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उत्तर प्रदेश डीएलएड (D.El.Ed.) 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आगामी 15 जून से शुरू होगी। अभ्यर्थियों के लिए आवेदन संबंधी पूरा शेड्यूल उपलब्ध कराया जाएगा।
HARUN KHAN
उत्तर प्रदेश डीएलएड (D.El.Ed.) 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आगामी 15 जून से शुरू होगी। अभ्यर्थियों के लिए आवेदन संबंधी पूरा शेड्यूल उपलब्ध कराया जाएगा।
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- शनिवार दोपहर को समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने पीलीभीत में सरकार की जनविरोधी नीतियों, बढ़ती महंगाई और उत्तर प्रदेश में गहराए बिजली संकट के विरोध में एक बेहद अनोखा प्रदर्शन कर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा के नेतृत्व में केजीएन कॉलोनी स्थित जिला कार्यालय से एक विशाल जुलूस शुरू हुआ, जो हाथों में सरकार विरोधी नारे लिखी तख्तियां और बैनर थामे शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा। इस प्रदर्शन का सबसे मुख्य और तीखा आकर्षण एक कार को रस्सी से खींचना रहा। पूरे रास्ते, सपाई एक कार को रस्सी से खींचते हुए आगे बढ़ रहे थे, जो राहगीरों के बीच कौतूहल का विषय बना रहा और लोग सरकार की नाकामियों पर चर्चा करते दिखे। यह प्रदर्शन प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत किया गया, जिसके माध्यम से समाजवादी पार्टी ने सरकार के विरुद्ध सीधा मोर्चा खोल दिया है।3
- उत्तराखंड के देहरादून में हुई मूसलाधार बारिश के चलते एक निर्माणाधीन दीवार ढह गई। यह दीवार एमडीडीए (MDDA) द्वारा बनाई जा रही एक परियोजना का हिस्सा थी। दीवार गिरने की इस घटना में उसके नीचे कई वाहन दब गए।1
- मौसम विभाग द्वारा लगातार जारी किए जा रहे हाई अलर्ट के बीच पीलीभीत जिले में आंधी-तूफान का हल्का असर देखने को मिला। हालांकि, विभाग की चेतावनी के अनुसार कोई बड़ा नुकसान या तेज तूफान नहीं आया, लेकिन आसमान में बादल छाए रहने और तेज हवाएं चलने से मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। पिछले दो दिनों से जारी अलर्ट के कारण किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों में भय और आशंका का माहौल बना हुआ है, और वे लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। कई लोगों ने एहतियात के तौर पर अपने जरूरी कार्यों को सीमित भी कर दिया है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। वहीं, प्रशासन भी मौसम संबंधी सूचनाओं पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने की बात कह रहा है। जिले में आंधी-तूफान का असर भले ही हल्का रहा हो, लेकिन मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों को अभी भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।1
- पीलीभीत में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने जनहित से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और स्थानीय मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।1
- पीलीभीत जिले में अवैध खनन का सिलसिला मुख्यमंत्री योगी की फटकार के बावजूद जारी है, जिससे जिला अधिकारी (DM) इसे रोकने में नाकाम साबित हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जिला अधिकारी के आदेशों का सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) पर कोई असर नहीं होता। अवैध खनन का यह कार्य जरा चौकी के आगे संडई हल्ट के पास रायपुर में पूरी रात चलता रहता है।1
- पीलीभीत जनपद में चरमराई विद्युत व्यवस्था और अधिकारियों की संवेदनहीनता का एक बड़ा मामला सामने आया है। शनिवार को पीलीभीत के नौगवां चौराहे पर स्थित एसबीआई (SBI) बैंक के बाहर लगे एक बिजली ट्रांसफार्मर में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते ट्रांसफार्मर धू-धू कर जलने लगा, जिससे व्यस्त चौराहे पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल बिजली विभाग को सूचना दी, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी विभाग का कोई कर्मचारी या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। आखिरकार सूचना पाकर पहुंची दमकल विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे बैंक और आसपास की दुकानों को भारी नुकसान होने से बचाया जा सका। इस भीषण हादसे के दौरान जनपद में बेहाल बिजली व्यवस्था के जिम्मेदार अधिशासी अभियंता (EE) आशीष कुमार और अधीक्षण अभियंता (SE) मनोज कुमार के मोबाइल फोन बंद रहे। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि अधिकारी अपने सीयूजी (CUG) नंबर बंद रखकर बिजली की गंभीर अव्यवस्था को छुपाने की कोशिश कर रहे थे और अधिशासी अभियंता आशीष कुमार जिलाधिकारी (डीएम) के सख्त निर्देशों को भी ठेंगा दिखा रहे हैं। नौगवां चौराहे पर हुई यह घटना कोई पहली नहीं है, बल्कि शहर में पहले भी कई बार ट्रांसफार्मर जलने की घटनाएं हो चुकी हैं। जर्जर तारों और ओवरलोडिंग के कारण आए दिन होने वाले इन हादसों और अफसरों की इस घोर लापरवाही से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।3