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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना के तहत बड़ी संख्या में अयोग्य लाभार्थियों को हटा दिया गया है। कुल 60,000 ऐसे लाभार्थी चिह्नित किए गए थे, जिन्हें योजना की सूची से बाहर कर दिया गया है। इन अयोग्य लाभार्थियों में कई ऐसे सदस्य भी शामिल थे, जो एक ही परिवार से ताल्लुक रखते थे।
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना के तहत बड़ी संख्या में अयोग्य लाभार्थियों को हटा दिया गया है। कुल 60,000 ऐसे लाभार्थी चिह्नित किए गए थे, जिन्हें योजना की सूची से बाहर कर दिया गया है। इन अयोग्य लाभार्थियों में कई ऐसे सदस्य भी शामिल थे, जो एक ही परिवार से ताल्लुक रखते थे।
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- एक चलती कार अचानक आग के गोले में तब्दील हो गई। इस घटना में गाड़ी में सवार तीन लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए चलती कार से कूदकर खुद को सुरक्षित कर लिया।1
- झारखंड के दुमका जिले के जरमुंडी प्रखंड में केंदुवाटिकर ग्राम/वार्ड के निवासी मंगल कोल ने सार्वजनिक कुएं की मरम्मत हेतु स्थानीय मुखिया और प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को एक आवेदन पत्र सौंपा है। आवेदन में बताया गया है कि मोहल्ले का सार्वजनिक कुआं काफी समय से जर्जर स्थिति में है, जिससे उसकी जगत (दीवार) टूट गई है और कुएं का पानी दूषित हो गया है। इस गंभीर समस्या के कारण स्थानीय निवासियों को स्वच्छ जल की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। प्रार्थी ने जनहित का हवाला देते हुए अनुरोध किया है कि जल्द से जल्द इस कुएं की मरम्मत और साफ-सफाई कराई जाए ताकि जल संकट का समाधान हो सके।4
- Post by रियल मोशन न्यूज़1
- बिहार के बांका जिले में देर रात एक सुनसान जंगल में जिला पुलिस की गाड़ी का टायर पंचर हो जाने से वह खराब हो गई। ऐसे मुश्किल वक्त में शिवेश मिश्रा ने 'शेर वाले जिगड़े' के साथ आगे बढ़कर पुलिस की मदद की। इस घटना को लेकर DM कलेक्टर कार्यालय बांका और बांका बिहार न्यूज़ में सराहना की गई है।1
- एग्यारकुंड प्रखंड में चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में गंभीर प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। गर्मी की छुट्टियों के कारण अधिकांश स्कूलों के मुख्य गेट बंद रहने से मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुँचने में भारी परेशानी हो रही है। इस स्थिति पर चिंता जताते हुए, एग्यारकुंड प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष शशि भूषण तिवारी ने प्रशासनिक समन्वय की कमी को आम जनता की परेशानी का एक बड़ा कारण बताया है। उन्होंने उजागर किया कि एक ओर जहाँ स्कूल के गेट बंद हैं, वहीं दूसरी ओर कई बूथों पर तैनात बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के नाम और मोबाइल नंबर तक प्रदर्शित नहीं किए गए हैं। इस वजह से मतदाताओं को अपनी समस्याओं और 'अनमैप्ड लिस्ट' में सुधार के लिए किससे संपर्क करना है, यह समझ नहीं आ रहा है, और वे लगातार भटक रहे हैं। प्रखंड के बूथ संख्या 210, 211, 212, 213, 214, 215, 216, 217, 218, 249, 250, 251, 252, 253, 254, 255, 280, 281, 282 से 293 तक, 316, 317, 318, 