logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

नर्मदा नदी का उदगम तो अमरकंटक से है लेकिन उसने जहां से प्रवाह मार्ग चुना वहा प्रकृति ने विशेष स्थान दिया जबलपुर में यह कई नर्मदा घाट के बाबजूद यह भेड़ाघाट जो धुंआधार से विख्यात अब वीडियो में देख रहे दूधिया जल का रूप जो नर्मदा जी के जैसे ही चट्टानों से नीचे गिरने के साथ ही धुआं धुआं उठने लगता है जिससे प्रकृति द्वारा विशेष रूप दिया गया देश एवं विदेश से कई पर्यटक आते हैं यहां घूमने आप भी गए कभी तो कमेंट कर जरूर बताए

6 hrs ago
user_Akhlesh jain Reportar
Akhlesh jain Reportar
Salesperson देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
6 hrs ago

नर्मदा नदी का उदगम तो अमरकंटक से है लेकिन उसने जहां से प्रवाह मार्ग चुना वहा प्रकृति ने विशेष स्थान दिया जबलपुर में यह कई नर्मदा घाट के बाबजूद यह भेड़ाघाट जो धुंआधार से विख्यात अब वीडियो में देख रहे दूधिया जल का रूप जो नर्मदा जी के जैसे ही चट्टानों से नीचे गिरने के साथ ही धुआं धुआं उठने लगता है जिससे प्रकृति द्वारा विशेष रूप दिया गया देश एवं विदेश से कई पर्यटक आते हैं यहां घूमने आप भी गए कभी तो कमेंट कर जरूर बताए

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • 2023 में भाजपा ने वचन पत्र में लिखा था कि लाड़ली बहनों को पक्का मकान दिया जाएगा। आज मुख्यमंत्री मोहन यादव भोपाल में लाड़ली बहनों के घरों पर बुलडोजर चला रहे हैं।
    1
    2023 में भाजपा ने वचन पत्र में लिखा था कि लाड़ली बहनों को पक्का मकान दिया जाएगा।
आज मुख्यमंत्री मोहन यादव भोपाल में लाड़ली बहनों के घरों पर बुलडोजर चला रहे हैं।
    user_Sonu prajapati journalist Pres
    Sonu prajapati journalist Pres
    Food And Caterers देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • जबलपुर में यह कई नर्मदा घाट के बाबजूद यह भेड़ाघाट जो धुंआधार से विख्यात अब वीडियो में देख रहे दूधिया जल का रूप जो नर्मदा जी के जैसे ही चट्टानों से नीचे गिरने के साथ ही धुआं धुआं उठने लगता है जिससे प्रकृति द्वारा विशेष रूप दिया गया देश एवं विदेश से कई पर्यटक आते हैं यहां घूमने आप भी गए कभी तो कमेंट कर जरूर बताए
    1
    जबलपुर में यह कई नर्मदा घाट के बाबजूद यह भेड़ाघाट जो धुंआधार से विख्यात अब वीडियो में देख रहे दूधिया जल का रूप जो नर्मदा जी के जैसे ही चट्टानों से नीचे गिरने के साथ ही धुआं धुआं उठने लगता है जिससे प्रकृति द्वारा विशेष रूप दिया गया देश एवं विदेश से कई पर्यटक आते हैं यहां घूमने आप भी गए कभी तो कमेंट कर जरूर बताए
    user_Akhlesh jain Reportar
    Akhlesh jain Reportar
    Salesperson देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • *मप्र में आदिवासी जमीन का करोड़ों का घोटाला: OBC ने बेटे को फर्जी आदिवासी बनाकर 40 एकड़ जमीन हड़पी* सागर मध्यप्रदेश के सागर जिले की केसली तहसील में गरीब आदिवासियों की जमीन हड़पने का करोड़ों रुपए का घोटाला सामने आया है। ग्राम पंचायत नारायणपुर के अंतर्गत इदलपुर गांव में एक ओबीसी वर्ग के व्यक्ति ने अपने नाबालिग बेटे को फर्जी तरीके से *गोंड आदिवासी* दर्शाकर *करीब 40 एकड़ आदिवासी जमीन* की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली है। *बाजार में इस जमीन की कीमत करोड़ों रुपए बताई जा रही है।