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​कन्नौज में कुदरत का तांडव: ओलावृष्टि ने छीना अन्नदाता के मुँह का निवाला, खेतों में ओले की सफेद चादर, ​छिबरामऊ (कन्नौज): इंसान तो इंसान, अब शायद कुदरत भी किसान के इम्तिहान लेने पर उतारू है। रविवार की शाम कन्नौज के छिबरामऊ और आसपास के इलाकों में आए भीषण चक्रवात और बेमौसम ओलावृष्टि ने तबाही का वो मंजर पेश किया, जिसे देखकर हर किसी की आँखें नम हैं। आसमान से बरसीं सफेद आफत (ओलों) ने किसानों की महीनों की मेहनत को चंद मिनटों में मिट्टी में मिला दिया। ​खेतों में बिछ गई गेहूं की फसल ​जो गेहूं की फसल पककर तैयार थी और जिसकी कटाई की तैयारी किसान कर रहे थे, वह तेज हवाओं और ओलों के बोझ से खेतों में पूरी तरह बिछ गई है। किसानों का कहना है कि अब फसल की गुणवत्ता तो खराब होगी ही, पैदावार में भी भारी गिरावट आएगी। ​सिर्फ गेहूं ही नहीं, बल्कि नकदी फसलों पर भी कुदरत का कहर टूटा है: ​आलू: खुदाई के इंतजार में पड़े आलू के खेतों में पानी भर जाने से सड़न का खतरा पैदा हो गया है। ​मक्के के छोटे पौधों को ओलों ने छलनी कर दिया है, जिससे फसल का विकास रुक गया है। ​सिसक रहा है अन्नदाता: "अब कैसे चुकेगा कर्ज?" ​खेत की मेड़ पर सिर पकड़कर बैठे एक बुजुर्ग किसान ने रोते हुए बताया, "बेटी की शादी और बैंक का कर्ज... सब इसी फसल के भरोसे था। अब तो लागत निकलना भी मुश्किल है।" यह दर्द सिर्फ एक किसान का नहीं, बल्कि छिबरामऊ के हजारों ग्रामीण परिवारों का है। ​प्रशासन से मदद की गुहार ​पीड़ित किसानों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द राजस्व टीम भेजकर नुकसान का सर्वे कराया जाए और उचित मुआवजा दिया जाए। ​कन्नौज में कुदरत का तांडव: ओलावृष्टि ने छीना अन्नदाता के मुँह का निवाला, खेतों में ओले की सफेद चादर, ​छिबरामऊ (कन्नौज): इंसान तो इंसान, अब शायद कुदरत भी किसान के इम्तिहान लेने पर उतारू है। रविवार की शाम कन्नौज के छिबरामऊ और आसपास के इलाकों में आए भीषण चक्रवात और बेमौसम ओलावृष्टि ने तबाही का वो मंजर पेश किया, जिसे देखकर हर किसी की आँखें नम हैं। आसमान से बरसीं सफेद आफत (ओलों) ने किसानों की महीनों की मेहनत को चंद मिनटों में मिट्टी में मिला दिया। ​खेतों में बिछ गई गेहूं की फसल ​जो गेहूं की फसल पककर तैयार थी और जिसकी कटाई की तैयारी किसान कर रहे थे, वह तेज हवाओं और ओलों के बोझ से खेतों में पूरी तरह बिछ गई है। किसानों का कहना है कि अब फसल की गुणवत्ता तो खराब होगी ही, पैदावार में भी भारी गिरावट आएगी। ​सिर्फ गेहूं ही नहीं, बल्कि नकदी फसलों पर भी कुदरत का कहर टूटा है: ​आलू: खुदाई के इंतजार में पड़े आलू के खेतों में पानी भर जाने से सड़न का खतरा पैदा हो गया है। ​मक्के के छोटे पौधों को ओलों ने छलनी कर दिया है, जिससे फसल का विकास रुक गया है। ​सिसक रहा है अन्नदाता: "अब कैसे चुकेगा कर्ज?" ​खेत की मेड़ पर सिर पकड़कर बैठे एक बुजुर्ग किसान ने रोते हुए बताया, "बेटी की शादी और बैंक का कर्ज... सब इसी फसल के भरोसे था। अब तो लागत निकलना भी मुश्किल है।" यह दर्द सिर्फ एक किसान का नहीं, बल्कि छिबरामऊ के हजारों ग्रामीण परिवारों का है। ​प्रशासन से मदद की गुहार ​पीड़ित किसानों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द राजस्व टीम भेजकर नुकसान का सर्वे कराया जाए और उचित मुआवजा दिया जाए।

23 hrs ago
user_पत्रकार Munish Singh
पत्रकार Munish Singh
Grain Wholesaler छिबरामऊ, कन्नौज, उत्तर प्रदेश•
23 hrs ago

