सरकार पर छात्रों की पीड़ा और उनकी मानसिक स्थिति को समझने में विफल रहने का गंभीर आरोप लगाया गया है। प्रधानमंत्री के कार्यकाल में बार-बार पेपर लीक होने की घटनाओं के कारण छात्रों को लगातार अनिश्चितता, असमंजस और अत्यधिक मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर सरकार की गलतियों और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के 'निकम्मेपन' को जिम्मेदार ठहराया गया है, जिसकी सज़ा देश के बच्चे और उनके परिवार भुगत रहे हैं। परीक्षा व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में रही है, और इसके बावजूद छात्रों के लिए कुछ मिनट का बफर टाइम या किसी भी तरह की राहत का प्रावधान न होने पर चिंता व्यक्त की गई है। इसका एक उदाहरण मध्य प्रदेश के विदिशा में हुए नीट री-एग्जाम के दौरान सामने आया, जहाँ महज़ दो मिनट की देरी के कारण तीन छात्रों की सालों की मेहनत पर पानी फिर गया। इन घटनाओं से व्यथित छात्र गेट बंद होने पर रोते हुए भी देखे गए। इस पूरे मामले को 'धृतराष्ट्र की तरह सब कुछ जानते हुए भी आँखें मूंदे बैठे रहने' जैसा बताते हुए इसे महापाप करार दिया गया है।
सरकार पर छात्रों की पीड़ा और उनकी मानसिक स्थिति को समझने में विफल रहने का गंभीर आरोप लगाया गया है। प्रधानमंत्री के कार्यकाल में बार-बार पेपर लीक होने की घटनाओं के कारण छात्रों को लगातार अनिश्चितता, असमंजस और अत्यधिक मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर सरकार की गलतियों और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के 'निकम्मेपन' को जिम्मेदार ठहराया गया है, जिसकी सज़ा देश के बच्चे और उनके परिवार भुगत रहे हैं। परीक्षा व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में रही है, और इसके बावजूद छात्रों के लिए कुछ मिनट का बफर टाइम या किसी भी तरह की राहत का प्रावधान न होने पर चिंता व्यक्त की गई है। इसका एक उदाहरण मध्य प्रदेश के विदिशा में हुए नीट री-एग्जाम के दौरान सामने आया, जहाँ महज़ दो मिनट की देरी के कारण तीन छात्रों की सालों की मेहनत पर पानी फिर गया। इन घटनाओं से व्यथित छात्र गेट बंद होने पर रोते हुए भी देखे गए। इस पूरे मामले को 'धृतराष्ट्र की तरह सब कुछ जानते हुए भी आँखें मूंदे बैठे रहने' जैसा बताते हुए इसे महापाप करार दिया गया है।
- जनपद गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मसूरी थाना क्षेत्र के डासना में 270 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराया है। इस कार्रवाई की विशेष रिपोर्ट गाजियाबाद ब्यूरो चीफ हरीश कुमार ने दुनिया डायरेक्ट राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र के लिए प्रस्तुत की है।3
- सरकार पर छात्रों की पीड़ा और उनकी मानसिक स्थिति को समझने में विफल रहने का गंभीर आरोप लगाया गया है। प्रधानमंत्री के कार्यकाल में बार-बार पेपर लीक होने की घटनाओं के कारण छात्रों को लगातार अनिश्चितता, असमंजस और अत्यधिक मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर सरकार की गलतियों और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के 'निकम्मेपन' को जिम्मेदार ठहराया गया है, जिसकी सज़ा देश के बच्चे और उनके परिवार भुगत रहे हैं। परीक्षा व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में रही है, और इसके बावजूद छात्रों के लिए कुछ मिनट का बफर टाइम या किसी भी तरह की राहत का प्रावधान न होने पर चिंता व्यक्त की गई है। इसका एक उदाहरण मध्य प्रदेश के विदिशा में हुए नीट री-एग्जाम के दौरान सामने आया, जहाँ महज़ दो मिनट की देरी के कारण तीन छात्रों की सालों की मेहनत पर पानी फिर गया। इन घटनाओं से व्यथित छात्र गेट बंद होने पर रोते हुए भी देखे गए। इस पूरे मामले को 'धृतराष्ट्र की तरह सब कुछ जानते हुए भी आँखें मूंदे बैठे रहने' जैसा बताते हुए इसे महापाप करार दिया गया है।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ सहारनपुर जिले के सरसावा-नकुर रोड पर 21-22 जून 2026 की रात हुई पुलिस मुठभेड़ में कुख्यात इनामी अपराधी ललन सिंह उर्फ ललन मारा गया। वह बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला था और उस पर एक लाख रुपये तक का इनाम घोषित था। ललन सिंह वाराणसी और चंदौली समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में वांछित था। पुलिस के अनुसार, वह कई हत्याओं, बैंक डकैती और लूट की वारदातों में शामिल रहा था। 2022 में वाराणसी में एक सब-इंस्पेक्टर पर गोलीबारी और हथियार लूट की घटना समेत कई गंभीर मामलों में उसकी तलाश थी। यह मुठभेड़ एडिशनल एसपी लाल प्रताप सिंह के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान हुई, जिसमें ललन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। मुठभेड़ के दौरान उसका एक साथी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश पुलिस द्वारा अभी भी जारी है।1
- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह के निर्देश पर औरंगाबाद पुलिस और स्वाट टीम ने रविवार को एक संयुक्त अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस टीम ने लखावटी नहर पुल के पास से चार नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। तलाशी में उनके पास से 166 किलो 750 ग्राम अवैध गांजा, 4 मोबाइल फोन और 1 अर्टिगा कार बरामद की गई। एसपी सिटी अभिषेक प्रताप और सीओ सिटी प्रखर पाण्डे ने बताया कि बरामद गांजे की कीमत लगभग 25 लाख रुपये है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गौतमबुद्धनगर जनपद के अच्छेजा निवासी अंकित और मोहनीश, तथा प्रयागराज निवासी सुनील नोनिया और राहुल कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ औरंगाबाद थाने में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।2
- 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के ऐतिहासिक पुराना किला परिसर में एक विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संस्कृति मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। इस आयोजन में संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल, वरिष्ठ अधिकारियों, योग साधकों और देशभर से आए प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। सभी उपस्थितजनों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन और मानसिक संतुलन का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस अवसर पर संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप, योग आज विश्वभर में करोड़ों लोगों के जीवन का एक अभिन्न अंग बन चुका है। अग्रवाल ने जोर दिया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करने का भी एक अत्यंत प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी लोगों से आह्वान किया कि वे योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और एक स्वस्थ जीवनशैली को अपनाएं।1
- गाजियाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र में दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। बस के टायर चेक कर रहे ड्राइवर और कंडक्टर को एक ब्रेजा कार ने कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में ड्राइवर की अस्पताल पहुँचने से पहले ही मौत हो गई, जबकि कंडक्टर की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतक ड्राइवर की पहचान मुजफ्फरनगर निवासी नितिन बालियान के रूप में हुई है। वहीं, दिल्ली निवासी कंडक्टर अनुराग त्यागी गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस ने ब्रेजा कार को अपने कब्जे में ले लिया है, जबकि कार चालक की तलाश लगातार जारी है। दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे को तेज रफ्तार का कहर बताया जा रहा है।1