* *✅रक्षाबंधन पर विदिशा पुलिस का तोहफा—मोबाइल धारकों को मिले उनके गुम हुए मोबाइल* *✅“Mission Mobile Recovery” में विदिशा पुलिस की बड़ी कामयाबी — माह जुलाई-अगस्त में ₹1.10 करोड़ से अधिक के 537 गुम मोबाइल बरामद किए* *✅गुम मोबाइल की तलाश में तकनीक बनी विदिशा पुलिस की ताकत — 2025 से अब तक ₹4.82 करोड़ से अधिक कीमत के 2,252 मोबाइल वास्तविक मालिकों को लौटाए* विदिशा पुलिस द्वारा गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए संचालित “Mission Mobile Recovery” अभियान में लगातार उल्लेखनीय सफलता हासिल की जा रही है। अभियान के तहत पुलिस द्वारा तकनीकी संसाधनों, CEIR पोर्टल एवं उपलब्ध डिजिटल जानकारी का प्रभावी उपयोग करते हुए गुम मोबाइलों को ट्रेस कर बरामद किया जा रहा है। *वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन/मार्गदर्शन में तकनीकी अभियान:* पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश श्री कैलाश मकवाना के निर्देशानुसार तथा पुलिस महानिरीक्षक भोपाल (देहात) जोन श्रीमती रुचिवर्धन मिश्र एवं उप पुलिस महानिरीक्षक (देहात) रेंज भोपाल श्री राजेश सिंह चंदेल के मार्गदर्शन में, पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका तिवारी के नेतृत्व में यह अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में माह जुलाई - अगस्त 2026 की वर्तमान कार्रवाई में विदिशा पुलिस द्वारा समस्त अनुविभागीय अधिकारियों के नेतृत्व में विभिन्न थाना क्षेत्रों से 537 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹1 करोड़ 10 लाख 8 हजार 500 है। इन सभी मोबाइलों को CEIR पोर्टल के माध्यम से ट्रैक कर बरामद किया गया। बरामद मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने की निरंतर कार्रवाई की जा रही है। *📈 वर्ष 2025–26 में मोबाइल रिकवरी की प्रमुख उपलब्धियां:* 👉फरवरी 2025 – 310 मोबाइल (₹62 लाख) 👉जून 2025 – 527 मोबाइल (₹1 करोड़ 5 लाख) 👉अक्टूबर 2025 – 275 मोबाइल (₹55 लाख 16 हजार) 👉फरवरी 2026 – 603 मोबाइल (₹1 करोड़ 50 लाख 75 हजार) 👉जुलाई-अगस्त 2026 - 537 मोबाइल (₹1 करोड़ 10 लाख 8 हजार) इस प्रकार वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 2252 मोबाइल फोन, जिनकी कुल कीमत ₹4 करोड़ 82 लाख 99 हजार 500 है, उनके वास्तविक मालिकों को वापस किए जा चुके हैं। यह उपलब्धि विदिशा पुलिस की वर्तमान कार्रवाई के साथ-साथ लंबे समय से चल रहे तकनीकी रिकवरी अभियान की निरंतरता को दर्शाती है। *🌐अंतरराज्यीय स्तर पर भी की गई मोबाइल बरामदगी:* विदिशा पुलिस द्वारा मोबाइलों की बरामदगी केवल जिले तक सीमित नहीं रही, बल्कि मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों भोपाल, रायसेन, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, देवास, शिवपुरी, सागर, धार, दमोह, नर्मदापुरम आदि से भी मोबाइल बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त *अन्य राज्यों* उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र एवं बिहार से भी मोबाइल ट्रेस कर बरामद किए गए, जो विदिशा पुलिस की तकनीकी दक्षता और अंतरराज्यीय