सागर जिले के गौरझामर में रहली-सालावारा जाने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग जनप्रतिनिधियों की अरुचि के कारण वर्षों से बदहाल स्थिति में है। यदि इस मार्ग का निर्माण हो जाता, तो यह यात्रा की दूरी को 7 किलोमीटर तक कम कर देता। यह मार्ग 400 से अधिक घरों, एक शासकीय प्राथमिक विद्यालय, आंगनवाड़ी भवन, कचरा रीसायकल सेंटर, बेलघाट डैम, और सुनार नदी पर वार्ड 20 के निवासियों के लिए रहली मार्ग तक पहुँचने का सबसे सरल और सुगम रास्ता है। बावजूद इसके, सड़क का उद्धार संभव नहीं दिख रहा। पिछले दशकों में, इस ग्रेवल सड़क को कभी पी डब्लू डी तो कभी आर ई एस के पाले में डाल दिया जाता है, और फिर ग्राम पंचायत द्वारा निर्माण कार्य पर चर्चा होती है। हालांकि, इसे अक्सर 'खेत सड़क मार्ग' बताकर सुधार प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाता है। विभागों द्वारा सही मार्गदर्शन न दिए जाने के कारण, इस बहुउपयोगी मार्ग पर केवल दो स्लिप पुलिया का निर्माण हुआ है, और यह मार्ग अभी भी कच्चा और कीचड़नुमा बना हुआ है।
सागर जिले के गौरझामर में रहली-सालावारा जाने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग जनप्रतिनिधियों की अरुचि के कारण वर्षों से बदहाल स्थिति में है। यदि इस मार्ग का निर्माण हो जाता, तो यह यात्रा की दूरी को 7 किलोमीटर तक कम कर देता। यह मार्ग 400 से अधिक घरों, एक शासकीय प्राथमिक विद्यालय, आंगनवाड़ी भवन, कचरा रीसायकल सेंटर, बेलघाट डैम, और सुनार नदी पर वार्ड 20 के निवासियों के लिए रहली मार्ग तक पहुँचने का सबसे सरल और सुगम रास्ता है। बावजूद इसके, सड़क का उद्धार संभव नहीं दिख रहा। पिछले दशकों में, इस ग्रेवल सड़क को कभी पी डब्लू डी तो कभी आर ई एस के पाले में डाल दिया जाता है, और फिर ग्राम पंचायत द्वारा निर्माण कार्य पर चर्चा होती है। हालांकि, इसे अक्सर 'खेत सड़क मार्ग' बताकर सुधार प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाता है। विभागों द्वारा सही मार्गदर्शन न दिए जाने के कारण, इस बहुउपयोगी मार्ग पर केवल दो स्लिप पुलिया का निर्माण हुआ है, और यह मार्ग अभी भी कच्चा और कीचड़नुमा बना हुआ है।
- सागर जिले के गौरझामर में रहली-सालावारा जाने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग जनप्रतिनिधियों की अरुचि के कारण वर्षों से बदहाल स्थिति में है। यदि इस मार्ग का निर्माण हो जाता, तो यह यात्रा की दूरी को 7 किलोमीटर तक कम कर देता। यह मार्ग 400 से अधिक घरों, एक शासकीय प्राथमिक विद्यालय, आंगनवाड़ी भवन, कचरा रीसायकल सेंटर, बेलघाट डैम, और सुनार नदी पर वार्ड 20 के निवासियों के लिए रहली मार्ग तक पहुँचने का सबसे सरल और सुगम रास्ता है। बावजूद इसके, सड़क का उद्धार संभव नहीं दिख रहा। पिछले दशकों में, इस ग्रेवल सड़क को कभी पी डब्लू डी तो कभी आर ई एस के पाले में डाल दिया जाता है, और फिर ग्राम पंचायत द्वारा निर्माण कार्य पर चर्चा होती है। हालांकि, इसे अक्सर 'खेत सड़क मार्ग' बताकर सुधार प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाता है। विभागों द्वारा सही मार्गदर्शन न दिए जाने के कारण, इस बहुउपयोगी मार्ग पर केवल दो स्लिप पुलिया का निर्माण हुआ है, और यह मार्ग अभी भी कच्चा और कीचड़नुमा बना हुआ है।1
- आम आदमी पार्टी (आप) की सागर जिला इकाई ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) सागर में महिला डॉक्टरों के साथ हुई अभद्रता और दुर्व्यवहार के मामले में कड़ा विरोध दर्ज कराया है। शहर में लगातार भारी बारिश के बावजूद, आप कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने सागर जिलाध्यक्ष इंजीनियर डी.के. सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ केवल खानापूर्ति न की जाए, बल्कि सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। मीडिया से बात करते हुए, इंजी. डी.