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तेज रफ्तार जुगाड़ गाड़ी की टक्कर से पैदल जा रहा बुजुर्ग गंभीर घायल औरैया। शहर के सत्ती तालाब के समीप सोमवार को तेज रफ्तार जुगाड़ गाड़ी की टक्कर से एक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने मानवता का परिचय देते हुए घायल को तत्काल उपचार के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय (50 सैया अस्पताल) पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

4 hrs ago
user_P Chaturvedi
P Chaturvedi
रिपोर्टर औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago

तेज रफ्तार जुगाड़ गाड़ी की टक्कर से पैदल जा रहा बुजुर्ग गंभीर घायल औरैया। शहर के सत्ती तालाब के समीप सोमवार को तेज रफ्तार जुगाड़ गाड़ी की टक्कर से एक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने मानवता का परिचय देते हुए घायल को तत्काल उपचार के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय (50 सैया अस्पताल) पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

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  • श्रावण के प्रथम सोमवार पर देवकली मंदिर में उमड़ा आस्था का जनसैलाब लाखों श्रद्धालुओं ने किए बाबा महाकालेश्वर के दर्शन, तीन किलोमीटर लंबी कतारें, मेले में भी रही भारी भीड़ औरैया। श्रावण माह के प्रथम सोमवार पर औरैया जनपद के ऐतिहासिक एवं सिद्धपीठ देवकली मंदिर में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। जिले के अलावा कन्नौज, इटावा, जालौन, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान महाकालेश्वर का जलाभिषेक कर दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल, पीएसी तथा प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई। कांवड़ यात्रियों की सुविधा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अलग रूट निर्धारित किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन करने में काफी सहूलियत मिली। मंदिर परिसर के बाहर सुबह से ही श्रद्धालुओं की करीब तीन किलोमीटर लंबी कतारें लगी रहीं। "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयघोष से पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा। लंबी प्रतीक्षा के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था में कोई कमी नहीं दिखाई दी। देवकली मंदिर परिसर में लगे पारंपरिक मेले में भी पूरे दिन रौनक बनी रही। पूजा सामग्री, मिठाई, खिलौने, श्रृंगार सामग्री और खान-पान की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। बच्चों और महिलाओं ने मेले का भरपूर आनंद लिया। मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग, पेयजल, चिकित्सा, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई थी। पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जिससे पूरे दिन दर्शन व्यवस्था शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित बनी रही। श्रावण के प्रथम सोमवार पर देवकली मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां लाखों शिवभक्तों ने भगवान महाकालेश्वर का जलाभिषेक कर सुख, समृद्धि और लोककल्याण की कामना की। श्रावण के प्रथम सोमवार पर देवकली मंदिर में उमड़ा आस्था का जनसैलाब लाखों श्रद्धालुओं ने किए बाबा महाकालेश्वर के दर्शन, तीन किलोमीटर लंबी कतारें, मेले में भी रही भारी भीड़ औरैया। श्रावण माह के प्रथम सोमवार पर औरैया जनपद के ऐतिहासिक एवं सिद्धपीठ देवकली मंदिर में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। जिले के अलावा कन्नौज, इटावा, जालौन, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान महाकालेश्वर का जलाभिषेक कर दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल, पीएसी तथा प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई। कांवड़ यात्रियों की सुविधा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अलग रूट निर्धारित किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन करने में काफी सहूलियत मिली। मंदिर परिसर के बाहर सुबह से ही श्रद्धालुओं की करीब तीन किलोमीटर लंबी कतारें लगी रहीं। "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयघोष से पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा। लंबी प्रतीक्षा के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था में कोई कमी नहीं दिखाई दी। देवकली मंदिर परिसर में लगे पारंपरिक मेले में