​कन्नौज में कुदरत का तांडव: ओलावृष्टि ने छीना अन्नदाता के मुँह का निवाला, खेतों में ओले की सफेद चादर, ​छिबरामऊ (कन्नौज): इंसान तो इंसान, अब शायद कुदरत भी किसान के इम्तिहान लेने पर उतारू है। रविवार की शाम कन्नौज के छिबरामऊ और आसपास के इलाकों में आए भीषण चक्रवात और बेमौसम ओलावृष्टि ने तबाही का वो मंजर पेश किया, जिसे देखकर हर किसी की आँखें नम हैं। आसमान से बरसीं सफेद आफत (ओलों) ने किसानों की महीनों की मेहनत को चंद मिनटों में मिट्टी में मिला दिया। ​खेतों में बिछ गई गेहूं की फसल ​जो गेहूं की फसल पककर तैयार थी और जिसकी कटाई की तैयारी किसान कर रहे थे, वह तेज हवाओं और ओलों के बोझ से खेतों में पूरी तरह बिछ गई है। किसानों का कहना है कि अब फसल की गुणवत्ता तो खराब होगी ही, पैदावार में भी भारी गिरावट आएगी। ​सिर्फ गेहूं ही नहीं, बल्कि नकदी फसलों पर भी कुदरत का कहर टूटा है: ​आलू: खुदाई के इंतजार में पड़े आलू के खेतों में पानी भर जाने से सड़न का खतरा पैदा हो गया है। ​मक्के के छोटे पौधों को ओलों ने छलनी कर दिया है, जिससे फसल का विकास रुक गया है। ​सिसक रहा है अन्नदाता: "अब कैसे चुकेगा कर्ज?" ​खेत की मेड़ पर सिर पकड़कर बैठे एक बुजुर्ग किसान ने रोते हुए बताया, "बेटी की शादी और बैंक का कर्ज... सब इसी फसल के भरोसे था। अब तो लागत निकलना भी मुश्किल है।" यह दर्द सिर्फ एक किसान का नहीं, बल्कि छिबरामऊ के हजारों ग्रामीण परिवारों का है। ​प्रशासन से मदद की गुहार ​पीड़ित किसानों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द राजस्व टीम भेजकर नुकसान का सर्वे कराया जाए और उचित मुआवजा दिया जाए। ​कन्नौज

में कुदरत का तांडव: ओलावृष्टि ने छीना अन्नदाता के मुँह का निवाला, खेतों में ओले की सफेद चादर, ​छिबरामऊ (कन्नौज): इंसान तो इंसान, अब शायद कुदरत भी किसान के इम्तिहान लेने पर उतारू है। रविवार की शाम कन्नौज के छिबरामऊ और आसपास के इलाकों में आए भीषण चक्रवात और बेमौसम ओलावृष्टि ने तबाही का वो मंजर पेश किया, जिसे देखकर हर किसी की आँखें नम हैं। आसमान से बरसीं सफेद आफत (ओलों) ने किसानों की महीनों की मेहनत को चंद मिनटों में मिट्टी में मिला दिया। ​खेतों में बिछ गई गेहूं की फसल ​जो गेहूं की फसल पककर तैयार थी और जिसकी कटाई की तैयारी किसान कर रहे थे, वह तेज हवाओं और ओलों के बोझ से खेतों में पूरी तरह बिछ गई है। किसानों का कहना है कि अब फसल की गुणवत्ता तो खराब होगी ही, पैदावार में भी भारी गिरावट आएगी। ​सिर्फ गेहूं ही नहीं, बल्कि नकदी फसलों पर भी कुदरत का कहर टूटा है: ​आलू: खुदाई के इंतजार में पड़े आलू के खेतों में पानी भर जाने से सड़न का खतरा पैदा हो गया है। ​मक्के के छोटे पौधों को ओलों ने छलनी कर दिया है, जिससे फसल का विकास रुक गया है। ​सिसक रहा है अन्नदाता: "अब कैसे चुकेगा कर्ज?" ​खेत की मेड़ पर सिर पकड़कर बैठे एक बुजुर्ग किसान ने रोते हुए बताया, "बेटी की शादी और बैंक का कर्ज... सब इसी फसल के भरोसे था। अब तो लागत निकलना भी मुश्किल है।" यह दर्द सिर्फ एक किसान का नहीं, बल्कि छिबरामऊ के हजारों ग्रामीण परिवारों का है। ​प्रशासन से मदद की गुहार ​पीड़ित किसानों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द राजस्व टीम भेजकर नुकसान का सर्वे कराया जाए और उचित मुआवजा दिया जाए।

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  • छिबरामऊ के नगर पालिका परिसर में शासन द्वारा नियुक्त किए गए पांच सभासदों को आज मुख्य अतिथि अर्चना पांडे की मौजूदगी में उप जिला अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी ने सभासदों को शपथ दिलाई गई। इस दौरान भाजपा के कई नेता भी मौजूद रहे।
