भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने उन सभी आधार कार्ड धारकों को सूचित किया है जिनके कार्ड 10 साल पुराने हो चुके हैं और अभी तक अपडेट नहीं हुए हैं, वे तत्काल अपना आधार अपडेट करा लें। इसके लिए 14 जून तक का अवसर दिया गया है, जिसमें फोटो से लेकर अन्य पुरानी प्रविष्टियों को बदला जा सकता है। यदि इस निर्धारित समय-सीमा के भीतर आधार कार्ड को अपडेट नहीं कराया जाता है, तो भिन्नता की स्थिति में संबंधित व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह सकते हैं। यह प्रक्रिया अपने नजदीकी डाकघर या आधार सेवा केंद्र पर पूरी की जा सकती है। यूआईडीएआई का तर्क है कि 10 साल के भीतर व्यक्ति के चेहरे और फिंगरप्रिंट में बदलाव आ जाता है, साथ ही कई बार निवास का पता भी बदल जाता है। ऐसी स्थिति में 10 साल बाद आधार कार्ड को अपडेट कराना अनिवार्य हो जाता है। अद्यतन न होने पर, केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) प्रक्रियाओं के दौरान फोटो का मिलान न हो पाने के कारण समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। यह भी देखा गया है कि हजारों लोग ऐसे होते हैं जिन्हें तत्काल आधार कार्ड की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन जब इसकी जरूरत पड़ती है, तब उन्हें पता चलता है कि उनकी फोटो या फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं हो रहा। इस कारण कई बार वे महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं। इसलिए, यह अपडेट कराना बेहद आवश्यक है।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने उन सभी आधार कार्ड धारकों को सूचित किया है जिनके कार्ड 10 साल पुराने हो चुके हैं और अभी तक अपडेट नहीं हुए हैं, वे तत्काल अपना आधार अपडेट करा लें। इसके लिए 14 जून तक का अवसर दिया गया है, जिसमें फोटो से लेकर अन्य पुरानी प्रविष्टियों को बदला जा सकता है। यदि इस निर्धारित समय-सीमा के भीतर आधार कार्ड को अपडेट नहीं कराया जाता है, तो भिन्नता की स्थिति में संबंधित व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह सकते हैं। यह प्रक्रिया अपने नजदीकी डाकघर या आधार सेवा केंद्र पर पूरी की जा सकती है। यूआईडीएआई का तर्क है कि 10 साल के भीतर व्यक्ति के चेहरे और फिंगरप्रिंट में बदलाव आ जाता है, साथ ही कई बार निवास का पता भी बदल जाता है। ऐसी स्थिति में 10 साल बाद आधार कार्ड को अपडेट कराना अनिवार्य हो जाता है। अद्यतन न होने पर, केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) प्रक्रियाओं के दौरान फोटो का मिलान न हो पाने के कारण समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। यह भी देखा गया है कि हजारों लोग ऐसे होते हैं जिन्हें तत्काल आधार कार्ड की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन जब इसकी जरूरत पड़ती है, तब उन्हें पता चलता है कि उनकी फोटो या फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं हो रहा। इस कारण कई बार वे महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं। इसलिए, यह अपडेट कराना बेहद आवश्यक है।
- भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने उन सभी आधार कार्ड धारकों को सूचित किया है जिनके कार्ड 10 साल पुराने हो चुके हैं और अभी तक अपडेट नहीं हुए हैं, वे तत्काल अपना आधार अपडेट करा लें। इसके लिए 14 जून तक का अवसर दिया गया है, जिसमें फोटो से लेकर अन्य पुरानी प्रविष्टियों को बदला जा सकता है। यदि इस निर्धारित समय-सीमा के भीतर आधार कार्ड को अपडेट नहीं कराया जाता है, तो भिन्नता की स्थिति में संबंधित व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह सकते हैं। यह प्रक्रिया अपने नजदीकी डाकघर या आधार सेवा केंद्र पर पूरी की जा सकती है। यूआईडीएआई का तर्क है कि 10 साल के भीतर व्यक्ति के चेहरे और फिंगरप्रिंट में बदलाव आ जाता है, साथ ही कई बार निवास का पता भी बदल जाता है। ऐसी स्थिति में 10 साल बाद आधार कार्ड को अपडेट कराना अनिवार्य हो जाता है। अद्यतन न होने पर, केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) प्रक्रियाओं के दौरान फोटो का मिलान न हो पाने के कारण समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। यह भी देखा गया है कि हजारों लोग ऐसे होते हैं जिन्हें तत्काल आधार कार्ड की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन जब इसकी जरूरत पड़ती है, तब उन्हें पता चलता है कि उनकी फोटो या फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं हो रहा। इस कारण कई बार वे महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं। इसलिए, यह अपडेट कराना बेहद आवश्यक है।1
