आज, 2 जुलाई 2026 को, सिरसा के पंचायत भवन में नगरपालिका कर्मचारी संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन और सिरसा के चेयरमैन से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को उठाना था। प्रतिनिधिमंडल में नगरपालिका कर्मचारी संघ के सह सचिव मनोज अटवाल, सिरसा इकाई के प्रधान नरेश चौहान, इकाई के उपप्रधान एवं राज्य नेता बलवंत सरबटा, तथा इकाई के सचिव विरेंद्र अटवाल सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे। बैठक के दौरान कर्मचारियों की लंबित मांगों, ठेकेदारों की मनमानी, अधिकारियों के रवैये और उन्हें आ रही विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर कर्मचारी प्रतिनिधियों ने अपनी बात मजबूती से रखी और मांगों के तत्काल समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। हरियाणा सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन श्री ईश्वरलाल पलक ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि आयोग उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सुझाव दिया कि कर्मचारियों की सभी जायज मांगों का एक ज्ञापन उन्हें सौंपा जाए, जिसे वे संबंधित मंत्री महोदय के समक्ष रखेंगे और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे। इस बैठक में नगरपालिका के स्थायी कर्मचारी, पेरोल कर्मचारी, ठेका प्रणाली के कर्मचारी और ग्रामीण क्षेत्रों के कर्मचारियों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया, जिससे उनकी एकजुटता स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हुई। अंत में, नगरपालिका कर्मचारी संघ ने बैठक में शामिल सभी साथियों का हार्दिक धन्यवाद और आभार व्यक्त किया, साथ ही 'जय एकता। जय भीम। जय संघर्ष।' के नारे लगाए।
आज, 2 जुलाई 2026 को, सिरसा के पंचायत भवन में नगरपालिका कर्मचारी संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन और सिरसा के चेयरमैन से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को उठाना था। प्रतिनिधिमंडल में नगरपालिका कर्मचारी संघ के सह सचिव मनोज अटवाल, सिरसा इकाई के प्रधान नरेश चौहान, इकाई के उपप्रधान एवं राज्य नेता बलवंत सरबटा, तथा इकाई के सचिव विरेंद्र अटवाल सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे। बैठक के दौरान कर्मचारियों की लंबित मांगों, ठेकेदारों की मनमानी, अधिकारियों के रवैये और उन्हें आ रही विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर कर्मचारी प्रतिनिधियों ने अपनी बात मजबूती से रखी और मांगों के तत्काल समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। हरियाणा सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन श्री ईश्वरलाल पलक ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि आयोग उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सुझाव दिया कि कर्मचारियों की सभी जायज मांगों का एक ज्ञापन उन्हें सौंपा जाए, जिसे वे संबंधित मंत्री महोदय के समक्ष रखेंगे और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे। इस बैठक में नगरपालिका के स्थायी कर्मचारी, पेरोल कर्मचारी, ठेका प्रणाली के कर्मचारी और ग्रामीण क्षेत्रों के कर्मचारियों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया, जिससे उनकी एकजुटता स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हुई। अंत में, नगरपालिका कर्मचारी संघ ने बैठक में शामिल सभी साथियों का हार्दिक धन्यवाद और आभार व्यक्त किया, साथ ही 'जय एकता। जय भीम। जय संघर्ष।' के नारे लगाए।