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    छिबरामऊ के नगर पालिका परिसर में शासन द्वारा नियुक्त किए गए पांच सभासदों को आज मुख्य अतिथि अर्चना पांडे की मौजूदगी में उप जिला अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी ने सभासदों को शपथ दिलाई गई। इस दौरान भाजपा के कई नेता भी मौजूद रहे।
    user_गौतम कश्यप
    गौतम कश्यप
    Local News Reporter छिबरामऊ, कन्नौज, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • ​कन्नौज में कुदरत का तांडव: ओलावृष्टि ने छीना अन्नदाता के मुँह का निवाला, खेतों में ओले की सफेद चादर, ​छिबरामऊ (कन्नौज): इंसान तो इंसान, अब शायद कुदरत भी किसान के इम्तिहान लेने पर उतारू है। रविवार की शाम कन्नौज के छिबरामऊ और आसपास के इलाकों में आए भीषण चक्रवात और बेमौसम ओलावृष्टि ने तबाही का वो मंजर पेश किया, जिसे देखकर हर किसी की आँखें नम हैं। आसमान से बरसीं सफेद आफत (ओलों) ने किसानों की महीनों की मेहनत को चंद मिनटों में मिट्टी में मिला दिया। ​खेतों में बिछ गई गेहूं की फसल ​जो गेहूं की फसल पककर तैयार थी और जिसकी कटाई की तैयारी किसान कर रहे थे, वह तेज हवाओं और ओलों के बोझ से खेतों में पूरी तरह बिछ गई है। किसानों का कहना है कि अब फसल की गुणवत्ता तो खराब होगी ही, पैदावार में भी भारी गिरावट आएगी। ​सिर्फ गेहूं ही नहीं, बल्कि नकदी फसलों पर भी कुदरत का कहर टूटा है: ​आलू: खुदाई के इंतजार में पड़े आलू के खेतों में पानी भर जाने से सड़न का खतरा पैदा हो गया है। ​मक्के के छोटे पौधों को ओलों ने छलनी कर दिया है, जिससे फसल का विकास रुक गया है। ​सिसक रहा है अन्नदाता: "अब कैसे चुकेगा कर्ज?" ​खेत की मेड़ पर सिर पकड़कर बैठे एक बुजुर्ग किसान ने रोते हुए बताया, "बेटी की शादी और बैंक का कर्ज... सब इसी फसल के भरोसे था। अब तो लागत निकलना भी मुश्किल है।" यह दर्द सिर्फ एक किसान का नहीं, बल्कि छिबरामऊ के हजारों ग्रामीण परिवारों का है। ​प्रशासन से मदद की गुहार ​पीड़ित किसानों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द राजस्व टीम भेजकर नुकसान का सर्वे कराया जाए और उचित मुआवजा दिया जाए।
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    ​कन्नौज में कुदरत का तांडव: ओलावृष्टि ने छीना अन्नदाता के मुँह का निवाला, खेतों में ओले की सफेद चादर,
​छिबरामऊ (कन्नौज):
इंसान तो इंसान, अब शायद कुदरत भी किसान के इम्तिहान लेने पर उतारू है। रविवार की शाम कन्नौज के छिबरामऊ और आसपास के इलाकों में आए भीषण चक्रवात और बेमौसम ओलावृष्टि ने तबाही का वो मंजर पेश किया, जिसे देखकर हर किसी की आँखें नम हैं। आसमान से बरसीं सफेद आफत (ओलों) ने किसानों की महीनों की मेहनत को चंद मिनटों में मिट्टी में मिला दिया।
​खेतों में बिछ गई गेहूं की फसल
​जो गेहूं की फसल पककर तैयार थी और जिसकी कटाई की तैयारी किसान कर रहे थे, वह तेज हवाओं और ओलों के बोझ से खेतों में पूरी तरह बिछ गई है। किसानों का कहना है कि अब फसल की गुणवत्ता तो खराब होगी ही, पैदावार में भी भारी गिरावट आएगी।
​सिर्फ गेहूं ही नहीं, बल्कि नकदी फसलों पर भी कुदरत का कहर टूटा है:
​आलू: खुदाई के इंतजार में पड़े आलू के खेतों में पानी भर जाने से सड़न का खतरा पैदा हो गया है।
​मक्के के छोटे पौधों को ओलों ने छलनी कर दिया है, जिससे फसल का विकास रुक गया है।
​सिसक रहा है अन्नदाता: "अब कैसे चुकेगा कर्ज?"
