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बांका जिले के एक निवासी ने सरकार से सीधा आग्रह किया है कि "यह [मामला] जल्दी से जल्दी ठीक होना चाहिए।" निवासी का स्पष्ट कहना है कि इसके अतिरिक्त उनकी कोई अन्य मांग नहीं है। यह अपील ग्राम गिद्धापरी, डाकघर दुधारी, पंचायत दारा, थाना बांका, जिला बांका से की गई है।
Shankar kumar
बांका जिले के एक निवासी ने सरकार से सीधा आग्रह किया है कि "यह [मामला] जल्दी से जल्दी ठीक होना चाहिए।" निवासी का स्पष्ट कहना है कि इसके अतिरिक्त उनकी कोई अन्य मांग नहीं है। यह अपील ग्राम गिद्धापरी, डाकघर दुधारी, पंचायत दारा, थाना बांका, जिला बांका से की गई है।
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- बांका जिले के एक निवासी ने सरकार से सीधा आग्रह किया है कि "यह [मामला] जल्दी से जल्दी ठीक होना चाहिए।" निवासी का स्पष्ट कहना है कि इसके अतिरिक्त उनकी कोई अन्य मांग नहीं है। यह अपील ग्राम गिद्धापरी, डाकघर दुधारी, पंचायत दारा, थाना बांका, जिला बांका से की गई है।1
- बांका जिले के यादव टोला में सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। इसी के साथ, सिमरिया में चल रहे नाला निर्माण कार्य का भी जायजा लिया गया।1
- बिहार के बांका जिले के बाराहाट स्थित जिला श्रमिक केंद्र में राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संगठन को नए सिरे से मजबूत करने, निष्क्रिय पदाधिकारियों को हटाने और पंचायत स्तर तक संगठन का विस्तार करने जैसे बड़े निर्णय लिए गए हैं। बैठक में मज़दूरों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर भी ज़ोरदार चर्चा हुई, जिनमें लेबर कार्ड, कन्या विवाह योजना, दुर्घटना सहायता, छात्रवृत्ति और साइकिल योजना जैसे विषय शामिल थे। इसके साथ ही, श्रम विभाग में बिचौलियों की भूमिका को समाप्त करने की सशक्त मांग उठाई गई। संगठन ने पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर भवन निर्माण मजदूरों का निबंधन कराने की तैयारी भी की है। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला इंटक अध्यक्ष विनय कुमार कापड़ी सहित कई प्रखंडों के पदाधिकारी और यूनियन प्रतिनिधि मौजूद रहे। संगठन का कहना है कि अब मज़दूरों के हक की लड़ाई और भी तेज़ होगी।1
- बिहार में एक भावुक घटना सामने आई है जहाँ एक बिहारी युवा सम्राट चौधरी के सामने फूट-फूटकर रो पड़ा। इस युवा ने बिहार की मौजूदा स्थिति को 'कड़वी सच्चाई' बताते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की। उसने कहा कि प्रदेश का 'आधा बिहारी ट्रेन में' है और लोगों की 'आधी जिंदगी पलायन में' बीत रही है। इस दौरान उसने मार्मिक सवाल उठाया कि आखिर बिहार के लोगों को कब तक इस पलायन के चक्र में रहना पड़ेगा।1
- Post by Ritesh Kumar1
- बिहार के बांका जिले के चौबटिया गांव से एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक गरीब आदिवासी बुजुर्ग दंपति ने अपनी खतियानी जमीन पर जबरन कब्जा और निर्माण का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि जब उन्होंने इस अवैध कब्जे का विरोध किया, तो उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट तक की गई। बुजुर्ग दंपति ने अपनी जमीन बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया है; उन्होंने पंचायत में शिकायत की, आवेदन दिए, और थाना से लेकर डीएम, एसपी, डीआईजी, और मुख्यमंत्री तक से न्याय की गुहार लगाई। हालाँकि, इन सभी प्रयासों के बावजूद, उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है और वे अभी भी न्याय की आस में दर-दर भटक रहे हैं। यह घटना इस सवाल को खड़ा करती है कि आखिर गरीब और कमजोर लोगों की सुनवाई कब होगी, और क्या प्रशासन पीड़ित आदिवासी परिवार को इंसाफ दिला पाएगा।1
- भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज अस्पताल) में सोमवार को सुरक्षा कर्मियों का प्रदर्शन वेतन वृद्धि, पीएफ, वर्दी और अवकाश समेत विभिन्न मांगों को लेकर उग्र हो गया। इस स्थिति में अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से बांका से सुरक्षा कर्मियों की एक दूसरी टीम को बुलाया। हालांकि, प्रदर्शन कर रहे सुरक्षा गार्डों ने बांका से आए सुरक्षा कर्मियों का विरोध करते हुए उन पर हमला बोल दिया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर लाठियों से पीटा और अस्पताल परिसर से खदेड़ दिया, जिसके कारण परिसर में अफरा-तफरी मच गई और घंटों तक रणक्षेत्र जैसी स्थिति बनी रही। घटना की सूचना मिलने पर बरारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास करते हुए प्रदर्शनकारी सुरक्षा कर्मियों को समझाकर शांत कराने की कोशिश की। घटना के बाद से अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है। बताया जा रहा है कि सुरक्षा कर्मी लंबे समय से वेतन वृद्धि, पीएफ, वर्दी और अन्य सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, जिनकी पूर्ति न होने पर यह आंदोलन उग्र रूप ले बैठा।1