एटा जिले के जलेसर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत सिकंदराराऊ-जलेसर मार्ग पर स्थित ग्राम पिलखतरा में 1008 मोनी बाबा ने 23 अप्रैल को 62 दिवसीय अग्नि तपस्या प्रारंभ की है। ग्रामीण भरत शर्मा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मोनी बाबा के साथ लड़के बाबा भी तपस्या कर रहे हैं। यह अग्नि तपस्या 62 दिनों तक चलेगी। मोनी बाबा की तपस्या को देखते हुए ब्रह्मचारी बाबा और ध्यान बाबा सहित सैकड़ों संत वहां मौजूद हैं। बताया गया है कि मोनी बाबा बचपन से ही घर-बार त्याग कर साधु बन गए थे और वे दर्जनों बार खड़ेश्वरी जल तपस्या के साथ-साथ राजस्थान के मां केला देवी मंदिर में भी तपस्या कर चुके हैं। उनकी सुरक्षा व्यवस्था में गुड्डू शर्मा, योगेंद्र पाल सिंह, कैलाश शर्मा, योगेश चंद्र, प्रांशु उपाध्याय और शिवांग उपाध्याय जैसे लोग तैनात हैं। इस दौरान की जा रही खड़ेश्वरी तपस्या 24 जून को पूर्ण होगी, जबकि अग्नि तपस्या का समापन 26 जून को होगा। इस तपस्या के पूर्ण होने पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। मोनी बाबा की इस तपस्या को देखने के लिए राजस्थान और अन्य राज्यों से भी अनगिनत भक्त समूह सर्वाधिक मात्रा में पिलखतरा पहुंच रहे हैं।
एटा जिले के जलेसर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत सिकंदराराऊ-जलेसर मार्ग पर स्थित ग्राम पिलखतरा में 1008 मोनी बाबा ने 23 अप्रैल को 62 दिवसीय अग्नि तपस्या प्रारंभ की है। ग्रामीण भरत शर्मा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मोनी बाबा के साथ लड़के बाबा भी तपस्या कर रहे हैं। यह अग्नि तपस्या 62 दिनों तक चलेगी। मोनी बाबा की तपस्या को देखते हुए ब्रह्मचारी बाबा और ध्यान बाबा सहित सैकड़ों संत वहां मौजूद हैं। बताया गया है कि मोनी बाबा बचपन से ही घर-बार त्याग कर साधु बन गए थे और वे दर्जनों बार खड़ेश्वरी जल तपस्या के साथ-साथ राजस्थान के मां केला देवी मंदिर में भी तपस्या कर चुके हैं। उनकी सुरक्षा व्यवस्था में गुड्डू शर्मा, योगेंद्र पाल सिंह, कैलाश शर्मा, योगेश चंद्र, प्रांशु उपाध्याय और शिवांग उपाध्याय जैसे लोग तैनात हैं। इस दौरान की जा रही खड़ेश्वरी तपस्या 24 जून को पूर्ण होगी, जबकि अग्नि तपस्या का समापन 26 जून को होगा। इस तपस्या के पूर्ण होने पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। मोनी बाबा की इस तपस्या को देखने के लिए राजस्थान और अन्य राज्यों से भी अनगिनत भक्त समूह सर्वाधिक मात्रा में पिलखतरा पहुंच रहे हैं।
- एटा नगर के सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने ऐतिहासिक कैलाश मंदिर से सटे तालाब एवं जलाशय की बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने तत्काल इसकी सफाई और संरक्षण की मांग उठाई है, यह बताते हुए कि बरसात का मौसम शुरू हो गया है, लेकिन तालाब, जलाशय और उनसे जुड़े नालों की अब तक सफाई नहीं की गई है, जिससे जलभराव और पर्यावरणीय समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। नगरवासियों ने आरोप लगाया है कि कुछ समय पहले ही समाचार पत्रों में इस ऐतिहासिक तालाब की स्थिति को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इसके बावजूद, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उनकी शिकायत है कि इस मामले में लगातार उपेक्षा बरती जा रही है, जो सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जलाशयों के संरक्षण संबंधी दिए गए निर्देशों की स्पष्ट अवहेलना प्रतीत होती है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि तालाब, पोखर, झील और अन्य जलाशय सार्वजनिक संपत्ति हैं। