(फ्रीलांसर जर्नलिस्ट द्वारा जनता की आवाज़ - जनहित में जारी) इंडिया न्यूज़ 9लाइव जनता की आवाज़ जनहित में जारी विशेष प्रेस नोट विषय: एक्रीडेशन नियमावली, फ्रीलांसर पत्रकारिता का कार्यक्षेत्र, प्रशासनिक ट्री सिस्टम, तथा जनता की भूमिका, प्रोटोकॉल, सीमा और मर्यादा प्रस्तावना 'इंडिया न्यूज़ 9 लाइव के साथ जनता की आवाज' के बैनर तले, संस्थापक एवं प्रभारी, फ्रीलांसर पत्रकार विशाल शर्मा द्वारा जनहित में मीडिया प्रोटोकॉल, एक्रीडेशन नियमावली, प्रशासनिक सहयोग तंत्र और जागरूक जनता के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। फ्रीलांसर पत्रकारिता और मीडिया सहयोग के नियम भारतीय प्रेस परिषद (PCI) और मीडिया प्रोटोकॉल के अनुसार, एक फ्रीलांसर पत्रकार (Freelance Journalist) के लिए किसी निश्चित संख्या में ही अखबारों या पोर्टल्स को सहयोग देने की कोई कानूनी सीमा तय नहीं है। संस्थानों के साथ कोई एक्सक्लूसिव (Exclusivity) अनुबंध न होने पर, फ्रीलांसर स्वतंत्र रूप से अनेक प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया माध्यमों के लिए सामग्री भेज सकता है और जनहित की आवाज उठा सकता है। एक्रीडेशन (मान्यता) नियमों के तहत निर्धारित कार्य अनुभव और वैधानिक मानदंडों को पूरा कर मान्यता प्राप्त की जा सकती है, जबकि पूर्णकालिक (Posted) कर्मचारी एक समय में केवल एक ही मुख्य संस्थान से जुड़े होते हैं। प्रशासनिक ट्री सिस्टम और जनसहयोग का दायरा आम जनता की समस्याओं के समाधान और उन्हें त्वरित प्रशासनिक व जनहित का सहयोग दिलाने के लिए 'इंडिया न्यूज़ 9 लाइव - जनता की आवाज़' का यह ट्री सिस्टम भविष्य में विभिन्न प्रशासनिक इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित करेगा: जिला एवं प्रशासनिक स्तर: जिला कलेक्टर/डिप्टी कमिश्नर (DC), जिला लोक संपर्क अधिकारी (DPRO), अतिरिक्त उपायुक्त (ADC), और उप-मंडल अधिकारी (SDM) कार्यालय। पुलिस एवं कानून व्यवस्था तंत्र: पुलिस अधीक्षक (SP), पुलिस उप-अधीक्षक (DSP), और स्थानीय थाना प्रभारी (SHO) स्तर पर जनसुरक्षा व शिकायतों के निवारण हेतु समन्वय। स्थानीय निकाय एवं विकास विभाग: खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO), नगर निगम/परिषद के अधिकारी, सरपंच और वार्ड पार्षद, ताकि जमीनी स्तर पर जनता को प्रशासनिक योजनाओं का लाभ मिल सके। जनहित एवं बुनियादी सेवाएं विभाग: स्वास्थ्य विभाग (Civil Surgeon), शिक्षा विभाग, बिजली निगम (Power Utilities), और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी। प्रेस एवं मीडिया नेटवर्क: राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के मान्यता प्राप्त प्रेस संगठनों, स्वतंत्र मीडियाकर्मियों तथा विभिन्न समाचार समूहों का सहयोगी नेटवर्क। जनता की भूमिका: सूचना देने के प्रोटोकॉल, सीमा और मर्यादा लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत करने में जागरूक जनता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक फ्रीलांसर पत्रकार तक कोई भी सूचना या खबर पहुँचाने के लिए नागरिकों को निम्नलिखित प्रोटोकॉल, सीमाओं और मर्यादा का पालन करना अनिवार्य है: दस्तावेजी साक्ष्य (Documentary Evidence): जनता द्वारा दी जाने वाली सूचनाएं या शिकायतें हवा-हवाई या मौखिक नहीं होनी चाहिए। खबर को प्रामाणिक बनाने के लिए संबंधित तस्वीरें, वीडियो, ऑडियो या लिखित दस्तावेज जैसे ठोस साक्ष्य संलग्न किए जाने चाहिए। तथ्यों की सत्यता और निष्पक्षता: सूचना व्यक्तिगत द्वेष, राजनीतिक पूर्वाग्रह या सनसनी फैलाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि