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उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को गति प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस और पीलीभीत जिलों को कुल ₹1,117 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इन परियोजनाओं के तहत हाथरस में ₹548 करोड़ और पीलीभीत में ₹569 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास, निवेश और रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री योगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि किसी परियोजना में लापरवाही या अनियमितता पाई गई तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से प्रदेश के आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

3 hrs ago
user_Pankaj Gupta
Pankaj Gupta
Media and information sciences faculty उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को गति प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस और पीलीभीत जिलों को कुल ₹1,117 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इन परियोजनाओं के तहत हाथरस में ₹548 करोड़ और पीलीभीत में ₹569 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास, निवेश और रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री योगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि किसी परियोजना में लापरवाही या अनियमितता पाई गई तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से प्रदेश के आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • राष्ट्रीय स्तर पर केंद्रीय मंत्रिमंडल में अति शीघ्र एक बड़ा फेरबदल होने की संभावना जताई जा रही है।
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    राष्ट्रीय स्तर पर केंद्रीय मंत्रिमंडल में अति शीघ्र एक बड़ा फेरबदल होने की संभावना जताई जा रही है।
    user_मुजीब आलम पत्रकार
    मुजीब आलम पत्रकार
    Graphic designer उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    55 min ago
  • स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले पर अपनी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि इस चोरी का 'पहला जिम्मेदार' व्यक्ति कोषाध्यक्ष है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कोषाध्यक्ष का नाम गोविंद देव गिरी बताया, हालांकि उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वे उनका नाम नहीं ले रहे हैं।
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    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले पर अपनी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि इस चोरी का 'पहला जिम्मेदार' व्यक्ति कोषाध्यक्ष है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कोषाध्यक्ष का नाम गोविंद देव गिरी बताया, हालांकि उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वे उनका नाम नहीं ले रहे हैं।
    user_Uttar pradesh ki takat
    Uttar pradesh ki takat
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • जालौन के रामपुरा थाना क्षेत्र के पचोखरा गांव में शॉर्ट सर्किट के कारण एक घर में भीषण आग लग गई। आग की तेज लपटें और धुएं का गुब्बार उठता देख इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग को बेकाबू होते देख ग्रामीणों ने तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी। दमकलकर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक घर में रखा लाखों का गृहस्थी का सामान जलकर खाक हो चुका था, जिसमें फ्रिज, कूलर, कपड़े और अनाज जैसी महत्वपूर्ण वस्तुएं पूरी तरह राख हो गईं। इस घटना से एक गरीब का आशियाना पलभर में तबाह हो गया।
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    जालौन के रामपुरा थाना क्षेत्र के पचोखरा गांव में शॉर्ट सर्किट के कारण एक घर में भीषण आग लग गई। आग की तेज लपटें और धुएं का गुब्बार उठता देख इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

