*बिना रजिस्ट्रेशन बैसवारा हॉस्पिटल का संचालन? बेसमेंट में बुक डिपो, ऊपर अस्पताल—स्वास्थ्य विभाग की निगरानी पर सवाल* उन्नाव। हिरन नगर नहर स्थित बैसवारा हॉस्पिटल के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि अस्पताल का वैध पंजीकरण नहीं है और मौके पर न तो कोई चिकित्सक दिखाई देता है और न ही पर्याप्त मेडिकल स्टाफ की मौजूदगी है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर किस अनुमति और किन मानकों के आधार पर यहां अस्पताल का संचालन किया जा रहा है? बताया जा रहा है कि अस्पताल संचालक खुद को स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी नरेंद्र कुमार का करीबी बताते हैं। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यदि संचालक द्वारा ऐसा दावा किया जा रहा है तो स्वास्थ्य विभाग को इसकी भी जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। सबसे बड़ा सवाल अस्पताल के भवन को लेकर भी उठ रहा है। आरोप है कि भवन के बेसमेंट में बुक डिपो संचालित हो रहा है, जबकि उसके ऊपर अस्पताल चलाया जा रहा है। ऐसे में अग्नि सुरक्षा, भवन की स्वीकृति, अस्पताल संचालन के लिए निर्धारित मानक और मरीजों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन हो रहा है या नहीं—यह जांच का विषय है। उत्तर प्रदेश में क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट के पंजीकरण एवं नियमन के लिए नियम लागू हैं। नियमों के तहत अस्पताल/क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट के पंजीकरण की व्यवस्था है और जिला स्तर पर पंजीकरण प्राधिकरण इसकी प्रक्रिया देखता है। अब सवाल स्वास्थ्य विभाग से— 👉 क्या बैसवारा हॉस्पिटल का वैध पंजीकरण है? 👉 यदि पंजीकरण है तो उसका प्रमाणपत्र सार्वजनिक क्यों नहीं है? 👉 मौके पर डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता की जांच कब हुई? 👉 बेसमेंट में बुक डिपो और ऊपर अस्पताल संचालन की अनुमति किस नियम के तहत है? 👉 भवन की स्वीकृति और फायर एनओसी की स्थिति क्या है? 👉 अस्पताल संचालक द्वारा नोडल अधिकारी का करीबी होने का दावा किस आधार पर किया जा रहा है? मामला मरीजों की जिंदगी और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मौके पर जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना बेहद जरूरी है। यदि जांच में बिना पंजीकरण या निर्धारित मानकों के विपरीत संचालन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। हाल के मामलों में उत्तर प्रदेश में बिना पंजीकरण और बिना डॉक्टर/पैरामेडिकल स्टाफ संचालित अस्पतालों पर सीलिंग की कार्रवाई भी की गई है। अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में जांच करता है या फिर आरोपों की फाइल भी विभागीय दफ्तरों में धूल फांकती रहेगी?
*बिना रजिस्ट्रेशन बैसवारा हॉस्पिटल का संचालन? बेसमेंट में बुक डिपो, ऊपर अस्पताल—स्वास्थ्य विभाग की निगरानी पर सवाल* उन्नाव। हिरन नगर नहर स्थित बैसवारा हॉस्पिटल के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि अस्पताल का वैध पंजीकरण नहीं है और मौके पर न तो कोई चिकित्सक दिखाई देता है और न ही पर्याप्त मेडिकल स्टाफ की मौजूदगी है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर किस अनुमति और किन मानकों के आधार पर यहां अस्पताल का संचालन किया जा रहा है? बताया जा रहा है कि अस्पताल संचालक खुद को स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी नरेंद्र कुमार का करीबी बताते हैं। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यदि संचालक द्वारा ऐसा दावा किया जा रहा है तो स्वास्थ्य विभाग को इसकी भी जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। सबसे बड़ा सवाल अस्पताल के भवन को लेकर भी उठ रहा है। आरोप है कि भवन के बेसमेंट में बुक डिपो संचालित हो रहा है, जबकि उसके ऊपर अस्पताल चलाया जा रहा है। ऐसे में अग्नि सुरक्षा, भवन की स्वीकृति, अस्पताल संचालन के लिए निर्धारित मानक और मरीजों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन हो रहा है या नहीं—यह जांच का विषय है। उत्तर प्रदेश में क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट के पंजीकरण एवं नियमन के लिए नियम लागू हैं। नियमों के तहत अस्पताल/क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट के पंजीकरण की व्यवस्था है और जिला स्तर पर पंजीकरण प्राधिकरण इसकी प्रक्रिया देखता है। अब सवाल स्वास्थ्य विभाग से— 👉 क्या बैसवारा हॉस्पिटल का वैध पंजीकरण है? 👉 यदि पंजीकरण है तो उसका प्रमाणपत्र सार्वजनिक क्यों नहीं है? 👉 मौके पर डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता की जांच कब हुई? 👉 बेसमेंट में बुक डिपो और ऊपर अस्पताल संचालन की अनुमति किस नियम के तहत है? 👉 भवन की स्वीकृति और फायर एनओसी की स्थिति क्या है? 👉 अस्पताल संचालक द्वारा नोडल अधिकारी का करीबी होने का दावा किस आधार पर किया जा रहा है? मामला मरीजों की जिंदगी और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मौके पर जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना बेहद जरूरी है। यदि जांच में बिना पंजीकरण या निर्धारित मानकों के विपरीत संचालन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। हाल के मामलों में उत्तर प्रदेश में बिना पंजीकरण और बिना डॉक्टर/पैरामेडिकल स्टाफ संचालित अस्पतालों पर सीलिंग की कार्रवाई भी की गई है। अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में जांच करता है या फिर आरोपों की फाइल भी विभागीय दफ्तरों में धूल फांकती रहेगी?
