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झारखंड से पहुंचीं बहा लिंडा ने जशपुर डी-लिस्टिंग के विरोध में आयोजित रैली में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि दातुन, पताई, लकड़ी, तेंदू और डूमर जैसे वन उत्पादों पर वास्तव में किसका अधिकार है।
हमर जशपुर
झारखंड से पहुंचीं बहा लिंडा ने जशपुर डी-लिस्टिंग के विरोध में आयोजित रैली में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि दातुन, पताई, लकड़ी, तेंदू और डूमर जैसे वन उत्पादों पर वास्तव में किसका अधिकार है।
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- फिलहाल, एक तालाब में सुंदरीकरण का काम चल रहा है, लेकिन इस प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यह सुंदरीकरण गलत तरीके से किया जा रहा है, जिस पर चिंता व्यक्त की जा रही है।1
- पटना के रूपसपुर स्थित 'हिडन विला' होटल एक गंभीर आपराधिक मामले को लेकर इन दिनों सुर्खियों में है। इस होटल में एक युवती के साथ छेड़खानी और बदसलूकी का मामला सामने आया है, जिसकी गंभीरता इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना युवती के पिता के सामने हुई। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है। होटल के मैनेजर रोहित और स्टाफ काजू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने मुख्य आरोपी को भी पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। जांच के दौरान होटल के मालिकाना हक को लेकर भी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। खबरों के अनुसार, इस होटल के एक नहीं बल्कि पाँच अलग-अलग मालिक होने का पता चला है, जिसकी आगे और छानबीन की जा रही है। यह होटल पटना के रूपसपुर/दानापुर इलाके (कलिकेत नगर, आरपीएस लॉ कॉलेज के पास) में स्थित है, और यह मामला स्थानीय खबरों व सोशल मीडिया पर काफी चर्चित है।1
- खुंटी जिले में व्याप्त पानी की समस्या के संबंध में जिला महासचिव योगेश वर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले के चिरी नामा टोली में एक घटना सामने आई है, जहाँ अज्ञात लोगों ने बर पूजा का धागा जला दिया। इस कार्रवाई से धार्मिक भावनाओं को गहरा आघात पहुँचा है, और इस तरह किसी के भी धर्म को ठेस पहुँचाना बिल्कुल भी उचित नहीं बताया गया है।1
- लातेहार में सलमान ज़फर खिजोरी ने अपर समाहर्ता पद का कार्यभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करने के उपरांत उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पहली प्राथमिकता जनता से जुड़ी जमीन संबंधी समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने विशेष रूप से जमीन विवादों की समस्या को दूर करने का संकल्प जताया। खिजोरी ने यह भी कहा कि अंचल स्तर पर लंबित मामलों को प्रभावी ढंग से दूर कर आम लोगों को बेहतर प्रशासनिक सुविधाएँ प्रदान करने का निरंतर प्रयास किया जाएगा।1
- झारखंड राज्य इस समय मौसम के दोहरे हमले का सामना कर रहा है। एक तरफ राज्य के कुछ हिस्सों में जहाँ भीषण लू का प्रकोप जारी है, जिससे लोगों को खासी परेशानी हो रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ अन्य क्षेत्रों के लिए तेज आंधी, बारिश और वज्रपात (बिजली गिरने) का अलर्ट भी जारी किया गया है, जो मौसम के इस 'डबल अटैक' को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।1
- सिमडेगा में ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले श्रीरामरेखा धाम को पर्यटन स्थल घोषित किए जाने के विरोध में मंगलवार को सनातन समाज का भारी आक्रोश सामने आया। हजारों की संख्या में सनातनी समाज के लोगों ने शहर में विशाल आक्रोश मार्च निकाला, पैदल यात्रा की और जमकर नारेबाजी करते हुए श्रीरामरेखा धाम को पर्यटन क्षेत्र के बजाय 'तीर्थ क्षेत्र' घोषित करने की मांग उठाई। इस विरोध प्रदर्शन में सिमडेगा, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से हजारों श्रद्धालु गांधी मैदान में एकत्र हुए, जहाँ से उन्होंने चिलचिलाती धूप में समाहरणालय तक मार्च किया। संत समाज के प्रांत अध्यक्ष कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज ने इस मौके पर कहा कि सनातन समाज की आस्था को ठेस पहुँचाने का अधिकार किसी को नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि युगों से भगवान श्रीराम की आदर्श परंपरा का पालन करने वाले वनवासी और सनातनी समाज के लिए श्रीरामरेखा धाम आस्था और श्रद्धा का केंद्र रहा है। ऐसे पवित्र स्थल को पर्यटन क्षेत्र घोषित करना लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। महाराज ने अयोध्या को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के रूप में मिली पहचान का उदाहरण देते हुए श्रीरामरेखा धाम को भी तीर्थ क्षेत्र घोषित करने की मांग की। सनातन समाज के कौशल राज सिंह देव ने अपनी बात रखते हुए कहा कि श्रीरामरेखा धाम करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और यदि इसे पर्यटन स्थल बनाया गया तो यहाँ ऐसे लोगों का आगमन बढ़ेगा जो धार्मिक मर्यादाओं का पालन नहीं करेंगे, जिससे धाम की पवित्रता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। वहीं, जैन मुनि डॉ. पद्मराज ने पर्यटन और तीर्थ के अर्थों का भेद समझाते हुए कहा कि पर्यटन का उद्देश्य मनोरंजन और मौज-मस्ती होता है, जबकि तीर्थ आध्यात्मिक चेतना, आत्मशुद्धि और धर्म से जोड़ता है, इसलिए श्रीरामरेखा धाम को तीर्थ क्षेत्र के रूप में ही मान्यता मिलनी चाहिए। प्रशासन ने आक्रोश मार्च को समाहरणालय गेट के पास रोक दिया, जिसके बाद संतों की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने हजारों लोगों के हस्ताक्षरों वाला एक ज्ञापन एसडीओ सिमडेगा को पर्यटन मंत्री के नाम उपायुक्त के माध्यम से सौंपा। इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न मंदिर समितियों के सदस्य, विभिन्न समाजों के पदाधिकारी और हजारों की संख्या में सनातनी श्रद्धालु उपस्थित रहे। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक सांकेतिक आंदोलन है और यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कोई निर्णय नहीं लिया गया तो आगे चलकर और भी उग्र आंदोलन किए जाएँगे।1
- सोशल मीडिया पर 'कोकरोच जनता पार्टी' ने जबरदस्त धमाका किया है, जो इंटरनेट पर एक नई सनसनी के रूप में उभरी है। इस पार्टी ने मात्र एक हफ्ते के भीतर 2 करोड़ (20 मिलियन) फॉलोअर्स का जादुई आँकड़ा पार करके अपनी असाधारण लोकप्रियता दर्ज की है।1
- खूंटी जिले के कर्रा और जरियागढ़ थाना क्षेत्रों में बकरीद पर्व के शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शांति समिति की बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों का मुख्य प्रयोजन आगामी पर्व को लेकर स्थानीय स्तर पर शांति और सद्भाव बनाए रखने पर चर्चा करना था।1