महोबा में 30 जून को अधिवक्ता सतीश अवस्थी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में कोतवाली नगर पुलिस ने दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने इन्हें मुखबिर की सूचना पर करिया पठवा पहाड़ के पीछे बजरिया क्षेत्र से पकड़ा। पुलिस के अनुसार, 30 जून 2026 को ग्राम बरात पहाड़ी निवासी अधिवक्ता सतीश अवस्थी जब महोबा शहर से अपने गांव लौट रहे थे, तभी मुल्ला के खड़े के पास कुछ नामजद व अन्य व्यक्तियों ने उनका रास्ता रोककर मारपीट की थी। इस मामले में कोतवाली नगर में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमों का गठन किया गया था, जो लगातार दबिश और साक्ष्य संकलन की कार्रवाई कर रही थीं। पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नगर रविकांत गोंड के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के तहत, पुलिस ने शनिवार को वांछित इनामी आरोपी विकास राजपूत (20) निवासी बरात पहाड़ी और हनी सिंह उर्फ सुनील (25) निवासी डाक बंगला के पास, महोबा को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने वाली टीम में अपराध निरीक्षक आशीष सिंह भदौरिया, हेड कांस्टेबल सूरज सिंह चौहान और हेड कांस्टेबल बृजेश सिंह तोमर शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि इस मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
महोबा में 30 जून को अधिवक्ता सतीश अवस्थी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में कोतवाली नगर पुलिस ने दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने इन्हें मुखबिर की सूचना पर करिया पठवा पहाड़ के पीछे बजरिया क्षेत्र से पकड़ा। पुलिस के अनुसार, 30 जून 2026 को ग्राम बरात पहाड़ी निवासी अधिवक्ता सतीश अवस्थी जब महोबा शहर से अपने गांव लौट रहे थे, तभी मुल्ला के खड़े के पास कुछ नामजद व अन्य व्यक्तियों ने उनका रास्ता रोककर मारपीट की थी। इस मामले में कोतवाली नगर में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमों का गठन किया गया था, जो लगातार दबिश और साक्ष्य संकलन की कार्रवाई कर रही थीं। पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नगर रविकांत गोंड के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के तहत, पुलिस ने शनिवार को वांछित इनामी आरोपी विकास राजपूत (20) निवासी बरात पहाड़ी और हनी सिंह उर्फ सुनील (25) निवासी डाक बंगला के पास, महोबा को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने वाली टीम में अपराध निरीक्षक आशीष सिंह भदौरिया, हेड कांस्टेबल सूरज सिंह चौहान और हेड कांस्टेबल बृजेश सिंह तोमर शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि इस मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- महोबा के महोबकंठ थाना क्षेत्र में झांसी-राठ मार्ग पर एक पेट्रोल पंप के पास रविवार को नीलगाय को बचाने की कोशिश में एक इको कार और मोटरसाइकिल के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस दर्दनाक हादसे में एक वर्षीय मासूम बच्ची सहित दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। जानकारी के अनुसार, दुलारा गांव निवासी देवप्रकाश अपने भाई-भाभी को हरपालपुर रेलवे स्टेशन छोड़ने जा रहे थे। इसी दौरान झांसी की ओर से आ रही एक इको कार के सामने अचानक एक नीलगाय आ गई, जिसे बचाने के प्रयास में चालक ने गाड़ी मोड़ दी। तभी हरपालपुर की ओर जा रही एक मोटरसाइकिल भी इको कार की चपेट में आ गई और जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में विनोद की एक वर्षीय पुत्री शिवांशी और छिद्दू के पुत्र देवप्रकाश की मृत्यु हो गई। वहीं, मनप्यारे के पुत्र विनोद, विनोद की पत्नी सीता, तथा इको कार में सवार झांसी के शिवाजी नगर निवासी अशफाक के पुत्र इकबाल (55 वर्ष) और अशफाक के पुत्र अफजाल (50 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर महोबकंठ थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पनवाड़ी ले जाया गया। चिकित्सकों ने शिवांशी और देवप्रकाश को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य चार घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए झांसी ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना पर क्षेत्राधिकारी कुलपहाड़ अनिरुद्ध सिंह, थाना प्रभारी पनवाड़ी प्रवीण कुमार सिंह और महोबकंठ थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य का जायजा लिया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए महोबा जिला अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद दुलारा गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।1
- छतरपुर पुलिस के 'न्याय पथ अभियान' के तहत सिविल लाइन थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए चोरी के चार पुराने मामलों में फरार चल रहे एक वारंटी को गिरफ्तार किया है। यह वारंटी पिछले 17 और 16 सालों से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था और उस पर कुल ₹32 हजार का इनाम घोषित था। पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के निर्देशन में लंबित आपराधिक मामलों के फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान, सिविल लाइन थाना क्षेत्र के वर्ष 2009 के एक और वर्ष 2010 के तीन चोरी के प्रकरणों में वांछित इस आरोपी की तलाश की जा रही थी। पुलिस टीम ने फरार वारंटी दीपू उर्फ दीपक उर्फ दिलीप नायक, पिता रामनिरंजन नायक, निवासी ग्राम नटर्रा, थाना चरखारी, जिला महोबा (उत्तर प्रदेश) को उसके गांव से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ महोबा जिले के चरखारी और पनवाड़ी थानों के साथ-साथ छतरपुर जिले के कोतवाली, सिविल लाइन, बमीठा और राजनगर थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, चोरी, लूट, गैंगस्टर एक्ट और अवैध हथियारों सहित कुल 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया गया। इस पूरे मामले की जानकारी का एक प्रेस नोट सिविल लाइन पुलिस ने आज 6 जुलाई दोपहर करीब 4:00 बजे जारी किया है।1
