टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोती के निर्देशन में, जनपद पंचायत जतारा की ग्राम पंचायत बेरवार के सरपंच सुरेंद्र दांगी ने शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक अनूठी पहल की है। "स्कूल चले हम" अभियान के तहत, उन्होंने पूरे गांव में मुनादी करवाकर अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित और समय पर स्कूल भेजने की अपील की है। सरपंच सुरेंद्र दांगी ने इस पहल के पीछे का कारण बताते हुए कहा कि किसी भी गांव का वास्तविक विकास तभी संभव है जब वहां के बच्चे शिक्षित हों। उन्होंने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दें और उन्हें प्रतिदिन समय पर विद्यालय भेजें, ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल बन सके। ग्राम पंचायत की इस पहल की ग्रामीणों ने खुले दिल से सराहना की है। ग्रामीणों का मानना है कि इस तरह के प्रयासों से बच्चों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, विद्यालयों में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी, और गांव शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान बना पाएगा। ग्राम पंचायत ने सभी परिवारों को यह संदेश भी दिया है कि वे शिक्षा को अपना दायित्व समझें और "स्कूल चले हम" अभियान को सफल बनाने में सक्रिय रूप से सहयोग करें।
टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोती के निर्देशन में, जनपद पंचायत जतारा की ग्राम पंचायत बेरवार के सरपंच सुरेंद्र दांगी ने शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक अनूठी पहल की है। "स्कूल चले हम" अभियान के तहत, उन्होंने पूरे गांव में मुनादी करवाकर अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित और समय पर स्कूल भेजने की अपील की है। सरपंच सुरेंद्र दांगी ने इस पहल के
पीछे का कारण बताते हुए कहा कि किसी भी गांव का वास्तविक विकास तभी संभव है जब वहां के बच्चे शिक्षित हों। उन्होंने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दें और उन्हें प्रतिदिन समय पर विद्यालय भेजें, ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल बन सके। ग्राम पंचायत की इस पहल की ग्रामीणों ने खुले दिल से सराहना की है। ग्रामीणों का
मानना है कि इस तरह के प्रयासों से बच्चों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, विद्यालयों में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी, और गांव शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान बना पाएगा। ग्राम पंचायत ने सभी परिवारों को यह संदेश भी दिया है कि वे शिक्षा को अपना दायित्व समझें और "स्कूल चले हम" अभियान को सफल बनाने में सक्रिय रूप से सहयोग करें।
- टीकमगढ़ जिले के प्रसिद्ध आस्था केंद्र सिद्ध बाबा हवेली मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से प्रस्तावित इस कार्य के लिए ₹23.60 लाख की राशि स्वीकृत की गई है, जिसमें से ₹15.58 लाख की पहली किस्त भी जारी कर दी गई है। इससे उम्मीद है कि मंदिर का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर इस जीर्णोद्धार कार्य को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं। राशि जारी होने के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है, और विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। बताया गया है कि जिला प्रशासन के प्रयासों से यह परियोजना तेजी से आगे बढ़ी है। इस जीर्णोद्धार से न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि यह जिले के धार्मिक और पर्यटन विकास को भी नई गति प्रदान करेगा। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए विश्वास जताया है कि मंदिर का नया स्वरूप क्षेत्र की पहचान को और मजबूत करेगा, साथ ही धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।1
- टीकमगढ़ जिले के थाना पलेरा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत टौरी में सरपंच और सचिव पर मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस अधीक्षक और संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद, पीड़ित को अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर पीड़ित को अब तक न्याय क्यों नहीं मिला है।1