समन्वय क्षमता को दर्शाता है। *📊 थाना-वार मोबाइल रिकवरी विवरण (जुलाई-अगस्त 2026):* सायबर सेल – 137 | कोतवाली – 94 | बासौदा शहर – 41 | सिविल लाइन – 28 | बासौदा देहात –26 | सिरोंज – 28 | कुरवाई – 25 | लटेरी – 12 | पथरिया –5 | त्योंदा – 21 | नटेरन –13 | गुलाबगंज –17 | शमशाबाद –14 | मुगलसराय – 7 | करारिया –11 | मुरवास- 6 | पठारी – 14 | आनंदपुर –11 | दीपनाखेड़ा – 15 | हैदरगढ़ – 03 | ग्यारसपुर – 09 *537 मोबाइल की बरामदगी में प्रमुख योगदान:* वर्तमान कार्रवाई में सर्वाधिक मोबाइल सायबर सेल द्वारा 137 एवं थाना कोतवाली द्वारा 94 मोबाइल बरामद किए गए। *➡️सायबर सेल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका:* 👉उनि गौरव रघुवंशी – प्रभारी 👉प्रधान आरक्षक रोहित रैकवार 👉आरक्षक अरविंद यादव 👉आरक्षक रूपेश मेहता 👉आरक्षक प्रदीप चोरसिया 👉आरक्षक प्रवीण शर्मा 👉आरक्षक दीपक कुर्मी 👉आरक्षक रनवीर सिंह 👉आरक्षक शिव प्रताप सिंह 👉म.आर. अभिरुचि शुक्ला *थाना प्रभारियों के नेतृत्व में कार्यवाही:* 👉 थाना बासौदा शहर – थाना प्रभारी निरी. संजय वेदिया 👉 थाना कोतवाली – थाना प्रभारी निरी. आनंद राज 👉 थाना सिविल लाइन – थाना प्रभारी निरी. राजपाल सिंह जादौन 👉 थाना सिरोंज – थाना प्रभारी निरी. गजेंद्र सिंह बुंदेला 👉 थाना बासौदा देहात – थाना प्रभारी उनि जय कुमार सिंह 👉 थाना शमशाबाद – थाना प्रभारी निरी. आशुतोष सिंह 👉 थाना कुरवाई – थाना प्रभारी निरी. आर. के. मिश्रा 👉 थाना नटेरन – थाना प्रभारी निरी. वीरेन्द्र सिंह 👉 थाना गुलाबगंज – थाना प्रभारी निरी. सुरेश सिंह सोलंकी 👉 थाना पठारी – थाना प्रभारी उनि ऋतुराज सिंह 👉 थाना करारिया – थाना प्रभारी निरी. सीमा राय, 👉 थाना ग्यारसपुर – थाना प्रभारी निरी. भूपेंद्र अहिरवार 👉 थाना मुगलसराय – थाना प्रभारी उनि प्रकाश भिलाला 👉 थाना लटेरी – थाना प्रभारी निरी. वीमेंदु व्यंकट टांडिया 👉 थाना आनंदपुर – थाना प्रभारी उनि राकेश सिंह रघुवंशी 👉 थाना पथरिया – थाना प्रभारी उनि रोहित कौरव 👉 थाना दीपनाखेड़ा – थाना प्रभारी निरी. के. के. पवार 👉 थाना मुरवास – थाना प्रभारी उनि लक्ष्मण सिंह डाबर 👉 थाना त्योंदा – थाना प्रभारी उनि गौरव रघुवंशी 👉 थाना हैदरगढ़ – थाना प्रभारी उनि रघुराज सिंह 👉 थाना उनारसीकला – थाना प्रभारी उनि स्मिता जैसवार *🚓पोर्टल पर सतत निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई में संबंधित कर्मचारियों द्वारा प्रभावी कार्यवाही:* 👉 थाना कोतवाली – आर. जयदेव सिंह 👉 थाना सिविल लाइन – आर दिलीप शर्मा 👉 थाना बासौदा देहात – आर सत्यवीर मीणा 👉
* *✅रक्षाबंधन पर विदिशा पुलिस का तोहफा—मोबाइल धारकों को मिले उनके गुम हुए मोबाइल* *✅“Mission Mobile Recovery” में विदिशा पुलिस की बड़ी कामयाबी — माह जुलाई-अगस्त में ₹1.10 करोड़ से अधिक के 537 गुम मोबाइल बरामद किए* *✅गुम मोबाइल की तलाश में तकनीक बनी विदिशा पुलिस की ताकत — 2025 से अब तक ₹4.82 करोड़ से अधिक कीमत के 2,252 मोबाइल वास्तविक मालिकों को लौटाए* विदिशा पुलिस द्वारा गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए संचालित “Mission Mobile Recovery” अभियान