जर्जर पुलिया बनी मौत का रास्ता, ग्रामीणों की जान जोखिम में जर्जर पुलिया बनी मौत का रास्ता, ग्रामीणों की जान जोखिम में संवाददाता: हनीस शेख, कुतकपुर करसौली। करसौली क्षेत्र में नागरियान का पुरा, नरसिंहपुरा, कैरा की ढाणी, कारवाड़ी व जगर बांध होते हुए खीपकापुरा को जाने वाले मुख्य संपर्क मार्ग पर बनी पुलिया के क्षतिग्रस्त हो जाने से हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं। यह पुलिया अब जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है, जिससे प्रतिदिन इस रास्ते से गुजरने वाले ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी समय यहां बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रास्ता है। इसी रास्ते से स्कूली बच्चे, किसान, मजदूर, बुजुर्ग और महिलाएं रोजाना आवागमन करते हैं। पुलिया की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि जगह-जगह से सीमेंट उखड़ गया है, लोहे की सरिए बाहर नजर आने लगी हैं और बरसात के दौरान पानी भरने से फिसलन और भी बढ़ जाती है। रात के समय रोशनी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी कई बार इस पुलिया की मरम्मत की मांग संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि अस्थायी उपाय के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिलते रहे हैं, जबकि पुलिया की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब तेज बहाव के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों में इस लापरवाही को लेकर भारी रोष है। उनका कहना है कि यदि समय रहते पुलिया की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं किया गया तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत इस मार्ग का निरीक्षण कराया जाए और क्षतिग्रस्त पुलिया को दुरुस्त कर सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। लोगों की मांग है कि केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करते हुए पुलिया का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और किसी अनहोनी से पहले प्रशासन जागे। फिलहाल, इस क्षतिग्रस्त पुलिया से गुजरना ग्रामीणों के लिए रोज का खतरा बना हुआ है और सभी की नजरें प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर टिकी हैं।
जर्जर पुलिया बनी मौत का रास्ता, ग्रामीणों की जान जोखिम में जर्जर पुलिया बनी मौत का रास्ता, ग्रामीणों की जान जोखिम में संवाददाता: हनीस शेख, कुतकपुर करसौली। करसौली क्षेत्र में नागरियान का पुरा, नरसिंहपुरा, कैरा की ढाणी, कारवाड़ी व जगर बांध होते हुए खीपकापुरा को जाने वाले मुख्य संपर्क मार्ग पर बनी पुलिया के क्षतिग्रस्त हो जाने से हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं। यह पुलिया अब जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है, जिससे प्रतिदिन इस रास्ते से गुजरने वाले ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी समय यहां बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रास्ता है। इसी रास्ते से स्कूली बच्चे, किसान, मजदूर, बुजुर्ग और महिलाएं रोजाना आवागमन करते हैं। पुलिया की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि जगह-जगह से सीमेंट उखड़ गया है, लोहे की सरिए बाहर नजर आने लगी हैं और बरसात के दौरान पानी भरने से फिसलन और भी बढ़ जाती है। रात के समय रोशनी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी कई बार इस पुलिया की मरम्मत की मांग संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि अस्थायी उपाय के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिलते रहे हैं, जबकि पुलिया की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब तेज बहाव के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों में इस लापरवाही को लेकर भारी रोष है। उनका कहना है कि यदि समय रहते पुलिया की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं किया गया तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत इस मार्ग का निरीक्षण कराया जाए और क्षतिग्रस्त पुलिया को दुरुस्त कर सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। लोगों की मांग है कि केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करते हुए पुलिया का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और किसी अनहोनी से पहले प्रशासन जागे। फिलहाल, इस क्षतिग्रस्त पुलिया से गुजरना ग्रामीणों के लिए रोज का खतरा बना हुआ है और सभी की नजरें प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर टिकी हैं।
