भारत-नेपाल बॉर्डर पर रुपईडीहा थाना पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक तथाकथित पत्रकार को भारी मात्रा में स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रुपईडीहा थाना क्षेत्र में पिलर संख्या 651/11 के पास रुपईडीहा थाने के प्रभारी निरीक्षक हरेन्द्र कुमार मिश्रा के नेतृत्व वाली टीम द्वारा की गई। पकड़े गए अभियुक्त के पास से 35 ग्राम नाजायज स्मैक बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 35 लाख रुपये बताई गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान बहराइच जनपद के थाना कोतवाली नगर के बसीरगंज (मकान नंबर 396/5) निवासी मोहम्मद इमरान खान (उम्र करीब 43 वर्ष), पुत्र इकराम खान के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से स्मैक के अलावा ₹200 नगद, एक आधार कार्ड, एक प्रेस आई०डी०, एक विवो मोबाइल और एक काले रंग की यामाहा MT15 मोटरसाइकिल (वाहन संख्या UP40BD2908) बरामद की है। इस मामले में रुपईडीहा थाने पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 183/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट (NDPS ACT) की धारा 8/21 में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद अभियुक्त को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
भारत-नेपाल बॉर्डर पर रुपईडीहा थाना पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक तथाकथित पत्रकार को भारी मात्रा में स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रुपईडीहा थाना क्षेत्र में पिलर संख्या 651/11 के पास रुपईडीहा थाने के प्रभारी निरीक्षक हरेन्द्र कुमार मिश्रा के नेतृत्व वाली टीम द्वारा की गई। पकड़े गए अभियुक्त के पास से 35 ग्राम नाजायज स्मैक बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 35 लाख रुपये बताई गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान बहराइच जनपद के थाना कोतवाली नगर के बसीरगंज (मकान नंबर 396/5) निवासी मोहम्मद इमरान खान (उम्र करीब 43 वर्ष), पुत्र इकराम खान के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से स्मैक के अलावा ₹200 नगद, एक आधार कार्ड, एक प्रेस आई०डी०, एक विवो मोबाइल और एक काले रंग की यामाहा MT15 मोटरसाइकिल (वाहन संख्या UP40BD2908) बरामद की है। इस मामले में रुपईडीहा थाने पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 183/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट (NDPS ACT) की धारा 8/21 में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद अभियुक्त को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
- बहराइच के ग्राम पंचायत बंदी फतेहुल्लहपुर में पिछले दो हफ्ते से बिजली नहीं आ रही है, जिससे स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं। इस गांव का विद्युत क्षेत्र रिसिया बाजार बिजली घर के अंतर्गत आता है। बिजली संकट से जूझ रहे ग्रामीणों की तरफ से शिव कुमार ने नरेंद्र मोदी जी से बेहद विनम्रतापूर्वक निवेदन किया है कि वे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल करवाने का प्रयास करें। दो हफ्तों से अंधेरे में रहने को मजबूर सभी ग्रामीणों ने बिजली पाने की उम्मीद में यह गुहार लगाई है।1
- बहराइच के मटेरा थाना में तैनात उपनिरीक्षक अहमद हुसैन का गैर जनपद गोंडा तबादला होने पर मटेरा चौराहे पर एक भव्य और भावुक कर देने वाला विदाई समारोह आयोजित किया गया। जनपद बहराइच में करीब छह वर्षों तक अपनी सेवाएं देने के बाद उनके स्थानांतरण पर ग्रामीणों, समाजसेवियों और पत्रकारों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर विदाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं व्यक्त कीं। समारोह के दौरान वक्ताओं ने अहमद हुसैन के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी निष्पक्ष, ईमानदार और संवेदनशील कार्यशैली से लोगों का भरोसा जीता। इसके साथ ही उन्होंने इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस विशेष अवसर पर उपनिरीक्षक अहमद हुसैन ने क्षेत्रवासियों से मिले सहयोग और सम्मान के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भावुक मन से कहा कि मटेरा में बिताए समय की यादें हमेशा उनके दिल में बनी रहेंगी।1
- महाराष्ट्र के पुणे में चिकन खाने की वजह से बीमारी फैल रही है, जिसके बाद वहां चिकन पर रोक लगा दी गई है।1
- भीषण गर्मी, उमस और लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से त्रस्त बहराइच के सैकड़ों ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार शनिवार को रंजीतपुर पावर हाउस पर फूट पड़ा। उपकेंद्र रंजीतपुर से जुड़ी मोगलहा, गोबरहा, कटघरा कला, रमवापुर, बैकुंठा, सादियाबाद और बेचन पूर्वा सहित आधा दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए पावर हाउस का ऐतिहासिक घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान पूरा परिसर घंटों तक "बिजली दो या जवाब दो" और "रात की कटौती बंद करो" जैसे आक्रोशित नारों से गूंजता रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें 24 घंटे में मुश्किल से केवल 6 से 8 घंटे ही बिजली मिल पा रही है, जिसमें भी बार-बार ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज और अघोषित कटौती की समस्या बनी रहती है। पूरी-पूरी रात बिजली गायब रहने से बच्चों की पढ़ाई, किसानों की सिंचाई, व्यापारियों का कारोबार और पेयजल आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना आंधी-बारिश के भी 'लाइन फॉल्ट' का हवाला देकर घंटों बिजली बंद कर दी जाती है। क्षेत्र में जर्जर तार, झुके पोल और ओवरलोड ट्रांसफार्मर हादसों को दावत दे रहे हैं, लेकिन ऑनलाइन शिकायत, हेल्पलाइन और प्रार्थना पत्रों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता और शिकायतें बिना समाधान के ही बंद कर दी जाती हैं। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने अधिशासी अभियंता को एक 10 सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर 48 घंटे का कड़ा अल्टीमेटम दिया है। इन मांगों में रात्रिकालीन कटौती बंद करने, रोजाना कम से कम 18 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली देने, जर्जर तार व पोल बदलने, लो-वोल्टेज का स्थायी समाधान करने, ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और अधिकारियों द्वारा फोन उठाने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर सुधार नहीं हुआ, तो जिला मुख्यालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग और प्रशासन की होगी। प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पहुंचे अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) ने ग्रामीणों से बातचीत कर लिखित रूप में आश्वासन दिया कि 48 घंटे के भीतर समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस लिखित आश्वासन के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्वक समाप्त हुआ। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभारी निरीक्षक श्री हरेन्द्र नाथ राय के नेतृत्व में शैलेंद्र कुमार यादव, कृष्ण कुमार सिंह, दिनेश कुमार यादव सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस आंदोलन में मुख्य रूप से आसिफ सिद्दीकी, जानकी प्रसाद तिवारी, आकाश वर्मा, शुभम सिंह, देवेन्द्र प्रताप सिंह सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सामाजिक कार्यकर्ता, किसान, व्यापारी और महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल रहे।3
- इतिहास गवाह है कि सत्ता का अहंकार चाहे जितना भी बड़ा हो, उसका अंत पूरी तरह से निश्चित है। अत्याचार, दमन और अन्याय कुछ समय के लिए लोगों की आवाज़ को भले ही दबा सकते हैं, लेकिन सच और न्याय को हमेशा के लिए कैद नहीं रखा जा सकता। समय का पहिया घूमता है और वह हर तानाशाही से उसका पूरा हिसाब लेता है। दुनिया ने भय और बल के दम पर शासन करने वाले कई शासकों और व्यवस्थाओं को देखा है, जिन्हें अंततः जनता की शक्ति और समय के न्याय के सामने झुकना ही पड़ा है। सच तो यही है कि ज़ुल्म की उम्र कभी लंबी नहीं होती; न्याय मिलने में भले ही देरी हो, लेकिन समय की अदालत में हर तानाशाही को एक न एक दिन जवाब देना ही पड़ता है और समय हर अत्याचारी से उसका पूरा हिसाब चुकता करता है।1
- बहराइच के शंकर पुर में कुछ दिन पहले आग लग गई थी। इस हादसे में वहां नुकसान हुआ है।1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच में आज सीएम योगी का आगमन हो रहा है, जहां वे जिले वासियों को ₹352 करोड़ की विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात देंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 2 बजे महसी विधानसभा क्षेत्र के महसी राम लीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान वे महसी और नान-पारा के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। सीएम योगी के आगमन को लेकर प्रशासन की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। जनपद में हो रही बारिश को देखते हुए कार्यक्रम स्थल पर विशेष रूप से वाटरप्रूफ व्यवस्था की गई है। क्षेत्र के तमाम अधिकारी और जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम को सफल बनाने की तैयारियों में जुटे हुए हैं।2
- भारत-नेपाल बॉर्डर पर रुपईडीहा थाना पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक तथाकथित पत्रकार को भारी मात्रा में स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रुपईडीहा थाना क्षेत्र में पिलर संख्या 651/11 के पास रुपईडीहा थाने के प्रभारी निरीक्षक हरेन्द्र कुमार मिश्रा के नेतृत्व वाली टीम द्वारा की गई। पकड़े गए अभियुक्त के पास से 35 ग्राम नाजायज स्मैक बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 35 लाख रुपये बताई गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान बहराइच जनपद के थाना कोतवाली नगर के बसीरगंज (मकान नंबर 396/5) निवासी मोहम्मद इमरान खान (उम्र करीब 43 वर्ष), पुत्र इकराम खान के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से स्मैक के अलावा ₹200 नगद, एक आधार कार्ड, एक प्रेस आई०डी०, एक विवो मोबाइल और एक काले रंग की यामाहा MT15 मोटरसाइकिल (वाहन संख्या UP40BD2908) बरामद की है। इस मामले में रुपईडीहा थाने पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 183/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट (NDPS ACT) की धारा 8/21 में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद अभियुक्त को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।1