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक दरोगा पर ट्रक चालक ने 20 हजार रुपये चोरी का गंभीर आरोप लगाते हुए हमला कर दिया। हाईवे पर हुई इस घटना के दौरान ट्रक चालक ने दरोगा का कॉलर पकड़कर कई थप्पड़ जड़े, जिससे उसकी वर्दी भी फट गई। चालक का आरोप है कि दरोगा ने उससे लिफ्ट ली और उसके बाद केबिन से 20 हजार रुपये निकालकर भाग गया। चालक ने दरोगा का पीछा किया और यमुना पुल के पास उसे पकड़ लिया। इस खींचतान के दौरान दरोगा के पास से कुछ नोट नीचे गिर गए। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने आरोपी दरोगा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही, विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। ट्रक चालक की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- हमीरपुर: जल निकासी की समस्या को लेकर ग्रामीण ने तहसील दिवस में लगाई गुहार हमीरपुर जिले की मौदहा तहसील क्षेत्र के ग्राम हिमौली निवासी रियाजउद्दीन पुत्र गयासुद्दीन ने संपूर्ण समाधान दिवस (तहसील दिवस) में शिकायत पत्र देकर गांव में जल निकासी की समस्या के समाधान की मांग की है। शिकायतकर्ता ने बताया कि बरसात का मौसम शुरू होने के बावजूद गांव के नाला-नालियों की सफाई नहीं कराई गई है। साथ ही पुलिया पूरी तरह मिट्टी से जाम होने के कारण बारिश का पानी आसानी से नहीं निकल पा रहा है। इससे बरसात के दौरान जलभराव की स्थिति बन जाती है और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। रियाजउद्दीन का कहना है कि यदि समय रहते नाला-नालियों की सफाई नहीं कराई गई तो बरसात का पानी गांव के कई घरों में घुस सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीण ने तहसील दिवस में दिए गए शिकायती पत्र के माध्यम से प्रशासन से मांग की है कि नाला-नालियों और जाम पड़ी पुलिया की तत्काल सफाई कराकर जल निकासी की व्यवस्था सुचारु कराई जाए, ताकि बरसात में ग्रामीणों को परेशानी का सामना न करना पड़े।1
- छतरपुर जिले के नौगांव में कृषि विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहाँ किसानों ने विभाग के अधिकारियों पर बीज वितरण में देरी के गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन के लिए शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए बीज उन्हें अभी तक नहीं मिले हैं, जबकि बुवाई का महत्वपूर्ण समय तेज़ी से बीता जा रहा है। नौगांव कृषि विभाग कार्यालय पहुँचे किसानों ने बताया कि वे कई दिनों से लगातार बीज लेने के लिए आ रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें कोई न कोई बहाना बनाकर वापस भेज दिया जाता है। किसानों ने आरोप लगाया है कि उन्हें शासन की योजना का लाभ समय पर नहीं मिल रहा, जिससे खरीफ फसल की बुवाई बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। उनकी चिंता है कि यदि समय पर बीज उपलब्ध नहीं हुआ, तो उन्हें महंगे दामों पर निजी दुकानों से बीज खरीदना पड़ेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की गहन जाँच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और सभी पात्र किसानों को तत्काल बीज उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है।4
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नौ जुलाई को जनपद बांदा का दौरा संभावित है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। कार्यकर्ताओं के बीच उनके आठ और नौ जुलाई को बांदा और चित्रकूट आगमन के आसार लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन तैयारियों में जुट गया है, जहाँ सड़कों के सुंदरीकरण का कार्य भी तेजी से शुरू हो गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करेंगे और जनपद में चल रहे तमाम विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही, वे बांदा में एक भारी जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जिसके लिए बीजेपी कार्यकर्ता 20 हजार की भीड़ जुटाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं।4
- गांव में पेयजल समस्या के समाधान को लेकर जल निगम की एक टीम ने सर्वेक्षण किया है।1
- छतरपुर जिले के भगवा थाना क्षेत्र के ग्राम झिंगरी निवासी 50 वर्षीय मकुंदा अहिरवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। परिजनों का कहना है कि मृतक खेत में बुवाई का काम निपटाकर घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में तेज बारिश शुरू हो गई थी और वह बारिश में ही पैदल घर की ओर आ रहा था। काफी देर तक घर न पहुंचने पर परिजनों ने मकुंदा की तलाश शुरू की, जिसके बाद वह रास्ते में बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। परिजन तत्काल उसे एक निजी वाहन से बड़ा मलहरा अस्पताल ले गए, जहाँ प्राथमिक जांच के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल छतरपुर रेफर कर दिया। रात करीब 11 बजे जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। आज 06 जुलाई को दोपहर लगभग 1:00 बजे जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। परिजनों ने मकुंदा अहिरवार की मौत की आशंका किसी सड़क हादसे के कारण हुई बताई है। इस मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- पन्ना जिले के भवानीपुर स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय में व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ बच्चों की सुरक्षा और सरकारी धन के उपयोग पर ग्रामीणों ने बड़े आरोप लगाए हैं। रिपोर्टर राजेंद्र सिंह पटेल ने इस मामले को सामने रखा है। ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय परिसर में नल के पास एक खुला कुआँ बच्चों के लिए संभावित खतरा बना हुआ है, जिसकी सुरक्षा के लिए अब तक पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि विद्यालय के शौचालय की मरम्मत के लिए लगभग ₹20,000 की राशि स्वीकृत हुई थी, लेकिन मौके पर मरम्मत का कोई कार्य दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर, ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग है कि शौचालय मरम्मत के लिए स्वीकृत राशि का उपयोग कैसे किया गया, यह स्पष्ट किया जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन्होंने खुले कुएँ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल आवश्यक उपाय करने पर भी जोर दिया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।1