आग को बेकाबू होते देख ग्रामीणों ने तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी। दमकलकर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक घर में रखा लाखों का गृहस्थी का सामान जलकर खाक हो चुका था, जिसमें फ्रिज, कूलर, कपड़े और अनाज जैसी महत्वपूर्ण वस्तुएं पूरी तरह राख हो गईं। इस घटना से एक गरीब का आशियाना पलभर में तबाह हो गया।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को गति प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस और पीलीभीत जिलों को कुल ₹1,117 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इन परियोजनाओं के तहत हाथरस में ₹548 करोड़ और पीलीभीत में ₹569 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास, निवेश और रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री योगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि किसी परियोजना में लापरवाही या अनियमितता पाई गई तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से प्रदेश के आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
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    उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को गति प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस और पीलीभीत जिलों को कुल ₹1,117 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इन परियोजनाओं के तहत हाथरस में ₹548 करोड़ और पीलीभीत में ₹569 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास, निवेश और रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री योगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि किसी परियोजना में लापरवाही या अनियमितता पाई गई तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से प्रदेश के आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
    user_Pankaj Gupta
    Pankaj Gupta
    Media and information sciences faculty उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • उरई शहर में कभी प्यास बुझाने वाले वर्षों पुराने ऐतिहासिक कुएँ आज प्रशासन की अनदेखी, अतिक्रमण, कूड़े-करकट और भू-माफियाओं के लालच का शिकार होकर अपनी बदहाली पर आँसू बहा रहे हैं। शहर की ये धरोहरें मिटने की कगार पर हैं, जिससे हर जागरूक नागरिक चिंतित है। हाल ही में उरई के मातापुरा मुहल्ले में एक सैकड़ों वर्ष पुराने कुएँ का मामला सामने आया है, जिसे एक राजनीतिक रसूख रखने वाले दबंग मिश्रा परिवार ने कूड़ा-कचरा भरकर उसकी हालत खराब कर दी है। अब उस पर वाहन खड़े करने के लिए अवैध रूप से गैरेज का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है, जिसका कुछ समाजसेवी लोगों ने विरोध भी किया, लेकिन दबंग परिवार ने जबरन अपना निर्माण कार्य जारी रखा, जिसे तोड़ा जाना अतिआवश्यक बताया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भू-माफिया धीरे-धीरे इन कुओं को पाटकर उन पर कब्जा कर रहे हैं, और कई स्थानों पर तो कुओं की पहचान तक मिटा दी गई है। नगर के दर्जनों अन्य कुएँ या तो पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं या वर्षों से उनकी सफाई नहीं हुई है। कुछ कुएँ गंदगी और प्लास्टिक के अंबार से भरे हैं, जो दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन को कई बार सूचना देने के बाद भी इन समस्याओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। विशेषज्ञों और इतिहासकारों का मत है कि ये कुएँ सिर्फ जल स्रोत नहीं, बल्कि उरई की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत हैं, और यदि इन्हें समय रहते संरक्षित नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ियाँ इन्हें केवल तस्वीरों में ही देख पाएँगी। इस गंभीर स्थिति के चलते बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर प्रशासन इन ऐतिहासिक कुओं की सुरक्षा कब करेगा, भू-माफियाओं पर कब कार्रवाई होगी, और क्या नगर पालिका इन कुओं के पुनर्जीवन का अभियान शुरू करेगी? रिपोर्ट इस बात पर जोर देती है कि उरई के ऐतिहासिक कुएँ शहर की पहचान और जल संरक्षण की अमूल्य धरोहर हैं, और यदि आज इन्हें नहीं बचाया गया, तो कल इन्हें वापस लाना संभव नहीं होगा।
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    उरई शहर में कभी प्यास बुझाने वाले वर्षों पुराने ऐतिहासिक कुएँ आज प्रशासन की अनदेखी, अतिक्रमण, कूड़े-करकट और भू-माफियाओं के लालच का शिकार होकर अपनी बदहाली पर आँसू बहा रहे हैं। शहर की ये धरोहरें मिटने की कगार पर हैं, जिससे हर जागरूक नागरिक चिंतित है। हाल ही में उरई के मातापुरा मुहल्ले में एक सैकड़ों वर्ष पुराने कुएँ का मामला सामने आया है, जिसे एक राजनीतिक रसूख रखने वाले दबंग मिश्रा परिवार ने कूड़ा-कचरा भरकर उसकी हालत खराब कर दी है। अब उस पर वाहन खड़े करने के लिए अवैध रूप से गैरेज का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है, जिसका कुछ समाजसेवी लोगों ने विरोध भी किया, लेकिन दबंग परिवार ने जबरन अपना निर्माण कार्य जारी रखा, जिसे तोड़ा जाना अतिआवश्यक बताया गया है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि भू-माफिया धीरे-धीरे इन कुओं को पाटकर उन पर कब्जा कर रहे हैं, और कई स्थानों पर तो कुओं की पहचान तक मिटा दी गई है। नगर के दर्जनों अन्य कुएँ या तो पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं या वर्षों से उनकी सफाई नहीं हुई है। कुछ कुएँ गंदगी और प्लास्टिक के अंबार से भरे हैं, जो दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन को कई बार सूचना देने के बाद भी इन समस्याओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। विशेषज्ञों और इतिहासकारों का मत है कि ये कुएँ सिर्फ जल स्रोत नहीं, बल्कि उरई की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत हैं, और यदि इन्हें समय रहते संरक्षित नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ियाँ इन्हें केवल तस्वीरों में ही देख पाएँगी।

