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ग्राम गंधियाव में लोक कलाकार वेदानंद विश्वकर्मा पर हुए जानलेवा हमले के मामले में प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। साक्ष्य देने के बाद भी पुलिस मौन, सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा से लौटे लोक कलाकार पर हमले के आरोपी अब भी आजाद करछना, प्रयागराज जनपद के थाना करछना अंतर्गत ग्राम गंधियाव में लोक कलाकार वेदानंद विश्वकर्मा पर हुए जानलेवा हमले के मामले में प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के फोटो, वीडियो और सभी संबंधित दस्तावेज पुलिस को सौंपने के बावजूद अब तक दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है。 सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा से लौटते ही हुई हिंसा घटना 26 अप्रैल 2026 की है, जब मै वेदानंद विश्वकर्मा सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा' (सांस्कृतिक कार्यक्रम) में शामिल होकर वापस लौटते ही उनके ऊपर दोपहर करीब 1:00 बजे, जब मौके पर लेखपाल ज्ञानचंद यादव और ग्राम प्रधान धीरेंद्र कुमार उपस्थित थे, तभी विपक्षी पक्ष के लोगों ने एकजुट होकर उन पर जानलेवा हमला कर दिया इन लोगों पर हमले का आरोप मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायती पत्र के अनुसार, हमले में मुख्य रूप से निम्नलिखित लोग शामिल थे: धर्मराज दुबे और उनके पुत्र विष्णु दुबे विशंभर नाथ दुबेऔर उनके पुत्र दिनेश कुमार,विनय कुमार,और कुलदीप कुमार आदर्श,विशाल कुमार और दो अज्ञात रिश्तेदार महिलाओं और बच्चों पर भी हुआ पथराव आरोपियों ने न केवल वेदानंद विश्वकर्मा और अभ्यानंद विश्वकर्मा को बेरहमी से पीटा, बल्कि उनके घर पर ईंट-पत्थरों से हमला भी किया。 इस पथराव में घर की महिलाओं और बच्चों को चोटें आई हैं。 अभ्यानंद विश्वकर्मा के पैर में गंभीर चोट है, जबकि वेदानंद को अंदरूनी चोटें लगी हैं。 प्रशासन की लापरवाही से बढ़ा आक्रोश पीड़ित का कहना है कि यह पूरा विवाद एक ऐसी नाली को लेकर खड़ा किया गया है जिसका कोई अस्तित्व ही नहीं है。 वर्ष 2003 में इस संबंध में लिखित समझौता होने के बाद भी विपक्षी पक्ष लगातार रंजिश रख रहा है。 आरोप है कि कुलदीप द्विवेदी अपनी लाइसेंसी राइफल का डर दिखाकर परिवार को आतंकित करता है सारे डिजिटल साक्ष्य (वीडियो और फोटो) मौजूद होने के बाद भी एफआईआर दर्ज न होना पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाता है。मुख्य मांगें: 1. वीडियो और फोटो के आधार पर तत्काल दोषियों की गिरफ्तारी हो。 2. पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए。 3. लाइसेंसी हथियार का दुरुपयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए

1 hr ago
user_Umesh chandra patrkar
Umesh chandra patrkar
Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

ग्राम गंधियाव में लोक कलाकार वेदानंद विश्वकर्मा पर हुए जानलेवा हमले के मामले में प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। साक्ष्य देने के बाद भी पुलिस मौन, सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा से लौटे लोक कलाकार पर हमले के आरोपी अब भी आजाद करछना, प्रयागराज जनपद के थाना करछना अंतर्गत ग्राम गंधियाव में लोक कलाकार वेदानंद विश्वकर्मा पर हुए जानलेवा हमले के मामले में प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के फोटो, वीडियो और सभी संबंधित दस्तावेज पुलिस को सौंपने के बावजूद अब तक दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है。 सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा से लौटते ही हुई हिंसा घटना 26 अप्रैल 2026 की है, जब मै वेदानंद विश्वकर्मा सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा' (सांस्कृतिक कार्यक्रम) में शामिल होकर वापस लौटते ही उनके ऊपर दोपहर करीब 1:00 बजे, जब मौके पर लेखपाल ज्ञानचंद यादव और ग्राम प्रधान धीरेंद्र कुमार उपस्थित थे, तभी विपक्षी पक्ष के लोगों ने एकजुट होकर उन पर जानलेवा हमला कर दिया इन लोगों पर हमले का आरोप मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायती पत्र के अनुसार, हमले में मुख्य रूप से निम्नलिखित लोग शामिल थे: धर्मराज दुबे और उनके पुत्र विष्णु दुबे विशंभर नाथ दुबेऔर उनके पुत्र दिनेश कुमार,विनय कुमार,और कुलदीप कुमार आदर्श,विशाल कुमार और दो अज्ञात रिश्तेदार महिलाओं और बच्चों पर भी हुआ पथराव आरोपियों ने न केवल वेदानंद विश्वकर्मा और अभ्यानंद विश्वकर्मा को बेरहमी से पीटा, बल्कि उनके घर पर ईंट-पत्थरों से हमला भी किया。 इस पथराव में घर की महिलाओं और बच्चों को चोटें आई हैं。 अभ्यानंद विश्वकर्मा के पैर में गंभीर चोट है, जबकि वेदानंद को अंदरूनी चोटें लगी हैं。 प्रशासन की लापरवाही से बढ़ा आक्रोश पीड़ित का कहना है कि यह पूरा विवाद एक ऐसी नाली को लेकर खड़ा किया गया है जिसका कोई अस्तित्व ही नहीं है。 वर्ष 2003 में इस संबंध में लिखित समझौता होने के बाद भी विपक्षी पक्ष लगातार रंजिश रख रहा है。 आरोप है कि कुलदीप द्विवेदी अपनी लाइसेंसी राइफल का डर दिखाकर परिवार को आतंकित करता है सारे डिजिटल साक्ष्य (वीडियो और फोटो) मौजूद होने के बाद भी एफआईआर दर्ज न होना पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाता है。मुख्य मांगें: 1. वीडियो और फोटो के आधार पर तत्काल दोषियों की गिरफ्तारी हो。 2. पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए。 3. लाइसेंसी हथियार का दुरुपयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए

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  • Post by Vaibhav Yadav India Tv
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    Post by Vaibhav Yadav India Tv
    user_Vaibhav Yadav India Tv
    Vaibhav Yadav India Tv
    Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by Ptrkar deepak Shukla meja
    1
    Post by Ptrkar deepak Shukla meja
    user_Ptrkar deepak Shukla meja
    Ptrkar deepak Shukla meja
    Court reporter मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • साक्ष्य देने के बाद भी पुलिस मौन, सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा से लौटे लोक कलाकार पर हमले के आरोपी अब भी आजाद करछना, प्रयागराज जनपद के थाना करछना अंतर्गत ग्राम गंधियाव में लोक कलाकार वेदानंद विश्वकर्मा पर हुए जानलेवा हमले के मामले में प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के फोटो, वीडियो और सभी संबंधित दस्तावेज पुलिस को सौंपने के बावजूद अब तक दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है。 सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा से लौटते ही हुई हिंसा घटना 26 अप्रैल 2026 की है, जब मै वेदानंद विश्वकर्मा सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा' (सांस्कृतिक कार्यक्रम) में शामिल होकर वापस लौटते ही उनके ऊपर दोपहर करीब 1:00 बजे, जब मौके पर लेखपाल ज्ञानचंद यादव और ग्राम प्रधान धीरेंद्र कुमार उपस्थित थे, तभी विपक्षी पक्ष के लोगों ने एकजुट होकर उन पर जानलेवा हमला कर दिया इन लोगों पर हमले का आरोप मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायती पत्र के अनुसार, हमले में मुख्य रूप से निम्नलिखित लोग शामिल थे: धर्मराज दुबे और उनके पुत्र विष्णु दुबे विशंभर नाथ दुबेऔर उनके पुत्र दिनेश कुमार,विनय कुमार,और कुलदीप कुमार आदर्श,विशाल कुमार और दो अज्ञात रिश्तेदार महिलाओं और बच्चों पर भी हुआ पथराव आरोपियों ने न केवल वेदानंद विश्वकर्मा और अभ्यानंद विश्वकर्मा को बेरहमी से पीटा, बल्कि उनके घर पर ईंट-पत्थरों से हमला भी किया。 