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सतना में जिला अधिवक्ता संघ चुनाव को लेकर एक महत्वपूर्ण चर्चा हुई, जिसमें वरिष्ठ पत्रकार और भाजपा नेता दिलीप छीरसागर ने अध्यक्ष पद के दावेदार प्रदीप कुमार पाण्डेय से विशेष बातचीत की। इस दौरान चुनावी मुद्दों, अधिवक्ताओं के हितों, बार की कार्यप्रणाली और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के दौरान, प्रदीप कुमार पाण्डेय ने अधिवक्ताओं के हितों को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि यदि उन्हें अध्यक्ष बनने का अवसर मिलता है, तो वे बार और अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य करेंगे। वहीं, दिलीप छीरसागर ने चुनाव से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सवाल पूछे, जिनका प्रदीप कुमार पाण्डेय ने विस्तृत जवाब दिया।
Ravendra Uramaliya Media satna
सतना में जिला अधिवक्ता संघ चुनाव को लेकर एक महत्वपूर्ण चर्चा हुई, जिसमें वरिष्ठ पत्रकार और भाजपा नेता दिलीप छीरसागर ने अध्यक्ष पद के दावेदार प्रदीप कुमार पाण्डेय से विशेष बातचीत की। इस दौरान चुनावी मुद्दों, अधिवक्ताओं के हितों, बार की कार्यप्रणाली और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के दौरान, प्रदीप कुमार पाण्डेय ने अधिवक्ताओं के हितों को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि यदि उन्हें अध्यक्ष बनने का अवसर मिलता है, तो वे बार और अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य करेंगे। वहीं, दिलीप छीरसागर ने चुनाव से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सवाल पूछे, जिनका प्रदीप कुमार पाण्डेय ने विस्तृत जवाब दिया।
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- सतना में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पद को लेकर चुनावी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है, जहाँ प्रबल दावेदार प्रदीप कुमार पाण्डेय के समर्थन में वरिष्ठ और युवा अधिवक्ताओं का जनसमर्थन तेजी से बढ़ रहा है। इसी क्रम में, वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीमती मुन्नी खान और श्री रमाकांत मिश्रा ने अन्य वरिष्ठ व युवा अधिवक्ताओं के साथ मिलकर जिला न्यायालय परिसर में जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने अधिवक्ता साथियों से प्रदीप कुमार पाण्डेय को समर्थन और आशीर्वाद देने की अपील की। इस जनसंपर्क अभियान के दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने प्रदीप कुमार पाण्डेय का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें अपना समर्थन देने का भरोसा जताया। समर्थकों का कहना है कि प्रदीप पाण्डेय का सरल स्वभाव, अधिवक्ताओं के हितों के प्रति उनकी सक्रियता और बार के लिए लंबे समय से किए गए उनके कार्य उन्हें एक बेहद मजबूत दावेदार बनाते हैं। चुनावी गलियारों में यह चर्चा है कि प्रदीप कुमार पाण्डेय के पक्ष में बन रहे इस माहौल ने अध्यक्ष पद की चुनावी जंग को और भी रोचक बना दिया है। मतदान की तिथि 3 जुलाई जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, चुनावी सरगर्मियां भी उतनी ही तेज होती जा रही हैं, और अब सभी की निगाहें मतदान एवं उसके परिणाम पर टिकी हुई हैं।2