- मध्यप्रदेश के सतना जिले के रैगांव विधानसभा क्षेत्र के छुलहा टोला में स्कूली बच्चे पहली ही बारिश में कीचड़ भरे रास्तों से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। यह स्थिति "स्कूल चलें हम" के नारे की वास्तविकता पर गंभीर सवाल उठाती है, क्योंकि जिन हाथों में किताबें होनी चाहिए, वे अपने कपड़े और जूते बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। डॉ. मोहन यादव जी से यह मांग की गई है कि शिक्षा का अधिकार केवल किताबों तक सीमित न रहकर स्कूल तक सुरक्षित और सम्मानजनक पहुँच में भी होना चाहिए। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल लगभग 900 मीटर के इस मार्ग का निर्माण कराने की अपील की गई है, ताकि इन बच्चों का भविष्य कीचड़ में न फंसे। स्पष्ट कहा गया है कि बच्चों को केवल भाषण नहीं, बल्कि एक बेहतर रास्ता चाहिए।1
- टीकमगढ़-जतारा मार्ग पर स्थित भड़रा के जंगल में आरक्षक सोनू खटीक का शव एक पेड़ से लटका हुआ मिला है। मृतक सोनू खटीक पन्ना जिले के धर्मपुरा थाने में पदस्थ था और जतारा का निवासी बताया गया है।1
- टीकमगढ़ जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पुलिस आरक्षक सोनू खटीक का शव जतारा मार्ग पर स्थित भड़रा गांव के पास के जंगल में एक पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका हुआ पाया गया। यह खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक आरक्षक सोनू खटीक जतारा नगर के निवासी थे और पन्ना जिले के धर्मपुरा थाने में पदस्थ थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।2
- टीकमगढ़ में 'सेफ क्लिक अभियान 2.0' के तहत पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देशन में एक व्यापक साइबर जागरूकता मैराथन का आयोजन किया गया। इस दौरान, नागरिकों ने सामूहिक रूप से साइबर सुरक्षा की शपथ ली। पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में यह पहल जिले के सभी थाना स्तरों पर "साइबर रन एवं शपथ कार्यक्रम" के रूप में आयोजित की गई।1
- टीकमगढ़ जिले में प्रशासन ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए पलेरा कस्बे के वार्ड नंबर 12 के पास लगभग 7 हेक्टेयर शासकीय गोचर भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया। अतिक्रमणकारियों ने इस सरकारी जमीन पर स्थायी रूप से कच्चे मकान बनाकर और तार फेंसिंग करके कृषि कार्य के लिए कब्जा जमा रखा था। प्रशासन ने जेसीबी मशीन की मदद से इस पूरे अतिक्रमण को हटा दिया, जिससे सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त हो गई।1
- पन्ना जिले में पदस्थ एक पुलिस आरक्षक सोनू खटीक ने टीकमगढ़ जिले के भड़रा जंगल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेजा है, जहाँ मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम किया जाएगा। मृतक आरक्षक सोनू खटीक टीकमगढ़ जिले के जतारा नगर का निवासी था और वर्तमान में पन्ना जिले के धर्मपुरा थाने में पदस्थ था। परिजनों के अनुसार, वह पन्ना से टीकमगढ़ आया था और जतारा की ओर जा रहा था, तभी टीकमगढ़-जतारा मार्ग पर स्थित भड़रा के जंगल में एक पेड़ पर उसका शव लटका मिला। पुलिस को सूचना मिलने पर तत्काल सर्चिंग अभियान चलाया गया, जिसके बाद शव बरामद हुआ। मौके पर पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए क्षेत्र को सुरक्षित किया और एफएसएल टीम को जांच के लिए बुलाया। टीकमगढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाहा ने बताया कि मजना पुलिस चौकी में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। एफएसएल अधिकारी प्रदीप यादव ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और बताया कि कोई संदिग्ध वस्तु या संघर्ष के निशान नहीं मिले। मृतक की कार सड़क किनारे खड़ी मिली थी, जबकि शव जंगल के भीतर एक पेड़ से लटका हुआ था। प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। एफएसएल अधिकारी के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला पारिवारिक कारणों से जुड़ा लग रहा है, हालांकि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है और मृतक के परिजनों व परिचितों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सके। फिलहाल, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य तथ्यों का इंतजार कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1