में लगातार उल्लेखनीय सफलता हासिल की जा रही है। अभियान के तहत पुलिस द्वारा तकनीकी संसाधनों, CEIR पोर्टल एवं उपलब्ध डिजिटल जानकारी का प्रभावी उपयोग करते हुए गुम मोबाइलों को ट्रेस कर बरामद किया जा रहा है। *वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन/मार्गदर्शन में तकनीकी अभियान:* पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश श्री कैलाश मकवाना के निर्देशानुसार तथा पुलिस महानिरीक्षक भोपाल (देहात) जोन श्रीमती रुचिवर्धन मिश्र एवं उप पुलिस महानिरीक्षक (देहात) रेंज भोपाल श्री राजेश सिंह चंदेल के मार्गदर्शन में, पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका तिवारी के नेतृत्व में यह अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में माह जुलाई - अगस्त 2026 की वर्तमान कार्रवाई में विदिशा पुलिस द्वारा समस्त अनुविभागीय अधिकारियों के नेतृत्व में विभिन्न थाना क्षेत्रों से 537 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹1 करोड़ 10 लाख 8 हजार 500 है। इन सभी मोबाइलों को CEIR पोर्टल के माध्यम से ट्रैक कर बरामद किया गया। बरामद मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने की निरंतर कार्रवाई की जा रही है। *📈 वर्ष 2025–26 में मोबाइल रिकवरी की प्रमुख उपलब्धियां:* 👉फरवरी 2025 – 310 मोबाइल (₹62 लाख) 👉जून 2025 – 527 मोबाइल (₹1 करोड़ 5 लाख) 👉अक्टूबर 2025 – 275 मोबाइल (₹55 लाख 16 हजार) 👉फरवरी 2026 – 603 मोबाइल (₹1 करोड़ 50 लाख 75 हजार) 👉जुलाई-अगस्त 2026 - 537 मोबाइल (₹1 करोड़ 10 लाख 8 हजार) इस प्रकार वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 2252 मोबाइल फोन, जिनकी कुल कीमत ₹4 करोड़ 82 लाख 99 हजार 500 है, उनके वास्तविक मालिकों को वापस किए जा चुके हैं। यह उपलब्धि विदिशा पुलिस की वर्तमान कार्रवाई के साथ-साथ लंबे समय से चल रहे तकनीकी रिकवरी अभियान की निरंतरता को दर्शाती है। *🌐अंतरराज्यीय स्तर पर भी की गई मोबाइल बरामदगी:* विदिशा पुलिस द्वारा मोबाइलों की बरामदगी केवल जिले तक सीमित नहीं रही, बल्कि मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों भोपाल, रायसेन, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, देवास, शिवपुरी, सागर, धार, दमोह, नर्मदापुरम आदि से भी मोबाइल बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त *अन्य राज्यों* उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र एवं बिहार से भी मोबाइल ट्रेस कर बरामद किए गए, जो विदिशा पुलिस की तकनीकी दक्षता और अंतरराज्यीय समन्वय क्षमता को दर्शाता है। *📊 थाना-वार मोबाइल रिकवरी विवरण (जुलाई-अगस्त 2026):* सायबर सेल – 137 | कोतवाली – 94 | बासौदा शहर – 41 | सिविल लाइन – 28 | बासौदा देहात –26 | सिरोंज – 28 | कुरवाई – 25 | लटेरी – 12 | पथरिया –5 | त्योंदा – 21 | नटेरन –13 | गुलाबगंज –17 | शमशाबाद –14 | मुगलसराय – 7 | करारिया –11 | मुरवास- 6 | पठारी – 14 | आनंदपुर –11 | दीपनाखेड़ा – 15 | हैदरगढ़ – 03 | ग्यारसपुर – 09 *537 मोबाइल की बरामदगी में प्रमुख योगदान:* वर्तमान कार्रवाई में सर्वाधिक मोबाइल सायबर सेल द्वारा 137 एवं थाना कोतवाली द्वारा 94 मोबाइल बरामद किए गए। *➡️सायबर सेल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका:* 👉उनि गौरव रघुवंशी – प्रभारी 👉प्रधान आरक्षक रोहित रैकवार 👉आरक्षक अरविंद यादव 👉आरक्षक रूपेश मेहता 👉आरक्षक प्रदीप चोरसिया 👉आरक्षक प्रवीण शर्मा 👉आरक्षक दीपक कुर्मी 👉आरक्षक रनवीर सिंह 👉आरक्षक शिव प्रताप सिंह 👉म.