भी पूरे दिन रौनक बनी रही। पूजा सामग्री, मिठाई, खिलौने, श्रृंगार सामग्री और खान-पान की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। बच्चों और महिलाओं ने मेले का भरपूर आनंद लिया। मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग, पेयजल, चिकित्सा, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई थी। पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जिससे पूरे दिन दर्शन व्यवस्था शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित बनी रही। श्रावण के प्रथम सोमवार पर देवकली मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां लाखों शिवभक्तों ने भगवान महाकालेश्वर का जलाभिषेक कर सुख, समृद्धि और लोककल्याण की कामना की।
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    श्रावण के प्रथम सोमवार पर देवकली मंदिर में उमड़ा आस्था का जनसैलाब
लाखों श्रद्धालुओं ने किए बाबा महाकालेश्वर के दर्शन, तीन किलोमीटर लंबी कतारें, मेले में भी रही भारी भीड़
औरैया। श्रावण माह के प्रथम सोमवार पर औरैया जनपद के ऐतिहासिक एवं सिद्धपीठ देवकली मंदिर में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। जिले के अलावा कन्नौज, इटावा, जालौन, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान महाकालेश्वर का जलाभिषेक कर दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल, पीएसी तथा प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई। कांवड़ यात्रियों की सुविधा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अलग रूट निर्धारित किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन करने में काफी सहूलियत मिली।
मंदिर परिसर के बाहर सुबह से ही श्रद्धालुओं की करीब तीन किलोमीटर लंबी कतारें लगी रहीं। "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयघोष से पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा। लंबी प्रतीक्षा के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था में कोई कमी नहीं दिखाई दी।
देवकली मंदिर परिसर में लगे पारंपरिक मेले में भी पूरे दिन रौनक बनी रही। पूजा सामग्री, मिठाई, खिलौने, श्रृंगार सामग्री और खान-पान की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। बच्चों और महिलाओं ने मेले का भरपूर आनंद लिया।
मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग, पेयजल, चिकित्सा, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई थी। पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जिससे पूरे दिन दर्शन व्यवस्था शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित बनी रही।
श्रावण के प्रथम सोमवार पर देवकली मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां लाखों शिवभक्तों ने भगवान महाकालेश्वर का जलाभिषेक कर सुख, समृद्धि और लोककल्याण की कामना की।
श्रावण के प्रथम सोमवार पर देवकली मंदिर में उमड़ा आस्था का जनसैलाब
लाखों श्रद्धालुओं ने किए बाबा महाकालेश्वर के दर्शन, तीन किलोमीटर लंबी कतारें, मेले में भी रही भारी भीड़
औरैया। श्रावण माह के प्रथम सोमवार पर औरैया जनपद के ऐतिहासिक एवं सिद्धपीठ देवकली मंदिर में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। जिले के अलावा कन्नौज, इटावा, जालौन, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान महाकालेश्वर का जलाभिषेक कर दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल, पीएसी तथा प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई। कांवड़ यात्रियों की सुविधा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अलग रूट निर्धारित किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन करने में काफी सहूलियत मिली।
मंदिर परिसर के बाहर सुबह से ही श्रद्धालुओं की करीब तीन किलोमीटर लंबी कतारें लगी रहीं। "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयघोष से पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा। लंबी प्रतीक्षा के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था में कोई कमी नहीं दिखाई दी।
देवकली मंदिर परिसर में लगे पारंपरिक मेले में भी पूरे दिन रौनक बनी रही। पूजा सामग्री, मिठाई, खिलौने, श्रृंगार सामग्री और खान-पान की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। बच्चों और महिलाओं ने मेले का भरपूर आनंद लिया।
मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग, पेयजल, चिकित्सा, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई थी। पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जिससे पूरे दिन दर्शन व्यवस्था शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित बनी रही।
श्रावण के प्रथम सोमवार पर देवकली मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां लाखों शिवभक्तों ने भगवान महाकालेश्वर का जलाभिषेक कर सुख, समृद्धि और लोककल्याण की कामना की।
    user_Subhash Chandra Rana
    Subhash Chandra Rana
    पत्रकार औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • *सावन के प्रथम सोमवार पर देवकली महाकालेश्वर मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब* *औरैया।* सावन मास के प्रथम सोमवार पर जिले के ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध देवकली महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सोमवार तड़के करीब चार बजे से ही मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया। "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर शिवमय हो उठा। प्रशासनिक व्यवस्था चौक चौबंद रही। श्रद्धालुओं ने लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते हुए भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की। धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन मास भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। मान्यता है कि इसी माह माता पार्वती ने कठोर तप कर भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था। इसलिए सावन के प्रत्येक सोमवार का विशेष महत्व है और इस दिन जलाभिषेक करने से भगवान भोलेनाथ भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।यमुना नदी के तट के समीप स्थित देवकली महादेव मंदिर औरैया की प्रमुख धार्मिक धरोहरों में शामिल है। सरकारी अभिलेखों में इसे प्राचीन शिव मंदिर के रूप में वर्णित किया गया है, जबकि स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार गहड़वाल वंश के राजा विशोकदेव ने अपनी पत्नी देवकला की इच्छा पर इस मंदिर का निर्माण कराया था। माना जाता है कि उन्हीं के नाम पर इस स्थान का नाम "देवकली" पड़ा। श्रद्धालुओं के बीच यह भी मान्यता प्रचलित है कि यहां स्थापित शिवलिंग स्वयंभू है तथा इसका आकार प्रतिवर्ष जौ के दाने के बराबर बढ़ता है। इसी आस्था के कारण सावन और महाशिवरात्रि पर यहां दूर-दूर से लाखों श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। सावन के पहले सोमवार पर औरैया के अलावा कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, कन्नौज, जालौन तथा आसपास के जनपदों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवकली महादेव मंदिर पहुंचे। कई कांवड़िए यमुना नदी से पवित्र जल लेकर मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का अभिषेक किया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए। मंदिर मार्ग पर रूट डायवर्जन लागू किया गया, पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई तथा एम्बुलेंस, चिकित्सा टीम और खोया-पाया केंद्र की व्यवस्था भी की गई। मंदिर परिसर, मुख्य मार्गों और पार्किंग स्थलों पर पुलिस बल तैनात रहा। वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी पूरे समय व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गईं ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रहे। वहीं यमुना तट पर जल लेने आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गोताखोरों और पुलिस कर्मियों की भी तैनाती की गई।दिनभर श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना जारी रहा और देर शाम तक जलाभिषेक एवं दर्शन का क्रम चलता रहा। पूरे क्षेत्र में शिवभक्ति का माहौल देखने को मिला और "हर-हर महादेव" के जयघोष से देवकली महादेव मंदिर परिसर गूंजता रहा। *इनसेट-प्रथम सोमवार पर पुलिस व्यवस्था वही चाक चौबंद* *औरैया।* पुलिस अधीक्षक औरैया द्वारा श्रावण मास के प्रथम सोमवार के दृष्टिगत थाना कोतवाली औरैया क्षेत्र अंतर्गत स्थित देवकली मंदिर का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। साथ ही प्रमुख चौराहों, कांवड़ मार्ग एवं संवेदनशील स्थलों का भ्रमण कर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाओं व ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित को आवश्यक दिशा- निर्देश दिए गए। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक औरैया सहित अन्य अधि0/कर्म0गण मौजूद रहे।