इस पथराव में घर की महिलाओं और बच्चों को चोटें आई हैं。 अभ्यानंद विश्वकर्मा के पैर में गंभीर चोट है, जबकि वेदानंद को अंदरूनी चोटें लगी हैं。 प्रशासन की लापरवाही से बढ़ा आक्रोश पीड़ित का कहना है कि यह पूरा विवाद एक ऐसी नाली को लेकर खड़ा किया गया है जिसका कोई अस्तित्व ही नहीं है。 वर्ष 2003 में इस संबंध में लिखित समझौता होने के बाद भी विपक्षी पक्ष लगातार रंजिश रख रहा है。 आरोप है कि कुलदीप द्विवेदी अपनी लाइसेंसी राइफल का डर दिखाकर परिवार को आतंकित करता है सारे डिजिटल साक्ष्य (वीडियो और फोटो) मौजूद होने के बाद भी एफआईआर दर्ज न होना पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाता है。मुख्य मांगें: 1. वीडियो और फोटो के आधार पर तत्काल दोषियों की गिरफ्तारी हो。 2. पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए。 3. लाइसेंसी हथियार का दुरुपयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए
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    साक्ष्य देने के बाद भी पुलिस मौन, सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा से लौटे लोक कलाकार पर हमले के आरोपी अब भी आजाद करछना, प्रयागराज जनपद के थाना करछना अंतर्गत ग्राम गंधियाव में लोक कलाकार वेदानंद विश्वकर्मा पर हुए जानलेवा हमले के मामले में प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के फोटो, वीडियो और सभी संबंधित दस्तावेज पुलिस को सौंपने के बावजूद अब तक दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है。
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा से लौटते ही हुई हिंसा
घटना 26 अप्रैल 2026 की है, जब मै वेदानंद विश्वकर्मा सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा' (सांस्कृतिक कार्यक्रम) में शामिल होकर वापस लौटते ही उनके ऊपर दोपहर करीब 1:00 बजे, जब मौके पर लेखपाल ज्ञानचंद यादव और ग्राम प्रधान धीरेंद्र कुमार उपस्थित थे, तभी विपक्षी पक्ष के लोगों ने एकजुट होकर उन पर जानलेवा हमला कर दिया
इन लोगों पर हमले का आरोप
मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायती पत्र के अनुसार, हमले में मुख्य रूप से निम्नलिखित लोग शामिल थे:
धर्मराज दुबे और उनके पुत्र विष्णु दुबे विशंभर नाथ दुबेऔर उनके पुत्र दिनेश कुमार,विनय कुमार,और कुलदीप कुमार
आदर्श,विशाल कुमार और दो अज्ञात रिश्तेदार महिलाओं और बच्चों पर भी हुआ पथराव
आरोपियों ने न केवल वेदानंद विश्वकर्मा और अभ्यानंद विश्वकर्मा को बेरहमी से पीटा, बल्कि उनके घर पर ईंट-पत्थरों से हमला भी किया。 इस पथराव में घर की महिलाओं और बच्चों को चोटें आई हैं。 अभ्यानंद विश्वकर्मा के पैर में गंभीर चोट है, जबकि वेदानंद को अंदरूनी चोटें लगी हैं。
प्रशासन की लापरवाही से बढ़ा आक्रोश
पीड़ित का कहना है कि यह पूरा विवाद एक ऐसी नाली को लेकर खड़ा किया गया है जिसका कोई अस्तित्व ही नहीं है。 वर्ष 2003 में इस संबंध में लिखित समझौता होने के बाद भी विपक्षी पक्ष लगातार रंजिश रख रहा है。 आरोप है कि कुलदीप द्विवेदी अपनी लाइसेंसी राइफल का डर दिखाकर परिवार को आतंकित करता है
सारे डिजिटल साक्ष्य (वीडियो और फोटो) मौजूद होने के बाद भी एफआईआर दर्ज न होना पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाता है。मुख्य मांगें:
1. वीडियो और फोटो के आधार पर तत्काल दोषियों की गिरफ्तारी हो。
2. पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए。
3. लाइसेंसी हथियार का दुरुपयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
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    Post by दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    user_दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by चंद्र दीप सिंह