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि इनके क्षेत्रफल को कम करने, अतिक्रमण करने या स्वरूप बदलने की अनुमति नहीं दी जा सकती, और राज्यों तथा स्थानीय निकायों को इनके संरक्षण, पुनर्जीवन और अवैध निर्माणों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी संदर्भ में, नगरवासियों ने नगरपालिका से जलाशय क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य को तत्काल रोकने, तालाब की सफाई करने, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और जल संरक्षण के उपायों को प्राथमिकता देने की अपील की है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित करते हुए कैलाश मंदिर से लगे तालाब एवं जलाशय क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए, चल रहे निर्माण कार्यों की जांच हो, और एक व्यापक सफाई अभियान चलाकर संभावित जलभराव की समस्या को रोका जाए। नगरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते जलाशय के संरक्षण और सफाई के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो बरसात के दौरान क्षेत्र में गंभीर जलभराव और पर्यावरणीय संकट उत्पन्न हो सकता है, जिसके मद्देनजर उन्होंने प्रशासन से जनहित में शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है।3
- रीटा तल्ली तहसील में अध्यक्ष जी के नेतृत्व में एक अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई है। यह हड़ताल बिना किसी निश्चित समय-सीमा के जारी रहेगी।1
- बिहार में हुई चर्चित भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में मौत के मामले को लेकर जनपद एटा में विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारिक प्रतिनिधियों और सर्वसमाज के लोगों ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। रविवार शाम को जीटी रोड स्थित शहीद पार्क में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और कैंडल मार्च निकाला, जहां उन्होंने दिवंगत भरत तिवारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच कराने की जोरदार मांग उठाई। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के जिलाध्यक्ष राजेश गुप्ता ने भरत भूषण तिवारी को समाज के विभिन्न वर्गों की समस्याओं को उठाने वाले और भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर आवाज बताया, जिनकी मृत्यु को उन्होंने समाज के लिए अपूरणीय क्षति करार दिया। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्याय के अधिकार पर जोर देते हुए कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोष सिद्ध होता है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। अन्य वक्ताओं ने भी मुठभेड़ की सत्यता और परिस्थितियों पर उठ रहे सवालों का जवाब देने के लिए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर बल दिया, जिसकी निगरानी किसी उच्चस्तरीय समिति या न्यायिक इकाई द्वारा की जानी चाहिए ताकि जनता का विश्वास बना रहे। समाजसेवी हरेंद्र सारस्वत और कीर्ति वसु पाराशर ने भी पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि न्याय न केवल होना चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखाई भी देना चाहिए, और सरकार से उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने की अपील की। इस दौरान, उपस्थित जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भरत तिवारी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा, जिसके बाद हाथों में मोमबत्तियां लेकर कैंडल मार्च निकाला गया। सांसद प्रतिनिधि चंदन शर्मा ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए न्याय और निष्पक्ष सुनवाई की मांग की। लोगों ने दृढ़ता से कहा कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक न्याय की मांग जारी रहेगी। कार्यक्रम में शंभूशरण मिश्रा, भूदेव मिश्रा, मोहित पाठक, सुनील मिश्रा, हिमांशु तिवारी, रिंकू गुप्ता, अभिनव गुप्ता, अर्पित गुप्ता, अवधेश कुमार सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, व्यापारी, जनप्रतिनिधि और सर्वसमाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।2
