बिहटा के दौलतपुर में पुलिस का बड़ा एक्शन, 321 लीटर शराब बरामद, तस्कर फरार पटना जिले के दौलतपुर गांव में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अवैध शराब के बड़े जखीरे का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान करीब 321 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई। बताया जाता है कि जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, वहां मौजूद तस्कर भाग निकलने में सफल रहे। हालांकि पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर शराब को जब्त कर लिया। पुलिस का कहना है कि इलाके में लंबे समय से अवैध शराब के कारोबार की सूचना मिल रही थी। इसी के तहत यह छापेमारी की गई। फिलहाल फरार तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। बिहार में शराबबंदी के बावजूद इस तरह की बरामदगी एक बार फिर अवैध कारोबार की सक्रियता को उजागर करती है। पुलिस ने साफ किया है कि इस तरह के धंधे में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
बिहटा के दौलतपुर में पुलिस का बड़ा एक्शन, 321 लीटर शराब बरामद, तस्कर फरार पटना जिले के दौलतपुर गांव में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अवैध शराब के बड़े जखीरे का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान करीब 321 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई। बताया जाता है कि जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, वहां मौजूद तस्कर भाग निकलने में सफल रहे। हालांकि पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर शराब को जब्त कर लिया। पुलिस का कहना है कि इलाके में लंबे समय से अवैध शराब के कारोबार की सूचना मिल रही थी। इसी के तहत यह छापेमारी की गई। फिलहाल फरार तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। बिहार में शराबबंदी के बावजूद इस तरह की बरामदगी एक बार फिर अवैध कारोबार की सक्रियता को उजागर करती है। पुलिस ने साफ किया है कि इस तरह के धंधे में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
- पटना जिले के दौलतपुर गांव में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अवैध शराब के बड़े जखीरे का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान करीब 321 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई। बताया जाता है कि जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, वहां मौजूद तस्कर भाग निकलने में सफल रहे। हालांकि पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर शराब को जब्त कर लिया। पुलिस का कहना है कि इलाके में लंबे समय से अवैध शराब के कारोबार की सूचना मिल रही थी। इसी के तहत यह छापेमारी की गई। फिलहाल फरार तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। बिहार में शराबबंदी के बावजूद इस तरह की बरामदगी एक बार फिर अवैध कारोबार की सक्रियता को उजागर करती है। पुलिस ने साफ किया है कि इस तरह के धंधे में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- baccha chor ko pakado Apne bacchon Ko Sattar kar rakho public log1
- पटना जिले के बिक्रम प्रखंड अंतर्गत मोरियावा पंचायत के बड़की बलियारी गांव में भाकपा माले के लोकप्रिय नेता कॉमरेड रवींद्र भगत जी का मूर्ति अनावरण व सभा का आयोजन किया गया। सभा के पूर्व गांव में कामरेड रविंद्र भगत अमर रहे, कामरेड रविंद्र भगत को लाल सलाम, कामरेड रविंद्र भगत के अरमानों को मंजिल तक पहुंचाएंगे, जेसे गगन भेदी नारो व झंडा बैनर के साथ प्रभात फेरी भी निकालि गई। बता दें कि सभा की शुरुआत कामरेड रविंद्र जी को श्रद्धांजलि से हुई। रविंद्र भगत के पत्नी, पुत्र और परिवार के लोगों को पार्टी की ओर से अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं सभा का संचालन कॉमरेड शंकर पासवान ने किया।1
- डॉक्टर साहब टॉक: डॉक्टर सुदीश कुमार के साथ विशेष साक्षात्कार1
- बिहार के सूबे में नया बदलाव तो हुआ लेकिन सरकार के नेता अधिकारी का नींद ना पहले खुला और ना ही अब भीसन अंधी पानी ने बिहार सरकार और नगर निगम की पॉल खोल कर रख दिया....1
- Post by N BHARAT NEWS 3651
- लापरवाही के आरोप: परिजनों का आरोप है कि लड़का पहले ही मर चुका था, लेकिन अस्पताल प्रशासन पैसे ऐंठने के लिए उसे वेंटिलेटर पर रखकर इलाज का नाटक करता रहा। अंग चोरी का शकः परिजनों ने मौत के बाद किडनी निकाले जाने का अंदेशा भी जताया है, जिसे पुलिस जांच के दायरे में लेकर जांच कर रही है। अस्पताल में तोड़फोड़: हंगामे के दौरान परिजनों ने ICU का बेड निकालकर सड़क पर प्रदर्शन किया और अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की। अन्य घटनाएं: जुलाई 2025 में, पारस अस्पताल में ही एक कैदी की इलाज के दौरान हत्या कर दी गई थी, जिससे अस्पताल की सुरक्षा पर सवाल उठे थे। अस्पताल का रुखः आम तौर पर, पारस प्रशासन ऐसे मामलों में खुद को बेकसूर बताता है और रिकॉर्ड की जांच करने की बात कहता है। एक पुराने मामले (2022) में, अस्पताल ने कहा था कि उन्होंने मरीज को बचाने की हरसंभव कोशिश की। Paras Hospital Patna1
- बिहटा:नेउरा रेलवे स्टेशन पर एक मेमू पैसेंजर ट्रेन को करीब डेढ़ घंटे तक रोके रखा गया, जिससे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, एक्सप्रेस ट्रेन को पास कराने के लिए मेमू को प्लेटफॉर्म पर खड़ा रखा गया। अचानक हुई देरी से यात्रियों में नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना था कि बिना सूचना के ट्रेन रोकने से उनकी दिनचर्या प्रभावित हुई। वहीं, यात्रियों ने पैसेंजर ट्रेनों की अनदेखी का भी आरोप लगाया।1