डेहटी कर्बला मैदान की वर्तमान स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां इस समय कीचड़ और पानी जमा है। मोहर्रम के पवित्र मेले के आयोजन में अब केवल 15 दिन शेष रह गए हैं, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि ऐसी बदहाल स्थिति में मेला सफलतापूर्वक कैसे आयोजित हो पाएगा। इस गंभीर समस्या के समाधान हेतु मो. सोहराब और डेहटी गाँव एकता समूह ने संबंधित जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और कर्बला कमेटी से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में कर्बला मैदान से जल्द से जल्द कीचड़ और पानी की निकासी करवाना शामिल है। इसके अतिरिक्त, मैदान में आवश्यकतानुसार मिट्टी भराई कराकर उसे समतल बनाने, कर्बला की जमीन की सरकारी नापी कराकर उसकी सीमाओं को सुरक्षित करने और मैदान के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों को सुरक्षा की दृष्टि से अन्यत्र स्थानांतरित करने की अपील की गई है। समूह ने यह भी मांग की है कि कर्बला के चारों ओर पेड़ लगाकर परिसर को सुरक्षित एवं सुंदर बनाया जाए तथा मोहर्रम मेले से पहले सभी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। डेहटी कर्बला को धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए, समूह ने इसके विकास और संरक्षण के लिए सभी से मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया है। इस पूरे मुद्दे को "कर्बला का विकास, हमारी जिम्मेदारी — मोहर्रम से पहले समाधान जरूरी" के नारे के साथ उठाया गया है, जो मोहर्रम मेले से पहले इन समस्याओं के समाधान की तत्काल आवश्यकता पर बल देता है।
डेहटी कर्बला मैदान की वर्तमान स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां इस समय कीचड़ और पानी जमा है। मोहर्रम के पवित्र मेले के आयोजन में अब केवल 15 दिन शेष रह गए हैं, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि ऐसी बदहाल स्थिति में मेला सफलतापूर्वक कैसे आयोजित हो पाएगा। इस गंभीर समस्या के समाधान हेतु मो. सोहराब और डेहटी गाँव एकता समूह ने संबंधित जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और कर्बला कमेटी से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में कर्बला मैदान से जल्द से जल्द कीचड़ और पानी की निकासी करवाना शामिल है। इसके अतिरिक्त, मैदान में आवश्यकतानुसार मिट्टी भराई कराकर उसे समतल बनाने, कर्बला की जमीन की सरकारी नापी कराकर उसकी सीमाओं को सुरक्षित करने और मैदान के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों को सुरक्षा की दृष्टि से अन्यत्र स्थानांतरित करने की अपील की गई है। समूह ने यह भी मांग की है कि कर्बला के चारों ओर पेड़ लगाकर परिसर को सुरक्षित एवं सुंदर बनाया जाए तथा मोहर्रम मेले से पहले सभी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। डेहटी कर्बला को धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए, समूह ने इसके विकास और संरक्षण के लिए सभी से मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया है। इस पूरे मुद्दे को "कर्बला का विकास, हमारी जिम्मेदारी — मोहर्रम से पहले समाधान जरूरी" के नारे के साथ उठाया गया है, जो मोहर्रम मेले से पहले इन समस्याओं के समाधान की तत्काल आवश्यकता पर बल देता है।
- User6649Araria, Bihar😡2 hrs ago
- User6649Araria, Bihar🤝2 hrs ago
- गांव के निवासियों ने स्थानीय मुखिया पर अनदेखी का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां मुखिया द्वारा गांव की लगभग सभी गलियों में सड़कों का निर्माण कराया गया है, वहीं उनकी अपनी गली में सड़क नहीं बनाई गई है। इस 'रोड की समस्या' पर मुखिया कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण परेशान हैं और इस असमान विकास को लेकर शिकायत कर रहे हैं।1
- santosh Kalki Shiv Baba suandaranath dham sarakar 🏴☠️🧿🦁🐯🏹🪈🔱🪓🇮🇳🪡🌺🌿🐁☕🐒🐕🦺🚨🚓🕋🚔✝️🪯🕉️🐉🐢🐊🎡🪔🎠 me antim avatar hu.(kalki avatar).?1
- कोडरमा के चंदवारा थाना क्षेत्र में स्थित केशर प्लांट में हुई चोरी का पुलिस ने सफलतापूर्वक उद्भेदन करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, 14 जून की रात को केशर प्लांट एवं कार्यालय से मशीनरी के पार्ट्स, एक इन्वर्टर और नगद राशि की चोरी हुई थी। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। गठित टीम ने मंगलवार को सुबह 11 बजे छापेमारी कर पांच आरोपियों को चोरी की योजना बनाते हुए मौके से पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर चोरी का सारा सामान बरामद कर लिया गया। इस कार्रवाई के दौरान, चोरी के सामान की खरीद-बिक्री में संलिप्त एक कबाड़ी दुकानदार को भी गिरफ्तार किया गया, जिससे कुल गिरफ्तारियों की संख्या छह हो गई। पुलिस ने चोरी गया सारा सामान बरामद कर लिया है, और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।4
- किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत धबेली वार्ड संख्या 13 में आदिवासी समाज के एक दिवसीय फुटबॉल महाकुंभ का आयोजन किया गया। इस टूर्नामेंट में युवाओं ने अपना जबरदस्त दमखम दिखाया।1
- किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय स्थित कृषि कार्यालय परिसर में मंगलवार को प्रखंड स्तरीय खरीफ कर्मशाला सह उपादान वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संयुक्त उद्घाटन निदेशक डीआरडीए किशनगंज शशिम सौरभ मणि, प्रखंड विकास पदाधिकारी अजय कुमार और प्रखंड कृषि पदाधिकारी मो. आदिल अनवर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। कर्मशाला के दौरान कृषि विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों ने किसानों को खरीफ मौसम में वैज्ञानिक तरीके से खेती करने, कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग की विस्तृत जानकारी प्रदान की। किशनगंज कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) से आए कृषि वैज्ञानिकों ने धान, मक्का एवं अन्य खरीफ फसलों की उन्नत खेती, बीज चयन, उर्वरक प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण और जल संरक्षण के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अलीमुल इस्लाम ने किसानों को बदलते मौसम को देखते हुए वैज्ञानिक पद्धति से खेती को समय की आवश्यकता बताया और सहायक निदेशक पौधा संरक्षण आदिल आलम ने फसलों को कीट एवं रोगों से बचाने के उपायों की जानकारी दी। कर्मशाला के उपरांत किसानों के बीच सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए उन्नत किस्म के बीजों एवं कृषि उपादानों का वितरण किया गया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के उद्देश्य से किसानों को धान एवं अन्य खरीफ फसलों के प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस अवसर पर आत्मा योजना के उप परियोजना निदेशक अनेश कुमार, प्रखंड उद्यान पदाधिकारी दीपक कुमार पाल, कृषि समन्वयक सुमंत कुमार, संतोष कुमार सहित अन्य कृषि कर्मी, विभिन्न पंचायतों के किसान सलाहकार, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान भी उपस्थित रहे। उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं कृषि योजनाओं का लाभ लेकर किसान अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना सकते हैं। खरीफ कर्मशाला के माध्यम से किसानों को नवीन कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा कृषि उत्पादन बढ़ाने का संदेश दिया गया, साथ ही उन्हें विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई।3
- संतोष कल्कि शिव बाबा सुंदरनाथ धाम सरकार ने स्वयं को अंतिम अवतार बताया है, विशेष रूप से कल्कि अवतार के रूप में।1
- डोमचांच थाना क्षेत्र के बेहराडीह में एक पिता ने अपनी जीवित बेटी का प्रतीकात्मक पिंडदान विधि-विधान से किया, जिसने शादी से ठीक पहले प्रेमी के साथ घर से भागकर शादी रचा ली थी। यह अनोखी और भावुक घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। युवती ने भागने के बाद एक वीडियो भी वायरल किया था, जिसमें वह कहती नजर आ रही थी कि उसने अपनी मर्जी से शादी की है और अगर उसके पति के परिवार वालों को कोई दिक्कत होती है तो युवती के परिवार वाले दोषी होंगे। इस घटना के बाद, युवती के परिवार वालों ने मंगलवार को सुबह 11 बजे गिरिडीह के सरिया स्थित प्रसिद्ध उत्तरवाहिनी तट राजदह धाम में बेटी का प्रतीकात्मक पिंडदान किया। युवती के पिता ने बताया कि उनकी बेटी की शादी 20 जून 2026 को तय थी और विवाह की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं, लेकिन 12 जून 2026 की रात वह मौका देखकर घर से फरार हो गई। पिता ने इस कदम से सामाजिक और मानसिक रूप से काफी आघात पहुँचने की बात कही, और इसी पीड़ा में उन्होंने परिवार व गांव समाज के लोगों के साथ मिलकर बेटी का पिंडदान किया। हिंदू धर्म में पिंडदान सामान्यतः मृत व्यक्ति की आत्मा की शांति के लिए किया जाता है, ऐसे में जीवित बेटी का यह प्रतीकात्मक पिंडदान लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ पैदा कर रहा है; कुछ इसे पिता की भावनात्मक पीड़ा बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे बदलते सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों से जोड़कर देख रहे हैं।4
- अररिया जिले के जोकीहाट में, एक गाँव के प्रधान को 'प्रधान रोड' का 'आम आशिक़' बताया गया है। इस जानकारी में प्रधान को 'प्रधान रोड' से जुड़ा हुआ वर्णित किया गया है।1
- किशनगंज जिले के गलगलिया बॉर्डर क्षेत्र में अचानक लगी भीषण आग से कई दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं, जिससे लाखों का भारी नुकसान हुआ है। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उन्होंने देखते ही देखते कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया, जिसके कारण पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस भीषण अगलगी पर काबू पाने के लिए स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने काफी मशक्कत की, जिसके बाद अग्निशमन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। पीड़ित दुकानदारों ने बताया कि उनकी मेहनत की कमाई और दुकान का सारा सामान आग में जलकर नष्ट हो गया है, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मुआवजे और उचित मदद उपलब्ध कराने की मांग की है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस घटना में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है, और साथ ही आग लगने के कारणों की भी जांच की जा रही है।2