बारह घंटे की बेड़ियों में जकड़े मजदूर,अब आर-पार की लड़ाई चार हजार आवाजें एक साथ गूंजीं—“आठ घंटे काम, सम्मानजनक वेतन अबकी बार” प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत स्थित पीपीजीसीएल पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड में बुधवार को श्रमिक असंतोष खुलकर सड़कों पर उतर आया। सुबह करीब दस बजे शुरू हुआ यह उग्र धरना दोपहर तक लगातार तेज होता गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक मजदूरों को प्रबंधन की ओर से कोई ठोस और लिखित आश्वासन नहीं मिल सका। धरना स्थल पर उमड़ी भीड़ सिर्फ संख्या नहीं,बल्कि सिस्टम के खिलाफ जमा हो रहा गुस्सा भी थी। करीब चार हजार से अधिक मजदूरों की मौजूदगी ने साफ संकेत दे दिया कि यह विरोध अब साधारण नहीं रहा। मजदूरों ने आरोप लगाया कि उनसे लगातार बारह घंटे की ड्यूटी कराई जा रही है—एक ऐसी व्यवस्था जो न केवल शारीरिक रूप से थका देने वाली है,बल्कि मानवीय अधिकारों के भी खिलाफ है। उनका साफ कहना है कि ड्यूटी अवधि घटाकर आठ घंटे की जाए,ताकि वे भी सामान्य जीवन जी सकें। मजदूरों की नाराजगी यहीं नहीं थमी। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक काम करने के बावजूद उन्हें जो मानदेय दिया जा रहा है,वह वर्तमान महंगाई के मुकाबले बेहद कम है। परिवार का खर्च चलाना तक मुश्किल हो गया है। पुराने वेतन ढांचे को लेकर भी गहरा असंतोष देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में कहा—“जब तक वेतन में बढ़ोतरी और मांगों पर लिखित मुहर नहीं लगेगी, तब तक यह आंदोलन थमेगा नहीं।”मजदूरों ने अपनी मांगों में महीने में कम से कम चार छुट्टियां तय करने की भी बात रखी,ताकि लगातार काम के दबाव से उन्हें राहत मिल सके। उनका कहना है कि बिना विश्राम के काम लेना शोषण की श्रेणी में आता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन भी सक्रिय हो गया। मौके पर पहुंचे सहायक पुलिस आयुक्त बारा वेदब्यास मिश्रा ने बताया कि मजदूरों की मांगों को लेकर कंपनी अधिकारियों से बातचीत जारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समाधान शांतिपूर्ण तरीके से निकालने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल,धरना स्थल पर डटे मजदूर किसी भी आश्वासन के बजाय लिखित फैसले का इंतजार कर रहे हैं। संकेत साफ हैं—अगर जल्द ही ठोस निर्णय नहीं हुआ,तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है, जिसकी गूंज सिर्फ प्लांट तक सीमित नहीं रहेगी।
बारह घंटे की बेड़ियों में जकड़े मजदूर,अब आर-पार की लड़ाई चार हजार आवाजें एक साथ गूंजीं—“आठ घंटे काम, सम्मानजनक वेतन अबकी बार” प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत स्थित पीपीजीसीएल पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड में बुधवार को श्रमिक असंतोष खुलकर सड़कों पर उतर आया। सुबह करीब दस बजे शुरू हुआ यह उग्र धरना दोपहर तक लगातार तेज होता गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक मजदूरों को प्रबंधन की ओर से कोई ठोस और लिखित आश्वासन नहीं मिल सका। धरना स्थल पर उमड़ी भीड़ सिर्फ संख्या नहीं,बल्कि सिस्टम के खिलाफ जमा हो रहा गुस्सा भी थी। करीब चार हजार से अधिक मजदूरों की मौजूदगी ने साफ संकेत दे दिया कि यह विरोध अब साधारण नहीं रहा। मजदूरों ने आरोप लगाया कि उनसे लगातार बारह घंटे की ड्यूटी कराई जा रही है—एक ऐसी व्यवस्था जो न केवल शारीरिक रूप से थका देने वाली है,बल्कि मानवीय अधिकारों के भी खिलाफ है। उनका साफ कहना है कि ड्यूटी अवधि घटाकर आठ घंटे की जाए,ताकि वे भी सामान्य जीवन जी सकें। मजदूरों की नाराजगी यहीं नहीं थमी। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक काम करने के बावजूद उन्हें जो मानदेय दिया