पूर्णतः जनहित और वास्तविक तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। झूठी या भ्रामक खबरें साझा करने से बचना चाहिए। संपर्क और संवाद का प्रोटोकॉल: पत्रकार को सूचना देने के लिए आधिकारिक माध्यमों (लिखित प्रार्थना पत्र, सत्यापित डिजिटल संदेश या पूर्व निर्धारित समय पर मुलाकात) का उपयोग किया जाना चाहिए, जिससे समय और गोपनीयता दोनों बनी रहें। कानूनी सीमा और मर्यादा: किसी भी संवेदनशील न्यायिक मामले, व्यक्तिगत गोपनीयता (Privacy), या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर प्रेस की अपनी विधिक सीमाएं होती हैं। जनता को मर्यादा में रहते हुए ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों और मीडिया के दायरे का सम्मान करना चाहिए। जारीकर्ता: विशाल शर्मा संस्थापक एवं प्रभारी, इंडिया न्यूज़ 9 लाइव (फ्रीलांसर जर्नलिस्ट द्वारा जनता की आवाज़ - जनहित में जारी)
(फ्रीलांसर जर्नलिस्ट द्वारा जनता की आवाज़ - जनहित में जारी) इंडिया न्यूज़ 9लाइव जनता की आवाज़ जनहित में जारी विशेष प्रेस नोट विषय: एक्रीडेशन नियमावली, फ्रीलांसर पत्रकारिता का कार्यक्षेत्र, प्रशासनिक ट्री सिस्टम, तथा जनता की भूमिका, प्रोटोकॉल, सीमा और मर्यादा प्रस्तावना 'इंडिया न्यूज़ 9 लाइव के साथ जनता की आवाज' के बैनर तले, संस्थापक एवं प्रभारी, फ्रीलांसर पत्रकार विशाल शर्मा द्वारा जनहित में मीडिया प्रोटोकॉल, एक्रीडेशन नियमावली, प्रशासनिक सहयोग तंत्र और जागरूक जनता के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। फ्रीलांसर पत्रकारिता और मीडिया सहयोग के नियम भारतीय प्रेस परिषद (PCI) और मीडिया प्रोटोकॉल के अनुसार, एक फ्रीलांसर पत्रकार (Freelance Journalist) के लिए किसी निश्चित संख्या में ही अखबारों या पोर्टल्स को सहयोग देने की कोई कानूनी सीमा तय नहीं है। संस्थानों के साथ कोई एक्सक्लूसिव (Exclusivity) अनुबंध न होने पर, फ्रीलांसर स्वतंत्र रूप से अनेक प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया माध्यमों के लिए सामग्री भेज
सकता है और जनहित की आवाज उठा सकता है। एक्रीडेशन (मान्यता) नियमों के तहत निर्धारित कार्य अनुभव और वैधानिक मानदंडों को पूरा कर मान्यता प्राप्त की जा सकती है, जबकि पूर्णकालिक (Posted) कर्मचारी एक समय में केवल एक ही मुख्य संस्थान से जुड़े होते हैं। प्रशासनिक ट्री सिस्टम और जनसहयोग का दायरा आम जनता की समस्याओं के समाधान और उन्हें त्वरित प्रशासनिक व जनहित का सहयोग दिलाने के लिए 'इंडिया न्यूज़ 9 लाइव - जनता की आवाज़' का यह ट्री सिस्टम भविष्य में विभिन्न प्रशासनिक इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित करेगा: जिला एवं प्रशासनिक स्तर: जिला कलेक्टर/डिप्टी कमिश्नर (DC), जिला लोक संपर्क अधिकारी (DPRO), अतिरिक्त उपायुक्त (ADC), और उप-मंडल अधिकारी (SDM) कार्यालय। पुलिस एवं कानून व्यवस्था तंत्र: पुलिस अधीक्षक (SP), पुलिस उप-अधीक्षक (DSP), और स्थानीय थाना प्रभारी (SHO) स्तर पर जनसुरक्षा व शिकायतों के निवारण हेतु समन्वय। स्थानीय निकाय एवं विकास विभाग: खंड विकास एवं पंचायत