के. सिंह ने कहा कि कार्यस्थलों पर महिला डॉक्टरों की सुरक्षा 'भगवान भरोसे' है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि जो डॉक्टर दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं, वे आज अपने कार्यस्थल पर ही सुरक्षित नहीं हैं। बीएमसी जैसी प्रतिष्ठित संस्था में महिला डॉक्टर के साथ हुई अभद्रता को उन्होंने बेहद शर्मनाक और निंदनीय बताया। सिंह ने शासन-प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अस्पतालों में डॉक्टरों, विशेषकर महिला स्वास्थ्य कर्मियों को सुरक्षित माहौल नहीं मिलेगा, तो वे भयमुक्त होकर अपनी सेवाएं कैसे दे पाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी इस मामले में मूकदर्शक बनकर नहीं बैठेगी और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उन पर सख्त धाराएं लगाने की मांग की। आप के संगठन मंत्री पुष्पेन्द्र राजपूत ने कुछ प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें महिला डॉक्टर के साथ अभद्रता करने वाले असामाजिक तत्वों की तत्काल गिरफ्तारी शामिल है, वह भी बिना किसी राजनीतिक दबाव के और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कड़ी कार्रवाई के साथ। इसके अतिरिक्त, बीएमसी परिसर और संवेदनशील वार्डों में सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता ऑडिट करने, सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाने और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सख्त करने की मांग की गई। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक जांच की भी वकालत की। इस दौरान ज्ञापन सौंपते समय जिलाध्यक्ष इंजी. डी.के. सिंह के साथ जिला संगठन मंत्री पुष्पेंद्र राजपूत, जिला उपाध्यक्ष आशुतोष कुर्मी, आरटीआई विंग जिला अध्यक्ष प्रदीप जैन, मीडिया प्रभारी संजेश कश्यप, जिला संयुक्त सचिव लक्ष्मीकांत राज, ज्योतिष सोनी, मयंक खरे और कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने इस मामले में जल्द और ठोस कदम नहीं उठाए, तो आम आदमी पार्टी जिलाध्यक्ष इंजीनियर डी.के. सिंह के नेतृत्व में सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।3
- नर्सिंगपुर जिले के ढिलवार में छात्र-छात्राएं एक जर्जर भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले के गढ़ाकोटा क्षेत्र में निवासियों को सड़क की गंभीर बदहाली के कारण भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, उनके 'कॉमेडी के रास्ते' की स्थिति इतनी खराब है कि इसके चलते स्कूली बच्चे भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए सरपंच-सचिव से कई बार संपर्क कर सड़क का निर्माण करवाने या मुरम डलवाने का आग्रह किया है। हालांकि, उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है और सरपंच-सचिव उनकी समस्याओं को सुनने से मना कर रहे हैं।1
- करेली के स्थानीय पीएम श्री कन्या विद्यालय में एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान विधायक निधि से नवनिर्मित भव्य टीन शेड का लोकार्पण किया गया। इस आयोजन के मुख्य अतिथि पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल रहे, जहाँ विद्यालय की छात्राओं को साइकिलें भी वितरित की गईं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्य अतिथि श्री पटेल ने शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि इस टीन शेड के निर्माण से छात्राओं को धूप और बारिश से राहत मिलेगी, जिससे उन्हें एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होगा। श्री पटेल ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है, और साइकिल वितरण इसी दिशा में उठाया गया एक सकारात्मक कदम है। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सुशीला ममार, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्रीमती अनीता नेमा, विधायक प्रतिनिधि ब्रजेश माते और मंडल अध्यक्ष श्री जितेंद्र स्वामी सहित कई गणमान्य व्यक्ति विशेष रूप से उपस्थित रहे। विद्यालय की प्राचार्य श्रद्धा श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्षदगण, मंडल पदाधिकारी, पार्टी कार्यकर्ता, मातृशक्ति, विद्यालय का समस्त स्टाफ और छात्राएं मौजूद थीं।4