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    Post by चंद्र दीप सिंह
    user_चंद्र दीप सिंह
    चंद्र दीप सिंह
    Voice of people मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • कुशगढ़ धाम में 21 कन्याओं का सामूहिक विवाह, राजनीतिक हस्तियों की होगी मौजूदगी करछना, 26 अप्रैल – कुशगढ़ धाम स्थित प्राचीन शिव मंदिर के विशाल प्रांगण में 26 अप्रैल, रविवार को एक भव्य सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाएगा। इस समारोह का आयोजन समाजसेवी मिश्रीलाल केशरी और जनसेवक धर्मप्रकाश केशरी के नेतृत्व में किया जा रहा है। इस सामूहिक विवाह में 21 गरीब और असहाय कन्याओं का विवाह आचार्य जी की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिपूर्वक संपन्न होगा। विवाह समारोह की तैयारियों के मद्देनजर कुशगढ़ धाम को मंडप और विद्युत झालरों से सजाया गया है। कार्यक्रम के आयोजक मिश्रीलाल केशरी और संयोजक धर्मप्रकाश केशरी ने बताया कि यह आयोजन समाज के लिए एक जनकल्याणकारी पहल है। उन्होंने विवाह समारोह में स्थानीय प्रशासन और क्षेत्रीय नागरिकों से भाग लेने की अपील की है, ताकि यह आयोजन सफल हो सके और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसका संदेश पहुंचे। इस अवसर पर मेजा विधानसभा के विधायक रेवती रमन सिंह और समाजवादी पार्टी के नेता संदीप पटेल समेत कई राजनीतिक हस्तियों के उपस्थित रहने की संभावना है। समाज के कमजोर वर्गों के लिए यह आयोजन एक बड़ा सहारा साबित होगा, और इसके माध्यम से जन कल्याण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है।
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    कुशगढ़ धाम में 21 कन्याओं का सामूहिक विवाह, राजनीतिक हस्तियों की होगी मौजूदगी
करछना, 26 अप्रैल – कुशगढ़ धाम स्थित प्राचीन शिव मंदिर के विशाल प्रांगण में 26 अप्रैल, रविवार को एक भव्य सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाएगा। इस समारोह का आयोजन समाजसेवी मिश्रीलाल केशरी और जनसेवक धर्मप्रकाश केशरी के नेतृत्व में किया जा रहा है।
इस सामूहिक विवाह में 21 गरीब और असहाय कन्याओं का विवाह आचार्य जी की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिपूर्वक संपन्न होगा। विवाह समारोह की तैयारियों के मद्देनजर कुशगढ़ धाम को मंडप और विद्युत झालरों से सजाया गया है।
कार्यक्रम के आयोजक मिश्रीलाल केशरी और संयोजक धर्मप्रकाश केशरी ने बताया कि यह आयोजन समाज के लिए एक जनकल्याणकारी पहल है। उन्होंने विवाह समारोह में स्थानीय प्रशासन और क्षेत्रीय नागरिकों से भाग लेने की अपील की है, ताकि यह आयोजन सफल हो सके और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसका संदेश पहुंचे।
इस अवसर पर मेजा विधानसभा के विधायक रेवती रमन सिंह और समाजवादी पार्टी के नेता संदीप पटेल समेत कई राजनीतिक हस्तियों के उपस्थित रहने की संभावना है।
समाज के कमजोर वर्गों के लिए यह आयोजन एक बड़ा सहारा साबित होगा, और इसके माध्यम से जन कल्याण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है।
    user_Rahul Mishra Ak News
    Rahul Mishra Ak News
    Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • *विधायक द्वारा लगाई गई स्ट्रीट लाइट खराब, शंभूचक चौराहे पर छाया अंधेरा* *मेजा, प्रयागराज।