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    *सावन के प्रथम सोमवार पर देवकली महाकालेश्वर मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब*  
*औरैया।*   सावन मास के प्रथम सोमवार पर जिले के ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध देवकली महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सोमवार तड़के करीब चार बजे से ही मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया। "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर शिवमय हो उठा। प्रशासनिक व्यवस्था चौक चौबंद रही। श्रद्धालुओं ने लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते हुए भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की।
धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन मास भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। मान्यता है कि इसी माह माता पार्वती ने कठोर तप कर भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था। इसलिए सावन के प्रत्येक सोमवार का विशेष महत्व है और इस दिन जलाभिषेक करने से भगवान भोलेनाथ भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।यमुना नदी के तट के समीप स्थित देवकली महादेव मंदिर औरैया की प्रमुख धार्मिक धरोहरों में शामिल है। सरकारी अभिलेखों में इसे प्राचीन शिव मंदिर के रूप में वर्णित किया गया है, जबकि स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार गहड़वाल वंश के राजा विशोकदेव ने अपनी पत्नी देवकला की इच्छा पर इस मंदिर का निर्माण कराया था। माना जाता है कि उन्हीं के नाम पर इस स्थान का नाम "देवकली" पड़ा। श्रद्धालुओं के बीच यह भी मान्यता प्रचलित है कि यहां स्थापित शिवलिंग स्वयंभू है तथा इसका आकार प्रतिवर्ष जौ के दाने के बराबर बढ़ता है। इसी आस्था के कारण सावन और महाशिवरात्रि पर यहां दूर-दूर से लाखों श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। सावन के पहले सोमवार पर औरैया के अलावा कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, कन्नौज, जालौन तथा आसपास के जनपदों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवकली महादेव मंदिर पहुंचे। कई कांवड़िए यमुना नदी से पवित्र जल लेकर मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का अभिषेक किया।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए। मंदिर मार्ग पर रूट डायवर्जन लागू किया गया, पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई तथा एम्बुलेंस, चिकित्सा टीम और खोया-पाया केंद्र की व्यवस्था भी की गई। मंदिर परिसर, मुख्य मार्गों और पार्किंग स्थलों पर पुलिस बल तैनात रहा। वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी पूरे समय व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गईं ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रहे। वहीं यमुना तट पर जल लेने आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गोताखोरों और पुलिस कर्मियों की भी तैनाती की गई।दिनभर श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना जारी रहा और देर शाम तक जलाभिषेक एवं दर्शन का क्रम चलता रहा। पूरे क्षेत्र में शिवभक्ति का माहौल देखने को मिला और "हर-हर महादेव" के जयघोष से देवकली महादेव मंदिर परिसर गूंजता रहा।
*इनसेट-प्रथम सोमवार पर पुलिस व्यवस्था वही चाक चौबंद*                                                       *औरैया।*   पुलिस अधीक्षक औरैया द्वारा श्रावण मास के प्रथम सोमवार के दृष्टिगत थाना कोतवाली औरैया क्षेत्र अंतर्गत स्थित देवकली मंदिर का स्थलीय  निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। साथ ही प्रमुख चौराहों, कांवड़ मार्ग एवं संवेदनशील स्थलों का भ्रमण कर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाओं व ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित को आवश्यक दिशा- निर्देश दिए गए। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक औरैया सहित अन्य अधि0/कर्म0गण मौजूद रहे।
    user_आकाश उर्फ अक्की भईया पत्रकार
    आकाश उर्फ अक्की भईया पत्रकार
    Local News Reporter औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • प्रथम सोमवार को जनपद औरैया के पौराणिक व ऐतिहासिक देवकली मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं ने किया दर्शन प्रथम सोमवार को जनपद औरैया के पौराणिक व ऐतिहासिक देवकली मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं ने किया दर्शन