- करेली में छात्राओं को एक नई सौगात मिली है, जहाँ विधायक निधि का उपयोग कर बनाए गए टीन शेड का लोकार्पण किया गया। इसी अवसर पर छात्राओं को साइकिलों का वितरण भी किया गया, जिससे उनकी खुशी बढ़ गई।1
- मध्यप्रदेश पुलिस के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया (आईपीएस) के नेतृत्व में, सागर जिले के बंडा पुलिस अनुभाग द्वारा चलाए गए 15 दिवसीय विशेष साइबर जागरूकता 'सेफ क्लिक 2.0 अभियान–2026' का 08 जुलाई 2026 को शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय, बंडा में भव्य समापन हुआ। इस दौरान 300 से अधिक विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा जागरूकता रैली निकाली और 'सोचें... समझें... फिर क्लिक करें' का महत्वपूर्ण संदेश जन-जन तक पहुँचाया। समारोह की शुरुआत से पहले, लगभग 300 छात्र-छात्राओं ने शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय से बड़ा चौराहा, गांधी प्रतिमा और भारत चौराहा होते हुए पूरे नगर में एक विशाल साइबर सुरक्षा जागरूकता रैली निकाली। विद्यार्थियों ने 'सजग नागरिक–सुरक्षित समाज', 'OTP किसी से साझा न करें', और 'साइबर अपराध से बचें, सतर्क रहें' जैसे नारों के माध्यम से नागरिकों को जागरूक किया। समापन समारोह में पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया (आईपीएस) मुख्य अतिथि और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) जयवीर सिंह भदौरिया विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। उप पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी बंडा प्रदीप वाल्मीकि ने अभियान का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक बंडा विकासखंड के विद्यालयों में चित्रकला, पोस्टर, स्लोगन, निबंध, भाषण, कविता, साइबर क्विज, एकल एवं समूह गायन, वाद-विवाद तथा नुक्कड़ नाटक जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। अपने संबोधन में, मुख्य अतिथि अनुराग सुजानिया ने डिजिटल युग में प्रत्येक नागरिक के लिए साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने, अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी और पासवर्ड साझा न करने और साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करने का आह्वान किया। उन्होंने सभी उपस्थित विद्यार्थियों और नागरिकों को साइबर सुरक्षा की शपथ भी दिलाई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया ने जागरूकता को साइबर अपराधों की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका बताते हुए, प्रत्येक विद्यार्थी को अपने परिवार का 'साइबर सुरक्षा दूत' बनने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर, भाषण, एकल गायन, चित्रकला, पोस्टर, स्लोगन, साइबर क्विज, निबंध, कविता लेखन, नुक्कड़ नाटक और वाद-विवाद जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि द्वारा प्रमाण-पत्र, मेडल और सम्मान प्रदान किए गए। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मुख्य संयोजक प्रदीप वाल्मीकि के नेतृत्व में संजय सेन, राजेश राजपूत, रंजीत गौर, दिवाकर मिश्रा, रविन्द्र सिरोही, राजेश तिवारी, शुभम नामदेव, सविता खरे, मनीष विश्वकर्मा, शुभम ठाकुर, राजेश लोधी, थाना प्रभारी निरीक्षक राजेन्द्र सिंह कुशवाहा, उपनिरीक्षक राज रोहित सहित पुलिस बल और विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों ने भी अभियान के प्रचार-प्रसार में सक्रिय सहयोग दिया। कार्यक्रम का समापन 'सोचें... समझें... फिर क्लिक करें' और 'सजग नागरिक–सुरक्षित समाज' के सामूहिक संकल्प, साइबर सुरक्षा शपथ और आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए दोहराया कि जागरूक युवा ही एक सुरक्षित डिजिटल भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं।2
- तेन्दूखेडा क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। इस गंभीर स्थिति के कारण स्थानीय मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1