* *क्या है पूरा मामला:* जानकारी के अनुसार, क्रेता *गजेंद्र नाबालिक, पिता गोपाल बल्द भैयालाल* निवासी नयाखेड़ा इदलपुर ने विक्रेता *रतिराम पिता विश्राम* और *तेजा बाई पुत्री विश्राम* निवासी इदलपुर से जमीन खरीदी है। आरोप है कि गजेंद्र ओबीसी वर्ग से है, लेकिन रजिस्ट्री के लिए बेटे को आदिवासी बताया गया। *कई आदिवासियों की करीब 40 एकड़ जमीन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक ही परिवार के नाम कर दी गई।* रजिस्ट्री कार्यालय से इसकी रजिस्ट्री भी हो गई। *उठ रहे गंभीर सवाल:* 1. *40 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री एक साथ कैसे हुई?* पटवारी-तहसीलदार की रिपोर्ट के बिना ये संभव नहीं। 2. *फर्जी आदिवासी प्रमाण पत्र कहां से बना?* नाबालिग को आदिवासी दर्शाने के लिए कौन से दस्तावेज लगे? 3. *रजिस्ट्री ऑफिस में KYC कैसे पास हुई?* करोड़ों की जमीन की रजिस्ट्री बिना जांच कैसे हो गई? 4. *संपदा पोर्टल पर लट्टीट्यूड-लोंगिट्यूड, फोटोग्राफ्स* किसने अपलोड किए? मौके पर गया कौन? 5. *राजस्व विभाग की मिलीभगत* - धारा 165 के तहत आदिवासी जमीन गैर-आदिवासी को बेचना अवैध है, फिर भी 40 एकड़ की रजिस्ट्री हो गई। *कानून क्या कहता है:* मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 165(6) के अनुसार, अनुसूचित जनजाति की भूमि गैर-आदिवासी को कलेक्टर की अनुमति के बिना हस्तांतरित नहीं की जा सकती। ऐसा करना संज्ञेय अपराध है। *प्रशासन से मांग:* ग्रामीणों ने मांग की है कि *कलेक्टर सागर, कमिश्नर सागर संभाग और मुख्यमंत्री* इस मामले का तुरंत संज्ञान लें। 1. 40 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री तत्काल निरस्त की जाए 2. फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले, रजिस्ट्री करने वाले अधिकारी और दलालों पर FIR हो 3. पूरे केसली तहसील में पिछले 15 साल में हुई आदिवासी जमीन की रजिस्ट्री की जांच हो 4. दोषी अधिकारियों को सस्पेंड कर EOW जांच कराई जाए *यह सिर्फ जमीन नहीं, आदिवासियों के अस्तित्व का सवाल है।* अगर करोड़ों की 40 एकड़ जमीन यूं ही हड़प ली जाएगी तो गरीब आदिवासी कहां जाएंगे। शासन को आंख में धूल झोंकने वालों पर ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए कि दोबारा कोई हिम्मत न करे। --- *हेडलाइन ऑप्शन:* 1. सागर में 40 एकड़ आदिवासी जमीन का घोटाला: OBC ने बेटे को गोंड बताकर हड़पी करोड़ों की जमीन 2. केसली में करोड़ों का जमीन घोटाला: फर्जी आदिवासी बनकर 40 एकड़ पर कब्जा, रजिस्ट्री भी हो गई 3. नारायणपुर में आदिवासियों से धोखा: एक ही परिवार ने हड़पी 40 एकड़ जमीन, अफसर बने मूकदर्श *मप्र में आदिवासी जमीन का करोड़ों का घोटाला: OBC ने बेटे को फर्जी आदिवासी बनाकर 40 एकड़ जमीन हड़पी मध्यप्रदेश के सागर जिले की केसली तहसील में गरीब आदिवासियों की जमीन हड़पने का करोड़ों रुपए का घोटाला सामने आया है। ग्राम पंचायत नारायणपुर के अंतर्गत इदलपुर गांव में एक ओबीसी वर्ग के व्यक्ति ने अपने नाबालिग बेटे को फर्जी तरीके से *गोंड आदिवासी* दर्शाकर *करीब 40 एकड़ आदिवासी जमीन* की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली है। *बाजार में इस जमीन की कीमत करोड़ों रुपए बताई जा रही है।* *क्या है पूरा मामला:* जानकारी के अनुसार, क्रेता *गजेंद्र नाबालिक, पिता गोपाल बल्द भैयालाल* निवासी नयाखेड़ा इदलपुर ने विक्रेता *रतिराम पिता विश्राम* और *तेजा बाई पुत्री विश्राम* निवासी इदलपुर से जमीन खरीदी है। आरोप है कि गजेंद्र ओबीसी वर्ग से है, लेकिन रजिस्ट्री के लिए बेटे को आदिवासी बताया गया। *कई आदिवासियों की करीब 40 एकड़ जमीन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक ही परिवार के नाम कर दी गई।