- ये उन्नाव नगर की बाजार का हाल जो रोड पर लगती है कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती हे लेकिन नगर पालिका मोन सरकार और विधायक भी चुप1
- पटना में 6 साल के आदित्य ने छात्रों के मुद्दे पर SP से की बहस, सम्राट चौधरी को लेकर कही बड़ी बात पटना में 6 साल के आदित्य ने छात्रों के मुद्दे पर SP से की बहस, सम्राट चौधरी को लेकर कही बड़ी बात पटना: छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर पटना में एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल वीडियो में करीब 6 साल के आदित्य (Zen Alpha) को एक पुलिस अधिकारी (SP) से छात्रों के मुद्दे पर बहस करते हुए देखा जा रहा है। वीडियो में आदित्य बेबाक अंदाज में अपनी बात रखते नजर आ रहे हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का भी जिक्र किया। छोटे बच्चे के आत्मविश्वास और छात्रों से जुड़े सवाल उठाने के अंदाज ने लोगों का ध्यान खींचा है। वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो के दावों और बातचीत के पूरे संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। #ZenAlpha #SamratChaudhary #BiharPolice #BiharNews #LocalNews #FBViral #ViralVideo #PatnaNews #Protest #BPSC #BiharEducation #JantarMantar #Bihar1
- रक्षाबंधन पर उन्नाव में खाद्य विभाग की बड़ी छापेमारी, 1.14 लाख का मिलावटी माल जब्त! उन्नाव में रक्षाबंधन पर्व से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई! टीम ने छापेमारी कर करीब 307 किलो खोया, 360 लीटर दूध और अन्य सामग्री जब्त की। सलेमपुर की सागर डेयरी में सोडियम सल्फाइट नामक अपमिश्रक मिलने पर लाइसेंस निलंबित कर फैक्ट्री बंद कराई गई। वहीं बिना लाइसेंस खोया बेचने पर एक परिसर भी बंद किया गया। कुल जब्त सामग्री की कीमत करीब 1 लाख 14 हजार 200 रुपये बताई गई। सभी नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।1
- कानपुर व्यूरो रिपोर्ट 125 करोड रुपए के टेंडर निरस्त दो ठेकेदारो को किया गिरफ्तार1
- यूपी : आगरा में कल रात अचानक सड़क धंस गई। बाइक सवार व्यक्ति और एक पॉवर बॉक्स गड्ढे के अंदर समा गए। कांग्रेस नेता अपूर्व शर्मा ने गड्ढे में उतरकर उसकी गहराई मापी।1
- बिठूर मांगे परिवर्तन, समाजवादी पार्टी के विधायक प्रत्याशी ब्रजेंद्र यादव लगातार परिवर्तन का नारा लेकर बिठूर विधानसभा सीट पर उतर चुके हैं बिठूर मांगे परिवर्तन, समाजवादी पार्टी के विधायक प्रत्याशी ब्रजेंद्र यादव लगातार परिवर्तन का नारा लेकर बिठूर विधानसभा सीट पर उतर चुके हैं 2027 में क्या परिवर्तन होना चाहिए़ सभी लोग कमेंट कर के जरूर बताएं, और बिठूर में 10 साल में क्या क्या विकास हुआ @बिठूर #ब्रजेंद्र_यादव_एडवोकेट #अभिजीत_सिंह #विधानसभा_बिठूर #BreakingUpdate #satyam_goswami_5135 #abhijeetsinghsanga #समाजवादी1
- कूड़ा डालने को लेकर दो पक्ष भिड़े, चौबेपुर में पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा कानपुर। चौबेपुर थाना क्षेत्र में खाली जमीन पर कूड़ा डालने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। बताया गया कि मोबाइल बनवाने के पैसों को लेकर भी दोनों पक्षों में पहले से विवाद चल रहा था। मामला बढ़ने पर हाथापाई हो गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह जानकारी सहायक पुलिस आयुक्त बिल्हौर श्री अंकित कुमार ने दी।1
- अटल घाट पर XUV-700 का कहर! डिवाइडर से टकराई कार, 5 घायल कानपुर अटल घाट पर तेज रफ्तार XUV-700 का कहर कानपुर के कोहना थाना क्षेत्र स्थित अटल घाट एंट्री डिवाइडर पर तेज रफ्तार XUV-700 अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का पिछला पहिया हवा में उठ गया, जबकि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में कार सवार पांच लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को उपचार के लिए हैलेट अस्पताल भेजा गया। फिलहाल हादसे में किसी की मौत की सूचना नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।1