पंडरी में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल: आरोग्यंएम अस्पताल में लटका रहता है ताला, ग्रामीण झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे ग्रामीण पंडरी में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल: आरोग्यं अस्पताल में लटका रहता है ताला, ग्रामीण झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे ग्रामीण ANM और वार्ड बॉय नदारद, प्राथमिक उपचार के लिए भटक रहे ग्रामीण — अधिकारियों की लापरवाही पर उठे सवाल सतना जिले के मझगवा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरी में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही खुलकर सामने आ रही है। यहां बने आरोग्यं अस्पताल में अक्सर ताला लटका रहता है, जिससे ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार अस्पताल में पदस्थ एएनएम और वार्ड बॉय अधिकांश समय अनुपस्थित रहते हैं। अस्पताल भवन तो बना है, लेकिन उसमें न तो नियमित स्टाफ मिलता है और न ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में बीमार होने पर ग्रामीणों को मजबूरी में झोलाछाप और फर्जी डॉक्टरों के पास जाना पड़ता है, जिससे उनकी जान को खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी — बीएमओ और सीएचएमओ — इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत नजर आ रही है। यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो कोई बड़ी घटना भी हो सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल में हमेशा ताला रहता है, हमें बाहर इलाज कराना पड़ता है।” “सरकार ने भवन तो बना दिया, लेकिन सुविधा कुछ भी नहीं है अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कब संज्ञान लेते हैं और ग्रामीणों को राहत मिल पाती है या नहीं। ✅
पंडरी में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल: आरोग्यंएम अस्पताल में लटका रहता है ताला, ग्रामीण झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे ग्रामीण पंडरी में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल: आरोग्यं अस्पताल में लटका रहता है ताला, ग्रामीण झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे ग्रामीण ANM और वार्ड बॉय नदारद, प्राथमिक उपचार के लिए भटक रहे ग्रामीण — अधिकारियों की लापरवाही पर उठे सवाल सतना जिले के मझगवा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरी में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही खुलकर सामने आ रही है। यहां बने आरोग्यं अस्पताल में अक्सर ताला लटका रहता है, जिससे ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार अस्पताल में पदस्थ एएनएम और वार्ड बॉय अधिकांश समय अनुपस्थित रहते हैं। अस्पताल भवन तो बना है, लेकिन उसमें न तो नियमित स्टाफ मिलता है और न ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में बीमार होने पर ग्रामीणों को मजबूरी में झोलाछाप और फर्जी डॉक्टरों के पास जाना पड़ता है, जिससे
उनकी जान को खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी — बीएमओ और सीएचएमओ — इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत नजर आ रही है। यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो कोई बड़ी घटना भी हो सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल में हमेशा ताला रहता है, हमें बाहर इलाज कराना पड़ता है।” “सरकार ने भवन तो बना दिया, लेकिन सुविधा कुछ भी नहीं है अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कब संज्ञान लेते हैं और ग्रामीणों को राहत मिल पाती है या नहीं। ✅
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- मोदी जी के स्मार्ट सिटी का हाल देखिए उनकी ट्रिपल इंजन की सरकार ने इतना स्मार्ट बना दिया की जनता चलने लायक नहीं बची है रोड में । रोड है कि गड्ढे हैं यह समझ में नहीं आ रहा है समझ इतनी है कि उनके राजनेताओं और नगर निगम के इंजीनियर को मालूम में नहीं होता है कि यह रोड कल खुदने वाली है एक दिन पहले रोड में गड्ढे भरे जाते हैं दूसरे दिन खोदना शुरू हो जाता है। दो-तीन दिन पहले डामर रोड बनाई जाती है फिर रोड खोदना शुरूआत जाता है समझ नही आता जब खोदना था तो डामर रोड बनाई क्यो है केवल भ्रष्टाचार करने के लिए जिस कारण आज बनाई फिर खोद डाली। वह रे मोदी जी का स्मार्ट सिटी सतना जो अपनी दुर्दशा के लिए रो रहा है। गजब है1
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- चित्रकूट के सरधुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत गडौली घाट पर सीमांकन के बाहर बड़े पैमाने पर अवैध खनन जारी है। ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि उनकी शिकायतें अनसुनी की जा रही हैं, जबकि इस संबंध में जिलाधिकारी से भी गुहार लगाई जा चुकी है।3
- चित्रकूट के सरधुआ थाना क्षेत्र के गडौली घाट पर सीमांकन के बाहर अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। ग्रामीण और किसान लगातार अधिकारियों पर उनकी शिकायतें अनसुनी करने का आरोप लगा रहे हैं। यहां तक कि जिलाधिकारी से गुहार लगाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।1
- पंडरी में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल: आरोग्यंएम अस्पताल में लटका रहता है ताला, ग्रामीण झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे ग्रामीण पंडरी में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल: आरोग्यं अस्पताल में लटका रहता है ताला, ग्रामीण झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे ग्रामीण ANM और वार्ड बॉय नदारद, प्राथमिक उपचार के लिए भटक रहे ग्रामीण — अधिकारियों की लापरवाही पर उठे सवाल सतना जिले के मझगवा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरी में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही खुलकर सामने आ रही है। यहां बने आरोग्यं अस्पताल में अक्सर ताला लटका रहता है, जिससे ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार अस्पताल में पदस्थ एएनएम और वार्ड बॉय अधिकांश समय अनुपस्थित रहते हैं। अस्पताल भवन तो बना है, लेकिन उसमें न तो नियमित स्टाफ मिलता है और न ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में बीमार होने पर ग्रामीणों को मजबूरी में झोलाछाप और फर्जी डॉक्टरों के पास जाना पड़ता है, जिससे उनकी जान को खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी — बीएमओ और सीएचएमओ — इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत नजर आ रही है। यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो कोई बड़ी घटना भी हो सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल में हमेशा ताला रहता है, हमें बाहर इलाज कराना पड़ता है।” “सरकार ने भवन तो बना दिया, लेकिन सुविधा कुछ भी नहीं है अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कब संज्ञान लेते हैं और ग्रामीणों को राहत मिल पाती है या नहीं। ✅2