जा रहा है,वह वर्तमान महंगाई के मुकाबले बेहद कम है। परिवार का खर्च चलाना तक मुश्किल हो गया है। पुराने वेतन ढांचे को लेकर भी गहरा असंतोष देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में कहा—“जब तक वेतन में बढ़ोतरी और मांगों पर लिखित मुहर नहीं लगेगी, तब तक यह आंदोलन थमेगा नहीं।”मजदूरों ने अपनी मांगों में महीने में कम से कम चार छुट्टियां तय करने की भी बात रखी,ताकि लगातार काम के दबाव से उन्हें राहत मिल सके। उनका कहना है कि बिना विश्राम के काम लेना शोषण की श्रेणी में आता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन भी सक्रिय हो गया। मौके पर पहुंचे सहायक पुलिस आयुक्त बारा वेदब्यास मिश्रा ने बताया कि मजदूरों की मांगों को लेकर कंपनी अधिकारियों से बातचीत जारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समाधान शांतिपूर्ण तरीके से निकालने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल,धरना स्थल पर डटे मजदूर किसी भी आश्वासन के बजाय लिखित फैसले का इंतजार कर रहे हैं। संकेत साफ हैं—अगर जल्द ही ठोस निर्णय नहीं हुआ,तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है, जिसकी गूंज सिर्फ प्लांट तक सीमित नहीं रहेगी।
- Post by हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन1
- Post by Ghatnaein News1
- प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत स्थित पीपीजीसीएल पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड में बुधवार को श्रमिक असंतोष खुलकर सड़कों पर उतर आया। सुबह करीब दस बजे शुरू हुआ यह उग्र धरना दोपहर तक लगातार तेज होता गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक मजदूरों को प्रबंधन की ओर से कोई ठोस और लिखित आश्वासन नहीं मिल सका। धरना स्थल पर उमड़ी भीड़ सिर्फ संख्या नहीं,बल्कि सिस्टम के खिलाफ जमा हो रहा गुस्सा भी थी। करीब चार हजार से अधिक मजदूरों की मौजूदगी ने साफ संकेत दे दिया कि यह विरोध अब साधारण नहीं रहा। मजदूरों ने आरोप लगाया कि उनसे लगातार बारह घंटे की ड्यूटी कराई जा रही है—एक ऐसी व्यवस्था जो न केवल शारीरिक रूप से थका देने वाली है,बल्कि मानवीय अधिकारों के भी खिलाफ है। उनका साफ कहना है कि ड्यूटी अवधि घटाकर आठ घंटे की जाए,ताकि वे भी सामान्य जीवन जी सकें। मजदूरों की नाराजगी यहीं नहीं थमी। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक काम करने के बावजूद उन्हें जो मानदेय दिया जा रहा है,वह वर्तमान महंगाई के मुकाबले बेहद कम है। परिवार का खर्च चलाना तक मुश्किल हो गया है। पुराने वेतन ढांचे को लेकर भी गहरा असंतोष देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में कहा—“जब तक वेतन में बढ़ोतरी और मांगों पर लिखित मुहर नहीं लगेगी, तब तक यह आंदोलन थमेगा नहीं।”मजदूरों ने अपनी मांगों में महीने में कम से कम चार छुट्टियां तय करने की भी बात रखी,ताकि लगातार काम के दबाव से उन्हें राहत मिल सके। उनका कहना है कि बिना विश्राम के काम लेना शोषण की श्रेणी में आता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन भी सक्रिय हो गया। मौके पर पहुंचे सहायक पुलिस आयुक्त बारा वेदब्यास मिश्रा ने बताया कि मजदूरों की मांगों को लेकर कंपनी अधिकारियों से बातचीत जारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समाधान शांतिपूर्ण तरीके से निकालने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल,धरना स्थल पर डटे मजदूर किसी भी आश्वासन के बजाय लिखित फैसले का इंतजार कर रहे हैं। संकेत साफ हैं—अगर जल्द ही ठोस निर्णय नहीं हुआ,तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है, जिसकी गूंज सिर्फ प्लांट तक सीमित नहीं रहेगी।2
- हमारा भावकाल है प्रयागराज जय Shree Ram प्रयागराज जहां हजारों युवा एक कमरे में बंद होकर दिन-रात मेहनत करते है और देश के विभिन्न सरकारी नौकरियों को प्राप्त करते है. यहां माँ गंगा, यमुना, सरस्वती का संगम है. जहाँ पर प्रति वर्ष माघ महीने में कुम्भ मेला लगता है. यहाँ की धरती को पवित्र माना जाता है. क्योंकि यहाँ ज्यादातर लोग अध्यात्म और ज्ञान की प्राप्ति के लिए आते है. प्रयागराज बड़ा ही अनूठा शहर है जहाँ का कुम्भ मेला देश-विदेश के पर्यटकों को भी आकर्षित करता है.1
- प्रयागराज: चौक लोकनाथ मे चाय की दुकान पर मामूली कहा सुनी मे दो पक्षो मे हुई जमकर मारपीट,घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती। पीड़ित पक्ष ने कोतवाली थाने में दी तहरीर,पुलिस जांच में जुटी।1
- रक्षक बना भक्षक बलिया जनपद के उभाव थाना पर तैनात क्राइम इंस्पेक्टर ने महिला के साथ की फोन पर अश्लील बात क्योंकि लगवानी थी महिला को चार सीट।1
- Post by Dharmendra patrakaar1
- Post by Ghatnaein News1