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सुल्तानपुर जनपद के जिलाधिकारी इंद्रजीत कुमार ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय लिया है। उन्होंने एक महिला आरक्षी को अपनी गोद में नन्हा बच्चा लिए ड्यूटी निभाते हुए देखने के बाद यह कदम उठाया। यह घटना तहसील दिवस बल्दीराय से निकलते समय हुई, जब जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक दोनों की नज़र महिला आरक्षी पर पड़ी। इस स्थिति को देखते हुए, जिलाधिकारी ने तुरंत महिला आरक्षी का स्थानांतरण जयसिंहपुर कर दिया। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी महोदय ने बल्दीराय में चल रहे समाधान दिवस की भी समीक्षा की और वहाँ उपस्थित अधिकारियों को समस्याओं का त्वरित गति से समाधान करने के दिशा-निर्देश दिए।
Ashok verma
सुल्तानपुर जनपद के जिलाधिकारी इंद्रजीत कुमार ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय लिया है। उन्होंने एक महिला आरक्षी को अपनी गोद में नन्हा बच्चा लिए ड्यूटी निभाते हुए देखने के बाद यह कदम उठाया। यह घटना तहसील दिवस बल्दीराय से निकलते समय हुई, जब जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक दोनों की नज़र महिला आरक्षी पर पड़ी। इस स्थिति को देखते हुए, जिलाधिकारी ने तुरंत महिला आरक्षी का स्थानांतरण जयसिंहपुर कर दिया। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी महोदय ने बल्दीराय में चल रहे समाधान दिवस की भी समीक्षा की और वहाँ उपस्थित अधिकारियों को समस्याओं का त्वरित गति से समाधान करने के दिशा-निर्देश दिए।
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- सुल्तानपुर से अहमदाबाद जा रही गाड़ी नंबर 20964, जो इस समय आबू रोड स्टेशन पहुंची है, उसमें सुल्तानपुर से लेकर अभी तक एक भी रेलवे सुरक्षा बल (RPF) का जवान सुरक्षा की दृष्टि से दिखाई नहीं दिया है। इस स्थिति ने रेलवे सुरक्षा में एक बड़ी चूक को उजागर किया है, जिससे यात्री लगातार परेशान हो रहे हैं। ट्रेन में कई जगह यात्री आपस में सीट पर बैठने के लिए झगड़ रहे हैं, वहीं अनारक्षित टिकट वाले यात्री आरक्षित श्रेणी में घुसकर बैठे हैं और वहां के वैध यात्रियों को परेशान कर उन्हें उनकी सीट पर बैठने नहीं दे रहे हैं। इस संबंध में शिकायतें भी दर्ज की गई हैं, लेकिन उनका अभी तक कोई जवाब नहीं मिला। स्लीपर क्लास के यात्री जनरल टिकट वालों की इस दादागिरी से बेहद परेशान हैं, जिसकी शिकायत के तीन घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सहायता नहीं पहुंची। रेलवे की इस लचर व्यवस्था से जनमानस काफी हैरान और परेशान है। सुरक्षा की दृष्टि से प्रत्येक कोच में रेलवे पुलिस बल को गश्त करना ज़रूरी होता है, जिसकी अनुपस्थिति में कभी भी कोई घटना, दुर्घटना या मारपीट जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं, जिसका सीधा श्रेय रेलवे सुरक्षा बल को जाएगा। रेल विभाग की इस बड़ी लापरवाही से स्लीपर क्लास के यात्रियों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं, और यात्री अब यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या उन्हें अपनी शिकायत को आगे उच्च अधिकारियों तक ले जाना चाहिए।1
- सुल्तानपुर जनपद के जिलाधिकारी इंद्रजीत कुमार ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय लिया है। उन्होंने एक महिला आरक्षी को अपनी गोद में नन्हा बच्चा लिए ड्यूटी निभाते हुए देखने के बाद यह कदम उठाया। यह घटना तहसील दिवस बल्दीराय से निकलते समय हुई, जब जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक दोनों की नज़र महिला आरक्षी पर पड़ी। इस स्थिति को देखते हुए, जिलाधिकारी ने तुरंत महिला आरक्षी का स्थानांतरण जयसिंहपुर कर दिया। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी महोदय ने बल्दीराय में चल रहे समाधान दिवस की भी समीक्षा की और वहाँ उपस्थित अधिकारियों को समस्याओं का त्वरित गति से समाधान करने के दिशा-निर्देश दिए।2