* विधानसभा मेजा में विधायक संदीप पटेल द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर लगवाई गई स्ट्रीट लाइटें खराब होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। मुख्य चौराहों पर अंधेरा होने से आवागमन करने वाले राहगीरों और स्थानीय व्यापारियों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विधायक निधि से जगह स्ट्रीट लाइट लगवाई गई थीं ताकि रात के समय व्यापारियों और आम जनता को आने जाने में सुविधा हो। सुरक्षा की दृष्टि से भी चौराहों पर रोशनी जरूरी थी। शुरुआत में सभी लाइटें सही काम कर रही थीं लेकिन देखरेख के अभाव में अब ज्यादातर लाइटें बंद पड़ी हैं। शंभूचक चौराहे की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। यहां विधायक द्वारा लगवाई गई सभी स्ट्रीट लाइटें कई हफ्तों से खराब हैं। शाम होते ही पूरे चौराहे पर अंधेरा छा जाता है। दुकानदारों ने बताया कि अंधेरे के कारण ग्राहक जल्दी चले जाते हैं और शाम के समय व्यापार प्रभावित हो रहा है। साथ ही चोरी की घटनाओं का डर भी बना रहता है। स्थानीय व्यापारी रमेश गुप्ता ने बताया कि अंधेरे में सड़क पर गड्ढे नजर नहीं आते जिससे आए दिन बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। क्षेत्र के लोगों ने मांग की है कि खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को जल्द से जल्द ठीक कराया जाए। लोगों का कहना है कि अगर सार्वजनिक सुविधाएं लगवाने के बाद उनकी देखरेख नहीं होगी तो उनका कोई लाभ नहीं है। इस संबंध में जब जिम्मेदार अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया गया तो संपर्क नहीं हो सका। वहीं विधायक प्रतिनिधि का कहना है कि मामला संज्ञान में है और जल्द ही सभी खराब लाइटों को ठीक कराने का काम शुरू कराया जाएगा। फिलहाल शंभूचक चौराहे पर अंधेरा कायम है और लोग परेशान हैं।
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    *विधायक द्वारा लगाई गई स्ट्रीट लाइट खराब, शंभूचक चौराहे पर छाया अंधेरा*
*मेजा, प्रयागराज।* विधानसभा मेजा में विधायक संदीप पटेल द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर लगवाई गई स्ट्रीट लाइटें खराब होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। मुख्य चौराहों पर अंधेरा होने से आवागमन करने वाले राहगीरों और स्थानीय व्यापारियों में नाराजगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विधायक निधि से जगह स्ट्रीट लाइट लगवाई गई थीं ताकि रात के समय व्यापारियों और आम जनता को आने जाने में सुविधा हो। सुरक्षा की दृष्टि से भी चौराहों पर रोशनी जरूरी थी। शुरुआत में सभी लाइटें सही काम कर रही थीं लेकिन देखरेख के अभाव में अब ज्यादातर लाइटें बंद पड़ी हैं।
शंभूचक चौराहे की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। यहां विधायक द्वारा लगवाई गई सभी स्ट्रीट लाइटें कई हफ्तों से खराब हैं। शाम होते ही पूरे चौराहे पर अंधेरा छा जाता है। दुकानदारों ने बताया कि अंधेरे के कारण ग्राहक जल्दी चले जाते हैं और शाम के समय व्यापार प्रभावित हो रहा है। साथ ही चोरी की घटनाओं का डर भी बना रहता है।
स्थानीय व्यापारी रमेश गुप्ता ने बताया कि अंधेरे में सड़क पर गड्ढे नजर नहीं आते जिससे आए दिन बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई।
क्षेत्र के लोगों ने मांग की है कि खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को जल्द से जल्द ठीक कराया जाए। लोगों का कहना है कि अगर सार्वजनिक सुविधाएं लगवाने के बाद उनकी देखरेख नहीं होगी तो उनका कोई लाभ नहीं है। 
इस संबंध में जब जिम्मेदार अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया गया तो संपर्क नहीं हो सका। वहीं विधायक प्रतिनिधि का कहना है कि मामला संज्ञान में है और जल्द ही सभी खराब लाइटों को ठीक कराने का काम शुरू कराया जाएगा। 
फिलहाल शंभूचक चौराहे पर अंधेरा कायम है और लोग परेशान हैं।
    user_Dhananjay Prajapati
    Dhananjay Prajapati
    Artist Meja, Prayagraj•
    14 hrs ago
  • Post by Vaibhav Yadav India Tv
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    Post by Vaibhav Yadav India Tv
    user_Vaibhav Yadav India Tv
    Vaibhav Yadav India Tv
    Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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