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    प्रथम सोमवार को जनपद औरैया के पौराणिक व ऐतिहासिक देवकली मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं ने किया दर्शन
प्रथम सोमवार को जनपद औरैया के पौराणिक व ऐतिहासिक देवकली मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं ने किया दर्शन
    user_शान मोहम्मद पत्रकार
    शान मोहम्मद पत्रकार
    Insurance Agent औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • पुलिस उपमहानिरीक्षक, कानपुर परिक्षेत्र, कानपुर व पुलिस अधीक्षक औरैया द्वारा श्रावण मास के प्रथम सोमवार के दृष्टिगत थाना कोतवाली औरैया क्षेत्र अंतर्गत स्थित देवकली मंदिर का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। साथ ही प्रमुख चौराहों, कांवड़ मार्ग एवं संवेदनशील स्थलों का भ्रमण कर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने हेतु संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक औरैया सहित अन्य अधि0/कर्म0गण मौजूद रहे ।
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    पुलिस उपमहानिरीक्षक, कानपुर परिक्षेत्र, कानपुर व पुलिस अधीक्षक औरैया द्वारा श्रावण मास के प्रथम सोमवार के दृष्टिगत थाना कोतवाली औरैया क्षेत्र अंतर्गत स्थित देवकली मंदिर का स्थलीय  निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। साथ ही प्रमुख चौराहों, कांवड़ मार्ग एवं संवेदनशील स्थलों का भ्रमण कर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने हेतु संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक औरैया सहित अन्य अधि0/कर्म0गण मौजूद रहे ।
    user_दिलीप कुमार
    दिलीप कुमार
    औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • देवकली मंदिर स्थित शिवलिंग का जलाभिषेक कर श्रद्धालुओं ने मांगी मनोकामनाएं औरैया। सावन के पहले सोमवार को शहर से करीब 3 किलोमीटर दूर बीहड़ों के बीच स्थित प्राचीन देवकली मंदिर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के सुबह से ही हजारों महिला एवं पुरुष श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक और दर्शन के लिए मंदिर पहुंचने लगे। मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र पूरे दिन हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते हुए भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक किया तथा परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगल की कामना की। बड़ी संख्या में कांवड़ियों ने भी पवित्र गंगाजल अर्पित कर भोलेनाथ का अभिषेक किया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वयंसेवक पूरे दिन सेवा भाव से जुटे रहे। उन्होंने दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने, कतारों का संचालन करने और श्रद्धालुओं की सहायता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने देवकली मंदिर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मंदिर परिसर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की निगरानी व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुचारु व्यवस्था बनाए रखने के आवश्यक निर्देश दिए।
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    देवकली मंदिर स्थित शिवलिंग का जलाभिषेक कर श्रद्धालुओं ने मांगी मनोकामनाएं
औरैया। सावन के पहले सोमवार को शहर से करीब 3 किलोमीटर दूर बीहड़ों के बीच स्थित प्राचीन देवकली मंदिर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के सुबह से ही हजारों महिला एवं पुरुष श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक और दर्शन के लिए मंदिर पहुंचने लगे। मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र पूरे दिन हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंजता रहा।
श्रद्धालुओं ने लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते हुए भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक किया तथा परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगल की कामना की। बड़ी संख्या में कांवड़ियों ने भी पवित्र गंगाजल अर्पित कर भोलेनाथ का अभिषेक किया।
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वयंसेवक पूरे दिन सेवा भाव से जुटे रहे। उन्होंने दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने, कतारों का संचालन करने और श्रद्धालुओं की सहायता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने देवकली मंदिर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मंदिर परिसर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की निगरानी व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुचारु व्यवस्था बनाए रखने के आवश्यक निर्देश दिए।
