शनिवार दोपहर को समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने पीलीभीत में सरकार की जनविरोधी नीतियों, बढ़ती महंगाई और उत्तर प्रदेश में गहराए बिजली संकट के विरोध में एक बेहद अनोखा प्रदर्शन कर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा के नेतृत्व में केजीएन कॉलोनी स्थित जिला कार्यालय से एक विशाल जुलूस शुरू हुआ, जो हाथों में सरकार विरोधी नारे लिखी तख्तियां और बैनर थामे शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा। इस प्रदर्शन का सबसे मुख्य और तीखा आकर्षण एक कार को रस्सी से खींचना रहा। पूरे रास्ते, सपाई एक कार को रस्सी से खींचते हुए आगे बढ़ रहे थे, जो राहगीरों के बीच कौतूहल का विषय बना रहा और लोग सरकार की नाकामियों पर चर्चा करते दिखे। यह प्रदर्शन प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत किया गया, जिसके माध्यम से समाजवादी पार्टी ने सरकार के विरुद्ध सीधा मोर्चा खोल दिया है।
शनिवार दोपहर को समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने पीलीभीत में सरकार की जनविरोधी नीतियों, बढ़ती महंगाई और उत्तर प्रदेश में गहराए बिजली संकट के विरोध में एक बेहद अनोखा प्रदर्शन कर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा के नेतृत्व में केजीएन कॉलोनी स्थित जिला कार्यालय से एक विशाल जुलूस शुरू हुआ, जो हाथों में सरकार विरोधी नारे लिखी तख्तियां और बैनर थामे शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा। इस प्रदर्शन का सबसे मुख्य और तीखा आकर्षण एक कार को रस्सी से खींचना रहा। पूरे रास्ते, सपाई एक कार को रस्सी से खींचते हुए आगे बढ़ रहे थे, जो राहगीरों के बीच कौतूहल का विषय बना रहा और लोग सरकार की नाकामियों पर चर्चा करते दिखे। यह प्रदर्शन प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत किया गया, जिसके माध्यम से समाजवादी पार्टी ने सरकार के विरुद्ध सीधा मोर्चा खोल दिया है।
- पीलीभीत नगर कोतवाली क्षेत्र के खकरा में एक युवक ने अपने सगे तहेरे भाइयों पर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का आरोप है कि उसके भाइयों ने दुकान हड़पने की साजिश रची है और इसी मंशा से उसकी पिटाई की। यह घटना दुकान में घुसकर हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस पूरे मामले में पीड़ित युवक ने न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) से शिकायत की है।1
- आज, 30 मई को, देश हिंदी पत्रकारिता दिवस मना रहा है, जो भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण दिन है जिसने देश को उसकी अपनी ज़ुबान में बोलने का अवसर दिया। इस अवसर पर, upnewstv24 के सरफ़राज़ अहमद ख़ान ने भारत के पहले हिंदी अख़बार 'उदन्त मार्तण्ड' को याद किया, जिसे पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने 30 मई 1826 को कोलकाता से शुरू किया था। इसी अख़बार ने देश में हिंदी पत्रकारिता की नींव रखी थी, और आज इस ऐतिहासिक यात्रा पर विचार किया जा रहा है कि 1826 के उस दौर और आज के डिजिटल युग की पत्रकारिता में कितना बड़ा फ़र्क आ चुका है। 'उदन्त मार्तण्ड' के दौर में पत्रकारिता को एक 'मिशन' माना जाता था, जिसका मुख्य उद्देश्य पैसा कमाना या टीआरपी बटोरना नहीं था। यह अख़बार विज्ञान, आधुनिक जानकारियों और सबसे बढ़कर सामाजिक मुद्दों को उठाने का माध्यम था। हालांकि, ब्रिटिश हुकूमत के दौर में इसे कोई सरकारी सहायता नहीं मिली, और अत्यधिक डाक दरों के कारण इसे देश के दूसरे हिस्सों तक पहुँचाना मुश्किल हो गया। इन बढ़ते ख़र्चों के चलते, 'उदन्त मार्तण्ड' महज़ डेढ़ साल के अंदर, दिसंबर 1827 में बंद हो गया, जिसके कुल 79 अंक ही प्रकाशित हो पाए थे। पंडित शुक्ल जी ने बाद में 'समदन्त मार्तण्ड' नाम से एक और पत्र निकाला, पर वह भी ज़्यादा समय तक नहीं चल सका, फिर भी उनकी जलाई हुई मशाल बुझी नहीं। आज की पत्रकारिता और 'उदन्त मार्तण्ड' के दौर की पत्रकारिता की तुलना में कई बड़े बदलाव स्पष्ट नज़र आते हैं। पहला बड़ा अंतर मक़सद का है, जहाँ तब पत्रकारिता देश को जगाने का एक माध्यम थी, वहीं आज यह एक बहुत बड़ा कॉर्पोरेट बिज़नेस बन चुकी है। दूसरा अंतर साधनों का है; पहले अख़बार छापने और पहुँचाने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती थी, जबकि आज तकनीक और सोशल मीडिया के चलते एक क्लिक पर ख़बर लाखों-करोड़ों लोगों तक पहुँच जाती है। यूट्यूब, ट्विटर और डिजिटल मीडिया ने हर हाथ में माइक थमा दिया है। सबसे बड़ा अंतर सरोकार का है। 'उदन्त मार्तण्ड' के दौर में जनता के असल मुद्दे, विज्ञान और सामाजिक सुधार प्राथमिकता थे। इसके विपरीत, आज मुख्यधारा की मीडिया पर अक्सर टीआरपी की होड़, सनसनीखेज ख़बरों और असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के आरोप लगते हैं। यह एक बड़ा सवाल है कि जहाँ पत्रकारिता के साधन बहुत आधुनिक हो गए हैं, क्या उसके मूल्य भी उतने ही मजबूत हैं। हिंदी पत्रकारिता दिवस के इस अवसर पर, 'उदन्त मार्तण्ड' और पंडित जुगल किशोर शुक्ल जी के उस जज़्बे को याद करने की ज़रूरत है, क्योंकि डिजिटल माध्यमों के आने से शक्ति तो बढ़ी है, लेकिन ज़िम्मेदारी भी बढ़ी है। upnewstv24 का लक्ष्य हमेशा निष्पक्ष, सच्ची और जनता से जुड़ी ख़बरें पहुँचाना है, और दर्शकों से पूछा गया है कि क्या आज की पत्रकारिता अपने पुराने मूल्यों को बचाए रख पाई है।1
