भाजपा सरकार पर आशा सहयोगिनियों की अनदेखी का आरोप एक बार फिर तेज हो गया है। हाल ही में मुख्यमंत्री के बन्द बरेठा दौरे के दौरान, अपनी पीड़ा सुनाने पहुंचीं आशा बहनों को पुलिस और प्रशासन ने उनसे मिलने से रोक दिया। इस घटना पर सवाल उठ रहा है कि जब सैकड़ों महिलाएं सड़क पर बैठकर न्याय मांग रही थीं, तो क्या मुख्यमंत्री तक इसकी भनक नहीं पहुंची? यह संभव नहीं लगता। आशा सहयोगिनियां महीनों से वेतन न मिलने, बढ़ते डिजिटल काम के बोझ और मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर प्रशासन के माध्यम से अपनी बात भाजपा सरकार तक पहुंचा रही हैं, लेकिन सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य योजनाओं को चलाने वाली ये महिलाएं आज खुद भूखे-प्यासे हैं। कोविड काल में घर-घर जाकर जान जोखिम में डालने वाली इन आशा बहनों के साथ ऐसा रवैया सरकार की संवेदनहीनता को उजागर करता है। आशा सहयोगिनियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने अब भी उनकी बात नहीं सुनी, तो राजस्थान भर में उनका आंदोलन और तेज होगा। सीधा सवाल है कि क्या सरकार 53 हजार आशा बहनों की आवाज सुनकर उन्हें सम्मानजनक समाधान प्रदान करेगी? इन सबके बीच, आशा सहयोगिनी बहनों का कहना है, "कौन सुनेगा, किसको सुनाएं"।
भाजपा सरकार पर आशा सहयोगिनियों की अनदेखी का आरोप एक बार फिर तेज हो गया है। हाल ही में मुख्यमंत्री के बन्द बरेठा दौरे के दौरान, अपनी पीड़ा सुनाने पहुंचीं आशा बहनों को पुलिस और प्रशासन ने उनसे मिलने से रोक दिया। इस घटना पर सवाल उठ रहा है कि जब सैकड़ों महिलाएं सड़क पर बैठकर न्याय मांग रही थीं, तो क्या मुख्यमंत्री तक इसकी भनक नहीं पहुंची? यह संभव नहीं लगता। आशा सहयोगिनियां महीनों से वेतन न मिलने, बढ़ते डिजिटल काम के बोझ और मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर प्रशासन के माध्यम से अपनी बात भाजपा सरकार तक पहुंचा रही हैं, लेकिन सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य योजनाओं को चलाने वाली ये महिलाएं आज खुद भूखे-प्यासे हैं। कोविड काल में घर-घर जाकर जान जोखिम में डालने वाली इन आशा बहनों के साथ ऐसा रवैया सरकार की संवेदनहीनता को उजागर करता है। आशा सहयोगिनियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने अब भी उनकी बात नहीं सुनी, तो राजस्थान भर में उनका आंदोलन और तेज होगा। सीधा सवाल है कि क्या सरकार 53 हजार आशा बहनों की आवाज सुनकर उन्हें सम्मानजनक समाधान प्रदान करेगी? इन सबके बीच, आशा सहयोगिनी बहनों का कहना है, "कौन सुनेगा, किसको सुनाएं"।
- पुलिस अधीक्षक डीग शरण गोपीनाथ के. IPS के निर्देशन में, जिले में अवैध खनन के विरुद्ध चलाए जा रहे "ऑपरेशन पृथ्वी" के तहत डीग पुलिस ने, जिसमें पुलिस थाना सीकरी और क्यूआरटी शामिल थे, खनन विभाग के साथ मिलकर एक संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के दौरान, अवैध खनन में इस्तेमाल की जा रही एक पोकलेन मशीन को जब्त किया गया। कार्रवाई में नजीम नामक एक मुलजिम को भी दस्तयाब किया गया है, जिसकी उम्र 22 वर्ष बताई गई है। यह व्यक्ति दीन मौहम्मद का पुत्र और मेव जाति का है, तथा हरियाणा के नूंह जिले की फिरोजपुर झिरका तहसील के ग्राम चितौड़ा का निवासी बताया गया है।1
- भरतपुर जिले की नदबई तहसील के खेड़ी देवी सिंह गांव में शाम लगभग 6:15 बजे तेज़ आंधी शुरू हुई। यह जानकारी गांव से एक लाइव मौसम अपडेट में दी गई।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, मथुरा के जिला अस्पताल में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरित वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम और पौधरोपण अभियान का आयोजन किया गया। इसका मुख्य लक्ष्य अस्पताल परिसर को हरा-भरा बनाना और मरीजों तथा उनके तीमारदारों को स्वच्छ एवं शुद्ध वातावरण उपलब्ध कराना था। इस पहल में डॉक्टरों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिन्होंने संयुक्त रूप से विभिन्न औषधीय और छायादार पौधों का रोपण किया। अभियान के तहत, अस्पताल परिसर के खाली स्थानों और पार्क क्षेत्र में विशेष रूप से नीम, तुलसी, पीपल और गिलोय जैसे औषधीय एवं ऑक्सीजन प्रदान करने वाले पौधे लगाए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं अन्य चिकित्सकों ने इस बात पर जोर दिया कि मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए दवाइयों के साथ-साथ स्वच्छ पर्यावरण और शुद्ध हवा भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरित वातावरण न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि यह मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता है। प्रदेश स्तर पर संचालित एक विशेष अभियान के तहत, स्वास्थ्य कर्मियों