शख्स वर्दी पहन घूम रहा था. शक होने पर पुलिस ने पूछा- कौन से बैच के हो? वर्दी वाले शख्स ने ऐसी तारीख बताई कि फंस गया... अब मुसीबत* में है. *शख्स वर्दी पहन घूम रहा था. शक होने पर पुलिस ने पूछा- कौन से बैच के हो? वर्दी वाले शख्स ने ऐसी तारीख बताई कि फंस गया... अब मुसीबत* में है. कन्नौज में संजीव कुमार नाम का शख्स दरोगा बनकर घूमता था. यहाँ किराए पर रहता. लोगों पर रौब जमाता. रुपये वसूलता. .... असली पुलिस को कुछ शक हुआ. उन्होंने वर्दी वाले शख्स से पूछा- आप किस बैच के दरोगा हैं. शख्स ने जवाब दिया- 2014 बैच के. आईकार्ड भी दिखाया. बस यहीं कांड हो गया. 2014 में यूपी पुलिस में दरोगा भर्ती ही नहीं हुई थी. सख्ती से पूछताछ हुई तो शख्स ने सब कुछ उगल दिया. पुलिस ने इस शख्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया. .... एक बात और पता चली. शख्स को नकली पुलिस बनकर घूमने की आदत है. कानपुर में भी 2024 में फर्जी दरोगा बनकर घूमने की आदत थी. पकड़ा गया तो काफी समय से जेल में रहा. जेल से लौटने के बाद कन्नौज में रहने लगा. और यहीं फर्जी दरोगा बन गया. अब फिर जेल भेजा गया है. अगली बार पता नहीं कहाँ... किस जगह जाकर फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर घूमेगा। गजब लोग हैं, पता नहीं क्या मजा मिलता है।
शख्स वर्दी पहन घूम रहा था. शक होने पर पुलिस ने पूछा- कौन से बैच के हो? वर्दी वाले शख्स ने ऐसी तारीख बताई कि फंस गया... अब मुसीबत* में है. *शख्स वर्दी पहन घूम रहा था. शक होने पर पुलिस ने पूछा- कौन से बैच के हो? वर्दी वाले शख्स ने ऐसी तारीख बताई कि फंस गया... अब मुसीबत* में है. कन्नौज में संजीव कुमार नाम का शख्स दरोगा बनकर घूमता था. यहाँ किराए पर रहता. लोगों पर रौब जमाता. रुपये वसूलता. .... असली पुलिस को कुछ शक हुआ. उन्होंने वर्दी वाले शख्स से पूछा- आप किस बैच के दरोगा हैं. शख्स ने जवाब दिया- 2014 बैच के. आईकार्ड भी दिखाया. बस यहीं कांड हो गया. 2014 में यूपी पुलिस में दरोगा भर्ती ही नहीं हुई थी. सख्ती से पूछताछ हुई तो शख्स ने सब कुछ उगल दिया. पुलिस ने इस शख्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया. .... एक बात और पता चली. शख्स को नकली पुलिस बनकर घूमने की आदत है. कानपुर में भी 2024 में फर्जी दरोगा बनकर घूमने की आदत थी. पकड़ा गया तो काफी समय से जेल में रहा. जेल से लौटने के बाद कन्नौज में रहने लगा. और यहीं फर्जी दरोगा बन गया. अब फिर जेल भेजा गया है. अगली बार पता नहीं कहाँ... किस जगह जाकर फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर घूमेगा। गजब लोग हैं, पता नहीं क्या मजा मिलता है।
- चौबेपुर में पत्रकारों का सम्मान, ग्राम प्रधान ने भेंट किया अंगवस्त्र1
- शख्स वर्दी पहन घूम रहा था. शक होने पर पुलिस ने पूछा- कौन से बैच के हो? वर्दी वाले शख्स ने ऐसी तारीख बताई कि फंस गया... अब मुसीबत* में है. *शख्स वर्दी पहन घूम रहा था. शक होने पर पुलिस ने पूछा- कौन से बैच के हो? वर्दी वाले शख्स ने ऐसी तारीख बताई कि फंस गया... अब मुसीबत* में है. कन्नौज में संजीव कुमार नाम का शख्स दरोगा बनकर घूमता था. यहाँ किराए पर रहता. लोगों पर रौब जमाता. रुपये वसूलता. .... असली पुलिस को कुछ शक हुआ. उन्होंने वर्दी वाले शख्स से पूछा- आप किस बैच के दरोगा हैं. शख्स ने जवाब दिया- 2014 बैच के. आईकार्ड भी दिखाया. बस यहीं कांड हो गया. 2014 में यूपी पुलिस में दरोगा भर्ती ही नहीं हुई थी. सख्ती से पूछताछ हुई तो शख्स ने सब कुछ उगल दिया. पुलिस ने इस शख्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया. .... एक बात और पता चली. शख्स को नकली पुलिस बनकर घूमने की आदत है. कानपुर में भी 2024 में फर्जी दरोगा बनकर घूमने की आदत थी. पकड़ा गया तो काफी समय से जेल में रहा. जेल से लौटने के बाद कन्नौज में रहने लगा. और यहीं फर्जी दरोगा बन गया. अब फिर जेल भेजा गया है. अगली बार पता नहीं कहाँ... किस जगह जाकर फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर घूमेगा। गजब लोग हैं, पता नहीं क्या मजा मिलता है।1
