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एक तरफ निजी स्कूलों की “शिक्षा दुकानदारी” 📚 किताबें सिर्फ तय दुकान से 👕 ड्रेस भी वहीं से 💰 यूकेजी का कोर्स ₹4500 तक! अभिभावक पढ़ा रहे हैं बच्चे को नहीं, बल्कि लिस्ट और बिलों का बोझ उठा रहे हैं… और दूसरी तरफ सरकारी स्कूलों की तस्वीर— निरीक्षण में सवाल कक्षा 8 के छात्र से पूछा जाता है “50 + 2 कितना?” बच्चा चुप… जवाब नहीं। तो फिर सवाल सीधा है— 👉 महंगी शिक्षा भी काम की नहीं? 👉 और मुफ्त शिक्षा भी मजबूत नहीं? 👉 आखिर बच्चे सीख कहाँ रहे हैं? 📌 सिस्टम दोनों तरफ से कमजोर दिख रहा है— एक तरफ “लूट” और दूसरी तरफ “लापरवाही” ✊ जरूरत है नारे की नहीं, असल सुधार की… वरना सबसे ज्यादा नुकसान सिर्फ बच्चों का होगा।
Pratap singh Kishnawat
एक तरफ निजी स्कूलों की “शिक्षा दुकानदारी” 📚 किताबें सिर्फ तय दुकान से 👕 ड्रेस भी वहीं से 💰 यूकेजी का कोर्स ₹4500 तक! अभिभावक पढ़ा रहे हैं बच्चे को नहीं, बल्कि लिस्ट और बिलों का बोझ उठा रहे हैं… और दूसरी तरफ सरकारी स्कूलों की तस्वीर— निरीक्षण में सवाल कक्षा 8 के छात्र से पूछा जाता है “50 + 2 कितना?” बच्चा चुप… जवाब नहीं। तो फिर सवाल सीधा है— 👉 महंगी शिक्षा भी काम की नहीं? 👉 और मुफ्त शिक्षा भी मजबूत नहीं? 👉 आखिर बच्चे सीख कहाँ रहे हैं? 📌 सिस्टम दोनों तरफ से कमजोर दिख रहा है— एक तरफ “लूट” और दूसरी तरफ “लापरवाही” ✊ जरूरत है नारे की नहीं, असल सुधार की… वरना सबसे ज्यादा नुकसान सिर्फ बच्चों का होगा।
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- Post by Pratap singh Kishnawat1
- चित्तौड़गढ़। अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के ऑपरेशन त्रिनेत्र तहत सदर चित्तौड़गढ़ थाना पुलिस बड़ी कार्रवाई करते हुए आई-20 कार में बनाई गई विशेष स्कीम में छिपाकर परिवहन की जा रही 9 किलो 999 ग्राम अवैध अफीम बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मादक पदार्थ के साथ प्रयुक्त वाहन को भी जब्त कर किया है।1
- गांव अचारी पोस्ट सुबी तहसील छोटी सादड़ी जिला प्रतापगढ़ राजस्थान 9660737539 90790081071
- Post by Dev karan Mali1
- डूंगला - डूंगला क्षेत्र के प्रसिद्ध ऐलवा माता मंदिर में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जहां करजू निवासी ईश्वरलाल रावत ने अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर करीब 46 हजार 500 रुपए की लागत से निर्मित चांदी की आकर्षक भेलपुरी लारी माता के चरणों में अर्पित की। यह अनूठी भेंट मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही और दर्शनार्थियों ने इसे आस्था की मिसाल बताया। लोकन्यास ट्रस्ट ऐलवा माता विकास समिति के अध्यक्ष नारायण लाल व्यास ने बताया कि ऐलवा माता मंदिर क्षेत्र का प्रमुख आस्था केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि यहां भक्तजन अपनी-अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार भेंट चढ़ाते हैं, जिनमें कई बार इस तरह की अनूठी और प्रतीकात्मक भेंट भी शामिल होती है, जो समाज में भक्ति और विश्वास का संदेश देती है। ईश्वरलाल रावत ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से पावभाजी एवं भेलपुरी का व्यवसाय कर रहे हैं और माता की कृपा से उनके कार्य में निरंतर उन्नति हो रही है। उन्होंने कहा कि कठिन समय में माता के प्रति उनकी आस्था और भी दृढ़ हुई, और जैसे-जैसे व्यवसाय में प्रगति मिली, उन्होंने यह संकल्प लिया कि