319, 320, 327 से 332 तक तथा 398, 399, 400 और 401 सहित कई मतदान केंद्रों पर बीएलओ की अनुपलब्धता की शिकायतें दर्ज की गई हैं। शशि भूषण तिवारी ने यह भी कहा कि एग्यारकुंड प्रखंड कांग्रेस कमेटी मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासनिक शिथिलता के कारण किसी भी वैध मतदाता का नाम सूची से छूटने नहीं दिया जाएगा, और कांग्रेस कमेटी पूरे पुनरीक्षण कार्य की गहन जांच करेगी। उनका लक्ष्य अधिक से अधिक मतदाताओं के विवरण को सुरक्षित और सही तरीके से सुधरवाना है। कांग्रेस कमेटी ने स्थानीय निर्वाचन अधिकारियों और संबंधित विभाग से मांग की है कि इस प्रशासनिक चूक को गंभीरता से लिया जाए, बंद पड़े मतदान केंद्रों के गेट खुलवाए जाएं, और सभी बूथों पर बीएलओ की उपस्थिति सुनिश्चित कर उनके संपर्क नंबर सार्वजनिक किए जाएं, ताकि मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान पारदर्शी और सफल बन सके। इस अभियान में कांग्रेस के बीएलए-2 कार्यकर्ता जैसे मो. अमिरुला, नुकुल मोदी, शंकर कोइरी, दिलदार हुसैन, मनोज रजक, प्रकाश पासवान, रेखा साव, सिद्धार्थ बाउरी, देव दास बाउरी, मलय दास, शिव बालक यादव, रूस्तम पासवान, गैरूल हसन, लव यादव, रेखा देवी, परितोष राय, कुणाल भूइयां, नितेश दुबे और संजय कुमार सहित अन्य सक्रिय रूप से शामिल रहे।5
- झारखंड के दुमका जिले अंतर्गत जरमुंडी प्रखंड की चुरखेड़ा पंचायत के केंदुआतिकर गांव में अत्यंत ही घटिया व्यवस्था होने का आरोप लगाया गया है। स्थानीय लोगों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि आखिर इस खराब व्यवस्था का ज़िम्मेदार कौन है। यह प्रश्न किया गया है कि क्या इसके लिए पंचायत अधिकारी जवाबदेह हैं या प्रखंड अधिकारी।1
- चांदन (बांका) के बिरनिया पंचायत स्थित उच्च विद्यालय बांक से मिड डे मील (MDM) का चावल एक ऑटो में ले जाते हुए ग्रामीणों ने पकड़ लिया और जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक की मिलीभगत से यह चावल बिक्री के लिए कहीं ले जाया जा रहा था। इस घटना के कारण मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों, जिनमें भूपेन्द्र पंडित, मुन्ना कुमार पंडित, प्रेम पंडित, दशरथ पंडित, भागलदेव पंडित, विनोद पंडित और मंटू पंडित शामिल थे, ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे स्कूल से चावल लेकर ऑटो बाहर निकला था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इसी ऑटो से पहले भी चावल थानू दास के घर ले जाकर रखा गया था। दूसरी बार जब ऑटो स्कूल से निकला तो कुछ ही दूरी पर ग्रामीणों ने उसे घेर लिया और प्रदर्शन करने लगे। जोरदार बारिश के बीच, कुछ स्थानीय नेताओं की पहल पर स्कूल प्रबंधन ने चावल को वापस स्कूल में रखवा दिया। हालांकि, ग्रामीणों का आक्रोश कम नहीं हुआ है। उनका आरोप है कि पूर्व रसोईया, जो अब अवकाश प्राप्त कर चुका है लेकिन उसे स्कूल की देखरेख का जिम्मा दिया गया है, नियमित रूप से स्कूल का चावल बेचता है। इस संबंध में प्रधानाध्यापक संजय कुमार सिंह ने बताया कि चावल को होलरिंग (मिलिंग) के लिए मील ले जाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि होलरिंग कराकर विद्यालय लौटते समय बारिश होने के कारण चावल को गीला होने से बचाने के लिए एक मकान में सुरक्षित रख दिया गया था।1