अधिकारी (BDPO), नगर निगम/परिषद के अधिकारी, सरपंच और वार्ड पार्षद, ताकि जमीनी स्तर पर जनता को प्रशासनिक योजनाओं का लाभ मिल सके। जनहित एवं बुनियादी सेवाएं विभाग: स्वास्थ्य विभाग (Civil Surgeon), शिक्षा विभाग, बिजली निगम (Power Utilities), और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी। प्रेस एवं मीडिया नेटवर्क: राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के मान्यता प्राप्त प्रेस संगठनों, स्वतंत्र मीडियाकर्मियों तथा विभिन्न समाचार समूहों का सहयोगी नेटवर्क। जनता की भूमिका: सूचना देने के प्रोटोकॉल, सीमा और मर्यादा लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत करने में जागरूक जनता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक फ्रीलांसर पत्रकार तक कोई भी सूचना या खबर पहुँचाने के लिए नागरिकों को निम्नलिखित प्रोटोकॉल, सीमाओं और मर्यादा का पालन करना अनिवार्य है: दस्तावेजी साक्ष्य (Documentary Evidence): जनता द्वारा दी जाने वाली सूचनाएं या शिकायतें हवा-हवाई या मौखिक नहीं होनी चाहिए। खबर को प्रामाणिक बनाने के लिए संबंधित तस्वीरें, वीडियो, ऑडियो या लिखित दस्तावेज
जैसे ठोस साक्ष्य संलग्न किए जाने चाहिए। तथ्यों की सत्यता और निष्पक्षता: सूचना व्यक्तिगत द्वेष, राजनीतिक पूर्वाग्रह या सनसनी फैलाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि पूर्णतः जनहित और वास्तविक तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। झूठी या भ्रामक खबरें साझा करने से बचना चाहिए। संपर्क और संवाद का प्रोटोकॉल: पत्रकार को सूचना देने के लिए आधिकारिक माध्यमों (लिखित प्रार्थना पत्र, सत्यापित डिजिटल संदेश या पूर्व निर्धारित समय पर मुलाकात) का उपयोग किया जाना चाहिए, जिससे समय और गोपनीयता दोनों बनी रहें। कानूनी सीमा और मर्यादा: किसी भी संवेदनशील न्यायिक मामले, व्यक्तिगत गोपनीयता (Privacy), या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर प्रेस की अपनी विधिक सीमाएं होती हैं। जनता को मर्यादा में रहते हुए ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों और मीडिया के दायरे का सम्मान करना चाहिए। जारीकर्ता: विशाल शर्मा संस्थापक एवं प्रभारी, इंडिया न्यूज़ 9 लाइव (फ्रीलांसर जर्नलिस्ट द्वारा जनता की आवाज़ - जनहित में जारी)
- (फ्रीलांसर जर्नलिस्ट द्वारा जनता की आवाज़ - जनहित में जारी) इंडिया न्यूज़ 9लाइव जनता की आवाज़ जनहित में जारी विशेष प्रेस नोट विषय: एक्रीडेशन नियमावली, फ्रीलांसर पत्रकारिता का कार्यक्षेत्र, प्रशासनिक ट्री सिस्टम, तथा जनता की भूमिका, प्रोटोकॉल, सीमा और मर्यादा प्रस्तावना 'इंडिया न्यूज़ 9 लाइव के साथ जनता की आवाज' के बैनर तले, संस्थापक एवं प्रभारी, फ्रीलांसर पत्रकार विशाल शर्मा द्वारा जनहित में मीडिया प्रोटोकॉल, एक्रीडेशन नियमावली, प्रशासनिक सहयोग तंत्र और जागरूक जनता के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। फ्रीलांसर पत्रकारिता और मीडिया सहयोग के नियम भारतीय प्रेस परिषद (PCI) और मीडिया प्रोटोकॉल के अनुसार, एक फ्रीलांसर पत्रकार (Freelance Journalist) के लिए किसी निश्चित संख्या में ही अखबारों या पोर्टल्स को सहयोग देने की कोई कानूनी सीमा तय नहीं है। संस्थानों के साथ कोई एक्सक्लूसिव (Exclusivity) अनुबंध न होने पर, फ्रीलांसर स्वतंत्र रूप से अनेक प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया माध्यमों के लिए सामग्री भेज सकता है और जनहित की आवाज उठा सकता है। एक्रीडेशन (मान्यता) नियमों के तहत निर्धारित कार्य अनुभव और वैधानिक मानदंडों को पूरा कर मान्यता प्राप्त की जा सकती है, जबकि पूर्णकालिक (Posted) कर्मचारी एक समय में केवल एक ही मुख्य संस्थान से जुड़े होते हैं। प्रशासनिक ट्री सिस्टम और जनसहयोग का दायरा आम जनता की समस्याओं के समाधान और उन्हें त्वरित प्रशासनिक व जनहित का सहयोग दिलाने के लिए 'इंडिया न्यूज़ 9 लाइव - जनता की आवाज़' का यह ट्री सिस्टम भविष्य में विभिन्न प्रशासनिक इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित करेगा: जिला एवं प्रशासनिक स्तर: जिला कलेक्टर/डिप्टी कमिश्नर (DC), जिला लोक संपर्क अधिकारी (DPRO), अतिरिक्त उपायुक्त (ADC), और उप-मंडल अधिकारी (SDM) कार्यालय। पुलिस एवं कानून व्यवस्था तंत्र: पुलिस अधीक्षक (SP), पुलिस उप-अधीक्षक (DSP), और स्थानीय थाना प्रभारी (SHO) स्तर पर जनसुरक्षा व शिकायतों के निवारण हेतु समन्वय। स्थानीय निकाय एवं विकास विभाग: खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO), नगर निगम/परिषद के अधिकारी, सरपंच और वार्ड पार्षद, ताकि जमीनी स्तर पर जनता को प्रशासनिक योजनाओं का लाभ मिल सके। जनहित एवं बुनियादी सेवाएं विभाग: स्वास्थ्य विभाग (Civil Surgeon), शिक्षा विभाग, बिजली निगम (Power Utilities), और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी। प्रेस एवं मीडिया नेटवर्क: राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के मान्यता प्राप्त प्रेस संगठनों, स्वतंत्र मीडियाकर्मियों तथा विभिन्न समाचार समूहों का सहयोगी नेटवर्क। जनता की भूमिका: सूचना देने के प्रोटोकॉल, सीमा और मर्यादा लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत करने में जागरूक जनता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक फ्रीलांसर पत्रकार तक कोई भी सूचना या खबर पहुँचाने के लिए नागरिकों को निम्नलिखित प्रोटोकॉल, सीमाओं और मर्यादा का पालन करना अनिवार्य है: दस्तावेजी साक्ष्य (Documentary Evidence): जनता द्वारा दी जाने वाली सूचनाएं या शिकायतें हवा-हवाई या मौखिक नहीं होनी चाहिए। खबर को प्रामाणिक बनाने के लिए संबंधित तस्वीरें, वीडियो, ऑडियो या लिखित दस्तावेज जैसे ठोस साक्ष्य संलग्न किए जाने चाहिए। तथ्यों की सत्यता और निष्पक्षता: सूचना व्यक्तिगत द्वेष, राजनीतिक पूर्वाग्रह या सनसनी फैलाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि पूर्णतः जनहित और वास्तविक तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। झूठी या भ्रामक खबरें साझा करने से बचना चाहिए। संपर्क और संवाद का प्रोटोकॉल: पत्रकार को सूचना देने के लिए आधिकारिक माध्यमों (लिखित प्रार्थना पत्र, सत्यापित डिजिटल संदेश या पूर्व निर्धारित समय पर मुलाकात) का उपयोग किया जाना चाहिए, जिससे समय और गोपनीयता दोनों बनी रहें। कानूनी सीमा और मर्यादा: किसी भी संवेदनशील न्यायिक मामले, व्यक्तिगत गोपनीयता (Privacy), या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर प्रेस की अपनी विधिक सीमाएं होती हैं। जनता को मर्यादा में रहते हुए ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों और मीडिया के दायरे का सम्मान करना चाहिए। जारीकर्ता: विशाल शर्मा संस्थापक एवं प्रभारी, इंडिया न्यूज़ 9 लाइव (फ्रीलांसर जर्नलिस्ट द्वारा जनता की आवाज़ - जनहित में जारी)4
- उत्तर प्रदेश स्टार्टअप पॉलिसी के अंतर्गत 107 Startups को हम विभिन्न प्रोत्साहनों से जोड़ रहे हैं। साथ ही, 9 Incubators को भी प्रोत्साहन का लाभ मिल रहा है। उत्तर प्रदेश स्टार्टअप पॉलिसी के अंतर्गत 107 Startups को हम विभिन्न प्रोत्साहनों से जोड़ रहे हैं। साथ ही, 9 Incubators को भी प्रोत्साहन का लाभ मिल रहा है। आज इसी पॉलिसी के अंतर्गत हम 12 नए Incubators को भी मान्यता प्रदान कर रहे हैं। —मुख्यमंत्री @myogiadityanath1
- नेहा सिंह ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद सरकार पर साधा निशाना नेहा सिंह ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद सरकार पर साधा निशाना1