- कलम के धार से जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आलोक कुमार सिंह रोहित ने किया उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का भव्य स्वागत अयोध्या महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आलोक कुमार सिंह रोहित ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का दल-बल के साथ भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर आलोक कुमार सिंह रोहित ने उप मुख्यमंत्री को बुके भेंट कर और स्मृति चिन्ह देकर अयोध्या आगमन पर स्वागत किया। स्वागत कार्यक्रम के दौरान गोसाईगंज के पूर्व विधायक इन्द्र प्रताप तिवारी खब्बू, पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- जनता न्यूज टीवी संवाददाता अजीत कुमार पाण्डेय वाराणसी1
- कौन हैं माता शीतला? विजयादशमी पर चंदुआ-छित्तूपुर धाम में गूंजा जयकारा, जानिए क्यों दशमी पर होता है माँ का विशेष श्रृंगार और हवन न्यूज़ टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी। शारदीय नवरात्र की दशमी तिथि और विजयादशमी के महापर्व पर काशी के चंदुआ-छित्तूपुर स्थित शीतला माता धाम में भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। रोग-शोक हरने वाली, शीतलता प्रदान करने वाली माँ शीतला के दरबार में उमड़े भक्त, सच्चे मन से मांगी हर मुराद होती है इस पावन अवसर पर माता शीतला का दिव्य श्रृंगार, पूजन और हवन कार्यक्रम का न्यूज़ टू इंडिया के उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन और उनके परिवार सभी सदस्यों ने आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने शामिल होकर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। माता के दरबार को लाल चुनरियों, हरे पत्तों और गेंदा-गुलाब की मालाओं से अलौकिक रूप से सजाया गया। माता के समक्ष सेब, अनार, केला, मौसमी फल, लड्डू, बताशे, हलवा और पूड़ी का विशाल भोग अर्पित किया गया। हवन कुंड के सामने छोटे-छोटे थाल पर रखे हवन सामग्री के साथ भक्तों ने आहुतियां दीं।कौन हैं माता शीतला? शास्त्रों के अनुसार माता शीतला, माँ दुर्गा का ही एक शीतल और सौम्य स्वरूप हैं। स्कंद पुराण और शीतला अष्टक में इनका वर्णन मिलता है। मान्यता है कि ये रोग, ताप, चेचक और बाधाओं को हर कर भक्तों के जीवन में शीतलता,यानी ठंडक, सुख और शांति प्रदान करती हैं। इनके एक हाथ में झाड़ू, दूसरे में सूप, कलश और नीम के पत्ते होते हैं जो स्वच्छता और आरोग्यता का प्रतीक है। काशी खंड में भी शीतला माता के कई सिद्ध पीठों का वर्णन है, जिनमें चंदुआ-छित्तूपुर का यह धाम स्थानीय लोगों के लिए अत्यंत जागृत माना जाता है।दशमी पर विशेष पूजन का महत्व: नवरात्र में नौ दिन तक माँ के नौ रूपों की आराधना के बाद दशमी तिथि विजय और सिद्धि का प्रतीक है। इस दिन माता शीतला का श्रृंगार करने, हवन में आहुति देने से परिवार में रोग-शोक दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है। इसीलिए इस दिन भक्त अपने परिवार की मंगल कामना लेकर माता के दरबार में आते हैं।स्थानीय मान्यता: चंदुआ-छित्तूपुर के बुजुर्ग बताते हैं कि इस धाम में जो भी भक्त सच्चे मन से अपनी अर्जी लगाता है, माता शीतला उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। जो एक बार माँ के दर्शन कर लेता है, उस पर माँ का आशीर्वाद सदैव बना रहता है और माँ अपनी ममता की छाया में उसे रखती हैं। देर शाम तक मंदिर में घंटा-घड़ियाल, जयकारों और भजनों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा। स्थान: श्री शीतला माता धाम, चंदुआ-छित्तूपुर, वाराणसी1