    user_रवि वर्मा
    रवि वर्मा
    Ambulance service औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • सावन के पहले सोमवार को देवघट बाबा मन्दिर में लगे जयकारे सावन के पहले सोमवार को देवघट बाबा मन्दिर में लगे जयकारे औरैया जिले की तहसील बिधूना क्षेत्र के प्राचीन देवघट बाबा शिव मन्दिर पर सावन के प्रथम सोमवार को बड़ी संख्या में महिला-पुरुष कांवर लेकर शिवभक्त पहुंचे और भगवान भोलेनाथ की शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। बिधूना तहसील क्षेत्र के सिद्धपीठ देवघट बाबा शिव मंदिर पर सुबह से शिवभक्तों की भीड़ उमड़ती नजर आयी। भक्तों ने बेलपत्र, फल, फूल, भांग, धतूरा आदि चढ़ाकर शिवलिंग पर जल अर्पित किया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए एसडीएम बिधूना कमल कुमार, सीओ बिधूना पी. पुनीत मिश्रा, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक वीनेश कुमार सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा, ताकि किसी भी शिव भक्त को दर्शन-पूजन में असुविधा न हो। सीओ बिधूना द्वारा ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की गई। मंदिर परिसर में मेले का आयोजन हुआ, जिसमें झूले व विभिन्न दुकानें सजीं।
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    सावन के पहले सोमवार को देवघट बाबा मन्दिर में लगे जयकारे 
सावन के पहले सोमवार को देवघट बाबा मन्दिर में लगे जयकारे 
औरैया जिले की तहसील बिधूना क्षेत्र के प्राचीन देवघट बाबा शिव मन्दिर पर सावन के प्रथम सोमवार को बड़ी संख्या में महिला-पुरुष कांवर लेकर शिवभक्त पहुंचे और भगवान भोलेनाथ की शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। बिधूना तहसील क्षेत्र के सिद्धपीठ देवघट बाबा शिव मंदिर पर सुबह से शिवभक्तों की भीड़ उमड़ती नजर आयी। भक्तों ने बेलपत्र, फल, फूल, भांग, धतूरा आदि चढ़ाकर शिवलिंग पर जल अर्पित किया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए एसडीएम बिधूना कमल कुमार, सीओ बिधूना पी. पुनीत मिश्रा, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक वीनेश कुमार सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा, ताकि किसी भी शिव भक्त को दर्शन-पूजन में असुविधा न हो। सीओ बिधूना द्वारा ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की गई। मंदिर परिसर में मेले का आयोजन हुआ, जिसमें झूले व विभिन्न दुकानें सजीं।
    user_M.K.SHUKLA
    M.K.SHUKLA
    औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • 37 वर्षों तक देश सेवा के बाद फौजी सुनील कुमार सेवानिवृत्त, गांव में भव्य स्वागत देशभक्ति के गीतों, ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के बीच हुआ सम्मान, मिठाइयां बांटकर मनाई खुशियां फफूंद, औरैया। औरैया जनपद के थाना फफूंद क्षेत्र के ग्राम तर्रई निवासी सुनील कुमार, पुत्र बांके लाल एवं माता श्रीमती सोनाली देवी, भारतीय सेना में लगभग 37 वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद आज सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हो गए। उनके गांव लौटने पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई और ग्रामीणों ने भव्य स्वागत कर उनके योगदान को नमन किया। सुनील कुमार ने 25 मई 1989 को भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा का संकल्प लिया था। करीब 37 वर्षों तक राष्ट्र की सुरक्षा में अपनी सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त होकर गांव पहुंचे तो परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर डीजे पर देशभक्ति गीत, ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे के साथ भव्य जुलूस निकाला गया। ग्रामीण नाचते-गाते हुए उन्हें लेकर गांव के भोले बाबा मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और समाज की खुशहाली की कामना की। इसके बाद जुलूस पूरे गांव में भ्रमण करता हुआ डॉ. भीमराव अंबेडकर (बाबा साहब) की प्रतिमा पर पहुंचा, जहां सुनील कुमार ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। घर पहुंचने पर ग्रामीणों, मित्रों और शुभचिंतकों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका सम्मान किया। इस खुशी के अवसर पर रसगुल्ले, समोसे और अन्य मिठाइयां बांटकर लोगों का मुंह मीठा कराया गया। पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। सुनील कुमार के परिवार में उनकी पत्नी संगीता देवी हैं। उनके दो पुत्र संजय कुमार एवं संजीव कुमार दोनों उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत हैं, जबकि पुत्री शशि देवी भी परिवार की खुशियों में शामिल रहीं। ग्रामीणों ने कहा कि सुनील कुमार ने वर्षों तक देश की सेवा कर गांव और जनपद का नाम रोशन किया है। उनकी ईमानदार एवं अनुशासित सेवा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगी। 