जैसलमेर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को आंगनवाड़ी महिला कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इन महिला कार्यकर्ताओं ने हनुमान चौराहे से लेकर जिला कलेक्ट्रेट तक एक विशाल रैली निकाली और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इसके बाद, उन्होंने जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शन के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने मीडिया से बात करते हुए रोष व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनसे लगातार कई प्रकार के सरकारी कार्य कराए जाते हैं, लेकिन उसके अनुरूप उन्हें मानदेय नहीं दिया जाता है। पूरी निष्ठा से काम करने के बावजूद उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा है। कार्यकर्ताओं ने सरकारों पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले आंगनवाड़ी कर्मचारियों से बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन सरकार बनते ही उन वादों को भुला दिया जाता है। उन्होंने सरकार से मानदेय बढ़ाने, लंबित मांगों का जल्द समाधान करने और सम्मानजनक सुविधाएं देने की मांग की है। साथ ही कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करेंगी।
जैसलमेर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को आंगनवाड़ी महिला कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इन महिला कार्यकर्ताओं ने हनुमान चौराहे से लेकर जिला कलेक्ट्रेट तक एक विशाल रैली निकाली और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इसके बाद, उन्होंने जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शन के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने मीडिया से बात करते हुए रोष व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनसे लगातार कई प्रकार के सरकारी कार्य कराए जाते हैं, लेकिन उसके अनुरूप उन्हें मानदेय नहीं दिया जाता है। पूरी निष्ठा से काम करने के बावजूद उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा है। कार्यकर्ताओं ने सरकारों पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले आंगनवाड़ी कर्मचारियों से बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन सरकार बनते ही उन वादों को भुला दिया जाता है। उन्होंने सरकार से मानदेय बढ़ाने, लंबित मांगों का जल्द समाधान करने और सम्मानजनक सुविधाएं देने की मांग की है। साथ ही कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करेंगी।
- जैसलमेर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को आंगनवाड़ी महिला कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इन महिला कार्यकर्ताओं ने हनुमान चौराहे से लेकर जिला कलेक्ट्रेट तक एक विशाल रैली निकाली और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इसके बाद, उन्होंने जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शन के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने मीडिया से बात करते हुए रोष व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनसे लगातार कई प्रकार के सरकारी कार्य कराए जाते हैं, लेकिन उसके अनुरूप उन्हें मानदेय नहीं दिया जाता है। पूरी निष्ठा से काम करने के बावजूद उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा है। कार्यकर्ताओं ने सरकारों पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले आंगनवाड़ी कर्मचारियों से बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन सरकार बनते ही उन वादों को भुला दिया जाता है। उन्होंने सरकार से मानदेय बढ़ाने, लंबित मांगों का जल्द समाधान करने और सम्मानजनक सुविधाएं देने की मांग की है। साथ ही कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करेंगी।1
- बाड़मेर के मेघवालों की खगली में 7 नंबर स्कूल और माजीसा मंदिर के पास भारी गंदगी फैली हुई है। यहाँ पिछले एक महीने से कोई भी नगर पालिका कर्मचारी सफाई के लिए नहीं आ रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले यहाँ सफाई की जिम्मेदारी महेश नाम के कर्मचारी के पास थी, जो हफ्ते में एक बार जरूर आ जाते थे। लेकिन जब से नया जिम्मेदार नियुक्त हुआ है, तब से एक महीने के भीतर कोई भी यहाँ नहीं पहुंचा है। इस स्थिति के कारण अब गली के लोगों को खुद ही गंदगी साफ करनी पड़ रही है और उनका आक्रोश है कि वे खुद से आखिर क्या-क्या काम करें।1
- बीकानेर के श्रीकोलायत में आयोजित स्कूल शिक्षा परिवार संगठन की महत्वपूर्ण बैठक में निजी स्कूल संचालकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद की है। तहसील अध्यक्ष भंवर उपाध्याय की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संगठन के जिला अध्यक्ष खींयाराम सेन सहित क्षेत्र के पांच दर्जन से अधिक निजी विद्यालय संचालक शामिल हुए। बैठक में शिक्षा विभाग द्वारा वर्तमान समय में की जा रही जांचों को अनावश्यक बताते हुए आक्रोश व्यक्त किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष खींयाराम सेन ने कहा कि अभी विद्यालयों में नए प्रवेश का दौर चल रहा है और ऐसे समय में बार-बार की जा रही जांचों से स्कूल संचालन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। संगठन ने मांग की है कि विभाग की नियमित जांचें प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कराई जाएं। इसके साथ ही, निदेशालय द्वारा प्रत्येक माह नियमित जांच कराने के निर्णय को अव्यावहारिक बताते हुए इसका विरोध किया गया और शिक्षा संबलम ऐप के माध्यम से होने वाली जांच के आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। बैठक में लंबे समय से लंबित आरटीई (RTE) भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। संचालकों ने कहा कि बकाया राशि न मिलने से स्कूलों को भारी आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए सरकार को इसे जल्द से जल्द जारी करना चाहिए। तहसील अध्यक्ष भंवर उपाध्याय और राजेंद्र पालीवाल ने बताया कि इन सभी समस्याओं के समाधान के लिए संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल आगामी 14 जुलाई को राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा के कोलायत दौरे के दौरान उनसे मुलाकात करेगा और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपेगा।1
- राजस्थान में कमजोर पड़ता मानसून लगातार चिंता बढ़ा रहा है। राज्य के कई जिलों में सामान्य से कम और असमान वर्षा होने के कारण किसानों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। उपग्रह चित्रों और मौसम के ताजा रुझानों से संकेत मिल रहे हैं कि राज्य के अनेक हिस्सों में बारिश की गतिविधियां फिलहाल कमजोर बनी हुई हैं। यदि आने वाले दिनों में अच्छी वर्षा नहीं होती है, तो इसका खरीफ फसलों, पेयजल स्रोतों और पशुधन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल मौसम विशेषज्ञों की नजर अगले कुछ दिनों के नए मौसम तंत्र पर बनी हुई है, जिससे राहत मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।1
- जैसलमेर के पोकरण में पोकरण विधानसभा निजी विद्यालय संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा विभाग द्वारा जारी शाला संबलन आदेश को वापस लेने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम उपखंड अधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने इस आदेश को निजी विद्यालयों की स्वायत्तता पर हस्तक्षेप बताते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है। निजी स्कूल संचालकों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई, तो प्रदेशभर के निजी विद्यालय संचालक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान क्षेत्र के अनेक निजी विद्यालय संचालक मौजूद रहे।1
- बालोतरा में गत देर रात्रि हाईवे पर एक सड़क हादसा हो गया, जिसके बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौका स्थल पर पहुंची और घायलों को अस्पताल लाया गया।1