- सतना जिले में सरकारी जमीन पर एक 'बड़ा खेल' होने का आरोप सामने आया है, जहाँ एक पीड़िता ने, जो पिछले 36 सालों से उस जमीन पर रह रही है, दावा किया है कि प्रभावशाली लोगों को फायदा पहुँचाने की तैयारी की जा रही है। इस मामले पर भारतीय जन मोर्चा पार्टी के पण्डित जितेंद्र राय ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यूपी-बिहार से आए पूर्वांचल के लोगों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा, क्योंकि न्याय की व्यवस्था करना उनकी पार्टी का मूल उद्देश्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी किसी के भी साथ अन्याय का घोर विरोध करती है। पार्टी ने सरकारी महकमे को भ्रष्टाचार से लिप्त बताया, जिसके कारण ऐसी व्यवस्थाएं चल रही हैं और सरकारें इस पर मौन हैं। उनका आरोप है कि जिन्हें जेल में होना चाहिए, वे भ्रष्टाचार के बल पर ठहाके लगा रहे हैं। एक विशिष्ट घटना का उल्लेख करते हुए, पार्टी ने सवाल उठाया कि यदि पटवारी की बात मानी जाए कि तहसीलदार बीके मिश्रा दिमागी संतुलन खो चुके थे, तो ऐसे व्यक्ति अभी भी कार्य कैसे कर रहे हैं। उन्होंने कलेक्ट्रर सतना और मध्य प्रदेश सरकार में अधिकारियों से इस 'भ्रष्ट पटवारी' के खिलाफ कार्यवाही की मांग की, जिन्होंने कथित तौर पर तहसीलदार के दिमागी संतुलन बिगड़ने की बात कही थी। पार्टी ने आशंका जताई कि भ्रष्टाचार से लिप्त व्यवस्थाएं ऐसे कर्मचारियों को संरक्षण देती हैं, इसलिए शायद उन पर अपराध कायम कर जेल नहीं भेजा जाएगा। हालांकि, भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने यह प्रतिज्ञा की कि जब भी उनकी सरकार आएगी, तो ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों को जेल भेजने के लिए भी कानून पारित किया जाएगा।1
- अंधविश्वास के कारण एक 16 साल की मासूम की जान चली गई है। सांप के काटने के बाद, परिजनों ने बच्ची को अस्पताल ले जाने की बजाय एक ओझा-बैद्य के पास ले जाना उचित समझा। इसी अंधविश्वास और लापरवाही का नतीजा यह रहा कि 16 साल की निराशा की जान चली गई।2
- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में एक बाइक सवार व्यक्ति का यातायात पुलिस द्वारा ₹1000 का चालान काट दिया गया, जबकि उसके पास वाहन के सभी आवश्यक कागजात थे और उसने हेलमेट भी पहन रखा था। चालान काटे जाने के लगभग 20 मिनट बाद, बाइक सवार ने चौराहे पर वापस पहुंचकर वहाँ मौजूद यातायात पुलिसकर्मियों से वीडियो के माध्यम से इस कार्रवाई पर सवाल किया। हालांकि, मौके पर मौजूद यातायात कर्मचारियों ने इस बारे में एक शब्द भी नहीं कहा। इस गंभीर मामले को लेकर, सरकार में बैठे उच्च अधिकारियों से अपील की गई है कि वे इसकी उचित जाँच करें और संबंधित यातायात पुलिस पर विधिक कार्यवाही सुनिश्चित करें। इस संदर्भ में यूपी पुलिस और योगी आदित्यनाथ के कार्यालय का उल्लेख किया गया है।1
- चित्रकूट जिला मुख्यालय स्थित सरकारी लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही छात्राओं को प्रवेश न मिलने का मामला बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंच गया। सीटों की कमी से परेशान छात्राओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल नए विद्यार्थियों के लिए प्रवेश शुरू करने और सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग की। छात्राओं ने बताया कि लाइब्रेरी प्रशासन ने पहले 1 जुलाई से पुराने विद्यार्थियों के स्थान पर नए विद्यार्थियों को प्रवेश देने का आश्वासन दिया था। इसी भरोसे पर वे लाइब्रेरी पहुंचीं, लेकिन उन्हें बताया गया कि सभी सीटें पुराने विद्यार्थियों के पुन: प्रवेश से भर चुकी हैं और नए प्रवेश की कोई व्यवस्था नहीं है। छात्राओं का कहना है कि जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं की संख्या बढ़ रही है, लेकिन सीमित सीटों के कारण कई विद्यार्थियों को निराश होकर लौटना पड़ता है। उनके अनुसार, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह लाइब्रेरी अध्ययन का प्रमुख माध्यम है, और नए प्रवेश बंद होने से उनकी तैयारी प्रभावित हो रही है। जिलाधिकारी ने छात्राओं की समस्या को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को सुविधा देने के लिए लाइब्रेरी का संचालन जल्द ही