* रजिस्ट्री कार्यालय से इसकी रजिस्ट्री भी हो गई। *उठ रहे गंभीर सवाल:* 1. *40 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री एक साथ कैसे हुई?* पटवारी-तहसीलदार की रिपोर्ट के बिना ये संभव नहीं। 2. *फर्जी आदिवासी प्रमाण पत्र कहां से बना?* नाबालिग को आदिवासी दर्शाने के लिए कौन से दस्तावेज लगे? 3. *रजिस्ट्री ऑफिस में KYC कैसे पास हुई?* करोड़ों की जमीन की रजिस्ट्री बिना जांच कैसे हो गई? मौके पर गया कौन? *राजस्व विभाग की मिलीभगत* - धारा 165 के तहत आदिवासी जमीन गैर-आदिवासी को बेचना अवैध है, फिर भी 40 एकड़ की रजिस्ट्री हो गई। *कानून क्या कहता है:* मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 165(6) के अनुसार, अनुसूचित जनजाति की भूमि गैर-आदिवासी को कलेक्टर की अनुमति के बिना हस्तांतरित नहीं की जा सकती। ऐसा करना संज्ञेय अपराध है। *प्रशासन से मांग:* ग्रामीणों ने मांग की है कि *कलेक्टर सागर, कमिश्नर सागर संभाग और मुख्यमंत्री* इस मामले का तुरंत संज्ञान लें। 1. 40 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री तत्काल निरस्त की जाए 2. फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले, रजिस्ट्री करने वाले अधिकारी और दलालों पर FIR हो 3. पूरे केसली तहसील में पिछले 5 साल में हुई आदिवासी जमीन की रजिस्ट्री की जांच हो 4. दोषी अधिकारियों को सस्पेंड कर EOW जांच कराई जाए *यह सिर्फ जमीन नहीं, आदिवासियों के अस्तित्व का सवाल है।* अगर करोड़ों की 40 एकड़ जमीन यूं ही हड़प ली जाएगी तो गरीब आदिवासी कहां जाएंगे। शासन को आंख में धूल झोंकने वालों पर ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए कि दोबारा कोई हिम्मत न करे। --- *हेडलाइन ऑप्शन:* 1. सागर में 40 एकड़ आदिवासी जमीन का घोटाला: OBC ने बेटे को गोंड बताकर हड़पी करोड़ों की जमीन 2. केसली में करोड़ों का जमीन घोटाला: फर्जी आदिवासी बनकर 40 एकड़ पर कब्जा, रजिस्ट्री भी हो गई 3. नारायणपुर में आदिवासियों से धोखा: एक ही परिवार ने हड़पी 40 एकड़ जमीन, अफसर बने मूकदर्शक *
    4
    *मप्र में आदिवासी जमीन का करोड़ों का घोटाला: OBC ने बेटे को फर्जी आदिवासी बनाकर 40 एकड़ जमीन हड़पी*
सागर 
मध्यप्रदेश के सागर जिले की केसली तहसील में गरीब आदिवासियों की जमीन हड़पने का करोड़ों रुपए का घोटाला सामने आया है। ग्राम पंचायत नारायणपुर के अंतर्गत इदलपुर गांव में एक ओबीसी वर्ग के व्यक्ति ने अपने नाबालिग बेटे को फर्जी तरीके से *गोंड आदिवासी* दर्शाकर *करीब 40 एकड़ आदिवासी जमीन* की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली है। *बाजार में इस जमीन की कीमत करोड़ों रुपए बताई जा रही है।*
*क्या है पूरा मामला:*
जानकारी के अनुसार, क्रेता *गजेंद्र नाबालिक, पिता गोपाल बल्द भैयालाल* निवासी नयाखेड़ा इदलपुर ने विक्रेता *रतिराम पिता विश्राम* और *तेजा बाई पुत्री विश्राम* निवासी इदलपुर से जमीन खरीदी है। आरोप है कि गजेंद्र ओबीसी वर्ग से है, लेकिन रजिस्ट्री के लिए बेटे को आदिवासी बताया गया। *कई आदिवासियों की करीब 40 एकड़ जमीन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक ही परिवार के नाम कर दी गई।* रजिस्ट्री कार्यालय से इसकी रजिस्ट्री भी हो गई।
*उठ रहे गंभीर सवाल:*
1. *40 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री एक साथ कैसे हुई?* पटवारी-तहसीलदार की रिपोर्ट के बिना ये संभव नहीं।
2. *फर्जी आदिवासी प्रमाण पत्र कहां से बना?* नाबालिग को आदिवासी दर्शाने के लिए कौन से दस्तावेज लगे?
