मिथिलांचल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में से एक झंझारपुर जंक्शन पर इन दिनों दिल्ली और अन्य महानगरों की ओर जाने वाले रेल यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। यात्रियों की इस लगातार बढ़ती संख्या ने इस क्षेत्र से लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन की तत्काल आवश्यकता को उजागर किया है। स्थानीय निवासियों और दैनिक यात्रियों का मानना है कि वर्तमान रेल सेवाएं उनकी जनआकांक्षाओं को पूरा करने में अक्षम साबित हो रही हैं। यात्रियों की सहूलियत और क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए, रेल प्रशासन के समक्ष सात प्रमुख मांगें उठाई गई हैं, जिनकी त्वरित स्वीकृति अपेक्षित है। इनमें दरभंगा से नई दिल्ली के बीच चलने वाली लोकप्रिय दरभंगा बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस का विस्तार झंझारपुर जंक्शन तक करना, तथा दरभंगा-अहमदाबाद साबरमती एक्सप्रेस को झंझारपुर के रास्ते आगे बढ़ाते हुए लौकहा या वाचस्पतिनगर तक चलाने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, पंजाब जाने वाले प्रवासियों की सुविधा के लिए लौकहा से सीधे अमृतसर के बीच एक नई रेल सेवा की शुरुआत की मांग भी की गई है। दिल्ली (आनंद विहार) रूट पर संचालित हो रही तीन प्रमुख स्पेशल ट्रेनों, जिनमें गाड़ी संख्या 04013/14 लौकहा-आनंद विहार स्पेशल, गाड़ी संख्या 05579/80 पूर्णिया कोर्ट-आनंद विहार स्पेशल, और गाड़ी संख्या 05575/76 सहरसा-आनंद विहार स्पेशल शामिल हैं, को स्थाई रूप से नियमित करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई है। साथ ही, गाड़ी संख्या 15501/02 का जोगबनी से टर्मिनल बदलकर, इसे अररिया-गलगलिया के रास्ते सिलीगुड़ी और रक्सौल के बीच परिचालित करने का सुझाव दिया गया है। यात्रियों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा है कि झंझारपुर से सीधे बड़े शहरों के लिए ट्रेनें न होने के कारण उन्हें दरभंगा या समस्तीपुर जैसे अन्य स्टेशनों पर जाना पड़ता है। उनका मानना है कि अगर रेल मंत्रालय इन मांगों पर मुहर लगाता है, तो लाखों लोगों का समय और पैसा बचेगा। क्षेत्रीय लोगों का जोर है कि झंझारपुर जंक्शन पर बढ़ते यात्री दबाव को देखते हुए रेल मंत्रालय को इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द नई समय-सारणी तैयार करनी चाहिए, ताकि मिथिलांचल के इस हिस्से से लोगों को सीधे महानगरों तक पहुंचना आसान हो सके।
मिथिलांचल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में से एक झंझारपुर जंक्शन पर इन दिनों दिल्ली और अन्य महानगरों की ओर जाने वाले रेल यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। यात्रियों की इस लगातार बढ़ती संख्या ने इस क्षेत्र से लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन की तत्काल आवश्यकता को उजागर किया है। स्थानीय निवासियों और दैनिक यात्रियों का मानना है कि वर्तमान रेल सेवाएं उनकी जनआकांक्षाओं को पूरा करने में अक्षम साबित हो रही हैं। यात्रियों की सहूलियत और क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए, रेल प्रशासन के समक्ष सात प्रमुख मांगें उठाई गई हैं, जिनकी त्वरित स्वीकृति अपेक्षित है। इनमें दरभंगा से नई दिल्ली के बीच चलने वाली लोकप्रिय दरभंगा बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस का विस्तार झंझारपुर जंक्शन तक करना, तथा दरभंगा-अहमदाबाद साबरमती एक्सप्रेस को झंझारपुर के रास्ते आगे बढ़ाते हुए लौकहा या वाचस्पतिनगर तक चलाने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, पंजाब जाने वाले प्रवासियों की सुविधा के लिए लौकहा से सीधे अमृतसर के बीच एक नई रेल सेवा की शुरुआत की मांग भी की गई है। दिल्ली (आनंद विहार) रूट पर संचालित हो रही तीन प्रमुख स्पेशल ट्रेनों, जिनमें गाड़ी संख्या 04013/14 लौकहा-आनंद विहार स्पेशल, गाड़ी संख्या 05579/80 पूर्णिया कोर्ट-आनंद विहार स्पेशल, और गाड़ी संख्या 05575/76 सहरसा-आनंद विहार स्पेशल शामिल हैं, को स्थाई रूप से नियमित करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई है। साथ ही, गाड़ी संख्या 15501/02 का जोगबनी से टर्मिनल बदलकर, इसे अररिया-गलगलिया के रास्ते सिलीगुड़ी और रक्सौल के बीच परिचालित करने का सुझाव दिया गया है। यात्रियों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा है कि झंझारपुर से सीधे बड़े शहरों के लिए ट्रेनें न होने के कारण उन्हें दरभंगा या समस्तीपुर जैसे अन्य स्टेशनों पर जाना पड़ता है। उनका मानना है कि अगर रेल मंत्रालय इन मांगों पर मुहर लगाता है, तो लाखों लोगों का समय और पैसा बचेगा। क्षेत्रीय लोगों का जोर है कि झंझारपुर जंक्शन पर बढ़ते यात्री दबाव को देखते हुए रेल मंत्रालय को इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द नई समय-सारणी तैयार करनी चाहिए, ताकि मिथिलांचल के इस हिस्से से लोगों को सीधे महानगरों तक पहुंचना आसान हो सके।