ने केवल पौधरोपण ही नहीं किया, बल्कि लगाए गए पौधों के पूर्ण विकास तक उनकी देखभाल और संरक्षण का भी संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान, जिला अस्पताल को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त बनाने और कचरा प्रबंधन एवं बायो-मेडिकल वेस्ट निस्तारण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया, जिससे संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके। स्वास्थ्य अधिकारियों ने उपस्थित नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं तथा बढ़ते तापमान और ग्लोबल वॉर्मिंग जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए पर्यावरण संरक्षण में अपना सक्रिय योगदान दें। यह कार्यक्रम लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करने और स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।1
- मथुरा के गोवर्धन तहसील स्थित ग्राम कमई में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में गहरा असंतोष व्याप्त है। अधिकांश ग्रामवासियों की राय लिए बिना ही विकास कार्य किए जाने का आरोप है, जिससे ग्राम के 70 प्रतिशत से अधिक लोग वर्तमान कार्यप्रणाली से असंतुष्ट और परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों का चयन जनहित या ग्रामसभा की वास्तविक आवश्यकताओं के बजाय सीमित क्षेत्रों और प्रधान के समर्थकों के पक्ष में किया जाता है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि अनेक विकास कार्य प्रधान के निवास के आसपास या उनके समर्थकों के मोहल्लों में ही कराए गए हैं, जबकि ग्राम के अन्य हिस्सों में मूलभूत समस्याएं आज भी बरकरार हैं। उनके अनुसार, कुछ कार्य अभिलेखों और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज तो हैं, लेकिन धरातल पर उनकी स्थिति संदिग्ध है अथवा वे पूर्ण रूप से दिखाई नहीं देते हैं। इस स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने संबंधित विकास कार्यों, भुगतान अभिलेखों और उनके भौतिक सत्यापन की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इन अनियमितताओं के कारण ग्राम कमई में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भी पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ता है, जिससे पूरे क्षेत्र की छवि प्रभावित हो रही है।4
- डीग के पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के. आईपीएस के निर्देश पर गत दो दिनों में अवैध हथियार रखने वालों के विरुद्ध एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 7 अवैध कट्टा 315 बोर, एक अवैध पौना, एक अवैध पिस्टल 0.32 बोर और 2 जिंदा कारतूस जब्त किए हैं। कार्रवाई के दौरान, पुलिस थाना पहाड़ी ने सहसन निवासी संदीप सिंह पुत्र धर्मेन्द्र सिंह (उम्र 26 साल) और सहसन निवासी रणजीत सिंह पुत्र निरंजन (उम्र 25 साल) को क्रमशः एक अवैध पिस्टल 0.32 बोर और एक अवैध कट्टा 315 बोर व एक जिंदा कारतूस सहित गिरफ्तार कर मामले दर्ज किए। पहाड़ी पुलिस ने ही बसई, थाना फिरोजपुर झिरका, जिला नूंह, हरियाणा निवासी वारिस मेव को एक अवैध कट्टा 315 बोर मय एक जिंदा कारतूस सहित पकड़ा। थाना खोह पुलिस ने रूध खोह, थाना खोह, जिला डीग निवासी रूकसाद उर्फ रूक्का पुत्र अयूब (उम्र 30 साल) को दो अवैध कट्टा 315 बोर और एक पौना 315 बोर के साथ गिरफ्तार कर प्रकरण दर्ज किया। इसके अतिरिक्त, पुलिस थाना पहाड़ी ने जुरहरा निवासी नरेश पुत्र धर्मी सैनी को एक अवैध हथियार 315 बोर कट्टा सहित गिरफ्तार किया। पुलिस थाना जुरहरा ने भी तीन आरोपियों - जुरहरा कस्बा निवासी जगदीश पुत्र घनश्याम लोहार, लाडलाका जुरहरा निवासी साबिर पुत्र रहीस और कस्बा जुरहरा निवासी नरेश पुत्र धर्मी सैनी (उम्र 26 साल) को गिरफ्तार किया। इन तीनों के कब्जे से कुल 03 अवैध हथियार 315 बोर कट्टा जब्त कर उनके खिलाफ भी मामले पंजीबद्ध किए गए हैं।1
- भरतपुर जिले के बयाना कस्बे की चूड़ी वाली गली में स्थित ‘मैरी वस्त्र भंडार’ में मंगलवार देर रात भीषण आग लग गई। इस घटना में दुकान में रखा करीब ₹25 लाख रुपये का कपड़ों का स्टॉक जलकर राख हो गया, हालांकि प्रारंभिक तौर पर मुख्य टेक्स्ट में यह नुकसान करीब 20 लाख रुपये बताया गया है। दुकान मालिक दूल्हेराम गुर्जर के अनुसार, उन्होंने रात 8 बजे दुकान बंद कर दी थी और अपने गांव चले गए थे। इसके बाद, रात करीब 1:10 बजे पड़ोसियों ने उन्हें दुकान से धुआं और आग निकलने की सूचना दी। आग लगने का प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। सूचना मिलने के बाद नगर पालिका की फायर ब्रिगेड की टीम और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। कोतवाली पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की जांच कर रही है।1