झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के विभाग के अंतर्गत आने वाले चाईबासा सदर अस्पताल से लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। 29 जून को अस्पताल के कर्मचारियों ने एक मरीज को गलत ब्लड ग्रुप का खून चढ़ा दिया, जिसके कारण मरीज की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, 48 वर्षीय मरीज सुरेंद्र बोईपाई को इलाज के लिए भर्ती किया गया था और डॉक्टरों ने उन्हें 6 यूनिट ब्लड चढ़ाने की सलाह दी थी। अस्पताल के पैथोलॉजी लैब में हुई पहली जांच में मरीज का ब्लड ग्रुप AB+ बताया गया, जिसके आधार पर बिना किसी दोबारा क्रॉस-चेक के तत्काल 1 यूनिट AB+ ब्लड चढ़ा दिया गया। गलत खून चढ़ने के बाद मरीज की तबीयत बिगड़ने लगी, जिस पर डॉक्टरों के निर्देश पर दोबारा ब्लड ग्रुप की जांच की गई। दूसरी जांच रिपोर्ट में मरीज का असली ब्लड ग्रुप O+ सामने आया, जिससे अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में मरीज का बचाव उपचार शुरू किया गया। स्वास्थ्य विभाग और मंत्री इरफान अंसारी के अंतर्गत आने वाले इस प्रतिष्ठित सरकारी अस्पताल में हुई इस जानलेवा चूक को लेकर परिजनों में भारी आक्रोश है। मामले की संवेदनशीलता और विभाग की किरकिरी को देखते हुए सिविल सर्जन ने तुरंत कार्रवाई की है। सिविल सर्जन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए 3 सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है, जिसे जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने और दोषियों को चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है।
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के विभाग के अंतर्गत आने वाले चाईबासा सदर अस्पताल से लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। 29 जून को अस्पताल के कर्मचारियों ने एक मरीज को गलत ब्लड ग्रुप का खून चढ़ा दिया, जिसके कारण मरीज की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, 48 वर्षीय मरीज सुरेंद्र बोईपाई को इलाज के लिए भर्ती किया गया था और डॉक्टरों ने उन्हें 6 यूनिट ब्लड चढ़ाने की सलाह दी थी। अस्पताल
के पैथोलॉजी लैब में हुई पहली जांच में मरीज का ब्लड ग्रुप AB+ बताया गया, जिसके आधार पर बिना किसी दोबारा क्रॉस-चेक के तत्काल 1 यूनिट AB+ ब्लड चढ़ा दिया गया। गलत खून चढ़ने के बाद मरीज की तबीयत बिगड़ने लगी, जिस पर डॉक्टरों के निर्देश पर दोबारा ब्लड ग्रुप की जांच की गई। दूसरी जांच रिपोर्ट में मरीज का असली ब्लड ग्रुप O+ सामने आया, जिससे अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में मरीज का बचाव उपचार शुरू
किया गया। स्वास्थ्य विभाग और मंत्री इरफान अंसारी के अंतर्गत आने वाले इस प्रतिष्ठित सरकारी अस्पताल में हुई इस जानलेवा चूक को लेकर परिजनों में भारी आक्रोश है। मामले की संवेदनशीलता और विभाग की किरकिरी को देखते हुए सिविल सर्जन ने तुरंत कार्रवाई की है। सिविल सर्जन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए 3 सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है, जिसे जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने और दोषियों को चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है।
- झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के विभाग के अंतर्गत आने वाले चाईबासा सदर अस्पताल से लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। 29 जून को अस्पताल के कर्मचारियों ने एक मरीज को गलत ब्लड ग्रुप का खून चढ़ा दिया, जिसके कारण मरीज की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, 48 वर्षीय मरीज सुरेंद्र बोईपाई को इलाज के लिए भर्ती किया गया था और डॉक्टरों ने उन्हें 6 यूनिट ब्लड चढ़ाने की सलाह दी थी। अस्पताल के पैथोलॉजी लैब में हुई पहली जांच में मरीज का ब्लड ग्रुप AB+ बताया गया, जिसके आधार पर बिना किसी दोबारा क्रॉस-चेक के तत्काल 1 यूनिट AB+ ब्लड चढ़ा दिया गया। गलत खून चढ़ने के बाद मरीज की तबीयत बिगड़ने लगी, जिस पर डॉक्टरों के निर्देश पर दोबारा ब्लड ग्रुप की जांच की गई। दूसरी जांच रिपोर्ट में मरीज का असली ब्लड ग्रुप O+ सामने आया, जिससे अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में मरीज का बचाव उपचार शुरू किया गया। स्वास्थ्य विभाग और मंत्री इरफान अंसारी के अंतर्गत आने वाले इस प्रतिष्ठित सरकारी अस्पताल में हुई इस जानलेवा चूक को लेकर परिजनों में भारी आक्रोश है। मामले की संवेदनशीलता और विभाग की किरकिरी को देखते हुए सिविल सर्जन ने तुरंत कार्रवाई की है। सिविल सर्जन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए 3 सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है, जिसे जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने और दोषियों को चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है।3
