गुरसराय नगर के मुख्य बाजार में, थाने के समीप स्थापित 400 केवीए का विद्युत ट्रांसफार्मर रविवार रात अचानक खराब हो गया। इस घटना के कारण पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे भीषण गर्मी के बीच नगरवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। समस्या की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत विद्युत विभाग के अवर अभियंता दीपक कुमार को इसकी शिकायत दी। अवर अभियंता ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके पर एक अस्थायी ट्रांसफार्मर ट्रॉली भिजवाई। विद्युत विभाग के लाइनमैन और तकनीकी कर्मचारी रात से ही लगातार कड़ी मशक्कत कर बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास में जुटे हुए हैं। विभाग ने आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द विद्युत व्यवस्था को सुचारु कर दिया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को इस असुविधा से राहत मिल सके। नगरवासियों ने विद्युत विभाग की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, लेकिन साथ ही उन्होंने भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए एक स्थायी समाधान की भी मांग की है।
गुरसराय नगर के मुख्य बाजार में, थाने के समीप स्थापित 400 केवीए का विद्युत ट्रांसफार्मर रविवार रात अचानक खराब हो गया। इस घटना के कारण पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे भीषण गर्मी के बीच नगरवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। समस्या की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत विद्युत विभाग के अवर अभियंता दीपक कुमार को इसकी शिकायत दी। अवर अभियंता ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके पर एक अस्थायी ट्रांसफार्मर ट्रॉली भिजवाई। विद्युत विभाग के लाइनमैन और तकनीकी कर्मचारी रात से ही लगातार कड़ी मशक्कत कर बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास में जुटे हुए हैं। विभाग ने आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द विद्युत व्यवस्था को सुचारु कर दिया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को इस असुविधा से राहत मिल सके। नगरवासियों ने विद्युत विभाग की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, लेकिन साथ ही उन्होंने भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए एक स्थायी समाधान की भी मांग की है।
- गुरसराय नगर के मुख्य बाजार में, थाने के समीप स्थापित 400 केवीए का विद्युत ट्रांसफार्मर रविवार रात अचानक खराब हो गया। इस घटना के कारण पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे भीषण गर्मी के बीच नगरवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। समस्या की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत विद्युत विभाग के अवर अभियंता दीपक कुमार को इसकी शिकायत दी। अवर अभियंता ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके पर एक अस्थायी ट्रांसफार्मर ट्रॉली भिजवाई। विद्युत विभाग के लाइनमैन और तकनीकी कर्मचारी रात से ही लगातार कड़ी मशक्कत कर बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास में जुटे हुए हैं। विभाग ने आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द विद्युत व्यवस्था को सुचारु कर दिया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को इस असुविधा से राहत मिल सके। नगरवासियों ने विद्युत विभाग की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, लेकिन साथ ही उन्होंने भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए एक स्थायी समाधान की भी मांग की है।1
- तुर्का लहचूरा जिला झांसी तहसील टहरौली ब्लॉक गुरसराय थाना फतेहपुर तुर्का लहचूरा4
- हमीरपुर जिले में ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर फिर से गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ एक पुलिसकर्मी पर रिश्वत मांगने का संगीन आरोप लगा है। जालौन निवासी एक युवक ने पुलिस अधीक्षक (SP) हमीरपुर को एक शिकायती पत्र देकर बताया है कि ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने उससे ₹5 हजार की रिश्वत की मांग की थी। युवक का आरोप है कि रिश्वत न देने पर पुलिसकर्मी नाराज़ हो गया और उसकी पिकअप गाड़ी का ₹7 हजार का चालान काट दिया। पीड़ित युवक ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। यह घटना ट्रैफिक पुलिस में फैले भ्रष्टाचार और उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा रही है, जिससे पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में चोरों ने एक सूने घर में लाखों की चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। यह घटना रामपुरा थाना क्षेत्र के पचोखरा गांव की है, जहाँ चोरों ने घर में रखे लाखों के सोने-चांदी के जेवरात और नगदी लेकर फरार हो गए। चोरी की सूचना मिलते ही घर मालिक और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने मामले की जाँच पड़ताल शुरू कर दी है और अब चोरों की तलाश में जुट गई है।1
- जालौन के गोहन थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुरा गांव में देर रात अज्ञात हमलावरों ने ट्यूबवेल पर सो रहे एक 75 वर्षीय वृद्ध किसान गिरिजाशंकर तिवारी की बेरहमी से हत्या कर दी। हमलावरों ने उनके सिर और चेहरे पर कई वार किए, जिससे किसान की मौके पर ही मौत हो गई। बुधवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गई और दहशत व शोक का माहौल छा गया। जानकारी के अनुसार, पृथ्वीपुरा निवासी गिरिजाशंकर तिवारी पिछले कई वर्षों से रात में अपने खेत पर बने ट्यूबवेल पर ही सोते थे। मंगलवार रात भी वह रोज की तरह वहीं सो रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर लकड़ी के खंभों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। मृतक अपने पीछे एक पुत्र राकेश तिवारी और एक विवाहित पुत्री छोड़ गए हैं। फिलहाल, हत्या के पीछे का मकसद स्पष्ट नहीं हो पाया है। सूचना मिलने पर गोहन थाना पुलिस के साथ उच्चाधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और बारीकी से जांच-पड़ताल की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि ट्यूबवेल पर एक शव मिलने की सूचना मिली थी, जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले में तहरीर प्राप्त होते ही मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।6
- झांसी जिले के गुरसराय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में फार्मासिस्ट वीरेंद्र कुमार के स्थानांतरण के अवसर पर एक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। वीरेंद्र कुमार का गुरसराय से फतेहपुर स्वास्थ्य केंद्र में स्थानांतरण हुआ है, और इस कार्यक्रम की अध्यक्षता चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओ.पी. राठौर ने की। इस अवसर पर, सीएचसी गुरसराय के सभी चिकित्सकों और कर्मचारियों ने वीरेंद्र कुमार को भावभीनी विदाई देते हुए उनके उत्कृष्ट कार्यों, कर्तव्यनिष्ठा और सहयोगात्मक व्यवहार की भरपूर सराहना की। वक्ताओं ने उनके कार्यकाल के दौरान मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया। डॉ. ओ.पी. राठौर ने वीरेंद्र कुमार के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनकी नई तैनाती पर सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएँ दीं, जिसके प्रत्युत्तर में वीरेंद्र कुमार ने भी गुरसराय में मिले सहयोग और स्नेह के लिए अपने सभी सहकर्मियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। इस विदाई समारोह में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसराय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।1
- देश में परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, जहाँ पेपर लीक होने के कारण छात्रों की सालों की मेहनत खराब होने के बाद भी दोबारा परीक्षा आयोजित की जा सकती है और प्रश्नपत्र विमान से भी भेजे जा सकते हैं। इस दौरान छात्रों को अपनी मेहनत फिर से लगानी पड़ती है, जिससे उनकी वर्षों की तैयारी पर पानी फिर जाता है। लेकिन, इसी व्यवस्था में छात्रों को परीक्षा केंद्र में मात्र दो मिनट की देरी होने पर प्रवेश नहीं दिया जाता, जो एक बड़ा विरोधाभास पैदा करता है। इस कठोरता का खामियाजा छात्रों और उनके अभिभावकों को भुगतना पड़ता है। हाल ही में, एक बेटी के पिता को इसी कारण से रोते-बिलखते देखा गया, जो व्यवस्था की इस अमानवीय नीति से बेहद परेशान और दुखी थे।1