- महंगी चीनी ने देश के त्योहारों की मिठास को कड़वा कर दिया है। देश में चीनी की कीमतें 45 रुपए से बढ़कर 75 रुपए तक पहुंच गई है। महंगी चीनी ने देश के त्योहारों की मिठास को कड़वा कर दिया है। देश में चीनी की कीमतें 45 रुपए से बढ़कर 75 रुपए तक पहुंच गई है। जनता को खुलेआम मुनाफाखोरों और कालाबाजारियों से लुटवाने का मोदी सरकार का ये नया मास्टरस्ट्रोक है। चीनी की बेतहाशा बढ़ी कीमतों और आम लोगों पर महंगाई पर पड़ी मार को BJP के नेता मास्टरस्ट्रोक बता रहे हैं। BJP के नेता जनता को ज्ञान भी दे रहे हैं- मोदी जी ने डायबिटीज को भगाने के लिए चीनी महंगी कर दी और पेट्रोल में डाल दी है। नतीजा ये है कि गाड़ियां गराज में भर्ती हैं और लोगों की जेब खाली हो रही है। मोदी सरकार 👇 • पेट्रोल-डीजल महंगा कर लोगों का मोटापा घटा रही है • गैस के दाम बढ़ाकर कम खाने और स्लिम रहने का ज्ञान दे रही है • खाने का तेल महंगा कर लोगों को हार्ट अटैक से बचा रही है • बच्चों को तैयारी का मौका देने के लिए पेपर लीक करवा रही है • अब डायबिटीज से बचाने के लिए चीनी महंगी कर दी गई है1
- दिल्ली पुलिस DCPSouthDelhi ने ऑपरेशन विश्वास के तहत 300 से ज्यादा चुराए/खोये मोबाइल फ़ोन उनके मालिकों को लौटाया मोबाइल के साथ लौटाई चेहरों पर मुस्कान" दिल्ली पुलिस @DCPSouthDelhi ने ऑपरेशन विश्वास के तहत 300 से ज्यादा चुराए/खोये मोबाइल फ़ोन उनके मालिकों को लौटाया ज़िले की सभी पुलिस टीमों ने तकनीकी सर्वेलेंस व गहन जाँच के आधार पर इन मोबाइल फोनों को ट्रेस किया।1
- दिल्ली सरकार के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक, GTB अस्पताल का बदहाली से बुरा हाल है! दिल्ली सरकार के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक, GTB अस्पताल का बदहाली से बुरा हाल है! अस्पताल में स्थिति बेहद चिंताजनक है। दवाइयों की कमी: मरीजों को पूरी दवाइयां नहीं मिल रही हैं। जांच की सुविधा ठप: जरूरी टेस्ट और जांचें अस्पताल में नहीं हो रही हैं, मरीजों को मजबूरन बाहर से निजी लैब से जांच करानी पड़ रही है। इलाज कराने आए आम लोगों का दर्द साफ बयां कर रहा है कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों की जमीनी हकीकत क्या है। देखिए पूरी रिपोर्ट1
- दिल्ली पुलिस लगातार फुट पेट्रोलिंग के माध्यम से दिल्ली की सड़कों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ कर रही है। हर कदम सतर्क, हर सड़क सुरक्षित। दिल्ली पुलिस लगातार फुट पेट्रोलिंग के माध्यम से दिल्ली की सड़कों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ कर रही है। क्षेत्र में बढ़ाई गई सतर्कता और निगरानी के साथ असामाजिक तत्वों पर पैनी नज़र रखी जा रही है, ताकि नागरिकों की सुरक्षा और शहर में शांति एवं व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके1
- The BRICS Summit 2026 is scheduled to be held from 11th to 13th September in Delhi. In view of the event, traffic diversions and route restrictions may be implemented at various locations. The BRICS Summit 2026 is scheduled to be held from 11th to 13th September in Delhi. In view of the event, traffic diversions and route restrictions may be implemented at various locations. dtptraffic will issue regular traffic advisories to keep commuters informed about diversions, restrictions and alternate routes. Citizens are requested to stay updated, plan their journeys in advance, follow the latest traffic advisories and cooperate with the police for smooth and hassle-free movement during the summit1