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सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत बदखर परशुराम तालाब में एक 15 वर्षीय बालक के डूबने से परिजनों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। यह घटना शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है और इसकी सूचना पुलिस को दे दी गई है। उल्लेखनीय है कि इसी तालाब में दो दिन पहले भी इसी तरह का एक हादसा हुआ था, जिसके बाद देर रात चक्काजाम कर प्रदर्शन किया गया था। ताजा घटना के बाद आक्रोशित परिजन अब एक बड़े आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं।
रोहित कुमार पाठक
सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत बदखर परशुराम तालाब में एक 15 वर्षीय बालक के डूबने से परिजनों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। यह घटना शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है और इसकी सूचना पुलिस को दे दी गई है। उल्लेखनीय है कि इसी तालाब में दो दिन पहले भी इसी तरह का एक हादसा हुआ था, जिसके बाद देर रात चक्काजाम कर प्रदर्शन किया गया था। ताजा घटना के बाद आक्रोशित परिजन अब एक बड़े आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं।
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- सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत बदखर स्थित परशुराम राम तालाब में एक 15 वर्षीय बालक के डूबने की सूचना मिली है, जिसके बाद से रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बदखर निवासी प्रिंस रजक (15 वर्ष), जो संतोष रजक का बेटा है, शाम करीब 7 बजे तालाब में डूब गया। घटना की सूचना मिलते ही SDERF और पुलिस प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और बालक की तलाश शुरू कर दी। TI सुदीप सोनी भी मौके पर पहुंचीं। यह उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले भी इसी क्षेत्र में एक हादसा हुआ था, जिसके बाद देर रात तक चक्काजाम की स्थिति बनी रही थी। क्षेत्र में लगातार हो रही इन घटनाओं के कारण लोगों में चिंता और आक्रोश का माहौल है।1
- सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत बदखर परशुराम तालाब में एक 15 वर्षीय बालक के डूबने से परिजनों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। यह घटना शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है और इसकी सूचना पुलिस को दे दी गई है। उल्लेखनीय है कि इसी तालाब में दो दिन पहले भी इसी तरह का एक हादसा हुआ था, जिसके बाद देर रात चक्काजाम कर प्रदर्शन किया गया था। ताजा घटना के बाद आक्रोशित परिजन अब एक बड़े आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं।1
- मध्य प्रदेश के सतना में कानून व्यवस्था संभालने वाली पुलिस इस बार खुद सुर्खियों में है। यहाँ सिटी कोतवाली परिसर के भीतर आधी रात को दो पुलिसकर्मियों के बीच जमकर विवाद हो गया। यह विवाद देखते ही देखते गाली-गलौज और धक्का-मुक्की तक पहुंच गया, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला मामूली कहासुनी से शुरू हुआ था, जो बाद में तीखी नोकझोंक में बदल गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने इस घटनाक्रम को अपने कैमरे में कैद कर लिया, जिसके बाद यह वीडियो शहरभर में चर्चा का विषय बन गया है। लोगों के बीच यह सवाल उठ रहे हैं कि जिस स्थान से कानून और अनुशासन की निगरानी की जाती है, यदि वहीं इस तरह के हालात बनते हैं, तो विभागीय अनुशासन को लेकर क्या संदेश जाएगा और पुलिस विभाग की छवि कैसे प्रभावित होगी। फिलहाल, इस वायरल वीडियो को लेकर शहर में बड़ी बहस छिड़ गई है और सभी की निगाहें वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हैं। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिसकी प्रतीक्षा की जा रही है। यह भी बताया गया है कि प्रशासनिक आधिकारिक पक्ष प्राप्त होते ही उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा, हालाँकि वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं की गई है।1