- जलेसर का बड़ा बाजार और नाला बाजार क्षेत्र अपनी लोकप्रियता तथा महत्व के कारण शहर का हृदय माना जाता है, लेकिन यह व्यस्ततम इलाका अब गंभीर यातायात जाम की समस्या से जूझ रहा है। व्यापारियों द्वारा अपनी दुकानों के सामने अतिक्रमण करने और ग्राहकों द्वारा वाहनों को बेतरतीब ढंग से खड़ा करने के कारण, बाजार की मुख्य सड़क संकरी हो गई है, जिसका परिणाम यह है कि सड़कें अक्सर जाम में बदल जाती हैं। इस भीषण जाम के कारण, चौराहे के पास स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक रोगियों को पहुंचाने में भारी जद्दोजहद करनी पड़ती है। एक वायरल वीडियो में भी व्यस्ततम चौराहे की सुरक्षा एवं संरक्षण हेतु उठाए गए योगदान का कितना असर होता है, यह साफ दिखाई दे रहा है, जिससे स्थिति की गंभीरता उजागर होती है। सड़क पर आड़ी-तिरछी खड़ी मोटरसाइकिलें और दुकानदारों की बेंचें इस जाम का प्रमुख कारण बनती हैं। प्रशासन का ध्यान इस समस्या पर केंद्रित करने का प्रयास किया जाना चाहिए, क्योंकि नाला बाजार चौराहे पर जाम अतिक्रमण की वजह से बना है और लोग इससे मुक्ति की आस लगाए बैठे हैं।2
- फ़र्रुखाबाद ज़िले के कटिया रेलवे कंपिल रोड स्टेशन पर 60 से 70 साल पुराने पेड़ काटे जा रहे हैं। स्टेशन परिसर में बड़ी संख्या में इन पेड़ों की कटाई का काम चल रहा है।1
- गौ सेवा और गौ रक्षा के लिए रात-रात भर जागकर और दिन-रात एक करके समर्पण भाव से काम करने वालों के प्रति भारी निराशा और हताशा व्यक्त की गई है। टेक्स्ट में बताया गया है कि अपनी निस्वार्थ सेवा के बावजूद, ऐसे समर्पित व्यक्तियों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़े हैं। विशेष रूप से, गौ सेवा में लगे चौदह "भाइयों" को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इस कठोर दंड के बाद सवाल उठाया गया है कि उनकी सेवा के बदले उन्हें क्या मिला, जो न्याय की कमी को दर्शाता है। यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इन भाइयों को न्याय नहीं मिला, और इस निराशाजनक परिणाम के कारण आज से कोई भी गौ सेवा नहीं करेगा। यह संदेश मौजूदा व्यवस्था के प्रति अविश्वास और गौ सेवा के प्रति समर्पण को छोड़ने का संकेत देता है।2
- एटा की सदर तहसील में दस्तावेज़ लेखक एसोसिएशन द्वारा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी है। यह प्रदर्शन एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री मै चंद यादव जी के नेतृत्व में किया जा रहा है।1
- मैनपुरी जिले के भोगांव थाना क्षेत्र के ग्राम छाछा में शुक्रवार को एक निर्माणाधीन दुकान का लेंटर अचानक भरभराकर गिर जाने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य मजदूर घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। ग्राम छाछा निवासी सुरेंद्र की दुकान का निर्माण कार्य चल रहा था और शुक्रवार को उस पर लेंटर डालने का काम लगभग पूरा हो चुका था। इसी दौरान लेंटर अचानक गिर गया, जिससे वहां काम कर रहे कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलने पर भोगांव के थाना प्रभारी, उपजिलाधिकारी (एसडीएम), तहसीलदार समेत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। प्रशासन ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया और जेसीबी मशीन की सहायता से मलबा हटाकर दबे हुए मजदूरों को बाहर निकाला। इस अभियान के दौरान आधा दर्जन से अधिक मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। गंभीर रूप से घायल एक मजदूर को जिला अस्पताल रेफर किया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। अन्य घायल मजदूरों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोगांव में चल रहा है। क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण द्विवेदी ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने घायलों के उचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है, और हादसे के कारणों की जांच तथा राहत एवं बचाव कार्य देर तक जारी रहा।3