- तीन बड़ क्षेत्र में ट्रैक्टर चालक से मारपीट का मामला, दो आरोपी गिरफ्तार संवाददाता: अजीम खान चिनायटा करौली। कोतवाली करौली थाना पुलिस ने ट्रैक्टर चालक के साथ मारपीट के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई तीन बड़ क्षेत्र में हुई घटना को लेकर की गई। पुलिस के अनुसार दिनांक अठारह दिसंबर दो हजार पच्चीस को हेमराज गुर्जर निवासी करसाई, थाना मामचारी अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली से करौली में रेत डालकर वापस अपने गांव जा रहा था। इसी दौरान तीन बड़ के पास कुछ लोगों ने उसे रोक लिया और लाठी-डंडों व सरिया से मारपीट की। जान बचाने के लिए ट्रैक्टर चालक हेमराज गुर्जर ट्रैक्टर से उतरकर राजरानी पैलेस के पास बालाजी वाली गली की ओर भागा, जहां उसके साथ मारपीट की गई। घटना में हेमराज गुर्जर घायल हो गया और सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। घायल को उपचार हेतु अस्पताल भिजवाया गया। इस संबंध में प्रकरण संख्या तीन सौ छिहत्तर / दो हजार पच्चीस दर्ज कर नियमानुसार अनुसंधान प्रारंभ किया गया। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने नामजद आरोपियों को चिन्हित कर—1
- Post by Anil Kumar veer1
- , सर मथुरा धौलपुर की न्यूज़ खबर सर मथुरा एसडीम ऑफिस आज आम आदमी पार्टी जिला अध्यक्ष धौलपुर राजस्थान भरत सिंह मीणा सरमथुरा के साथ मीटिंग ली थी जो के सड़क के बारे में नगर पालिका सफाई बारे में ज्ञापन दिया4
- #गंगापुरसिटीअंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा फाउंडेशन तहसील गंगापुर सिटी के पदाधिकारी उपाध्यक्ष जिला सवाई माधोपुर दिनेश कुमार शर्मा जिला महिला प्रभारी दुर्गेश सिंघल तहसील महिला प्रभारी वह तहसील प्रभारी ममता देवी पिंकी सिंगल बेबी रचना गंगापुर सिटी गोपाल गौशाला दशहरा मैदान पर गायों को हरा चारा वे गुड खिलाकर मकर संक्रांति के पावन पर्व पर 2026 15 तारीख जनवरी को धर्म लाभ कमाया1
- राजस्थान आरटीओ का यही हाल है तो आम जनता क्या करेगी समझो साथियों सरकार भी किसी की नहीं है ऐसे दलालों को रिटायर करो1
- आज का पंचांग https://amzn.to/49Uaxaa1
- रात के अंधेरे में साइकिल चला रही युवती को पीछे से कार चालक ने हॉर्न मारा। गुस्से में युवती ने कार वाले को धमकाया, लेकिन मामला बढ़ाने के बजाय ड्राइवर ने अलग ही तरीका अपनाया। उसने बिना बहस या झगड़े के अपनी कार की लाइट बंद कर दी और चुपचाप बदला ले लिया। यह “बिना मारपीट, गांधी स्टाइल बदला” वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। #viralvideo #gandhigiri #nonviolence #roadsafety #cycling #nightdriving #reels #shorts #trending1
- जर्जर पुलिया बनी मौत का रास्ता, ग्रामीणों की जान जोखिम में संवाददाता: हनीस शेख, कुतकपुर करसौली। करसौली क्षेत्र में नागरियान का पुरा, नरसिंहपुरा, कैरा की ढाणी, कारवाड़ी व जगर बांध होते हुए खीपकापुरा को जाने वाले मुख्य संपर्क मार्ग पर बनी पुलिया के क्षतिग्रस्त हो जाने से हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं। यह पुलिया अब जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है, जिससे प्रतिदिन इस रास्ते से गुजरने वाले ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी समय यहां बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रास्ता है। इसी रास्ते से स्कूली बच्चे, किसान, मजदूर, बुजुर्ग और महिलाएं रोजाना आवागमन करते हैं। पुलिया की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि जगह-जगह से सीमेंट उखड़ गया है, लोहे की सरिए बाहर नजर आने लगी हैं और बरसात के दौरान पानी भरने से फिसलन और भी बढ़ जाती है। रात के समय रोशनी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी कई बार इस पुलिया की मरम्मत की मांग संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि अस्थायी उपाय के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिलते रहे हैं, जबकि पुलिया की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब तेज बहाव के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों में इस लापरवाही को लेकर भारी रोष है। उनका कहना है कि यदि समय रहते पुलिया की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं किया गया तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत इस मार्ग का निरीक्षण कराया जाए और क्षतिग्रस्त पुलिया को दुरुस्त कर सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। लोगों की मांग है कि केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करते हुए पुलिया का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और किसी अनहोनी से पहले प्रशासन जागे। फिलहाल, इस क्षतिग्रस्त पुलिया से गुजरना ग्रामीणों के लिए रोज का खतरा बना हुआ है और सभी की नजरें प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर टिकी हैं।1