- सतना शहर की सिटी कोतवाली में आधी रात उस समय हड़कंप मच गया, जब दो पुलिसकर्मियों के बीच हुआ एक मामूली विवाद गाली-गलौज और धक्का-मुक्की में बदल गया। वर्दीधारी जवानों के बीच हुई इस झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, सिटी कोतवाली थाना परिसर में देर रात दो आरक्षकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विवाद कुछ ही देर में इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए धक्का-मुक्की शुरू कर दी। थाना परिसर में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन तब तक यह पूरा घटनाक्रम किसी के मोबाइल कैमरे में कैद हो चुका था। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग की छवि को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं; आम नागरिकों का कहना है कि जिस पुलिस पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी है, उसके कर्मचारियों का सार्वजनिक रूप से इस तरह विवाद करना अनुशासनहीनता का गंभीर उदाहरण है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने दोनों आरक्षकों को लाइन अटैच करने के आदेश जारी कर दिए हैं और पूरे मामले की जांच सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह को सौंपी गई है। जांच के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, विवाद के वास्तविक कारणों की पड़ताल की जा रही है, जिसमें यह भी देखा जाएगा कि घटना के पीछे कोई पुराना विवाद था या किसी तात्कालिक मुद्दे को लेकर कहासुनी हुई थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई संभव है। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस विभाग में अनुशासन और आचरण संबंधी नियमों के पालन को लेकर बहस छेड़ दी है। अधिकारियों का मानना है कि वर्दी की गरिमा बनाए रखना प्रत्येक पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी है और इस प्रकार की घटनाएं विभाग की साख को प्रभावित करती हैं।1
- सतना शहर की सिटी कोतवाली में आधी रात उस समय हड़कंप मच गया जब दो पुलिसकर्मी मामूली विवाद के बाद आपस में गाली-गलौज और धक्का-मुक्की करने लगे। वर्दी में तैनात इन जवानों के बीच हुई इस झड़प से थाना परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे पुलिस विभाग की कार्यशैली और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली पुलिस का इस तरह सार्वजनिक रूप से भिड़ना विभाग की छवि को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहा है। बताया जा रहा है कि यह विवाद किसी छोटी बात को लेकर शुरू हुआ था, जो देखते ही देखते काफी बढ़ गया। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरक्षकों को लाइन अटैच कर दिया है। मामले की आगे की जांच सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह को सौंपी गई है।1
- सतना जिले में चंदन के पेड़ चोरी करने वाले एक गिरोह का नागौद पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस पारदी गिरोह की तीन महिलाओं समेत कुल 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान, गिरोह के सदस्यों ने नागौद, रामपुर बाघेलान, सिंहपुर, अमरपाटन और चौकी बाबूपुर जैसे विभिन्न इलाकों में चंदन के पेड़ चोरी की कई घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। यह सफलता टीआई अशोक पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम को मिली है।1
- एक तीखा और बार-बार दोहराया गया सवाल उठाया गया है, जिसमें नेताओं और अधिकारियों से पूछा जा रहा है कि क्या वे 'ऐसी जगह' में रह सकते हैं। इस प्रश्न को कई बार दोहराकर इस बात पर जोर दिया गया है कि जिस 'जगह' का जिक्र किया जा रहा है, वहां की परिस्थितियां संभवतः स्वीकार्य नहीं हैं। यह सवाल एक चुनौती के रूप में सामने आता है, जो उन जिम्मेदार लोगों से उन स्थितियों का अनुभव करने की अपेक्षा करता है, जिनका सामना अन्य लोग कर रहे होंगे।1
- प्रदेश शासन के निर्देशानुसार प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण और शासकीय कार्यों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने हेतु रीवा जिला कलेक्टर द्वारा नवीन पदस्थापना आदेश जारी किए गए हैं। इन आदेशों के तहत, रीवा जिले में पदस्थ परिवीक्षाधीन डिप्टी कलेक्टर सुश्री सुरभी जैन को तत्काल प्रभाव से अनुभाग त्योंथर का अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नियुक्त करते हुए, आगामी आदेश तक वहां का प्रभार सौंपा गया है। उल्लेखनीय है कि सुश्री सुरभी जैन राज्य प्रशासनिक सेवा की एक ऊर्जावान अधिकारी हैं। त्योंथर जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील अनुभाग की कमान उन्हें सौंपे जाने के बाद, यह उम्मीद की जा रही है कि प्रशासनिक कार्यों में और अधिक दक्षता और कसावट आएगी।2