अखिल भारतीय कोली समाज का 12वां राष्ट्रीय अधिवेशन दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित किया गया। इस अधिवेशन की अध्यक्षता पूर्व सांसद और राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र कश्यप ने की। इसमें कोली समाज के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों, सभी प्रदेशों के अध्यक्षों और हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रपति आदरणीय श्री रामनाथ कोविंद जी थे, जबकि दिल्ली प्रदेश की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता और हिमाचल प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल्य वरिष्ठ अतिथियों के रूप में मौजूद रहे। इस अधिवेशन में गुजरात से हीराभाई सोलंकी, दिल्ली से योगेन्द्र माहोल, उत्तर प्रदेश से दभगवान दास शंखवार, कर्नाटक से देताश्रेय रेहड़ी, महाराष्ट्र से परेश कीर्ति कोली, बिहार से कृष्ण कुमार दास पान, हिमाचल प्रदेश से अमरचंद शलाल, मध्यप्रदेश से महेश उमरैया, हरियाणा से जगदीश कोली नैता जी, राजस्थान से राम करन वर्मा, केरल से एड. आई. डी. राधाकृष्णन, उत्तराखंड से चंद्रसेन कोली, चण्डीगढ़ से अमरनाथ, पुदुचेरी से एम. पनलानीवाल, तेलंगाना से लायन के. हनुमंता और झारखंड से दलिप प्रसाद जैसे विभिन्न राज्यों के अध्यक्षों ने हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अजित भाई पटेल, पूर्व सांसद सतयानारयण पंवार, पूर्व सांसद हरिशंकर महावर, पूर्व सांसद भूपति, कार्यकारी अध्यक्ष मनुभाई चावडा, विजयलाल, रीना कश्यप, इटाला राजेन्द्र और एक पूर्व मंत्री सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी, मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी और कैबिनेट मंत्री धनीराम शांडिल्य ने सम्मेलन को संबोधित किया और हर प्रकार की मदद करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर कोली समाज के पदाधिकारियों की ओर से सरकार को देने के लिए एक प्रस्ताव भी पारित किया गया।
अखिल भारतीय कोली समाज का 12वां राष्ट्रीय अधिवेशन दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित किया गया। इस अधिवेशन की अध्यक्षता पूर्व सांसद और राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र कश्यप ने की। इसमें कोली समाज के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों, सभी प्रदेशों के अध्यक्षों और हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रपति आदरणीय श्री रामनाथ कोविंद जी थे, जबकि दिल्ली प्रदेश की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता और हिमाचल प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल्य वरिष्ठ अतिथियों के रूप में मौजूद रहे। इस अधिवेशन में गुजरात से हीराभाई सोलंकी, दिल्ली से योगेन्द्र माहोल, उत्तर प्रदेश से दभगवान दास शंखवार, कर्नाटक से देताश्रेय रेहड़ी, महाराष्ट्र से परेश कीर्ति कोली, बिहार से कृष्ण कुमार दास पान, हिमाचल प्रदेश से अमरचंद शलाल, मध्यप्रदेश से महेश उमरैया, हरियाणा से जगदीश कोली नैता जी, राजस्थान से राम करन वर्मा, केरल से एड. आई. डी. राधाकृष्णन, उत्तराखंड से चंद्रसेन कोली, चण्डीगढ़ से अमरनाथ, पुदुचेरी से एम. पनलानीवाल, तेलंगाना से लायन के. हनुमंता और झारखंड से दलिप प्रसाद जैसे विभिन्न राज्यों के अध्यक्षों ने हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अजित भाई पटेल, पूर्व सांसद सतयानारयण पंवार, पूर्व सांसद हरिशंकर महावर, पूर्व सांसद भूपति, कार्यकारी अध्यक्ष मनुभाई चावडा, विजयलाल, रीना कश्यप, इटाला राजेन्द्र और एक पूर्व मंत्री सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी, मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी और कैबिनेट मंत्री धनीराम शांडिल्य ने सम्मेलन को संबोधित किया और हर प्रकार की मदद करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर कोली समाज के पदाधिकारियों की ओर से सरकार को देने के लिए एक प्रस्ताव भी पारित किया गया।
- सरकार पर छात्रों की पीड़ा और उनकी मानसिक स्थिति को समझने में विफल रहने का गंभीर आरोप लगाया गया है। प्रधानमंत्री के कार्यकाल में बार-बार पेपर लीक होने की घटनाओं के कारण छात्रों को लगातार अनिश्चितता, असमंजस और अत्यधिक मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर सरकार की गलतियों और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के 'निकम्मेपन' को जिम्मेदार ठहराया गया है, जिसकी सज़ा देश के बच्चे और उनके परिवार भुगत रहे हैं। परीक्षा व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में रही है, और इसके बावजूद छात्रों के लिए कुछ मिनट का बफर टाइम या किसी भी तरह की राहत का प्रावधान न होने पर चिंता व्यक्त की गई है। इसका एक उदाहरण मध्य प्रदेश के विदिशा में हुए नीट री-एग्जाम के दौरान सामने आया, जहाँ महज़ दो मिनट की देरी के कारण तीन छात्रों की सालों की मेहनत पर पानी फिर गया। इन घटनाओं से व्यथित छात्र गेट बंद होने पर रोते हुए भी देखे गए। इस पूरे मामले को 'धृतराष्ट्र की तरह सब कुछ जानते हुए भी आँखें मूंदे बैठे रहने' जैसा बताते हुए इसे महापाप करार दिया गया है।1