37 वर्षों तक देश सेवा के बाद फौजी सुनील कुमार सेवानिवृत्त, गांव में भव्य स्वागत देशभक्ति के गीतों, ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के बीच हुआ सम्मान, मिठाइयां बांटकर मनाई खुशियां फफूंद, औरैया। औरैया जनपद के थाना फफूंद क्षेत्र के ग्राम तर्रई निवासी सुनील कुमार, पुत्र बांके लाल एवं माता श्रीमती सोनाली देवी, भारतीय सेना में लगभग 37 वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद आज सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हो गए। उनके गांव लौटने पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई और ग्रामीणों ने भव्य स्वागत कर उनके योगदान को नमन किया। सुनील कुमार ने 25 मई 1989 को भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा का संकल्प लिया था। करीब 37 वर्षों तक राष्ट्र की सुरक्षा में अपनी सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त होकर गांव पहुंचे तो परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर डीजे पर देशभक्ति गीत, ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे के साथ भव्य जुलूस निकाला गया। ग्रामीण नाचते-गाते हुए उन्हें लेकर गांव के भोले बाबा मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और समाज की खुशहाली की कामना की। इसके बाद जुलूस पूरे गांव में भ्रमण करता हुआ डॉ. भीमराव अंबेडकर (बाबा साहब) की प्रतिमा पर पहुंचा, जहां सुनील कुमार ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। घर पहुंचने पर ग्रामीणों, मित्रों और शुभचिंतकों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका सम्मान किया। इस खुशी के अवसर पर रसगुल्ले, समोसे और अन्य मिठाइयां बांटकर लोगों का मुंह मीठा कराया गया। पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। सुनील कुमार के परिवार में उनकी पत्नी संगीता देवी हैं। उनके दो पुत्र संजय कुमार एवं संजीव कुमार दोनों उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत हैं, जबकि पुत्री शशि देवी भी परिवार की खुशियों में शामिल रहीं। ग्रामीणों ने कहा कि सुनील कुमार ने वर्षों तक देश की सेवा कर गांव और जनपद का नाम रोशन किया है। उनकी ईमानदार एवं अनुशासित सेवा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगी।
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    37 वर्षों तक देश सेवा के बाद फौजी सुनील कुमार सेवानिवृत्त, गांव में भव्य स्वागत
देशभक्ति के गीतों, ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के बीच हुआ सम्मान, मिठाइयां बांटकर मनाई खुशियां
फफूंद, औरैया। औरैया जनपद के थाना फफूंद क्षेत्र के ग्राम तर्रई निवासी सुनील कुमार, पुत्र बांके लाल एवं माता श्रीमती सोनाली देवी, भारतीय सेना में लगभग 37 वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद आज सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हो गए। उनके गांव लौटने पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई और ग्रामीणों ने भव्य स्वागत कर उनके योगदान को नमन किया।
सुनील कुमार ने 25 मई 1989 को भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा का संकल्प लिया था। करीब 37 वर्षों तक राष्ट्र की सुरक्षा में अपनी सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त होकर गांव पहुंचे तो परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
इस अवसर पर डीजे पर देशभक्ति गीत, ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे के साथ भव्य जुलूस निकाला गया। ग्रामीण नाचते-गाते हुए उन्हें लेकर गांव के भोले बाबा मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और समाज की खुशहाली की कामना की। इसके बाद जुलूस पूरे गांव में भ्रमण करता हुआ डॉ. भीमराव अंबेडकर (बाबा साहब) की प्रतिमा पर पहुंचा, जहां सुनील कुमार ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