​खेत की मेड़ पर सिर पकड़कर बैठे एक बुजुर्ग किसान ने रोते हुए बताया, "बेटी की शादी और बैंक का कर्ज... सब इसी फसल के भरोसे था। अब तो लागत निकलना भी मुश्किल है।" यह दर्द सिर्फ एक किसान का नहीं, बल्कि छिबरामऊ के हजारों ग्रामीण परिवारों का है।
​प्रशासन से मदद की गुहार
​पीड़ित किसानों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द राजस्व टीम भेजकर नुकसान का सर्वे कराया जाए और उचित मुआवजा दिया जाए।
    user_पत्रकार Munish Singh
    पत्रकार Munish Singh
    Grain Wholesaler छिबरामऊ, कन्नौज, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • एंकर ------ फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद में एक दामाद पर ससुराल पक्ष के लोगों ने जानलेवा हमला किया है। पीड़ित ने अपनी गाड़ी पर फायरिंग का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।नेकपुर चौरासी निवासी विकास यादव ने पुलिस को दिए शिकायती प्रार्थना पत्र में बताया कि वह 5 अप्रैल को मोहम्मदाबाद में अपनी ई-रिक्शा फ्रेंचाइजी से पैसे लेने आया था। खराब मौसम के कारण वह इटावा-बरेली हाईवे पर स्थित नीम करोली ढाबे पर खाना खाकर अपनी कार में सो गया। विकास यादव के अनुसार 6 अप्रैल की सुबह लगभग 5:30 बजे फतेहगढ़ की रहनेवाली उसकी पत्नी अपने परिजनों सहित वहां पहुंची। ससुराल के लोगों ने विकास के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। जब विकास ने अपनी गाड़ी भगाने का प्रयास किया, तो हमलावरों ने उसे जान से मारने की नीयत से पत्थर फेंके। विकास ने आदित्य यादव पर उसकी गाड़ी पर फायरिंग करने का भी आरोप लगाया है। पीड़ित विकास यादव ने बताया कि इन लोगों के खिलाफ उसका न्यायालय में एक मुकदमा चल रहा है। विकास ने घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज कोतवाली प्रभारी को दिखाए हैं, जिनमें हमलावर लाठी-डंडों और पत्थर से हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं। बाईट- बिकास यादव पीड़ित
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    एंकर ------
फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद में एक दामाद पर ससुराल पक्ष के लोगों ने जानलेवा हमला किया है। पीड़ित ने अपनी गाड़ी पर फायरिंग का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।नेकपुर चौरासी निवासी विकास यादव ने पुलिस को दिए शिकायती प्रार्थना पत्र में बताया कि वह 5 अप्रैल को मोहम्मदाबाद में अपनी ई-रिक्शा फ्रेंचाइजी से पैसे लेने आया था। खराब मौसम के कारण वह इटावा-बरेली हाईवे पर स्थित नीम करोली ढाबे पर खाना खाकर अपनी कार में सो गया। विकास यादव के अनुसार 6 अप्रैल की सुबह लगभग 5:30 बजे फतेहगढ़ की रहनेवाली उसकी पत्नी अपने परिजनों सहित वहां पहुंची। ससुराल के लोगों ने विकास के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। जब विकास ने अपनी गाड़ी भगाने का प्रयास किया, तो हमलावरों ने उसे जान से मारने की नीयत से पत्थर फेंके। विकास ने आदित्य यादव पर उसकी गाड़ी पर फायरिंग करने का भी आरोप लगाया है।
पीड़ित विकास यादव ने बताया कि इन लोगों के खिलाफ उसका न्यायालय में एक मुकदमा चल रहा है। विकास ने घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज कोतवाली प्रभारी को दिखाए हैं, जिनमें हमलावर लाठी-डंडों और पत्थर से हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
बाईट- बिकास यादव पीड़ित