- गाजियाबाद के वीवीआईपी नेहरू स्टेडियम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग का एक भव्य प्रकट समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में मेरठ प्रांत के 28 संगठनात्मक क्षेत्रों से आए कुल 518 शिक्षार्थियों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद राष्ट्र सेवा और अनुशासन का दृढ़ संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान, स्वयंसेवकों ने अपनी दक्षता का प्रदर्शन करते हुए मार्च पास्ट, योग, प्राणायाम, नियुद्ध, दण्ड संचालन और विभिन्न व्यूह रचनाओं का शानदार प्रदर्शन किया। विशेष रूप से, 107 शिक्षार्थियों के घोष वादन ने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया, जिससे उपस्थित सभी लोग मंत्रमुग्ध हो गए। इस अवसर पर, मुख्य वक्ता क्षेत्र प्रचारक महेंद्र जी ने अपने संबोधन में संघ के मूल उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संघ का प्रमुख लक्ष्य चरित्रवान और राष्ट्रनिष्ठ कार्यकर्ताओं का निर्माण करना है। वहीं, इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सेवानिवृत्त एयर वाइस मार्शल अनिल तिवारी ने अनुशासित नागरिकों को देश की सुरक्षा की वास्तविक रीढ़ बताया, उनकी महत्ता पर जोर दिया। करीब 5000 लोगों की भारी उपस्थिति में आयोजित इस भव्य समारोह का समापन सामूहिक संघ प्रार्थना के साथ हुआ, जिसने कार्यक्रम को एक आध्यात्मिक और संगठनात्मक पूर्णता प्रदान की।1
- लोनी में सूफी जी घर-कारोबार से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के उपाय बताते हैं। इनमें घर के अंदर बेचैनी, कारोबार में रुकावट, ग्राहक न आना, आपसी तनाव, पितृ दोष और नजर दोष जैसी परेशानियां शामिल हैं। सूफी जी की यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क है; उनकी कोई फीस नहीं है और लोग अपनी मर्जी से जो चाहें, वह देकर जा सकते हैं। दावा किया जाता है कि उनकी मदद से कई लोग ठीक हो चुके हैं। यदि आप हर जगह से निराश हो चुके हैं, तो सूफी जी के पास शनिवार और रविवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक, हफ्ते में दो दिन आकर मिल सकते हैं।1
- दिल्ली के थाना उसमानपुर इलाके के गौतमपुरी रोड नम्बर 12 पर स्थित एक फ्लैट की दूसरी मंजिल पर लाखों की चोरी की वारदात को अज्ञात चोरों ने अंजाम दिया है। यह पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित सालिक, जो गौतमपुरी इलाके के ही निवासी हैं, 4 जून को अपने परिवार के साथ अपने गांव गए हुए थे। बताया जा रहा है कि उनके घर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे और वे लगातार उनकी फुटेज की जांच भी कर रहे थे, लेकिन देर रात सफर में होने के कारण उस रात वे सीसीटीवी चेक नहीं कर पाए थे। सीसीटीवी की तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि कैसे दो चोर खिड़की के रास्ते से घर में दाखिल हुए और फिर घर में रखी नकदी और ज्वेलरी लेकर फरार हो गए। सालिक के अनुसार, चोर ₹8 लाख नकद और करीब ₹14 लाख की ज्वेलरी लेकर भागे हैं।1
- दिल्ली की सड़क पर एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहाँ गीता कॉलोनी फ्लाईओवर से एक बाइक सवार व्यक्ति अपनी नाबालिग बेटियों के साथ लगभग 50 फीट ऊँचे फ्लाईओवर से नीचे आ गिरा। इस हादसे में, आप से जुड़े बताए जा रहे बाइक सवार पिता और उनकी बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गई हैं, और तीनों की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1
- बुलंदशहर में असामाजिक तत्वों द्वारा भगवान हनुमान की मूर्ति को खंडित किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और उन्होंने अपना रोष व्यक्त किया।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान लोगों की समस्याएं सुनीं। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि किसी भी फरियादी को अपनी समस्याओं के निवारण के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।1
- गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी थाना पुलिस ने मानव तस्करी के एक बड़े गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसके फरार चल रहे आरोपी नदीम खान को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 2000 रुपये के नकली नोट, दो नवजात बच्चों के फोटोग्राफ और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में मई महीने में एक 11 दिन की नवजात बच्ची के अपहरण और बिक्री की साजिश का खुलासा हुआ था, जिसके बाद से नदीम खान फरार था। इस घटना में पहले ही 12 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और अपहृत बच्ची को भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया था। पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि उनका गिरोह नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त करता था और बच्चों को खरीदने के लिए नकली नोटों का इस्तेमाल करता था। पुलिस का दावा है कि इस गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है। फिलहाल, इस मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और आगे की जांच-पड़ताल की जा रही है।1
- भारत देश से अंधविश्वास की कई तस्वीरें और वीडियो सामने आते रहते हैं। इसी कड़ी में अंधविश्वास से जुड़ा एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, हालांकि इसकी सटीक जगह पता नहीं चल पाई है। इस वीडियो को लेकर बताया जा रहा है कि आज के समय में भी देश में अंधविश्वास अपने चरम पर है। लोग ढोंगी बाबाओं के चक्कर में फंसकर बर्बाद हो चुके हैं, जो एक गंभीर चिंता का विषय है। यह वायरल वीडियो देश में अंधविश्वास की इस बढ़ती प्रवृत्ति को एक बार फिर उजागर करता है, जिस पर लोगों से अपनी राय मांगी गई है।1