- स्थानीय निवासियों को पिछले चार साल से साफ पीने के पानी की भीषण किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए एक और बोरवेल की स्थापना हेतु तीन से चार बार शिकायतें दर्ज की गईं, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पानी की कमी के कारण लोगों को अत्यधिक परेशानी हो रही है और उन्हें दूसरों के नलों से पानी पीने पर मजबूर होना पड़ रहा है। हालात यहाँ तक पहुँच गए हैं कि अब अन्य लोग पानी देने से मना कर रहे हैं और झगड़े होने लगे हैं, जिससे निवासियों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है। स्थानीय लोग अपनी शिकायत पर तत्काल ध्यान देने और पीने के पानी की गंभीर समस्या को दूर करने के लिए जल्द से जल्द चापाकल के लिए बोरवेल करवाने की अपील कर रहे हैं।1
- Post by Vivek Kumar1
- उत्तर प्रदेश के मथुरा में अवैध खनन के एक आरोपी सूरजपाल को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण शर्मा के भतीजे ने अपने समर्थकों (लव-लश्कर) के साथ मिलकर पुलिस थाने से जबरन छुड़ा लिया था। मंत्री के भतीजे ने थाने के भीतर ही पुलिस पर धौंस जमाई और आरोपी को अपने साथ ले गया। दरअसल, इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और अखिलेश यादव द्वारा ट्वीट किए जाने के बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई थी। अब पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सूरजपाल को गिरफ्तार कर लिया है।1
- पट्टी कोतवाली क्षेत्र के बेला गांव निवासी प्रेमा देवी ने रविवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उनके अनुसार, उनके पड़ोसी जबरदस्ती उनकी आबादी की भूमि पर शौचालय का निर्माण कर रहे थे, जिस पर उनका बराबर कब्जा दखल चला आ रहा है। जब प्रेमा देवी ने इसका विरोध किया, तो आरोपितों ने उन्हें गाली-गलौज करते हुए मारपीट कर घायल कर दिया। इस मामले में पट्टी पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। कोतवाली पट्टी के एसआई अतर सिंह ने बताया है कि उन्हें इस संबंध में एक प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है और मामले की जांच कराकर आगे की कार्यवाही की जाएगी।1
- प्रतापगढ़ में एक निजी अस्पताल के कथित 'कारनामे' का मामला सामने आया है, जहाँ डिलीवरी के बाद एक नवजात बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत से आक्रोशित परिजनों ने जब इसका विरोध किया, तो अस्पताल कर्मियों पर उनके साथ मारपीट और धक्का-मुक्की करने का आरोप लगा है। नगर पंचायत गड़वारा निवासी नीरज गुप्ता ने अपनी पत्नी को डिलीवरी के लिए कल देर शाम राजापाल चौराहे के पास स्थित हिंद नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। आज सुबह डिलीवरी होने के बाद बच्चे की मौत हो गई। नवजात की मौत के बाद अस्पताल में परिजनों ने जमकर हंगामा किया और इसकी सूचना पुलिस को दी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस के सामने भी अस्पताल कर्मियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और मारपीट की। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँच गई है और मामले की जाँच में जुट गई है।1
- एक किसान की दीवार गिरने से दुखद मौत हो गई। बताया गया है कि मृतक किसान का नाम फूलचंद था।1