- आज, 2 जुलाई 2026 को, सिरसा के पंचायत भवन में नगरपालिका कर्मचारी संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन और सिरसा के चेयरमैन से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को उठाना था। प्रतिनिधिमंडल में नगरपालिका कर्मचारी संघ के सह सचिव मनोज अटवाल, सिरसा इकाई के प्रधान नरेश चौहान, इकाई के उपप्रधान एवं राज्य नेता बलवंत सरबटा, तथा इकाई के सचिव विरेंद्र अटवाल सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे। बैठक के दौरान कर्मचारियों की लंबित मांगों, ठेकेदारों की मनमानी, अधिकारियों के रवैये और उन्हें आ रही विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर कर्मचारी प्रतिनिधियों ने अपनी बात मजबूती से रखी और मांगों के तत्काल समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। हरियाणा सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन श्री ईश्वरलाल पलक ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि आयोग उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सुझाव दिया कि कर्मचारियों की सभी जायज मांगों का एक ज्ञापन उन्हें सौंपा जाए, जिसे वे संबंधित मंत्री महोदय के समक्ष रखेंगे और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे। इस बैठक में नगरपालिका के स्थायी कर्मचारी, पेरोल कर्मचारी, ठेका प्रणाली के कर्मचारी और ग्रामीण क्षेत्रों के कर्मचारियों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया, जिससे उनकी एकजुटता स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हुई। अंत में, नगरपालिका कर्मचारी संघ ने बैठक में शामिल सभी साथियों का हार्दिक धन्यवाद और आभार व्यक्त किया, साथ ही 'जय एकता। जय भीम। जय संघर्ष।' के नारे लगाए।1
- गांव मिर्जापुर में शहंशाह पीर बाबा का मेला अत्यंत श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया।1
- राजस्थान के सिरोही नगर परिषद में मकानों के पट्टे बनाने के नाम पर रिश्वत मांगे जाने के आरोपों से हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में, कुछ लोगों ने अधिकारियों के सामने आरोप लगाया है कि पट्टा जारी करने के लिए कथित तौर पर ₹50 हजार तक की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायतकर्ताओं ने अधिकारियों के समक्ष पूरे मामले की जानकारी देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि बिना पैसे दिए पट्टों का काम आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों में भारी नाराजगी है। इस मामले का वीडियो सामने आने के बाद नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, अभी तक इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों की ओर से भी कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। आरोपों की सत्यता मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- एक व्यक्ति ने आत्महत्या करने से पहले एक वीडियो में कुछ सच्चाई उजागर की। यह जानकारी आखिरी वीडियो में दी गई, जिसके बाद व्यक्ति ने कथित तौर पर सुसाइड कर लिया।1
- अपनी पक्की छतों को वाटरप्रूफ कराने के लिए एक सेवा उपलब्ध है, जिसके तहत 7 साल की गारंटी और 14 साल का जीवन प्रदान किया जा रहा है।1
- शेखावत ने नए एयरपोर्ट टर्मिनल को पूरे मारवाड़ के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि पिछले 12 वर्षों के दौरान जोधपुर के आधारभूत ढांचे में अभूतपूर्व विकास दर्ज किया गया है।1
- सिमरन एचडी स्टूडियो 6 एच एल एम बागड़ियावाला विभिन्न प्रकार के आयोजनों के लिए पेशेवर वीडियो एडिटिंग सेवाएँ प्रदान करता है। उनकी सेवाओं में मुख्य रूप से वेडिंग शूट, प्री-वेडिंग शूट, एंगेजमेंट, जन्मदिन और सालगिरह के वीडियो की एडिटिंग शामिल है। इसके अतिरिक्त, स्टूडियो सॉन्ग शूट और म्यूजिक वीडियो सॉन्ग के लिए भी एडिटिंग सेवाएँ उपलब्ध कराता है। इच्छुक ग्राहक 7877615691 पर व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।2
- ट्रेनों में किन्नरों के कथित आतंक और अभद्र व्यवहार को लेकर यात्रियों में गहरी चिंता व्याप्त है, जिससे उनकी सुरक्षा पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। यात्रियों का पूछना है कि क्या ट्रेन में सफर करना उनकी गलती है और क्या किन्नरों को पैसे देना उनकी जिम्मेदारी है। शिकायत की जा रही है कि आए दिन किन्नर यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं, गाली गलौज करते हैं और झगड़े भी करते हैं, लेकिन इन घटनाओं पर कोई सुनवाई नहीं होती। इस गंभीर स्थिति पर रेलवे प्रशासन की चुप्पी और अधिकारियों की अनदेखी पर तीखे सवाल उठाए गए हैं। यह पूछा गया है कि आखिर यात्रियों की सुरक्षा कब सुनिश्चित होगी और उनकी सुरक्षा किसके भरोसे है, जब अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।1