- चाईबासा के सोनुआ - चक्रधरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) मुख्य सड़क पर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने सड़क किनारे चल रही एक महिला शिक्षिका को टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर के कारण शिक्षिका की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने तत्काल ही सड़क पर शिक्षिका के शव को रखकर पूरी तरह से सड़क जाम कर दिया है, जिससे आवागमन बाधित हो गया।1
- गोइलकेरा थाना क्षेत्र के सैतबा गांव के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक और ओडी कार की टक्कर हो गई, जिसमें गोइलकेरा के नूगड़ी निवासी 50 वर्षीय पूर्व सैनिक सुरेंद्र जामुदा की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब सुरेंद्र जामुदा अपने भाई के साथ चाकोपसाई से अपने घर नुगड़ी लौट रहे थे। मृतक के पुत्र सुनील कुमार जामुदा ने बताया कि सैतबा गांव के पास सामने से आ रही एक ओडी कार से उनकी बाइक की टक्कर हो गई। हादसे में गंभीर रूप से जख्मी सुरेंद्र जामुदा को ग्रामीण और परिजन तुरंत इलाज के लिए चाईबासा सदर अस्पताल ले गए, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो चुकी थी। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना की सूचना मिलने पर गोइलकेरा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल, पुलिस दुर्घटना के कारणों की पड़ताल कर रही है। इस दुखद घटना के बाद मृतक के परिवार में गहरा मातम पसरा हुआ है।1
- सरायकेला जिले के कुचाई थाना अंतर्गत बंदलोहर पंचायत में स्थित नुवांगांव टोला सांकोडीह के निचले टोले में ग्रामीण पिछले एक साल से गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। यह स्थिति गांव में लगे सोलर हेडपंप के पिछले एक साल से खराब पड़े होने के कारण उत्पन्न हुई है, जिससे गांववासियों को पानी के लिए अत्यधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।1
- RATO Power Weeder 7.5 HP को एक ऐसे छोटे मशीन के रूप में पेश किया गया है जो बड़ा परफॉर्मेंस देने में सक्षम है। इसे बड़े ट्रैक्टर के एक बेहतरीन विकल्प के तौर पर प्रचारित किया जा रहा है, जो कम तेल की खपत में भी शानदार काम करता है। इस पावर वीडर के साथ 4 फ्री अटैचमेंट और 1 साल की वारंटी भी प्रदान की जा रही है। इच्छुक ग्राहक ऋषि किसान मशीन से संपर्क कर सकते हैं, जो अंगराबाड़ी, अमरेश्वर धाम पर स्थित है। अधिक जानकारी या खरीद के लिए +91 76679 13218 पर कॉल या व्हाट्सएप किया जा सकता है।1
- झारखंड के खूंटी जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ सदर अस्पताल खूंटी से किया गया।1
- सरायकेला स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर में सोमवार को देव स्नान पूर्णिमा के अवसर पर जगन्नाथ महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। नगर और आसपास के क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने इस पवित्र अनुष्ठान में पहुंचकर फूल, प्रसाद, भोग चढ़ाकर पूजा-अर्चना और आरती की, जिससे उन्होंने स्वयं को धन्य महसूस किया। परंपरा अनुसार, प्रातः काल से ही मंदिर में अनुष्ठान शुरू हो गए थे, जहाँ पुजारी सानू आचार्य, ब्रह्मा देव महापात्र और सुमित महापात्र ने विधि-विधान के साथ भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा को 'स्नान मांडप' पर विराजमान कराया। इसके पश्चात, पवित्र जलाशयों से एकत्रित जल से भगवान का महास्नान कराया गया, और इस अलौकिक दृश्य को देखकर पूरा मंदिर परिसर "जय जगन्नाथ" के उद्घोष से गूंज उठा। श्री जगरनाथ सेवा समिति के अध्यक्ष लिपू मांहती ने इस आयोजन को केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि उनकी सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बताया, और कहा कि सरायकेला में इसे लेकर भक्तों में विशेष उत्साह रहता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अत्यधिक स्नान के कारण भगवान जगन्नाथ बीमार पड़ गए हैं, और इस अवधि को 'अनासार' (अनसर) कहा जाता है। अगले 15 दिनों तक भगवान मंदिर के एक विशेष कक्ष में विश्राम करेंगे और उन्हें पारंपरिक जड़ी-बूटियों व औषधियों का उपचार दिया जाएगा। इस अनासार अवधि के दौरान आम भक्तों के लिए गर्भगृह के द्वार बंद रहेंगे और सेवायतों द्वारा भगवान को औषधीय लेप और काढ़ा दिया जाएगा। 15 दिनों की इस विश्राम अवधि के पश्चात, भगवान स्वस्थ होकर रथ यात्रा (गुंडीचा यात्रा) के लिए बाहर आएंगे। इस महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही सरायकेला में भक्तिमय वातावरण छा गया है और रथ यात्रा की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। इस अवसर पर राजा सिंह देव, सचिव शंकर सतपति और समिति के सभी सदस्य उपस्थित रहे।4