इस गंभीर स्थिति के चलते बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर प्रशासन इन ऐतिहासिक कुओं की सुरक्षा कब करेगा, भू-माफियाओं पर कब कार्रवाई होगी, और क्या नगर पालिका इन कुओं के पुनर्जीवन का अभियान शुरू करेगी? रिपोर्ट इस बात पर जोर देती है कि उरई के ऐतिहासिक कुएँ शहर की पहचान और जल संरक्षण की अमूल्य धरोहर हैं, और यदि आज इन्हें नहीं बचाया गया, तो कल इन्हें वापस लाना संभव नहीं होगा।
    user_SONI NEWS
    SONI NEWS
    Media company उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • जालौन के उरई स्थित रामकुंड इलाके में सोमवार को एक अनोखा मामला चर्चा का विषय बन गया, जहाँ "इश्क उम्र का मोहताज नहीं होता" वाली कहावत सच साबित होती दिखी। दरअसल, चार बच्चों की एक मां कथित तौर पर पांच बच्चों के पिता के साथ घर छोड़कर नई जिंदगी शुरू करने निकली थी, लेकिन वे अपनी मंजिल तक पहुंचने से पहले ही अपने परिजनों के हत्थे चढ़ गए। जैसे ही दोनों के घर से निकलने की जानकारी परिजनों को मिली, उन्होंने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। इस दौरान गुस्साए परिजनों ने कथित प्रेमी की मौके पर ही जमकर पिटाई कर दी, जिससे देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल गर्मा गया। इसके बाद दोनों को जेल पुलिस चौकी लाया गया, जहाँ महिला के परिजनों ने फिर से जमकर हंगामा किया। सूचना पाकर मौके पर पहुँची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और पूरे मामले की जाँच शुरू कर दी है। यह घटना पूरे ओराई कोतवाली क्षेत्र के रामकुंड, जनपद जालौन में तेजी से फैल गई है और हर तरफ इसी की चर्चा हो रही है। कोई इसे सच्ची प्रेम कहानी बता रहा है, तो कोई इसे पारिवारिक रिश्तों में टूटते भरोसे का एक उदाहरण मान रहा है।
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    जालौन के उरई स्थित रामकुंड इलाके में सोमवार को एक अनोखा मामला चर्चा का विषय बन गया, जहाँ "इश्क उम्र का मोहताज नहीं होता" वाली कहावत सच साबित होती दिखी। दरअसल, चार बच्चों की एक मां कथित तौर पर पांच बच्चों के पिता के साथ घर छोड़कर नई जिंदगी शुरू करने निकली थी, लेकिन वे अपनी मंजिल तक पहुंचने से पहले ही अपने परिजनों के हत्थे चढ़ गए।

जैसे ही दोनों के घर से निकलने की जानकारी परिजनों को मिली, उन्होंने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। इस दौरान गुस्साए परिजनों ने कथित प्रेमी की मौके पर ही जमकर पिटाई कर दी, जिससे देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल गर्मा गया। इसके बाद दोनों को जेल पुलिस चौकी लाया गया, जहाँ महिला के परिजनों ने फिर से जमकर हंगामा किया। सूचना पाकर मौके पर पहुँची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और पूरे मामले की जाँच शुरू कर दी है।

यह घटना पूरे ओराई कोतवाली क्षेत्र के रामकुंड, जनपद जालौन में तेजी से फैल गई है और हर तरफ इसी की चर्चा हो रही है। कोई इसे सच्ची प्रेम कहानी बता रहा है, तो कोई इसे पारिवारिक रिश्तों में टूटते भरोसे का एक उदाहरण मान रहा है।
    user_Sanjay kumar Pattakar
    Sanjay kumar Pattakar
    Local News Reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जालौन में तैनात एसडीएम एवं पूर्व आईएएस रिंकू सिंह राही एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। 23 जून को बेतवा आईस एंड कोल्ड स्टोरेज के निरीक्षण के दौरान उनकी ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन से तीखी बहस हो गई। बहस के दौरान एसडीएम रिंकू राही ने ब्लॉक प्रमुख को थप्पड़ मारने का प्रयास किया, जिसकी सीसीटीवी फुटेज सामने आई है। इस वीडियो में रिंकू राही और ब्लॉक प्रमुख के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई जैसी स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। घटना के बाद ब्लॉक प्रमुख ने जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय से शिकायत दर्ज कराई है और साक्ष्य के तौर पर सीसीटीवी फुटेज भी सौंप दी है। इस घटना को लेकर जिले के नेताओं में आक्रोश है, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारी जालौन राजेश पाण्डेय ने आरोपों की पुष्टि के लिए पांच सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर जांच के आदेश दिए हैं।
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    जालौन में तैनात एसडीएम एवं पूर्व आईएएस रिंकू सिंह राही एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। 23 जून को बेतवा आईस एंड कोल्ड स्टोरेज के निरीक्षण के दौरान उनकी ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन से तीखी बहस हो गई। बहस के दौरान एसडीएम रिंकू राही ने ब्लॉक प्रमुख को थप्पड़ मारने का प्रयास किया, जिसकी सीसीटीवी फुटेज सामने आई है। इस वीडियो में रिंकू राही और ब्लॉक प्रमुख के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई जैसी स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।

घटना के बाद ब्लॉक प्रमुख ने जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय से शिकायत दर्ज कराई है और साक्ष्य के तौर पर सीसीटीवी फुटेज भी सौंप दी है। इस घटना को लेकर जिले के नेताओं में आक्रोश है, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारी जालौन राजेश पाण्डेय ने आरोपों की पुष्टि के लिए पांच सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर जांच के आदेश दिए हैं।
    user_Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    रिपोर्टर उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
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