुर्ग पिता द्वारा चौकी प्रभारी पर लगाए गए इन आरोपों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। हालांकि, 'शुरू' एप इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता।1
- लखनऊ में क्राइम ब्रांच ने एक अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर पर बड़ी कार्रवाई की है। समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर 14 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद इस अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर का पर्दाफाश हुआ। इस कार्रवाई में कुल 119 साइबर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। यह बड़ी कार्रवाई ADCP क्राइम किरण यादव के नेतृत्व में की गई, जिन्होंने इस संबंध में एक बड़ा बयान भी दिया है।1
- प्रयागराज के मेजा में एक बार फिर दारोगा एहरियम सिंह की गुंडई सामने आई है, जहाँ उन्होंने पत्नी से मामूली विवाद के चलते एक पति को बर्बरतापूर्वक पीटा। मिली जानकारी के अनुसार, दारोगा ने बंद कमरे में आधे घंटे तक पीड़ित पति पर लाठी-डंडों के साथ लात-घूसे भी बरसाए। पीड़ित के शरीर पर मौजूद चोट के लाल निशान इस बर्बरता को स्पष्ट रूप से बयां कर रहे हैं। इस घटना के बाद पुलिस के रवैये पर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ 'रक्षक ही भक्षक बन गया' की कहावत चरितार्थ होती दिख रही है। मामले को लेकर कमिश्नर साहब की चुप्पी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि आरोप है कि दबंग दारोगा ने सारी हदें पार कर यह पिटाई की। पोस्टर में कहा गया है कि योगी सरकार में पुलिस की यह खुलेआम गुंडई जनता को खून के आंसू रोने पर मजबूर कर रही है और दबंग दारोगा पर किस अधिकारी का हाथ है, यह भी बड़ा सवाल है। अधिकारियों पर भी इस दबंग दारोगा के भारी पड़ने का आरोप है, और पोस्टर में योगी सरकार से इस 'राक्षसी रूप' अपना चुकी पुलिस की पुकार सुनने की अपील की गई है।1