मनोकामना पूर्ण होने पर वे अपने व्यवसाय से जुड़ी प्रतीकात्मक भेंट माता को अर्पित करेंगे। इसी संकल्प की पूर्ति के रूप में उन्होंने चांदी की भेलपुरी लारी बनवाकर चढ़ाई। उन्होंने भावुक होकर कहा, “माता रानी की कृपा से आज हमारा परिवार खुशहाल है। उनकी कृपा से ही हमें सम्मान और सफलता मिली है। आगे भी हम अपनी आय का एक अंश माता के चरणों में अर्पित करते रहेंगे।” यह मंदिर अरावली पर्वतमाला की एलागढ़ पहाड़ी पर स्थित है, जो प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक आस्था का अद्वितीय संगम प्रस्तुत करता है। यहां समय-समय पर भजन संध्या, धार्मिक आयोजन, प्रसादी वितरण एवं विशेष पर्वों पर विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु भाग लेते हैं। इस अवसर पर लोकन्यास ट्रस्ट की ओर से अध्यक्ष नारायण लाल व्यास सहित कार्यकारिणी सदस्यों ने ईश्वरलाल रावत एवं उनके परिवार का साफा एवं माल्यार्पण कर सम्मान किया और उनके इस धार्मिक योगदान की सराहना की। मंदिर परिसर में दिनभर भक्तों की आवाजाही बनी रही और “जय माता दी” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम में ऊंकार लाल व्यास, दुर्गा शंकर शर्मा, पूरणमल अहीर सहित समिति के अन्य सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- तरुण जोशी राजसमंद 9414 239 644 पुष्टिमार्गीय तृतीय पीठ प्रन्यास द्वारकाधीश मंदिर कांकरोली मे नवाचार, द्वारकाधीश मंदिर के मुख्य समाधान विभाग के नवीनीकरण का शुभारंभ, मंदिर के मुख्यमंत्री मुखिया बबलाजी ने मौली बंधन खोलकर किया शुभारंभ, श्री पुष्टिमार्गीय तृतीय पीठ प्रन्यास के श्री द्वारकाधीश मंदिर के मुख्य समाधान विभाग के नवीनीकरण का शुभारंभ नृसिंह जयंती को किया गया। तृतीय गृहाधीश्वर पूज्यपाद गोस्वामी 108 डॉ वागीश कुमार महाराज की आज्ञानुसार तथा कांकरोली युवराज गोस्वामी श्री वैदान्त कुमार जी एवं श्री सिद्धांत कुमार जी के निर्देशन में तैयार हुए इस नव निर्मित मुख्य समाधान का उद्घाटन मंदिर के मुख्याजी श्री कृष्णकांत सांचीहर बबलाजी के हाथों संपन्न हुआ। इस मौके पर मंदिर के सभी समाधान प्रकोष्ठ के अधिकारी, मंदिर मंडल के पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। पुष्टिमार्गीय परंपरा अनुसार पूजा अर्चना के बाद मौली बंधन खोलकर इस आधुनिक डिजिटल कार्यालय का शुभारंभ किया गया। मुख्य समाधानी राजकुमार गोरवा ने बताया इस प्रयास के बाद वैष्णवो को ऑनलाइन सुविधाए मिल पाएगी। इसके साथी पूरे दिन का काम मिनट में पूरा हो जाएगा। इससे बाहर से आने वाले वैष्णो को खांसी सुविधा मिलेगी ऑनलाइन बुकिंग और ऑनलाइन जानकारी के चलते उन्हें यहां व्यवस्थाओं से रूबरू नहीं होना पड़ेगा। हालांकि अभी तक इस कार्यालय में सौंदर्य करण का काम बाकी है लेकिन आज नर्सिंग जयंती के उत्तम अवसर पर एक बार यह उद्घाटन कार्यक्रम पूरा कर दिया गया है। बाईट - राजकुमार गोरवा ( मुख्य समाधानी, द्वारकाधीश मंदिर कांकरोली )3
- Post by Hello Chittorgarh News1
- वर्दी का मतलब कानून की रक्षा है, न कि रौब दिखाकर इंसाफ कुचलना। अगर पहचान देखकर गोली चलने लगे, तो ये सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, पूरे संविधान पर हमला है। और विडंबना देखिए—इस देश में लोगों को उनकी पहचान से तौला जाता है, कभी नाम से, कभी प्रदेश से। इंसानियत पीछे छूट रही है, और अहंकार आगे बढ़ रहा है। सवाल साफ है—क्या वर्दी सुरक्षा का प्रतीक रहेगी, या डर का1
- Post by Dev karan Mali1