3. *रजिस्ट्री ऑफिस में KYC कैसे पास हुई?* करोड़ों की जमीन की रजिस्ट्री बिना जांच कैसे हो गई?
4. *संपदा पोर्टल पर लट्टीट्यूड-लोंगिट्यूड, फोटोग्राफ्स* किसने अपलोड किए? मौके पर गया कौन?
5. *राजस्व विभाग की मिलीभगत* - धारा 165 के तहत आदिवासी जमीन गैर-आदिवासी को बेचना अवैध है, फिर भी 40 एकड़ की रजिस्ट्री हो गई।
*कानून क्या कहता है:*
मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 165(6) के अनुसार, अनुसूचित जनजाति की भूमि गैर-आदिवासी को कलेक्टर की अनुमति के बिना हस्तांतरित नहीं की जा सकती। ऐसा करना संज्ञेय अपराध है।
*प्रशासन से मांग:*
ग्रामीणों ने मांग की है कि *कलेक्टर सागर, कमिश्नर सागर संभाग और मुख्यमंत्री* इस मामले का तुरंत संज्ञान लें। 
1. 40 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री तत्काल निरस्त की जाए
2. फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले, रजिस्ट्री करने वाले अधिकारी और दलालों पर FIR हो
3. पूरे केसली तहसील में पिछले 15 साल में हुई आदिवासी जमीन की रजिस्ट्री की जांच हो
4. दोषी अधिकारियों को सस्पेंड कर EOW जांच कराई जाए
*यह सिर्फ जमीन नहीं, आदिवासियों के अस्तित्व का सवाल है।* अगर करोड़ों की 40 एकड़ जमीन यूं ही हड़प ली जाएगी तो गरीब आदिवासी कहां जाएंगे। शासन को आंख में धूल झोंकने वालों पर ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए कि दोबारा कोई हिम्मत न करे।
---
*हेडलाइन ऑप्शन:*
1. सागर में 40 एकड़ आदिवासी जमीन का घोटाला: OBC ने बेटे को गोंड बताकर हड़पी करोड़ों की जमीन
2. केसली में करोड़ों का जमीन घोटाला: फर्जी आदिवासी बनकर 40 एकड़ पर कब्जा, रजिस्ट्री भी हो गई
3. नारायणपुर में आदिवासियों से धोखा: एक ही परिवार ने हड़पी 40 एकड़ जमीन, अफसर बने मूकदर्श
*मप्र में आदिवासी जमीन का करोड़ों का घोटाला: OBC ने बेटे को फर्जी आदिवासी बनाकर 40 एकड़ जमीन हड़पी 
मध्यप्रदेश के सागर जिले की केसली तहसील में गरीब आदिवासियों की जमीन हड़पने का करोड़ों रुपए का घोटाला सामने आया है। ग्राम पंचायत नारायणपुर के अंतर्गत इदलपुर गांव में एक ओबीसी वर्ग के व्यक्ति ने अपने नाबालिग बेटे को फर्जी तरीके से *गोंड आदिवासी* दर्शाकर *करीब 40 एकड़ आदिवासी जमीन* की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली है। *बाजार में इस जमीन की कीमत करोड़ों रुपए बताई जा रही है।*
*क्या है पूरा मामला:*
जानकारी के अनुसार, क्रेता *गजेंद्र नाबालिक, पिता गोपाल बल्द भैयालाल* निवासी नयाखेड़ा इदलपुर ने विक्रेता *रतिराम पिता विश्राम* और *तेजा बाई पुत्री विश्राम* निवासी इदलपुर से जमीन खरीदी है। आरोप है कि गजेंद्र ओबीसी वर्ग से है, लेकिन रजिस्ट्री के लिए बेटे को आदिवासी बताया गया। *कई आदिवासियों की करीब 40 एकड़ जमीन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक ही परिवार के नाम कर दी गई।* रजिस्ट्री कार्यालय से इसकी रजिस्ट्री भी हो गई।
*उठ रहे गंभीर सवाल:*
1. *40 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री एक साथ कैसे हुई?* पटवारी-तहसीलदार की रिपोर्ट के बिना ये संभव नहीं।
2. *फर्जी आदिवासी प्रमाण पत्र कहां से बना?* नाबालिग को आदिवासी दर्शाने के लिए कौन से दस्तावेज लगे?