- कैरिबियाई देश डोमिनिकन रिपब्लिक के ला रोमाना शहर में रविवार, 7 जून को एक भयानक विमान हादसा हुआ, जिसने पूरे देश को हिला दिया। ला रोमाना इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे पर उतरते समय एक प्राइवेट गल्फस्ट्रीम G200 जेट दुर्घटनाग्रस्त होकर आग का बड़ा गोला बन गया, जिसमें पायलट और को-पायलट दोनों की मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा कुछ ही सेकंड में पूरे इलाके को धुएं से भर गया। देश की राष्ट्रीय विमानन प्राधिकरण (नेशनल एविएशन अथॉरिटी) ने जानकारी दी कि डोमिनिकन रिपब्लिक के पूर्वी हिस्से में स्थित ला रोमाना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए इस हादसे में कुल दो लोगों की जान चली गई। बचाव टीमें तुरंत आग बुझाने में जुट गईं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दिखा कि रनवे पर प्लेन का अगला हिस्सा ऊपर उठा, जिसके बाद उसमें विस्फोट हुआ और धुएं का एक बड़ा गुबार उठा। एक अन्य वीडियो में दमकल गाड़ियां आग को नियंत्रित करने के लिए प्लेन पर पानी डालती हुई नजर आईं।2
- पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या के लिए केवल सरकार ही नहीं, बल्कि अधिकारियों की भी सीधी जवाबदेही बनती है। इसके साथ ही, उन कोचिंग सेंटरों की भी बड़ी जिम्मेदारी है जो इस तरह के लीक को बढ़ावा देते हैं। स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि जिस दिन सभी कोचिंग सेंटर बंद हो जाएँगे, उसी दिन पेपर लीक होना पूरी तरह से रुक जाएगा। यह भी बताया गया है कि हर बार जब कोई पेपर लीक होता है, तो लाखों बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाता है।1
- कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया है। यह प्रदर्शन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर केंद्रित था।1
- कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग एक बार फिर दोहराई है। अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि यदि धर्मेंद्र प्रधान शनिवार तक अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो इसके विरोध में अब हर राज्य और शहर में प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि वे स्वयं इन प्रदर्शनों में शामिल होंगे और राजधानी दिल्ली में भी फिर से विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।1
- सूड रोटरी आई हॉस्पिटल मारण्डा, कांगड़ा द्वारा हिमाचल मित्र मंडल (पंजीकृत) दिल्ली के सौजन्य से एक नेत्र जांच शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। सभा के अध्यक्ष के. आर. वर्मा जी ने जानकारी दी कि इस शिविर में कुल 310 लोगों ने अपनी आँखों की जांच के लिए पंजीकरण करवाया था। गहन जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद, सभी पंजीकृत रोगियों को निशुल्क दवाइयां भी प्रदान की गईं। इसके अतिरिक्त, शिविर में गंभीर नेत्र रोग और मोतियाबिंद से प्रभावित कुल 52 रोगियों का सफल ऑपरेशन किया गया। बता दें कि इस सफल आयोजन के लिए दिल्ली से 15 सदस्यीय नेत्र विशेषज्ञों की टीम शिविर में उपस्थित थी। सभा के स्थानीय एसोसिएट सदस्य श्री घनश्याम ठाकुर के साथ-साथ स्थानीय निवासियों और समाजसेवियों का भी इस पूरे आयोजन में भरपूर और सफल सहयोग प्राप्त हुआ।1
- जंतर-मंतर पर 'काॅक्रोच जनता पार्टी' द्वारा एक 'भयंकर आंदोलन' किया गया। इस प्रदर्शन के माध्यम से धर्मेन्द्र प्रधान को सीधी 'चेतावनी' दी गई।1
- अमेरिका के फिलाडेल्फिया में तेलंगाना के रहने वाले 28 वर्षीय भारतीय युवक अंशुल कुंचा की शुक्रवार देर रात पिज्जा डिलीवरी के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। अंशुल, जो हैदराबाद का निवासी था, उत्तरी फिलाडेल्फिया के एजली स्ट्रीट के 2300 ब्लॉक में 'रेमंड रोसेन होम्स' स्थित एक खाली घर में तीन पिज्जा पहुंचाने के लिए गया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह घटना देर रात करीब 12 बजे हुई, जब उन्हें सिर में पीछे से गोली मार दी गई और वे अचेत अवस्था में खून से लथपथ पाए गए। 'एनबीसी फिलाडेल्फिया' की एक खबर में बताया गया है कि फिलाडेल्फिया पुलिस विभाग ने हत्यारोपी की गिरफ्तारी और दोषसिद्धि में सहायक जानकारी देने वाले को 20,000 अमेरिकी डॉलर का इनाम देने की घोषणा की है। फिलाडेल्फिया आवास प्राधिकरण के निगरानी कैमरों में घटना से पहले के कुछ विजुअल मिले हैं, जिनमें कुंचा पिज्जा के डिब्बे लेकर चलते दिख रहे हैं और गहरे रंग के कपड़े पहने दो लोग उनका पीछा करते नजर आ रहे हैं, जिनमें से एक के पास गहरे रंग का बैग भी था। हालांकि, गोलीबारी की घटना कैमरे में कैद नहीं हुई। पुलिस की जांच में सामने आया है कि कुंचा को पिज्जा पहुंचाने के बहाने जानबूझकर एक खाली अपार्टमेंट में बुलाया गया था। मुख्य निरीक्षक स्कॉट स्मॉल ने बताया कि कुंचा जमीन पर अचेत पड़े थे और उनके सिर में गोली लगने से बहुत खून बह रहा था।1