आर. अभिरुचि शुक्ला *थाना प्रभारियों के नेतृत्व में कार्यवाही:* 👉 थाना बासौदा शहर – थाना प्रभारी निरी. संजय वेदिया 👉 थाना कोतवाली – थाना प्रभारी निरी. आनंद राज 👉 थाना सिविल लाइन – थाना प्रभारी निरी. राजपाल सिंह जादौन 👉 थाना सिरोंज – थाना प्रभारी निरी. गजेंद्र सिंह बुंदेला 👉 थाना बासौदा देहात – थाना प्रभारी उनि जय कुमार सिंह 👉 थाना शमशाबाद – थाना प्रभारी निरी. आशुतोष सिंह 👉 थाना कुरवाई – थाना प्रभारी निरी. आर. के. मिश्रा 👉 थाना नटेरन – थाना प्रभारी निरी. वीरेन्द्र सिंह 👉 थाना गुलाबगंज – थाना प्रभारी निरी. सुरेश सिंह सोलंकी 👉 थाना पठारी – थाना प्रभारी उनि ऋतुराज सिंह 👉 थाना करारिया – थाना प्रभारी निरी. सीमा राय, 👉 थाना ग्यारसपुर – थाना प्रभारी निरी. भूपेंद्र अहिरवार 👉 थाना मुगलसराय – थाना प्रभारी उनि प्रकाश भिलाला 👉 थाना लटेरी – थाना प्रभारी निरी. वीमेंदु व्यंकट टांडिया 👉 थाना आनंदपुर – थाना प्रभारी उनि राकेश सिंह रघुवंशी 👉 थाना पथरिया – थाना प्रभारी उनि रोहित कौरव 👉 थाना दीपनाखेड़ा – थाना प्रभारी निरी. के. के. पवार 👉 थाना मुरवास – थाना प्रभारी उनि लक्ष्मण सिंह डाबर 👉 थाना त्योंदा – थाना प्रभारी उनि गौरव रघुवंशी 👉 थाना हैदरगढ़ – थाना प्रभारी उनि रघुराज सिंह 👉 थाना उनारसीकला – थाना प्रभारी उनि स्मिता जैसवार *🚓पोर्टल पर सतत निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई में संबंधित कर्मचारियों द्वारा प्रभावी कार्यवाही:* 👉 थाना कोतवाली – आर. जयदेव सिंह 👉 थाना सिविल लाइन – आर दिलीप शर्मा 👉 थाना बासौदा देहात – आर सत्यवीर मीणा 👉
- शमशाबाद में महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन,शक्कर बांटकर जताया विरोध #विदिशा#JANTAKHABAR शमशाबाद में महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन,शक्कर बांटकर जताया विरोध #विदिशा#JANTAKHABAR1
- रक्षाबंधन त्यौहार पर बाजारों में रौनक की कमी गंजबासौदा नगर के बाजारों में रक्षाबंधन त्यौहार आने पर रौनक में कमी देखी जा रही है राखी की दुकानों पर गिनी चुनी महिलाएं देखी जा सकती हैं दुकानदार का कहना है महंगाई के चलते राखी की दुकानों पर महिला बहनों की आवाजाही कम है राखी बिक्री पर महंगाई का काफी असर पड़ा है राखी की कीमत₹5 से लेकर₹100 तक है दुकानों पर राखी की बिक्री बहुत कम है दुकानदारों को अपनी पूंजी निकालने में काफी दिक्कत है दुकानदारों ने लाखों रुपए की राखी अपनी दुकान पर रखी है जिसमें बिक्री न होने की दशा में मुनाफा की जगह अच्छा खासा नुकसान होने का डर बना हुआ है1
