भरतपुर जिले के रूपवास कस्बे के देवरी गांव में सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटवाना एक परिवार को भारी पड़ गया। पीड़ित पृथ्वीराज लोधा के भाई श्रीराम को कुछ दबंगों ने 27 मई को लाठी-सरिया से बुरी तरह पीटा और घर में बंद कर दिया। जब परिवार के नौ सदस्य श्रीराम को छुड़ाने गए, तो उन्हें भी बेरहमी से पीटा गया और जान से मारने की धमकी दी गई। पृथ्वीराज लोधा ने बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले सरकारी भूमि पर सरपंच द्वारा किए गए अतिक्रमण की शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों और जिला कलेक्टर से की थी। इस शिकायत के बाद प्रशासन ने सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटवा दिया था। पीड़ितों का आरोप है कि यह हमला उन्हीं लोगों ने किया है, जिनके अवैध कब्जे को उनकी शिकायत पर हटाया गया था और तभी से वे रंजिश रखे हुए हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन पर सबसे बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे दबंगों के हौसले और बुलंद हो गए हैं। पीड़ितों ने इन हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
भरतपुर जिले के रूपवास कस्बे के देवरी गांव में सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटवाना एक परिवार को भारी पड़ गया। पीड़ित पृथ्वीराज लोधा के भाई श्रीराम को कुछ दबंगों ने 27 मई को लाठी-सरिया से बुरी तरह पीटा और घर में बंद कर दिया। जब परिवार के नौ सदस्य श्रीराम को छुड़ाने गए, तो उन्हें भी बेरहमी से पीटा गया और जान से मारने की धमकी दी गई। पृथ्वीराज लोधा ने बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले सरकारी भूमि पर सरपंच द्वारा किए गए अतिक्रमण की शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों और जिला कलेक्टर से की थी। इस शिकायत के बाद प्रशासन ने सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटवा दिया था। पीड़ितों का आरोप है कि यह हमला उन्हीं लोगों ने किया है, जिनके अवैध कब्जे को उनकी शिकायत पर हटाया गया था और तभी से वे रंजिश रखे हुए हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन पर सबसे बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे दबंगों के हौसले और बुलंद हो गए हैं। पीड़ितों ने इन हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
- अयोध्या स्थित हनुमान गढ़ी से राम मंदिर के दिव्य दर्शन कराए गए हैं। यह दर्शन भक्ति और प्रेम के वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें 'राधे राधे' के जयघोष के माध्यम से श्रद्धालु अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं।1
- ब्रिज चौरासी कोस परिक्रमा के लिए पूरा प्रशासन मंडल सज चुका है, जिसकी तैयारियों का जायजा लेने के लिए मंडल आयुक्त नागेंद्र प्रताप ने बलदेव के हथोड़ा गांव से गुजरने वाले चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग का दौरा किया। इस निरीक्षण के दौरान, उन्होंने मार्ग पर की गई सभी व्यवस्थाओं को परखा। इस मौके पर बलदेव पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर भी मंडल आयुक्त नागेंद्र प्रताप के साथ मौजूद रहे।1
- मथुरा जिले के महोली गांव में हुए बवाल के दौरान फायरिंग की घटना सामने आई है। इस फायरिंग में एक ही गांव के दो लोगों के घायल होने की सूचना मिली है।1
- मथुरा के होलीगेट पर ट्रैफिक पुलिस और श्रद्धालुओं के बीच तीखी झड़प का मामला सामने आया है। इस घटना के चलते बीच बाजार में काफी हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों और पोस्ट में यह सवाल उठाया जा रहा है कि इस झड़प में आखिर गलती किसकी थी।1
- मथुरा में चल रही पावन 84 कोस परिक्रमा के दौरान उस वक्त सनसनी फैल गई, जब श्रद्धा और भक्ति का माहौल अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट में बदल गया।1
- मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र स्थित महोली गांव में गुरुवार को पुरानी रंजिश एक बार फिर हिंसक रूप में सामने आई। दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते पथराव और फायरिंग तक पहुंच गया, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना में कई लोग घायल हुए हैं। सूचना मिलने पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जानकारी के अनुसार, यह विवाद करीब छह महीने पहले पार्षद प्रतिनिधि राजवीर सिंह और गांव निवासी चंद्रपाल के बीच हुआ था, जिसकी पुरानी रंजिश ने अब हिंसक रूप ले लिया है और गांव में दहशत फैल गई है।1
- भाजपा सरकार पर आशा सहयोगिनियों की अनदेखी का आरोप एक बार फिर तेज हो गया है। हाल ही में मुख्यमंत्री के बन्द बरेठा दौरे के दौरान, अपनी पीड़ा सुनाने पहुंचीं आशा बहनों को पुलिस और प्रशासन ने उनसे मिलने से रोक दिया। इस घटना पर सवाल उठ रहा है कि जब सैकड़ों महिलाएं सड़क पर बैठकर न्याय मांग रही थीं, तो क्या मुख्यमंत्री तक इसकी भनक नहीं पहुंची? यह संभव नहीं लगता। आशा सहयोगिनियां महीनों से वेतन न मिलने, बढ़ते डिजिटल काम के बोझ और मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर प्रशासन के माध्यम से अपनी बात भाजपा सरकार तक पहुंचा रही हैं, लेकिन सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य योजनाओं को चलाने वाली ये महिलाएं आज खुद भूखे-प्यासे हैं। कोविड काल में घर-घर जाकर जान जोखिम में डालने वाली इन आशा बहनों के साथ ऐसा रवैया सरकार की संवेदनहीनता को उजागर करता है। आशा सहयोगिनियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने अब भी उनकी बात नहीं सुनी, तो राजस्थान भर में उनका आंदोलन और तेज होगा। सीधा सवाल है कि क्या सरकार 53 हजार आशा बहनों की आवाज सुनकर उन्हें सम्मानजनक समाधान प्रदान करेगी? इन सबके बीच, आशा सहयोगिनी बहनों का कहना है, "कौन सुनेगा, किसको सुनाएं"।1
- अयोध्या धाम में स्थित श्री राम मंदिर के भव्य और दिव्य दर्शन उपलब्ध हैं। मंदिर की यह महिमा भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।1
- 84 कोस परिक्रमा के दौरान गोलियों की गूंज सुनाई दी, जहाँ भंडारे को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़ गए। इस विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच करीब आधे घंटे तक गोलीबारी चलती रही।1