- 🥇 निशाद कुमार का डबल स्वर्णिम धमाका- ● निशाद कुमार ने पैरा एशियाई खेल 🇮🇳🥇 निशाद कुमार का डबल स्वर्णिम धमाका- ● निशाद कुमार ने पैरा एशियाई खेल 2026 में पुरुषों की ऊंची कूद टी-47 स्पर्धा में 2.04 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता और नया खेल रिकॉर्ड बनाया, यह इन खेलों में उनका दूसरा स्वर्ण पदक है, इसके साथ ही वह पैरा एशियाई खेलों में दो स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के केवल दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं 🇮🇳🥇1
- मिर्जापुर में पुलिस की बेरुखी 12 साल के बच्चे को मैजिक ने कुचला FIR के बजाय पुलिस बना रही समझौते का दबाव वाराणसी से न्यूज टू इंडिया के उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट मिर्जापुर। जमालपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रीवा में 17 अक्टूबर को 12 वर्षीय निखिल राजभर को अज्ञात मैजिक वाहन ने कुचल दिया। हादसे में बच्चे का हाथ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और वह अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है पीड़ित पिता संजय राजभर ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस मुकदमा दर्ज करने के बजाय उनके ऊपर लगातार समझौता करने का दबाव बना रही है। इसी वजह से 4 दिन बाद भी FIR दर्ज नहीं हुई है निखिल के पिता संजय राजभर ने बताया कि पुलिस बराबर उन पर सुलह-समझौते के लिए दबाव बना रही है कि "तुम समझौता कर लो"। पीड़ित परिवार अत्यधिक गरीब है और अब तक अस्पताल में इलाज में एक लाख रुपये से ऊपर का खर्च आ चुका है। पीड़ित परिवार इतना पैसा कहां से लाएगा, उसकी मदद कौन करेगा परिजनों का आरोप है कि न तो पुलिस ने बच्चे का मेडिकल कराया है, न ही इलाज में कोई मदद की है। जब पुलिस से बात की गई तो जवाब मिला बात को समझिए पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस के उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपी मैजिक चालक पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई और आर्थिक मदद की मांग की है।1
- रूपापुर ओवरब्रिज हादसा: पांच लोगों की मौत के मामले में ट्रक चालक गिरफ्तार रूपापुर ओवरब्रिज हादसा: पांच लोगों की मौत के मामले में ट्रक चालक गिरफ्तार समय पर सेब पहुंचाने के चक्कर में तेज रफ्तार से चला रहा था ट्रक वाराणसी के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के रूपापुर ओवरब्रिज पर सोमवार की सुबह स्कॉर्पियो में पीछे से ट्रक की टक्कर लगने से पांच लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने मंगलवार को ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चालक को शिवरामपुर चट्टी के पास से पकड़ा। हादसे के बाद ट्रक के खलासी को पुलिस पहले ही हिरासत में ले चुकी थी। गिरफ्तार चालक की पहचान जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा थाना क्षेत्र के वासकुरा गांव निवासी जाबिद अहमददार के रूप में हुई है। पुलिस की पूछताछ में चालक ने बताया कि ट्रक पर सेब लदे थे और उसे माल लेकर झारखंड की राजधानी रांची पहुंचना था। निर्धारित समय पर सेब पहुंचाने की जिम्मेदारी थी। इसी दौरान रूपापुर ओवरब्रिज के पास ट्रक की स्कॉर्पियो से टक्कर हो गई, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।1