- न्याय की गुहार सभी पत्रकार भाइयों, समाजसेवियों और आम जनता से हाथ जोड़कर विनम्र अपील है कि सिस्टम के सताए इस किसान परिवार की आवाज बनें और न्याय दिलाने में मदद करें। विद्युत मंडल के अधिकारियों की कथित लापरवाही से घायल हुए बेटे को न्याय दिलाने के लिए एक बुजुर्ग पिता अपने घायल बेटे को हाथ ठेले पर लेकर सीहोर से भोपाल पहुंचा। यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि एक मजबूर पिता की पीड़ा और व्यवस्था से न्याय की गुहार है। ऊर्जा मंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री के दरवाजे तक पहुंचकर यह परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। बेटे के शरीर पर लगी चोटों से ज्यादा दर्द शायद उस पिता के दिल में है, जो अपने घायल बेटे को हाथ ठेले पर लेकर न्याय मांगने राजधानी की गलियों तक पहुंच गया। यह दृश्य किसी भी संवेदनशील इंसान को झकझोर सकता है। क्या किसान और उसके परिवार को न्याय पाने के लिए इतनी बड़ी पीड़ा से गुजरना पड़ेगा? जिस पिता ने अपने बेटे को सहारा देकर चलना सिखाया, आज वही पिता मजबूरी में उसे हाथ ठेले पर लेकर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के दरवाजे-दरवाजे न्याय मांग रहा है। हम सभी पत्रकार भाइयों और आम जनता से अपील करते हैं कि इस दर्द को गंभीरता से समझें, इस आवाज को आगे बढ़ाएं और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों तक यह बात पहुंचाएं। किसान की यह पुकार है—हमें राजनीति नहीं, न्याय चाहिए। दोषियों पर निष्पक्ष कार्रवाई हो, घायल किसान को उचित उपचार एवं सहायता मिले और उसके परिवार को न्याय मिले। 🙏 कृपया इस पीड़ित किसान की आवाज को दबने न दें। एक शेयर शायद इस मजबूर परिवार की आवाज उन जिम्मेदार लोगों तक पहुंचा दे, जहां से उसे न्याय मिल सकता है। #न्याय_की_गुहार #किसान_की_आवाज #किसान_को_न्याय #सीहोर #भोपाल #किसान_का_दर्द #विद्युत_हादसा #किसानों_की_आवाज2
- समस्त वेदों शास्त्रों पुराणों मनीषी संत महात्माओं का मत है कि इस घोर कलियुग में भगवान नाम संकीर्तन ही सबसे बड़ा जपयज्ञ है। जय श्री हरि।।1
- अभाविप - अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत कलेक्ट्रेट का घेराव कर सोपा ज्ञापन - महाविद्यालय में अव्यवस्थाओं को लेकर उठाए सवाल मूलभूत सुविधाएं देने की करी मांग लोकेशन :- विदिशा अभाविप - अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत कलेक्ट्रेट का घेराव कर सोपा ज्ञापन - महाविद्यालय में अव्यवस्थाओं को लेकर उठाए सवाल मूलभूत सुविधाएं देने की करी मांग लोकेशन :- विदिशा एंकर :- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारीयों ,छात्रों और सदस्यों ने कलेक्ट्रेट का घेराव करते हुए विभिन्न मांगों का ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा छात्रों ने बताया कि महाविद्यालयों की स्थिति काफी दयनीय हो चुकी है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारीयों ने बताया की विदिशा जिले के कई महाविद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की कमी है कई जगहों पर भवन जर्जर हो चुके हैं कुछ स्थानों पर तो कुछ कॉलेज दो कमरों में चल रहे हैं बाउंड्री वाल ना होने से असामाजिक तत्वों का डेरा कॉलेज परिसरों में लगा रहता है