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प्रयागराज के मेजा स्थित औता गाँव से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक महिला पर आरोप है कि उसने पैसे का लालच देकर किसी अन्य महिला के पति को अपने साथ भगा लिया है। इस घटना के बाद, पीड़ित पत्नी गहरे सदमे में है और अपने पति की वापसी तथा न्याय की गुहार लगाते हुए लगातार रो रही है। यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है, और लोग इस घटना की पूरी सच्चाई जानने का इंतजार कर रहे हैं।
JOURNALIST PANKAJ SINGH
प्रयागराज के मेजा स्थित औता गाँव से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक महिला पर आरोप है कि उसने पैसे का लालच देकर किसी अन्य महिला के पति को अपने साथ भगा लिया है। इस घटना के बाद, पीड़ित पत्नी गहरे सदमे में है और अपने पति की वापसी तथा न्याय की गुहार लगाते हुए लगातार रो रही है। यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है, और लोग इस घटना की पूरी सच्चाई जानने का इंतजार कर रहे हैं।
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- प्रयागराज के मेजा स्थित औता गाँव से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक महिला पर आरोप है कि उसने पैसे का लालच देकर किसी अन्य महिला के पति को अपने साथ भगा लिया है। इस घटना के बाद, पीड़ित पत्नी गहरे सदमे में है और अपने पति की वापसी तथा न्याय की गुहार लगाते हुए लगातार रो रही है। यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है, और लोग इस घटना की पूरी सच्चाई जानने का इंतजार कर रहे हैं।1
- Post by Raju Yadav3
- प्रयागराज जिले में एक पीड़ित परिवार ने कुछ दबंगों पर उनकी ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा करने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि ये दबंग लोग बार-बार उनके घर पर हमला करते हैं, उन्हें धमकी देते हैं और उनके घर का घेराव करते हैं। पीड़ित परिवार के अनुसार, उन्होंने इस मामले को लेकर पुलिस, प्रशासन और जनसुनवाई पोर्टल पर कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं। उन्होंने अपनी शिकायतों के साथ वीडियो सहित साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं। हालांकि, इन सभी प्रयासों के बावजूद अब तक इस मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के चलते, पीड़ित परिवार ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और न्याय पाने की गुहार लगाई है।1
- Post by Amarjeet Yadav1
- प्रयागराज के कौंधियारा थाना क्षेत्र स्थित बकरावां गांव के तालाब में कथित रूप से हो रहे अवैध खनन को लेकर ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताया है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद डायल 112 पुलिस ने मौके पर पहुँचकर कार्रवाई की और एक जेसीबी मशीन (UP70 QT 2206) को जब्त कर कौंधियारा थाने ले आई। पुलिस के अनुसार, इस मामले में आवश्यक विधिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है और खनन विभाग को भी जांच के लिए सूचित कर दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब में लंबे समय से रात के समय जेसीबी मशीनों से मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है। उनके मुताबिक, खनन के बाद मिट्टी से लदे ट्रैक्टर गांव की संकरी गलियों से तेज रफ्तार में गुजरते हैं, जिससे अक्सर दुर्घटना का भय बना रहता है और कई बार बच्चों व बुजुर्गों की जान जोखिम में पड़ चुकी है। इसके अलावा, ट्रैक्टरों के लगातार आवागमन से सड़कों पर धूल और मिट्टी फैल जाती है, जिससे लोगों को आने-जाने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर खींचने का प्रयास किया, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद उन्होंने सामूहिक रूप से डीसीपी यमुनानगर से शिकायत की, जिसके बाद यह त्वरित कार्रवाई हुई। कौंधियारा पुलिस ने जानकारी दी है कि मामले की जांच चल रही है और खनन विभाग की टीम भी पूरे प्रकरण की गहनता से जांच करेगी। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि यदि जांच में बिना अनुमति खनन किए जाने या अन्य नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तालाबों और अन्य सार्वजनिक भूमि पर होने वाले कथित अवैध खनन पर स्थायी रोक लगाई जाए और रात के समय विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रशासन ने भी जांच निष्पक्ष ढंग से करने और दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।1
- सूरत के भस्तान इलाके में कानून और व्यवस्था की स्थिति को तार-तार करती एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ अपनी ड्यूटी पूरी कर रात में घर लौट रहे दो सगे भाई असामाजिक तत्वों की गुंडागर्दी का शिकार हो गए। भस्तान की तिरुपति बालाजी सोसाइटी के ठीक सामने चल रहे एक शराब के अड्डे के पास इन दोनों भाइयों पर हिंसक हमला किया गया। हमलावरों ने दोनों भाइयों के साथ खूनी झड़प की, जिसमें छोटे भाई को गंभीर चोटें आईं। खून से लथपथ हालत में मदद के लिए तड़पते भाइयों ने तत्काल पुलिस सहायता के लिए 100 नंबर पर लगातार कॉल किए, लेकिन पुलिस कंट्रोल रूम से किसी ने फोन रिसीव करने की जहमत नहीं उठाई। अंततः, उन्होंने 108 इमरजेंसी एम्बुलेंस से संपर्क किया, जिसकी टीम ने मौके पर पहुँचकर प्राथमिक उपचार दिया और दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल प्रशासन ने घायलों की गंभीर स्थिति देखकर देर रात उनके परिवार को सूचित किया। पूरी रात अस्पताल में इलाज के बाद, अगली सुबह दोनों भाई मुश्किल से घर लौटे, तब जाकर परिवार की जान में जान आई। इस घटना ने भस्तान के निवासियों में भारी दहशत और शराब तस्करों के खिलाफ आक्रोश पैदा किया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आवासीय क्षेत्र के सामने खुलेआम शराब के अड्डे चलाने की हिम्मत किसे मिलती है, और संकट के समय 100 नंबर चुप क्यों रहा? अब देखना यह है कि स्थानीय पुलिस इन गुंडों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करती है या फिर इस मामले पर पर्दा डाल देती है।4