दो शिफ्टों में शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि लाइब्रेरी के नए भवन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और अगले दो माह के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य है। भवन तैयार होने के बाद सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी, जिससे सभी इच्छुक विद्यार्थियों को अध्ययन का अवसर मिल सके। डीएम के इस आश्वासन के बाद छात्राओं ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन जल्द ही नए प्रवेश शुरू कर उनकी समस्या का स्थायी समाधान करेगा।1
- चित्रकूट जिले के सदर ब्लॉक कर्वी की ग्राम पंचायत कालूपुर (पाही) में 01 जुलाई 2026 को 'स्कूल चलो अभियान' की भव्य शुरुआत की गई। प्राथमिक विद्यालय कुम्हारन पुरवा और पूर्व माध्यमिक विद्यालय के नन्हें मुन्ने छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने "आधी रोटी खायेंगे... स्कूल जरूर जायेंगे..." जैसे नारों के साथ एक रैली निकाली, जिसमें जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और रैली की भव्यता साफ झलक रही थी। 'चलो गांव की ओर जागरूकता अभियान चित्रकूट' के संस्थापक अध्यक्ष संजय सिंह राणा ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का एडमिशन परिषदीय विद्यालयों में कराएं। उन्होंने बताया कि इन विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। कायाकल्प योजना के तहत विद्यालयों को निखारा गया है और बच्चों के बैठने की उचित व्यवस्था की गई है। बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाएं शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए खूब मेहनत कर रहे हैं। इस प्रयास के तहत गांवों की गलियों में घर-घर जाकर अभिभावकों को अपने बच्चों को परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और शिक्षक-शिक्षिकाओं के अथक प्रयासों से परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है और बड़ी संख्या में एडमिशन किए जा रहे हैं। अभियान से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि ग्रामीण भी अपनी जिम्मेदारी समझें, तो शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।1
- सतना में जिला अधिवक्ता संघ चुनाव को लेकर एक महत्वपूर्ण चर्चा हुई, जिसमें वरिष्ठ पत्रकार और भाजपा नेता दिलीप छीरसागर ने अध्यक्ष पद के दावेदार प्रदीप कुमार पाण्डेय से विशेष बातचीत की। इस दौरान चुनावी मुद्दों, अधिवक्ताओं के हितों, बार की कार्यप्रणाली और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के दौरान, प्रदीप कुमार पाण्डेय ने अधिवक्ताओं के हितों को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि यदि उन्हें अध्यक्ष बनने का अवसर मिलता है, तो वे बार और अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य करेंगे। वहीं, दिलीप छीरसागर ने चुनाव से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सवाल पूछे, जिनका प्रदीप कुमार पाण्डेय ने विस्तृत जवाब दिया।1
- सतना शहर स्थित बिरला फैक्ट्री के पास एक क्रिस्टुकुला स्कूल बस तब संकट में आ गई जब वह एक टूटी हुई पुलिया में फंस गई। बस में स्कूली बच्चों के फंसे होने से मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, स्थानीय लोगों की तत्काल मदद से एक बचाव अभियान चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप बस में सवार सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। इस घटना के बाद, क्षेत्रीय लोगों ने पुलिया की मरम्मत न होने पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है और प्रशासन से जल्द से जल्द स्थायी समाधान प्रदान करने की मांग की है। संबंधित अधिकारियों को फिलहाल इस मामले की जानकारी दे दी गई है।1