छात्र-छात्राओं को पेयजल भी सुचारू व्यवस्था के रूप में नहीं मिल पाता कक्षाओं में बेंच और कुर्सी नहीं है इन सब समस्याओं को लेकर उन्हें सुधारने की मांग करते हुए कलेक्ट्रेट का घेराव करने का प्रयास किया गया भारी पुलिस बल के बीच काफी गहमागहमी का माहौल हो गया बाद में मुख्यमंत्री के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंप कर व्यवस्था चालू करने की मांग की गई बाईट : गोविंद सिह, जिलाअध्यक्ष बाईट : वंदना यादव, विभाग प्रमुख बाईट : सूर्याश4
- विदिशा में वाहन चोर पर पुलिस का शिकंजा, 16 चोरी की बाइक बरामद#JANTAKHABAR विदिशा में वाहन चोर पर पुलिस का शिकंजा, 16 चोरी की बाइक बरामद#JANTAKHABAR1
- रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ में मरने वालों का आंकड़ा 157 पहुंच गया है। सैकड़ों लोग लापता हैं। इनमें नेपाल सहित 25 देशों के 403 लोग हैं। सबसे ज्यादा 133 भारतीय लापता हैं। सभी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे थे, जिनका अब तक कुछ पता नहीं चला है। विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक, अलग-अलग इलाकों में 80 सुरक्षा कर्मी भी लापता हैं। इनमें 44 नेपाल आर्मी के जवान शामिल हैं। बाढ़ से रसुवा और धादिंग के अलावा नुवाकोट, चितवन, गोरखा, तनहूं और नवलपरासी ईस्ट तक के इलाके प्रभावित हुए हैं। बाढ़ इतनी तेजी से आई कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पानी और मलबे ने रास्ते में आने वाले लोगों, घरों, गाड़ियों और सरकारी ढांचे को अपनी चपेट में ले लिया। देश के 9 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट, 19 मोटरेबल पुल तबाह हो गए। नेपाल-चीन को जोड़ने वाले 42 किलोमीटर लंबा बेट्रावती-रासुवागढ़ी हाईवे भी बह गया। चीन सीमा के कस्टम चेकपोस्ट पर खड़े 300 से ज्यादा वाहन रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ में मरने वालों का आंकड़ा 157 पहुंच गया है। सैकड़ों लोग लापता हैं। इनमें नेपाल सहित 25 देशों के 403 लोग हैं। सबसे ज्यादा 133 भारतीय लापता हैं। सभी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे थे, जिनका अब तक कुछ पता नहीं चला है। विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक, अलग-अलग इलाकों में 80 सुरक्षा कर्मी भी लापता हैं। इनमें 44 नेपाल आर्मी के जवान शामिल हैं। बाढ़ से रसुवा और धादिंग के अलावा नुवाकोट, चितवन, गोरखा, तनहूं और नवलपरासी ईस्ट तक के इलाके प्रभावित हुए हैं। बाढ़ इतनी तेजी से आई कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पानी और मलबे ने रास्ते में आने वाले लोगों, घरों, गाड़ियों और सरकारी ढांचे को अपनी चपेट में ले लिया। देश के 9 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट, 19 मोटरेबल पुल तबाह हो गए। नेपाल-चीन को जोड़ने वाले 42 किलोमीटर लंबा बेट्रावती-रासुवागढ़ी हाईवे भी बह गया। चीन सीमा के कस्टम चेकपोस्ट पर खड़े 300 से ज्यादा वाहन1
- आपदा मानव ही नहीं जंगल जानवरों पर भी कहर बरपाती है नेपाल में त्रिशूली नदी में आई भीषण बाढ़ में बहकर हाथी उत्तरप्रदेश के बहराइच जिले में आ पहुँचे1