- पीलीभीत में एक युवक की दुकान के अंदर घुसकर पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। पीड़ित युवक ने अपने सगे चचेरे भाइयों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने की बात कही गई है। इसके साथ ही, युवक ने दुकान हड़पने की साजिश का भी आरोप लगाया है। यह मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के खकरा का बताया जा रहा है, और पीड़ित ने न्याय के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) से गुहार लगाई है।1
- पीलीभीत जनपद में बी.एड. प्रवेश परीक्षा रविवार को कड़े सुरक्षा प्रबंधों और निर्धारित समय के अनुसार शांतिपूर्वक शुरू हो गई। प्रशासन ने परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन, निष्पक्ष और निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए मुस्तैदी दिखाई। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव मिश्रा सुबह से ही सक्रिय रहे, उन्होंने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था और अन्य इंतजामों का जायजा लिया। इस दौरान जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष और नकल विहीन परीक्षा कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले या लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। जनपद में इस परीक्षा के लिए कुल 4 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें सनातन धर्म बांके बिहारी राम इण्टर कालेज, राजकीय बालिका इण्टर कालेज, राजकीय ड्रमण्ड इण्टर कालेज और उपाधि महाविद्यालय शामिल हैं। इन केंद्रों पर कुल 1,495 अभ्यर्थी दो पालियों—सुबह 9:00 से 12:00 बजे और दोपहर 2:00 से 5:00 बजे—में परीक्षा दे रहे हैं। सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत सीसीटीवी कैमरों (वॉयस रिकॉर्डर सहित) से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं, जिनके तहत परीक्षार्थियों, कक्ष निरीक्षकों और स्टाफ को परीक्षा कक्ष में मोबाइल या कोई अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जाने की अनुमति नहीं है। परीक्षा केंद्रों के आसपास की सभी फोटो स्टेट दुकानें बंद रखने का भी निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, ड्यूटी पर तैनात सभी कर्मचारियों के लिए पहचान पत्र (आईडी) अनिवार्य किया गया है और बिना आईडी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई है। प्रश्नपत्र खोलने और उत्तर पुस्तिकाओं को सील करने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। परीक्षा के दौरान स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र पर्यवेक्षक और पुलिस बल लगातार केंद्रों पर भ्रमणशील हैं।4
- पीलीभीत में B.Ed प्रवेश परीक्षा सीसीटीवी कैमरों की कड़ी निगरानी में आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा दो पालियों में संपन्न होगी, जिसमें पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। परीक्षा के लिए सनातन धर्म बांके बिहारी, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज और उपाधि महाविद्यालय को केंद्र बनाया गया है। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने इन परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने नकल विहीन प्रवेश परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।1
- शनिवार दोपहर को समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने पीलीभीत में सरकार की जनविरोधी नीतियों, बढ़ती महंगाई और उत्तर प्रदेश में गहराए बिजली संकट के विरोध में एक बेहद अनोखा प्रदर्शन कर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा के नेतृत्व में केजीएन कॉलोनी स्थित जिला कार्यालय से एक विशाल जुलूस शुरू हुआ, जो हाथों में सरकार विरोधी नारे लिखी तख्तियां और बैनर थामे शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा। इस प्रदर्शन का सबसे मुख्य और तीखा आकर्षण एक कार को रस्सी से खींचना रहा। पूरे रास्ते, सपाई एक कार को रस्सी से खींचते हुए आगे बढ़ रहे थे, जो राहगीरों के बीच कौतूहल का विषय बना रहा और लोग सरकार की नाकामियों पर चर्चा करते दिखे। यह प्रदर्शन प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत किया गया, जिसके माध्यम से समाजवादी पार्टी ने सरकार के विरुद्ध सीधा मोर्चा खोल दिया है।3
- पीलीभीत के बिलसंडा में कपड़ा व्यापारी पप्पू गुप्ता की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक सुकृति माधव मिश्रा के निर्देश पर पुलिस ने ताबड़तोड़ अभियान चलाते हुए मुठभेड़ के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन मुठभेड़ों में तीनों बदमाशों के पैर में गोली लगी, जबकि दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस अब तक इस मामले में कुल पाँच आरोपियों को जेल भेज चुकी है, जिनमें से तीन को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में मुख्य आरोपी रामचंद्र, उनके बेटे विमल और सितेश शामिल हैं। शनिवार सुबह हुई एक पुलिस मुठभेड़ में तिलहर निवासी लकी मौर्य घायल हुआ, जबकि देर शाम हुई दूसरी मुठभेड़ में शाहजहांपुर निवासी शिव और कुणाल घायल हो गए। इन सभी का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। जाँच में यह भी खुलासा हुआ है कि पप्पू गुप्ता की हत्या के लिए शूटरों को 20 हज़ार रुपये की सुपारी दी गई थी। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में कस्बा चौकी प्रभारी अनिल सिंह, कांस्टेबल प्रणब और कांस्टेबल नरेंद्र को निलंबित कर दिया गया है।1