3. *रजिस्ट्री ऑफिस में KYC कैसे पास हुई?* करोड़ों की जमीन की रजिस्ट्री बिना जांच कैसे हो गई?
मौके पर गया कौन?
*राजस्व विभाग की मिलीभगत* - धारा 165 के तहत आदिवासी जमीन गैर-आदिवासी को बेचना अवैध है, फिर भी 40 एकड़ की रजिस्ट्री हो गई।
*कानून क्या कहता है:*
मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 165(6) के अनुसार, अनुसूचित जनजाति की भूमि गैर-आदिवासी को कलेक्टर की अनुमति के बिना हस्तांतरित नहीं की जा सकती। ऐसा करना संज्ञेय अपराध है।
*प्रशासन से मांग:*
ग्रामीणों ने मांग की है कि *कलेक्टर सागर, कमिश्नर सागर संभाग और मुख्यमंत्री* इस मामले का तुरंत संज्ञान लें। 
1. 40 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री तत्काल निरस्त की जाए
2. फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले, रजिस्ट्री करने वाले अधिकारी और दलालों पर FIR हो
3. पूरे केसली तहसील में पिछले 5 साल में हुई आदिवासी जमीन की रजिस्ट्री की जांच हो
4. दोषी अधिकारियों को सस्पेंड कर EOW जांच कराई जाए
*यह सिर्फ जमीन नहीं, आदिवासियों के अस्तित्व का सवाल है।* अगर करोड़ों की 40 एकड़ जमीन यूं ही हड़प ली जाएगी तो गरीब आदिवासी कहां जाएंगे। शासन को आंख में धूल झोंकने वालों पर ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए कि दोबारा कोई हिम्मत न करे।
---
*हेडलाइन ऑप्शन:*
1. सागर में 40 एकड़ आदिवासी जमीन का घोटाला: OBC ने बेटे को गोंड बताकर हड़पी करोड़ों की जमीन
2. केसली में करोड़ों का जमीन घोटाला: फर्जी आदिवासी बनकर 40 एकड़ पर कब्जा, रजिस्ट्री भी हो गई
3. नारायणपुर में आदिवासियों से धोखा: एक ही परिवार ने हड़पी 40 एकड़ जमीन, अफसर बने मूकदर्शक
*
    user_Deepak mishra
    Deepak mishra
    केसली, सागर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • गोटेगांव नगर में यातायात व्यवस्था को सुचारू एवं अनुशासित करने के लिए जागृति कमेटी गोटेगांव एवं जन एकता समिति के सदस्यों ने शनिवार गोटेगांव थाने पहुँचकर SDOP मनीष त्रिपाठी को 11 बिंदुओं का लेकर ज्ञापन सौपा वही पुलिस प्रशासन से रोड पर अवैध अतिक्रमण करने वालो रोड ओर वाहन खड़े करने वालो पर सख्त कार्यवाही की मांग की।
    1
    गोटेगांव नगर में  यातायात व्यवस्था को सुचारू एवं अनुशासित करने के लिए जागृति कमेटी गोटेगांव एवं जन एकता समिति के सदस्यों ने शनिवार गोटेगांव थाने पहुँचकर SDOP मनीष त्रिपाठी को 11 बिंदुओं का लेकर ज्ञापन सौपा वही पुलिस प्रशासन से रोड पर अवैध अतिक्रमण करने वालो रोड ओर वाहन खड़े करने वालो पर सख्त कार्यवाही की मांग की।
    user_SATISH DUBEY
    SATISH DUBEY
    पत्रकार Narsimhapur, Narsinghpur•
    23 min ago
  • पत्रकारिता के आदि पुरुष देवर्षि नारद की जयंती पर करेली में भव्य कार्यक्रम आयोजित ​करेली: सनातन परंपरा में पत्रकारिता के जनक माने जाने वाले देवर्षि नारद मुनि की जयंती के अवसर पर मालपानी नगर स्थित पूर्व राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी के निवास पर एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ​आयोजन स्थल: पूर्व राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी का निवास, मालपानी नगर, करेली। ​मुख्य वक्ता के रुप में कैलाश सोनी (पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, लोकतंत्र सेनानी संघ)। ​विशेष उपस्थिति वरिष्ठ पत्रकार, प्रबुद्ध नागरिक और स्थानीय गणमान्य जन उपस्थित रहे ​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैलाश सोनी ने देवर्षि नारद के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नारद मुनि लोक कल्याण के लिए सूचनाओं का आदान-प्रदान करते थे, इसलिए उन्हें ब्रह्मांड