    user_Amit farukhabad indiakhasnews
    Amit farukhabad indiakhasnews
    Reporter फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • दयाराम पीड़ित बढ़ियाडारा के पास अज्ञात बहन ने टक्कर मारी शमसाबाद सीएचसी से रिफर होकर आए है बक्सुआ कायमगंज फर्रुखाबाद कायमगंज से घर आ रहे थे बढ़िया डाला के नजदीक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी सीएचसी शमसाबाद से लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया है
    1
    दयाराम पीड़ित  
बढ़ियाडारा के पास अज्ञात बहन ने टक्कर मारी शमसाबाद सीएचसी से रिफर होकर आए है
बक्सुआ कायमगंज फर्रुखाबाद 
कायमगंज से घर आ रहे थे बढ़िया डाला के नजदीक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी
सीएचसी शमसाबाद से लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया है
    user_Rahul katheriya
    Rahul katheriya
    Samaj Sevak फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • Post by CITY NEWS
    1
    Post by CITY NEWS
    user_CITY NEWS
    CITY NEWS
    Farrukhabad, Uttar Pradesh•
    11 hrs ago
  • Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी
    1
    Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Farrukhabad, Uttar Pradesh•
    12 hrs ago
  • फर्रुखाबाद। महर्षि दयानंद सरस्वती शिक्षण संस्थान (MDS Shikshan Sansthan), रामनगर गुलजार बाग (नैनिया नगला), चिलसरा रोड, फर्रुखाबाद में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नर्सरी से कक्षा 8 तक प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। संस्थान में स्वच्छ एवं सुरक्षित परिसर, अनुभवी शिक्षकों, कंप्यूटर शिक्षा, शुद्ध पेयजल, नियमित बिजली व्यवस्था, विशाल खेल मैदान और अनुशासन पर विशेष ध्यान देने दिया जाता है। मैनेजिंग डायरेक्टर अशोक मिश्रा तथा अध्यक्ष हर्षित मिश्रा ने सीमित सीटों के कारण अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का शीघ्र प्रवेश सुनिश्चित कराएं।
    1
    फर्रुखाबाद। महर्षि दयानंद सरस्वती शिक्षण संस्थान (MDS
Shikshan Sansthan), रामनगर गुलजार बाग (नैनिया नगला),
चिलसरा रोड, फर्रुखाबाद में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नर्सरी से
कक्षा 8 तक प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। संस्थान में स्वच्छ एवं
सुरक्षित परिसर, अनुभवी शिक्षकों, कंप्यूटर शिक्षा, शुद्ध पेयजल,
नियमित बिजली व्यवस्था, विशाल खेल मैदान और अनुशासन पर
विशेष ध्यान देने दिया जाता है। मैनेजिंग डायरेक्टर अशोक मिश्रा तथा
अध्यक्ष हर्षित मिश्रा ने सीमित सीटों के कारण अभिभावकों से अपील
की है कि वे अपने बच्चों का शीघ्र प्रवेश सुनिश्चित कराएं।
    user_JAI HIND MEDIA
    JAI HIND MEDIA
    Newspaper publisher Farrukhabad, Uttar Pradesh•
    14 hrs ago
  • स्मार्ट मीटर की समस्याओं को लेकर भाकियू किसान कन्नौज के जिलाध्यक्ष राजा शुक्ला बिजली घर छिबरामऊ में धरने पर बैठ गए ।
    1
    स्मार्ट मीटर की समस्याओं को लेकर भाकियू किसान कन्नौज के जिलाध्यक्ष राजा शुक्ला 
बिजली घर छिबरामऊ में धरने पर बैठ गए ।
    user_गौतम कश्यप
    गौतम कश्यप
    Local News Reporter छिबरामऊ, कन्नौज, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
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