- मिथिलांचल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में से एक झंझारपुर जंक्शन पर इन दिनों दिल्ली और अन्य महानगरों की ओर जाने वाले रेल यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। यात्रियों की इस लगातार बढ़ती संख्या ने इस क्षेत्र से लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन की तत्काल आवश्यकता को उजागर किया है। स्थानीय निवासियों और दैनिक यात्रियों का मानना है कि वर्तमान रेल सेवाएं उनकी जनआकांक्षाओं को पूरा करने में अक्षम साबित हो रही हैं। यात्रियों की सहूलियत और क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए, रेल प्रशासन के समक्ष सात प्रमुख मांगें उठाई गई हैं, जिनकी त्वरित स्वीकृति अपेक्षित है। इनमें दरभंगा से नई दिल्ली के बीच चलने वाली लोकप्रिय दरभंगा बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस का विस्तार झंझारपुर जंक्शन तक करना, तथा दरभंगा-अहमदाबाद साबरमती एक्सप्रेस को झंझारपुर के रास्ते आगे बढ़ाते हुए लौकहा या वाचस्पतिनगर तक चलाने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, पंजाब जाने वाले प्रवासियों की सुविधा के लिए लौकहा से सीधे अमृतसर के बीच एक नई रेल सेवा की शुरुआत की मांग भी की गई है। दिल्ली (आनंद विहार) रूट पर संचालित हो रही तीन प्रमुख स्पेशल ट्रेनों, जिनमें गाड़ी संख्या 04013/14 लौकहा-आनंद विहार स्पेशल, गाड़ी संख्या 05579/80 पूर्णिया कोर्ट-आनंद विहार स्पेशल, और गाड़ी संख्या 05575/76 सहरसा-आनंद विहार स्पेशल शामिल हैं, को स्थाई रूप से नियमित करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई है। साथ ही, गाड़ी संख्या 15501/02 का जोगबनी से टर्मिनल बदलकर, इसे अररिया-गलगलिया के रास्ते सिलीगुड़ी और रक्सौल के बीच परिचालित करने का सुझाव दिया गया है। यात्रियों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा है कि झंझारपुर से सीधे बड़े शहरों के लिए ट्रेनें न होने के कारण उन्हें दरभंगा या समस्तीपुर जैसे अन्य स्टेशनों पर जाना पड़ता है। उनका मानना है कि अगर रेल मंत्रालय इन मांगों पर मुहर लगाता है, तो लाखों लोगों का समय और पैसा बचेगा। क्षेत्रीय लोगों का जोर है कि झंझारपुर जंक्शन पर बढ़ते यात्री दबाव को देखते हुए रेल मंत्रालय को इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द नई समय-सारणी तैयार करनी चाहिए, ताकि मिथिलांचल के इस हिस्से से लोगों को सीधे महानगरों तक पहुंचना आसान हो सके।1
- Post by Md Asgar Ali1
- मधुबनी विधायक श्री माधव आनंद ने मधुबनी जिला अतिथि शाला में लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित पदाधिकारियों को फोन कर उनका समाधान करवाया। इस दौरान क्षेत्र से लगभग डेढ़ सौ लोग अपनी समस्याएं लेकर अतिथि शाला पहुंचे, जिनका समाधान किया गया। विधायक श्री माधव आनंद महीने में दो बार अपने क्षेत्र की जनता की समस्या सुनने आते हैं। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधि का काम लोगों की समस्याओं का निवारण करना है, और वे इसी नाते हर महीने समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करते हैं। इसके अतिरिक्त, वे क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न मंत्रियों से संपर्क कर विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में भी सक्रिय रहते हैं।1
- मिथिला के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने मात्र 15 वर्ष की आयु में ही क्रिकेट इतिहास के सबसे लोकप्रिय खिलाड़ियों में अपनी जगह बना ली है। भारतीय टीम में उनके प्रवेश का इंतजार अभी जारी है, लेकिन वे इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। हाल ही में, उन्होंने एक सीजन में सर्वाधिक 65 छक्के लगाने का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसके अतिरिक्त, वैभव ने एक ही सीजन में सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है। उनकी इन अभूतपूर्व उपलब्धियों के लिए उन्हें हार्दिक बधाई दी गई है, और उन्हें 'मिथिला का लाल' कहकर सम्मानित किया गया है।1
- बकरीद के पावन अवसर पर देवधा में एक मेले का आयोजन किया गया है। इस मेले में भारी संख्या में लोग उमड़े हैं, जिसके कारण यहाँ जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है।1
- सहरसा जिले के नवहट्टा में एक पंचायत समिति सदस्य ने नवहट्टा थानाध्यक्ष पर अभद्र व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया है। यह आरोप सीधे तौर पर थानाध्यक्ष के आचरण पर सवाल उठाता है।1
- बिहार के मधुबनी जिले में एमएलसी (MLC) घनश्याम ठाकुर के आवास पर चोरी की घटना सामने आई है। चोर उनके घर से 2 किलोग्राम चांदी, 2 लाख रुपये नकद और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए।1