का प्रथम पत्रकार माना जाता है। उनकी पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्य की स्थापना और जनकल्याण था। ​इस अवसर पर क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकारों और प्रबुद्ध नागरिकों ने भी नारद मुनि के आदर्शों को आज की पत्रकारिता के लिए प्रासंगिक बताया। कार्यक्रम में संतोष तैहिया, नारायण श्रीवास्तव, जितेन्द्र स्वामी, उदय ठाकुर, भागीरथ तिवारी, राजकुमार कौरव सहित नगर के अनेक पत्रकार साथी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने देवर्षि नारद के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया
    1
    पत्रकारिता के आदि पुरुष देवर्षि नारद की जयंती पर करेली में भव्य कार्यक्रम आयोजित
​करेली: सनातन परंपरा में पत्रकारिता के जनक माने जाने वाले देवर्षि नारद मुनि की जयंती के अवसर पर मालपानी नगर स्थित पूर्व राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी के निवास पर एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
​आयोजन स्थल: पूर्व राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी का निवास, मालपानी नगर, करेली।
​मुख्य वक्ता के रुप में  कैलाश सोनी (पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, लोकतंत्र सेनानी संघ)।
​विशेष उपस्थिति वरिष्ठ पत्रकार, प्रबुद्ध नागरिक और स्थानीय गणमान्य जन उपस्थित रहे 
​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैलाश सोनी ने देवर्षि नारद के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नारद मुनि लोक कल्याण के लिए सूचनाओं का आदान-प्रदान करते थे, इसलिए उन्हें ब्रह्मांड का प्रथम पत्रकार माना जाता है। उनकी पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्य की स्थापना और जनकल्याण था।
​इस अवसर पर क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकारों और प्रबुद्ध नागरिकों ने भी नारद मुनि के आदर्शों को आज की पत्रकारिता के लिए प्रासंगिक बताया। कार्यक्रम में संतोष तैहिया, नारायण श्रीवास्तव, जितेन्द्र स्वामी, उदय ठाकुर, भागीरथ तिवारी, राजकुमार कौरव सहित नगर के अनेक पत्रकार साथी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने देवर्षि नारद के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया
    user_पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    Media and information sciences faculty नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by User3213
    1
    Post by User3213
    user_User3213
    User3213
    सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • इंदौर भोपाल हाइवे पर सफर कर रहे यात्री सावधानी बरतें देखें आंधी तूफान का live video
    1
    इंदौर भोपाल हाइवे पर सफर कर रहे यात्री सावधानी बरतें देखें आंधी तूफान का   live video
    user_Raghvendr Singh
    Raghvendr Singh
    Court reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मधयप्रदेश कोंग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी जबलपुर में हुए बरगी डेम हादसे के बाद लगातार मोहन सरकार पर हमलावर हैं अब जीतू पटवारी ने कही बड़ी बात कि मधयप्रदेश में मोहन सरकार की उल्टी गिनती शुरू।
    1
    मधयप्रदेश कोंग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी जबलपुर में हुए बरगी डेम हादसे के बाद लगातार मोहन सरकार पर हमलावर हैं अब जीतू पटवारी ने कही बड़ी बात कि मधयप्रदेश में मोहन सरकार की उल्टी गिनती शुरू।
    user_Sonu prajapati journalist Pres
    Sonu prajapati journalist Pres
    Food And Caterers देवरी, सागर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.