घर पहुंचने पर ग्रामीणों, मित्रों और शुभचिंतकों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका सम्मान किया। इस खुशी के अवसर पर रसगुल्ले, समोसे और अन्य मिठाइयां बांटकर लोगों का मुंह मीठा कराया गया। पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
सुनील कुमार के परिवार में उनकी पत्नी संगीता देवी हैं। उनके दो पुत्र संजय कुमार एवं संजीव कुमार दोनों उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत हैं, जबकि पुत्री शशि देवी भी परिवार की खुशियों में शामिल रहीं।
ग्रामीणों ने कहा कि सुनील कुमार ने वर्षों तक देश की सेवा कर गांव और जनपद का नाम रोशन किया है। उनकी ईमानदार एवं अनुशासित सेवा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगी।
37 वर्षों तक देश सेवा के बाद फौजी सुनील कुमार सेवानिवृत्त, गांव में भव्य स्वागत
देशभक्ति के गीतों, ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के बीच हुआ सम्मान, मिठाइयां बांटकर मनाई खुशियां
फफूंद, औरैया। औरैया जनपद के थाना फफूंद क्षेत्र के ग्राम तर्रई निवासी सुनील कुमार, पुत्र बांके लाल एवं माता श्रीमती सोनाली देवी, भारतीय सेना में लगभग 37 वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद आज सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हो गए। उनके गांव लौटने पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई और ग्रामीणों ने भव्य स्वागत कर उनके योगदान को नमन किया।
सुनील कुमार ने 25 मई 1989 को भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा का संकल्प लिया था। करीब 37 वर्षों तक राष्ट्र की सुरक्षा में अपनी सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त होकर गांव पहुंचे तो परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
इस अवसर पर डीजे पर देशभक्ति गीत, ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे के साथ भव्य जुलूस निकाला गया। ग्रामीण नाचते-गाते हुए उन्हें लेकर गांव के भोले बाबा मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और समाज की खुशहाली की कामना की। इसके बाद जुलूस पूरे गांव में भ्रमण करता हुआ डॉ. भीमराव अंबेडकर (बाबा साहब) की प्रतिमा पर पहुंचा, जहां सुनील कुमार ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
घर पहुंचने पर ग्रामीणों, मित्रों और शुभचिंतकों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका सम्मान किया। इस खुशी के अवसर पर रसगुल्ले, समोसे और अन्य मिठाइयां बांटकर लोगों का मुंह मीठा कराया गया। पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
सुनील कुमार के परिवार में उनकी पत्नी संगीता देवी हैं। उनके दो पुत्र संजय कुमार एवं संजीव कुमार दोनों उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत हैं, जबकि पुत्री शशि देवी भी परिवार की खुशियों में शामिल रहीं।
ग्रामीणों ने कहा कि सुनील कुमार ने वर्षों तक देश की सेवा कर गांव और जनपद का नाम रोशन किया है। उनकी ईमानदार एवं अनुशासित सेवा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगी।
    user_Subhash Chandra Rana
    Subhash Chandra Rana
    पत्रकार औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • तेज रफ्तार जुगाड़ गाड़ी की टक्कर से पैदल जा रहा बुजुर्ग गंभीर घायल औरैया। शहर के सत्ती तालाब के समीप सोमवार को तेज रफ्तार जुगाड़ गाड़ी की टक्कर से एक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने मानवता का परिचय देते हुए घायल को तत्काल उपचार के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय (50 सैया अस्पताल) पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
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    तेज रफ्तार जुगाड़ गाड़ी की टक्कर से पैदल जा रहा बुजुर्ग गंभीर घायल
औरैया। शहर के सत्ती तालाब के समीप सोमवार को तेज रफ्तार जुगाड़ गाड़ी की टक्कर से एक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने मानवता का परिचय देते हुए घायल को तत्काल उपचार के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय (50 सैया अस्पताल) पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
    user_P Chaturvedi
    P Chaturvedi
    रिपोर्टर औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
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